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गाजियाबाद की इस बहादुर लड़की ने साथियों सहित 30 की बचाई जान, लेकिन खुद बह गईं

कुल्लू जिले में अचानक बादल फटने से यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली विनीता चौधरी की भी मौत हो गई.

कुल्लू जिले में अचानक बादल फटने से यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली विनीता चौधरी की भी मौत हो गई.

Ghaziabad News: बुधवार को कुल्लू जिले में अचानक बादल फटने से यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली विनीता चौधरी (Vinita Chaudhary) की भी मौत हो गई. विनीता पानी के तेज बहाव में बह गईं. विनीता ने टेंट में सो रहे 30 पर्यटकों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी.

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गाजियाबाद. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून (Monsoon) ने राज्य के ही नहीं दूसरे राज्यों से आए कई परिवारों के चिराग को भी लील लिया. बारिश और बादल फटने से अब तक कई लोगों की जान चली गई है. खासकर कुल्लू और लाहौल में बारिश ने जबरदस्त तबाही मचाई है. आईटीबीपी, एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से शवों को निकाला जा रहा है. लापता लोगों के लिए सर्च अभियान भी जारी है. बीते बुधवार को कुल्लू जिले में अचानक बादल फटने से यूपी के गाजियाबाद की रहने वाली विनीता चौधरी की भी मौत हो गई. विनीता पानी के तेज बहाव में बह गई. विनीता ने टेंट में सो रहे 30 पर्यटकों की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी. विनीता ने सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर तो पहुंचा दिया, लेकिन खुद पानी के तेज बहाव में बह गई. बीते 25 जून को ही विनीता गाजियाबाद से कुल्लू पहुंची थीं.

लोनी क्षेत्र के निस्तौली गांव की रहने वाली थीं विनीता
25 साल की विनीता चौधरी गाजियाबाद की लोनी क्षेत्र के निस्तौली गांव की रहने वाली थीं. कुल्लू जिले की एसपी ने विनीता के बहने की खबर पुष्टि करते हुए कहा है कि रेस्क्यू टीम अभी भी उसे तलाशने में लगी हुई है. बादल फटने से मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा नाले में कुल तीन लोग बहे हैं, जिनमें एक विनीता भी है. बाकी दो शख्स ब्रह्मगंगा के ही रहने वाले हैं.

विनीता के बह जाने की खबर आते ही उनके परिजन कुल्लू के लिए रवाना हो गए हैं.

विनीता 28 जुलाई को गाजियाबाद आने वाली थी
इधर, विनीता के बह जाने की खबर आते ही उनके परिजन कुल्लू के लिए रवाना हो गए. इधर विनीता का परिवार गाजियाबाद से कुल्लू पहुंच चुका है. विनीता अपने एक दोस्त के साथ कुल्लू जिले के पार्वती वैली में कसौल हाइट्स नाम से एक रिसॉर्ट चलाती थीं. जिस समय बादल फटा था, वह रिसॉर्ट की कैंपिंग साइट पर बतौर मैनेजर कार्यरत थीं. विनीता के परिजनों के मुताबिक, 27 जुलाई को ही विनीता ने घरवालों से बात की थी. विनीता डीएसएसबी की तैयारी कर रही थीं और 2 अगस्त को पेपर की डेट तय थी. बुधवार यानी 28 जुलाई को ही वह गाजियाबाद के निकलने वाली थी.

विनीता अपनी रिसॉर्ट में टहल रही थी तभी बादल फटने से ब्रह्मगंगा नाले में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में भारी बारिश: अब तक 9 लोगों की मौत, मां-बेटे, मैनेजर सहित 7 लापता

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बुधवार सुबह जब विनीता अपने रिसॉर्ट में टहल रही थीं, तभी बादल फटने से ब्रह्मगंगा नाले में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया. यह देख उन्होंने शोर मचाया. उस वक्त टेंट में 30 पर्यटक सो रहे थे. विनीता के पार्टनर अर्जुन भी ने पर्यटकों को उठाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजने के प्रयास शुरू कर दिए. पर्यटकों का टेंट नाले से बिल्कुल सटा था. देखते ही देखते पानी कैंपिंग साइट टेंट को बहा ले गया और विनीता भी उसके चपेट में आ गईं.

