होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /First Eye Bank: गाजियाबाद में खुला जिले का पहला नेत्र बैंक, अब नहीं लगानी होगी दिल्ली की दौड़

First Eye Bank: गाजियाबाद में खुला जिले का पहला नेत्र बैंक, अब नहीं लगानी होगी दिल्ली की दौड़

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अब जिले का पहला नेत्र बैंक (First Eye Bank ) खुल गया है, पुराने बस अड्डे (Purana Bus Adda ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट- विशाल झा

    गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अब जिले का पहला नेत्र बैंक (First Eye Bank ) खुल गया है. पुराने बस अड्डे के पास (Purana Bus Adda ) स्थित संतोष अस्पताल (Santosh Hospital ) में यह बैंक खोला गया है. अब जिले के दृष्टिहीन और दृष्टिबाधित मरीजों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा. अंधेपन से पीड़ित या कॉर्नियल ब्लाइंडनेस के मरीजों को भी इस नेत्र बैंक से लाभ मिलेगा.

    दरअसल अभी जिले में एक भी नेत्र बैंक ना होने के कारण मरीजों को परेशानी होती थी और जरूरतमंद को अपनी रोशनी वापस पाने के लिए दिल्ली का रुख करना पड़ता था. मरीजों की इन्हीं परेशानियों को समझते हुए संतोष अस्पताल ने पहल की और नेत्र बैंक खोला.

    आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 750 नेत्र बैंक से लेकिन उनमें से केवल कुछ ही पूरी तरह से कार्यात्मक और सुसज्जित हैं. अभी देश में नेत्र बैंकिंग नेटवर्क की काफी आवश्यकता है.

    राष्ट्रीय दृष्टिहीनता और दृष्टिबाधित सर्वेक्षण 2019 (National Blindness and Visually Impaired Survey 2019) के अनुसार लगभग 48 लाख लोग अंधेपन से पीड़ित हैं और मोतियाबिंद के बाद कॉर्नियल ब्लाइंडनेस (corneal Blindness ) दूसरा सबसे आम प्रकार का अंधापन है. जो हर साल लगभग 25 हजार लोगों को प्रभावित करता है.

    रिपोर्ट की मानें तो त्रिपुरा, उत्तराखंड और मिजोरम में सिर्फ 18 कार्यात्मक नेत्र बैंक हैं. सबसे अधिक महाराष्ट्र में 74 , उत्तर प्रदेश में 41, कर्नाटक में 32 और गुजरात में 25 नेत्र बैंक हैं. अभी लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरुक भी किया जाना है. अधिक प्रतिशत आबादी को नेत्रदान के प्रति कुछ नहीं पता है.

    क्या होता है नेत्र बैंक?
    आंखों के बैंक में किसी डोनर द्वारा डोनेट की गई आंखों (कॉर्निया) को सुरक्षित रखा जाता है. नए डोनर से इकट्ठी की गई मानव आंखों और कॉर्निया को कॉर्नियल दोष से प्रभावित नेत्रहीनों की आंखों में ट्रांसप्लांट किया जाता है. आंखों की ट्रांसप्लांट सर्जरी को सफल सुरक्षित और गुणवंता वाले उत्तर देने की प्रक्रिया में सभी चरणों के लिए यह उत्तरदाई है.

    संतोष अस्पताल के नेत्र विभाग की विभागध्यक्ष सरिता ने News 18 Local को बताया की हम विभिन्न पोस्टर के जरिए लोगों को, मरीजों को जागरूक कर रहे है. अगर मरणोपरांत आपकी आंखें किसी को रोशनी दे सके तो इससे अच्छी बात क्या होगी.

    अगर आप भी आंखों के दान के बारे में विचार कर रहे है तो Eye bank :- 7827981588 पर कॉन्टेस्ट कर सकते हैं.

    Tags: Ghaziabad News, Ghaziabad News Today

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें