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Dussehra 2022: गाजियाबाद में मुस्लिम कारीगर तैयार कर रहे रावण का 80 फीट का पुतला, पढ़िए यह खास खबर

Ghaziabad News: दशहरे के दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है. कई जगहों पर रावण की पूजा भी होती है और दहन नहीं होता है ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: विशाल झा

गाजियाबाद. कोरोना काल के बाद अब लोगों में रामलीला (Ramlila) के लिए उत्साह देखा जा रहा है. पहले की तरह ही रामलीला मंचन देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है. इस बार दशहरा (Dussehra ) को लेकर भी विशेष तैयारियां रामलीला कमेटी की तरफ से की जा रही है. इसी कड़ी में गाजियाबाद के कवि नगर रामलीला (Kavi Nagar Ramlila) में रावण का 80 फुट का पुतला (80 Feet Ravan ) तैयार किया जा रहा है. इस पुतले को बुलंदशहर के गुलावठी से आए मुस्लिम कारीगर आदिल बना रहे हैं. आदिल और उनका परिवार पिछले 12 वर्षों से रावण के पुतले तैयार करते आ रहे हैं. 80 फीट का विशालकाय रावण का पुतला बनाना एक बड़ी चुनौती है.

इस कारण चाहिए पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से आदिल अपने 12 साथियों के साथ इसे बनाने में लगे हैं. बढ़ते प्रदूषण (pollution ) को देखते हुए रावण में ग्रीन क्रैकर (Green Cracker ) का ही इस्तेमाल किया जाएगा. खास बात यह होगी कि बटन दबाते ही रावण और कुंभकर्ण का पुतला पलभर में जलकर खाक हो जाएगा और दर्शकों को आकर्षक इलेक्ट्रिक आतिशबाजी भी देखने को मिलेगी. बीते 2 वर्षों में कोरोना वायरस सांकेतिक रूप से ही पुतलों का दहन किया गया था. लेकिन इस बार इस स्थिति सामान्य होने पर हम कवि नगर रामलीला में रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं. 80 फुट का यह रावण जब दहन होगा तो काफी सुंदर नजारा देखने को मिलेगा. मेघनाथ का 70 फीट और कुंभकरण का 7 फीट का पुतला भी बना कर तैयार किया जा रहा है.

कवि नगर रामलीला कमेटी के महामंत्री भूपेंद्र चोपड़ा ने News 18 Local को बताया कि 2 सालों बाद रामलीला का भव्य आयोजन हो रहा है. हम एक बार पूरी कोशिश कर रहे हैं कि रामलीला मंचन देखने वाले और दशहरा में शिरकत होने वाले दर्शकों को कुछ नया दे.

जानिए क्यों करते हैं रावण का दहन
दशहरे के दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है. कई जगहों पर रावण की पूजा भी होती है और दहन नहीं होता है. इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है. दशहरे के दिन नवरात्रि की समाप्ति हो जाती है और देवी मां की प्रतिमा का विसर्जन भी इसी दिन किया जाता है. महाबली रावण के 10 सिर थे, ऐसा कहा जाता है कि रावण 10 दिशाओं पर अपना नियंत्रण रखता था, इसलिए उस पर विजय प्राप्त करना बड़ी कठिन बात थी.

इस दिन को विजयदशमी भी कहते हैं. बुराई का सर्वनाश करते हुए भगवान राम ने रावण का सर्वनाश किया था.

Tags: Durga Puja festival, Ghaziabad News, Historical Ramlila, Navratri Celebration, Ravana Dahan, UP news

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