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दिल्ली मेरठ रोड पर दिन भर उड़ती है धूल, तेज़ी से गुजरते है बड़े वाहन 

दिल्ली मेरठ रोड पर तेज़ी से गुजरते बड़े वाहन 

दिल्ली मेरठ रोड पर दिन भर धूल उड़ती है. यहां बारिश के समय जलभराव के कारण घंटो जाम लग जाता है. सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे है जिसके कारण हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है

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दिल्ली मेरठ रोड पर चलना जानलेवा है. सड़क की चौडाई बगल मे बन रहे है रैपिड रेल प्रोजेक्ट के कारण वैसी ही कम हो गई है. इस सड़क पर दिन भर बड़े वाहन तेज़ी से गुजरते है. सड़क पर दिन भर धूल उड़ती रहती है. सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे है जिनके कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते है.
सड़क पर चलने वाले ऑटो मे तीन की जगह सात सवारी सफर करती है. सड़क किनारे दुकानदार कहते है कि दिन भर उड़ती इस धूल से बुरा हाल हो जाता है. सांस लेने मे भी परेशानी होती है. बारिश के वक़्त सारा काम बंद करना पड़ता है. दिल्ली मेरठ रोड़ पर रोजाना करीब हज़ारो वाहन गुजरते है ऐसे मे अगर थोड़ी सतर्कता हटी तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

वैशाली-मोहन नगर मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले रोप-वे प्राेजेक्ट की DPR तैयार, 487 करोड़ आयेगी लागत

गाजियाबाद में ब्लू लाइन स्थित वैशाली मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन के मोहन नगर स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोप-वे लिंक के लिए DPR तैयार हो गई है.

Ghaziabad News: पिछले वर्ष दिसम्बर में गाजियाबाद के सांसद जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने दोनों मेट्रो स्टेशनों को जोड़ ने वाली इस रोप-वे लिंक प्रोजेक्ट के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने कहा था कि इससे न केवल इन इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आएगी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 15:59 IST
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गाजियाबाद. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेट्रो में सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि ब्लू लाइन स्थित वैशाली मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन के मोहन नगर स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोप-वे लिंक (Ropeway Link) के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है. डीपीआर तैयार करने के लिए अधिकृत की गई एजेंसी ने गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसकी परियोजना लागत 487 करोड़ रुपये आंकी गई है और यह 2024 तक पूरी होगी.

इस रोप-वे के जरिये दो अलग-अलग कॉरिडोर पर स्थित वैशाली एवं मोहन नगर मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने की योजना है. दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी 5.17 किलोमीटर है. जीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके सिन्हा ने कहा, “इससे पहले हमने दोनों स्टेशनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने का मन बनाया था, लेकिन इस पर 1800 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान था. टर्मिनल स्टेशनों के अलावा रोप-वे में वसुंधरा और वैशाली दो हॉल्ट होंगे.”

इंजीनियर एसके सिन्हा ने बताया कि इसके परिचालन में 249 कैरेजिज शामिल किये जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 10 पैसेंजर सवार हो सकेंगे. इसकी फ्रीक्वेंसी एक मिनट की होगी और दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी 15 मिनट में पूरी होगी. पिछले वर्ष दिसम्बर में, गाजियाबाद के सांसद जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने दोनों मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाली इस रोप-वे परियोजना के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने कहा था कि इस परियोजना से न केवल इन इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आएगी बल्कि रेड और ब्ल्यू लाइनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी. उसके बाद संभाव्यता रिपोर्ट तैयार कराई गई थी.

पति ने अवैध संबंधों के शक में पत्‍नी को दी दर्दनाक मौत, 5 महीने पहले की थी लव मैरिज

पुलिस ने कुछ दिन में ही हत्‍या की गुत्‍थी सुलझा दी है.

UP Crime News: गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव के रहने वाले एक शख्स को पत्‍नी की हत्‍या के मामले में गिरफ्तार किया है. जबकि उसका मददगार साथी अभी फरार है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पांच महीने पहले ही शादी की थी, लेकिन अवैध संबंधों के शक में उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या (Murder) कर दी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:58 IST
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गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा के एक निवासी को कथित रूप से विवाहेतर संबंध (Extramarital Affairs) में अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शख्स ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या (Murder) कर दी और शव को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में फेंक दिया था. यही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी और उसका मददगार फरार हो गया था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लालता प्रसाद ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची और दुपट्टे से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. आरोपी नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव का रहना वाला है.

पांच महीने पहले शादी और अब हत्‍या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पांच महीने पहले कन्नौज के एक मंदिर में महिला से शादी की थी. यह दोनों की लव मैरिज थी. पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद उसे पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा थी और उसका एक चार साल का बच्चा भी है. यही नहीं, जब उसे अपनी पत्‍नी के अवैध संबंधों को लेकर शक हुआ तो उसने उसे ठिकाने लगाने की प्‍लानिंग कर डाली. जबकि चालक लालता पीड़िता को रोजाना सब्जी खरीदने के लिए गाजीपुर बाजार लाता था.

शराब लाइसेंस की नीलामी में दिल्‍ली सरकार की बल्‍ले-बल्‍ले, एयरपोर्ट जोन में हुई पैसों की तगड़ी बारिश

बुधवार को आरोपी कथित तौर पर उसे अपने रिश्तेदार दीपांशु के साथ नोएडा फेज 2 की ओर ले गया. पुलिस ने कहा कि दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को कानवानी इलाके में छोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि दीपांशु फरार चल रहा है.आरोपी ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या 15 सितंबर को की थी. जबकि 16 सितंबर को महिला के शव की पहचान रंजीता के रूप हो गई थी.आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है.

Ghaziabad News- वैशाली से मोहन नगर मेट्रो प्रोजेक्‍ट पर लग सकता है विराम, जानें वजह

रोपवे की लागत कम होने से मेट्रो प्रोजेक्‍ट पर विराम लग सकता है.सांकेतिक फोटो

गाजियाबाद में वैशाली से मोहन नगर तक metro project पर विराम लगना लगभग तय है. इसका कारण Ropeway प्रोजेक्‍ट की लागत का कम होना है. इस वजह से Ghaziabad Development Authority मेट्रो के बजाए रोपवे को प्राथमता दे सकता है.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 10:37 IST
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गाजियाबाद. वैशाली से मोहन नगर तक मेट्रो प्रोजेक्‍ट (metro project) पर विराम लग सकता है. इस प्रोजेक्‍ट में पिछले तीन सालों से काम चल रहा है. इसका मुख्‍य कारण मेट्रो की तुलना में रोपवे (Ropeway project) प्रोजेक्‍ट पर तीन गुना कम लागत आ रही है. हालांकि‍ वैशाली से मोहननगर पर दो बार डीपीआर (DPR) भी तैयार हो चुका है लेकिन फंडिंग पैटर्न तय न होने की वजह से यह प्रोजेक्‍ट आगे नहीं बढ़ पाया है. डीपीआर तैयार होने में 36 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) के मुख्‍य अभियंता एसके सिन्हा के अनुसार रोपवे के लिए दी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कुल लागत 487 करोड़ है. जबकि मेट्रो के वैशाली से मोहननगर के प्रोजेक्ट से 1321 करोड़ कम है. वहीं, मेट्रो रूट की लंबाई 5.04 किमी है और रोपवे की लंबाई 5.17 किमी है. मेट्रो प्रोजेक्ट की तरह से रोपवे में चार स्टेशन प्रस्तावित हैं. ऐसे में रोपवे की कम लागत को देखते हुए जीडीए मेट्रो के प्रोजेक्ट पर आगे के बजाए रोवपे प्रोजेक्‍ट को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. जीडीए के अधिकारियों के अनुसार दो सप्ताह में फाइनल डीपीआर जमा होने के बाद फंडिंग पैटर्न पर काम किया जाएगा.

जीडीए के अधिकारियों के अनुसार मेट्रो प्रोजेक्ट की तुलना में रोपवे का प्रोजेक्ट कम समय में पूरा हो जाएगा. फंडिंग पैटर्न तय होने के बाद जीडीए अधिकारी रोपवे प्रोजेक्‍ट 2024 के मध्य तक पूरा होने की संभावना जता रहे हैं. प्रोजेक्ट के दो पैटर्न पीपीपी मॉडल है, जिसके लिए निवेशक की तलाश की जाएगी. बची राशि को केंद्र सरकार, राज्य सरकार या फिर जीडीए की ओर से दिया जाएगा.

नोएडा से साहिबाबाद चल सकती है मेट्रो

जीडीए ने दिल्ली-मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 72 लाख की सलाहकार राशि देकर मेट्रो फेज-तीन में वैशाली से मोहनगर और मेट्रो फेज-चार में नोएडा से साहिबाबाद की डीपीआर तैयार कराई थी. 5.17 किमी लंबे नोएडा से साहिबाबाद मेट्रो कॉरिडोर की लागत 1517 करोड़ है. इस कॉरिडोर में कुल पांच स्टेशनों का निर्माण होना था.

Ghaziabad में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवा कर गायब हुए तीन लाख लोग, आज फिर चलाया गया अभियान

तीन लाख लोगों का दूसरी डोज लगवाने का समय हो चुका है.
 (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबाद जिले में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाने के बाद करीब तीन लाख लोग गायब हो गए हैं. इनकी दूसरी डोज का समय भी पूरा हो गया है लेकिन ये लोग वैक्‍सीन सेंटर नहीं पहुंच रहे हैं.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:04 IST
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गाजियाबाद. जिले में कोरोना की दूसरी डोज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग लगातार अपील कर रहा है लेकिन करीब 3 लाख लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंचे हैं. इन लोगों ने 84 दिन का समय पूरा कर लिया है. इसमें फ्रंट लाइन वर्कर से लेकर युवा और बुजुर्ग तक शामिल हैं. पिछले दो माह से कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के कारण लोग पहली डोज लेने के बाद रुचि नहीं दिखा रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को दोबारा से अभियान चलाया गया है. जिसमें लोग अधिक से अधिक वैक्‍सीन लगवा सकें.
गाजियाबाद में अब तक करीब 23 लाख वैक्‍सीन की डोज लग चुकी है. इनमें करीब 17 लाख से अधिक को पहली और पांच लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है. करीब तीन लाख लोगों को वैक्‍सीन लगवाए हुए  84 दिन से अधिक हो चुके हैं. सीएमओ डा. भवतोष शंखधर भी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं, इसके बावजूद लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं. सीएमओ के अनुसार ये लोग पहली डोज लगवाने के बाद लापरवाही बरत रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में मेगा ड्राइव का आयोजन किया है. जहां लोग वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

1.11 लाख वैक्‍सीन लगाने की तैयारी

जिले में शुक्रवार को वैक्सीनेशन के मेगा ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में वैक्सीनेशन का मेगा ड्राइव चल रहा है. वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया ने बताया कि 85 हजार टीकाकरण का लक्ष्य शासन ने दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 1.11 लाख वैक्सीनेशन की तैयारी की गई है.

अब तक वैक्‍सीनेशन

कुल वैक्‍सीनेशन 2356998

पहला डोज 1799914

दूसरा डोज 557084

एक भी डोज नहीं लगा – 443002

दूसरा डोज लगना है – 1242830

दूसरी डोज का समय हो चुका है पूरा – 289378

उम्र – पहला डोज – दूसरा डोज

18 से 44 वर्ष – 1153632 – 214149

45 से अधिक 582433 – 295945

कोविशील्‍ड – 2083755 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 246090

कोवैक्सिन – 273582 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 42288

 गाजियाबाद विकास प्राधिकरण NCR में घर और जमीन का सपना करेगा पूरा, होगी नीलामी, जानें कब से

जीडीए नवरात्रों में शुरू करेगा नीलामी.

Ghaziabad Development Authority जिले में 2000 से अधिक भवनों और भूखंडों की नीलामी की तैयारी कर रहा है. नवरात्रों में नीलामी की जाएगी, जिसमें विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों को शामिल किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 10:16 IST
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गाजियाबाद. एनसीआर (NCR) में अभी तक अपना घर नहीं बना पाए लोगों के लिए अच्‍छी खबर है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) जिले में 2000 से अधिक घर और भूखंडों की नीलामी (Auction) की तैयारी कर रहा है. जीडीए सचिव के अनुसार इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. नवरात्र में नीलामी की जाएगी, क्‍योंकि ज्‍यादातर लोग पितृपक्ष में खरीदारी नहीं हैं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरएण ने विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों की बिक्री की योजना तैयार की है. नवरात्र में होने वाली नीलामी में लोग दो हजार से अधिक संपत्ति खरीद सकेंगे. हालांकि जीडीए ने अभी नीलामी का डेट तय नहीं की है, लेकिन नवरात्र में संपत्ति खरीदने के लिए लोगों के रुझान को देखते हुए एक दिन से अधिक नीलामी प्रक्रिया को रखा जा सकता है.

नीलामी प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द जीडीए की वेबसाइट के साथ ट्विटर हैंडल पर डाल दिया जाएगा. नीलामी में संपत्तियों की खरीद में लोगों के रुझान को देखते हुए अब प्राधिकरण का फोकस भी नीलामी के जरिए संपत्तियों को बेचने पर है. जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्र में संपत्तियों को खरीदने में लोगों का अधिक रुझान रहता है. ऐसे में नवरात्र से संपत्तियों की नीलामी के जरिए बिक्री की जाएगी. कुल 2158 संपत्तियों की नीलामी के लिए जल्द शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा.

यहां की प्रापर्टी होगी नीलाम

नीलामी प्रक्रिया में लगभग 806 करोड़ की संपत्तियों को शामिल किया जाएगा. इनमें सबसे ज्यादा संपत्तियां मधुबन बापूधाम योजना की हैं. मधुबन में एलआईजी, एमआईजी और बहुमंजिला टावरों के फ्लैट शामिल हैं. वहीं, इंद्रप्रस्थ और कोयल एंक्लेव योजना के एक और दो बीएचके के फ्लैट हैं. वहीं, चंद्रशिला योजना के फ्लैट के साथ इंदिरापुरम में न्यायखंड योजना में चार मंजिला एमआईजी, तीन मंजिला मिनी एमआईजी फ्लैट हैं.

ये होगी अनुमानित कीमत

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजना में मिनी एमआईजी व दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 19.29 से 52.28 लाख तक है. वहीं, तीन बीएचके की कीमत 60 लाख से 69 लाख के बीच है.

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे से लिंक होगा हापुड़ रोड, मुरादाबाद जाने वालों को होगी सुविधा, जानें प्‍लान

अगले माह से निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वर्ष 2023 से बड़ी राहत देने जा रहा है. हापुड़ रोड को दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे से लिंक किया जाएगा, जिससे वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा आ-जा सकेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:46 IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है. यह जल्‍द ही हापुड़ रोड जुड़ जाएगा. इसकी प्रक्रिया अगले माह से शुरू हो जाएगी. इसके बाद करीब 24 माह काम पूरा होने की संभावना है. इस तरह वर्ष 2023 अंत तक वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जा सकते हैं.

नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था. लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया, अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

क्या कहते हैं एनएचएआई के अधिकारी
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार नवंबर-2021 में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के निर्माण के साथ पांचवें चरण ((Fifth Stage) का भी निर्माण भी शुरू किए जाने की संभावना है. एक्सप्रेसवे के शुरुआती प्‍वाइंट से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) जोड़ा जाना है. हापुड़ रोड के शाकरपुर से एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण शुरू किया जाना है. जहां से गाजियाबाद सीमा के जैनुद्दीनपुर सीमा में जाकर मिलाया जाना है. इसके लिए 13 गांवों की 100 प्रतिशत अधिग्रहण किया जा चुका है. इसलिए काम शुरू करने के बाद किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी.

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गंगा एक्‍सप्रेस वे के साथ शुरू होगा काम
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को एक केंद्र पर जोड़ने के लिए खानपुर में इंटरचेंज बनाने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश सरकार और एनएचएआई के बीच प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है. इससे दिल्ली और हापुड़ से आने वाले वाहन भी गंगा एक्सप्रेस और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आ जा सकेंगे. एनएचएआई के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि टेंडर फाइनल होने के बाद इस चरण में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. मुख्‍यालय स्‍तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

गाजियाबाद: पॉक्सो कोर्ट ने बच्ची से रेप के मामले में शख्स को सुनाई 20 साल की सजा

शिकायत के अनुसार यह घटना पिछले साल 29 अक्टूबर को हुयी थी जब बच्ची अपने घर में भाई के साथ थी. (सांकेतिक फोटो)

Ghaziabad News: विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:13 IST
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गाजियाबाद. गाजियाबाद (Ghaziabad) की एक पॉक्सो अदालत ने बलात्कार (Rape) के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कारावास (20 years Imprisonment) की सजा सुनायी और उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है. शिकायत के अनुसार यह घटना पिछले साल 29 अक्टूबर को हुयी थी जब बच्ची अपने घर में भाई के साथ थी.

वहीं, 12 सितंबर को नोएडा में एक रेप की घटना सामने आई थी. यहां के सेक्टर 39 क्षेत्र स्थित एक गांव में 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ बलात्कार (Rape) करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. आरोपी पीड़िता का पड़ोसी है जिसने जबरन उसके घर में घुसकर बलात्कार किया था. पुलिस (Police) ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया था.

मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया
पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने बताया था कि किशोरी के पिता ने घटना के संबंध में थाना सेक्टर 39 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोस में रहने वाले दिनेश नामक युवक ने 9 सितंबर को उनकी बेटी का बलात्कार किया. शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी घटना के दिन से ही गुमसुम रह रही थी. उसने शनिवार देर रात को इस बाबत अपने पिता को बताया. उन्होंने बताया कि किशोरी के पिता की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर 39 पुलिस ने मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया.

इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी
बता दें कि नोएडा में इन दिनों अपराध के मामले बढ़ गए हैं. बीते जून महीने में नोएडा में रेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था. नोएडा फेस 2 के भंगेल इलाके में एक महिला ने छत पर सो रहे अपने पति के इंतजार में कमरे का दरवाजा खुला रखा था, लेकिन इस बीच पड़ोस में रहने वाले शख्‍स ने कमरे में घुसकर न सिर्फ उसे डराया धमकाया बल्कि रेप भी कर दिया. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी.

(इनपुट- भाषा)

UP News: फिर किसानों में उबाल, तेवतिया सहित 17 किसानों ने ले ली भू समाधि!

गाजियाबाद: मुआवजा और कृषि कानूनों को लेकर किसानों की भू समाधि.

farmers protest: गाजियाबाद के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया.

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गाजियाबाद. गाजियाबाद (ghaziabad) के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों (three agricultural laws) के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. बुधवार को छह गांव के किसानों ने पूर्व की घोषणा के चलते किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन तनाव में दिखा. अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान पहले से खोदे गए गड्ढों में जाकर लेट गए.

जानकारी के मुताबिक बुधवार को मंडोला समेत छह गांव के 17 किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने पहुंचे और वहां भू समाधि लेकर विरोध की मुद्रा में लेट गए. इस आंदोलन के केंद्र में लगभग 270 एकड़ जमीन है, जिसे यूपी हाउसिंग बोर्ड ने मंडोला विहार हाउसिंग स्कीम के तहत किसानों से अधिग्रहित किया था. किसानों ने 10 दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एसडीएम लोनी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांग पूरी करने की चेतावनी दी थी.

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छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. Photo- ANI

इसको लेकर किसानों ने प्रशासन को 14 सितंबर तक का समय दिया था. मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने हिंडन एयरफोर्स पुलिस चौकी पर किसान प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समाधि न लेने को लेकर बात की थी, लेकिन वार्ता में संतोषजनक समाधान नहीं निकलने पर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. किसान नेता नीरज त्यागी का कहना है कि करीब 5 साल से कई बार वार्ता हुई है लेकिन किसानों का समाधान नहीं हुआ है. समाधि लेने के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.

Corona Vaccine news: दूसरी डोज लगवाने के लिए अब नहीं बुक करना होगा स्‍लॉट, जानें कैसे लगवा सकते हैं?

गाजियाबाद के डीएम ने जारी किए आदेश.
कॉन्सेप्ट इमेज.

Ghaziabad Vaccine News:गाजियाबाद जिले में कोरोना की पहली डोज लगवा चुके और दूसरी डोज लगवाने की तैयारी कर रहे लोगों को अब स्‍लॉट बुक करने की जरूरत नहीं है. वे सीधा वैक्‍सीन सेंटर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 09:53 IST
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गाजियाबाद. जिले में रहने वाले लोगों को कोरोना वैक्‍सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्‍लॉट बुक कराने की जरूरत नहीं है. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. लोग अब दूसरी डोज लगवाने के लिए किसी भी सेंटर पर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं. गाजियाबाद में अब तक करीब 22 लाख लोगों को कोरोना की वैक्‍सीन लग चुकी है. स्वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार अगले माह तक सभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्‍सीन लग जाने की संभावना है.

गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह ने इस संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को निर्देश जारी कर दिया है कि कोई भी व्‍यक्ति किसी भी सेंटर पर जाकर वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकता है. उसे वापस नहीं किया जाएगा. लोगों को अब किसी भी तरह का स्‍लाट लेने की जरूरत नहीं है. डीएम आरके सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की इच्‍छा अनुरूप जनपद गाजियाबाद में कोरोना की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्लाट बुक कराने की अनिवार्यता खत्‍म कर दी गई है. जनपद का कोई भी नागरिक अपने नजदीकी स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर कोरोना की दूसरी डोज सीधे लगवा सकता है. उन्होंने जनपद वासियों का आह्वान किया है कि जिन नागरिकों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है और उन्हें दूसरी डोज लगवानी है तो वे सीधे स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर दूसरी डोज लगवा सकते हैं.

उन्होंने सभी नागरिकों के द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए आह्वान किया है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और जनपद के सभी नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके. गाजियाबाद में अब तक 22,80,550 लोगों को टीका लग चुका है. इनमें 17,58,196 को वैक्सीन की पहली और 5,22,354 को दोनों डोज लग चुकी है.

Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्‍या 100 के करीब, सरकारी अस्‍पतालों में वार्ड रिजर्व

चार सालों में सबसे अधिक मरीज डेंगू के मिले. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले में इस वर्ष अब तक मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं.

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गाजियाबाद: कोरोना का प्रभाव अभी पूरी तरह थमा नहीं है, वहीं अब जिले के लोगों को डेंगू का डर सताने लगा है. जिले में अब तक 100 के करीब डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. यह आंकड़ा पिछले चार सालों में सबसे अधिक है. हालांकि गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं. इसके अलावा मरीजों का पता लगाने के लिए घर-घर सर्वे भी शुरू हो चुका है.

गाजियाबाद में इस वर्ष में मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इससे पहले वर्ष 2018 में 68 और 2019 में 88 केस मिले थे. राहत की बात ये कि मलेरिया के मरीजों की संख्या कम है. जिले में डेंगू के लगातार मल रहे  मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और सीएचसी में अलग से वार्ड रिजर्व कर दिए हैं.  इसके अलावा निजी लैब में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, उनके खून के नमूने जांच के लिए दोबारा से सरकारी लैब में भी भेजे जा रहे हैं.

गाजियाबाद में राहत की बात यह है कि जिले में पिछले छह साल में डेंगू के 1,120 मामले मिले हैं. एक मरीज को छोड़कर सभी ठीक हुए हैं. अस्पतालों में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की प्लेटलेट्स कम जरूर हुई, लेकिन ज्‍यादातर ठीक हुए हैं. डेंगू से छह साल में केवल सितंबर 2016 में एक ही मरीज की मौत हुई थी. वर्ष 2016 में डेंगू के साथ चिकनगुनिया के 1,024 मरीज मिले थे. सर्वाधिक डेंगू के 621 मामले वर्ष 2016 में मिले थे. विशेषज्ञों का दावा है कि इस साल 20 अक्टूबर तक डेंगू, मलेरिया व कोरोना के केस एक साथ बढ़ेंगे. छह साल में मलेरिया के 736 केस मिले हैं. सबसे ज्यादा 2017 में 293 केस मिले थे.

Ghaziabad News: हाउस टैक्‍स नहीं जमा करने वालों की पहचान, जानें कब से जमा करना होगा टैक्‍स?

निगम की टीम प्राइवेट फर्म दायरे में आए नए भवनों का ज्वाइंट सर्वे कर रही है.

Ghaziabad municipal corporation क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में नए भवन बनाने वाले स्‍वामियों की पहचान कर house tax के दायरे में लाया जा रहा है, जिन्‍हें अगले वित्‍तीय वर्ष टैक्‍स जमा करना होगा.  इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है.

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  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 12:09 IST
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गाजियाबाद. नगर निगम (ghaziabad municipal corporation) क्षेत्र में नए भवन बनाने वाले करीब एक लाख लोगों को इस बार हाउस टैक्‍स चुकाना होगा. नगर निगम ने सर्वे कर ऐसे भवन स्‍वामियों की पहचान कर ली है. ये हाउस टैक्‍स जमा करने से बच नहीं पाएंगे. हालांकि सर्वे का काम अभी चल रहा है जो दिसंबर तक चलेगा. इस तरह यह संख्‍या और बढ़ सकती है. ऐसे  भवन स्‍वामियों से पेनाल्‍टी भी ली जा सकती है.

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर के करीब एक लाख भवन पहली बार हाउस टैक्स देंगे. जीआईएस सर्वे के दौरान एक लाख भवन अब तक नए चिह्नित हो चुके हैं. यह सर्वे दिसंबर तक चलेगा. इस अवधि में और नए भवन भी टैक्स के दायरे में आ सकते हैं. शासन के आदेश पर करीब डेढ़ साल पहले जीआईएस सर्वे शुरू कराया गया था. इस फर्म की 2020 में यह सर्वे पूरा करना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से प्रक्रिया बाधित रही.

दोबारा से सर्वे काम शुरू कर दिया गया है.  निगम के पांच जोन में से वसुंधरा जोन में सर्वे का काम इस माह में पूरा हो जाएगा, जबकि मोहननगर, सिटी जोन, कविनगर और विजय नगर जोन में सर्वे का काम अंतिम दौर पर है.  नए भवनों को चिन्हित करने वाली एजेंसी नए भवनों की लिस्‍ट नगर निगम को सौपती जा रही है. इस तरह यह संख्‍या अभी तक एक लाख पहुंच गई है.  इसमेंसबसे अधिक संख्‍या विजय नगर  जोन में निकली है.

गौरतलब है कि निगम की टीम प्राइवेट फर्म की टीम के साथ टैक्स के दायरे में आए नए भवनों का ज्वाइंट सर्वे कर रही है. इसकी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी हो जाएगी. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ संजीव सिन्हा ने बताया कि दिसंबर तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इस तरह नए भवन को अगले वित्तीय वर्ष से हाउस टैक्‍स के दायरे में लाया जाएगा.

Ghaziabad news: अक्‍तूबर से गाजियाबाद की संकरी गलियों से भी वाहनों से उठेगा कूड़ा, जानें नगर निगम का प्‍लान

नगर निगम ने इसके लिए आरएफपी जारी किया है.

Ghaziabad Municipal Corporation शहर की संकरी गलियों से कूड़ा उठाने के लिए पहली बार छोटे वाहन किराए पर खरीदेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अगले माह से इन गलियों से कूड़ा उठना शुरू हो जाएगा.

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  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 06:41 IST
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गाजियाबाद. शहर की संकरी गलियों (narrow streets) में रहने वाले लाखों के लिए अच्‍छी खबर है. इन लोगों को घर का कूड़ा (garbage) लेकर गलियों से बाहर नहीं आना  पड़ेगा. शहर के अन्‍य इलाकों की तरह यहां से भी घर के बाहर से कूड़ा उठाया जा सकेगा. इसके लिए गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) ने खास योजना बनाई है, जो अक्‍तूबर से लागू हो जाएगी.

शहर के पुराने शहरों में गलियां बहुत संकरी हैं. इस वजह से इन गलियों में कूड़े की गाड़ी जा नहीं पाती थी. कूड़ा की गाड़ी आने पर लोग लोग स्‍वयं गली से बाहर आकर कूड़ा डालते थे और गाड़ी निकलने के बाद उन्‍हें कूड़ा ढलाव में डालने के लिए जाना पड़ता था. कई बार लोग लापरवाही बरतते थे और कूड़े को रोड के किनारे फेंक देते थे. जिससे गंदगी फैलती थी. लोगों को इसी समस्‍या  से राहत दिलाने के नगर निगम ने योजना बनाई है.

नगर निगम पहली बार 50 ई-रिक्शा और 50 छोटे मालवाहक वाहन किराए पर लेगा. निगम के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) भी जारी किया है.  सबसे कम दरों पर वाहन किराए पर देने का प्रपोजल देने वाली कंपनी से यह वाहन लिए जाएंगे और अक्तूबर से वार्डों में उतारे जाएंगे. नगर निगम किराए पर लेने वाले वाहनों को न तो ईंधन देगा और न ही ड्राइवर का खर्च. साथ  ही मेंटेनेंस का जिम्मा भी फर्म का ही होगा. ऐसे में नगर निगम को वाहनों के मेंटेनेंस पर हर माह होने वाले मोटे खर्च से भी छुटकारा मिलेगा. नगर स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डा. मिथिलेश कुमार शहर की साफ-सफाई को और बेहतर कराने के लिए वाहन किराए पर लिए जा रहे हैं. अगले माह से घरों से कूड़ा उठाने की शुरुआत हो जाएगी.

रोड स्वीपिंग और जेटिंग मशीन भी खरीदेगा  निगम

नगर निगम 15वें वित्त आयोग के फंड से भी वाहन खरीदेगा. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पहले चरण में नगर निगम पांच रोड स्वीपिंग मशीन और पांच जेटिंग मशीनें खरीदेगा. यह व्‍यवस्‍था शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए की जा रही है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.नगर निगम अक्तूबर तक इस खरीद प्रक्रिया को पूरा कर लेगा, इसके बाद वाहन खरीद लिए जाएंगे.

UP: माफियाओं पर कहर बनकर टूटी योगी सरकार! पुलिस मुठभेड़ में 150 अपराधी ढेर, 550 पर NSA, 3700 गिरफ्तार

UP: माफियाओं पर कहर बनकर टूटी योगी सरकार! (File photo)

Yogi Government: पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेलकर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने साढ़े चार साल पहले सीएम पद संभालते ही प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था. इसके बाद प्रदेश में धड़ाधड़ एनकाउंटर की खबरें सामने सामने आईं. वहीं, अपराधियों के अंदर यूपी पुलिस का खौफ अभी भी बरकरार है. प्रदेश में पुलिस के डर से बड़े-बड़े अपराधी और माफिया प्रदेश छोड़कर या तो भाग गए या आत्मसमर्पण कर दिए हैं.

बता दें कि बीजेपी के लोक कल्याण पत्र में गुंडाराज को जड़ से खत्म करने का वादा किया गया था. सीएम योगी ने कहा था अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर. कभी पुलिस प्रशासन को आंख दिखाने वाले माफियाओं, अपराधियों पर यूपी पुलिस कहर बनकर टूटी है. पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेल कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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जहां पिछली सरकारों में माफिया और अपराधी सत्ता का संरक्षण पाते थे. वहीं योगी सरकार ने माफियाओं की काली कमाई से अर्जित की गई 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्तियों को जब्त किया है. 2017 के पहले तक अराजकता और दंगों के लिए जाने जाने वाला प्रदेश आज पूरी तरह से शांत है. सभी पर्व और त्यौहार शांतिपूर्वक सम्पन्न हो रहे हैं. राज्य में दहशत का पर्याय बने करीब 150 से अधिक अपराधी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए हैं और लगभग 2,800 से अधिक अपराधी घायल हुए हैं.

550 से अधिक बदमाशों पर लगा NSA
यूपी में गैंगेस्टर एक्ट में अब तक 3700 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया और 550 से अधिक अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाही हुई है. यूपी सरकार और पुलिस ने जिस तरीके से राज्य में संगठित अपराध और माफियाओं पर अंकुश लगाया है वो अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बना हुआ है.

Ghaziabad News: दिल्‍ली की ओर जाने वालों को मिलेगी राहत, जानें कब से शुरू हो रही हैं इलेक्ट्रिक बस

 इसी माह से शुरू होगा इलेक्ट्रिक बसों का संचालन. (सांकेतिक फोटो)

Electric Bus News: गाजियाबाद से रोजाना दिल्‍ली जाने वाले लोगों को राहत मिलने जा रही है. शहर से दिल्‍ली बॉर्डर तक इलेक्ट्रिक बसें चलने जा रही हैं, जिससे लोग सुविधाजनक सफर कर बॉर्डर तक पहुंच सकते हैं.

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  • LAST UPDATED : September 10, 2021, 10:00 IST
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गाजियाबाद. शहर से रोजाना दिल्‍ली की ओर जाने वाले हजारों लोगों को इसी माह राहत मिलने जा रही है. छह रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है. इनमें से चार रूट दिल्‍ली बॉर्डर को कनेक्‍ट करने वाले हैं. दिल्‍ली की ओर जाने वाले लोग इन बसों से बॉर्डर तक पहुंच सकेंगे और वहां से दिल्‍ली में कहीं भी आ जा सकेंगे. बसों के उद्घाटन की संभावित डेट 26 सितंबर है. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ वर्चुअल उद्घाटन करेंगे.

गाजियाबाद शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ाने की प्लानिंग है. बसों के संचालन का जिम्‍मा परिवहन विभाग को दिया गया है. परिवहन विभाग ने बसों के संचलान की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए शहर में छह रूट चिन्हित किए हैं. रूट ऐसे बनाए गए हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को फायदा हो. इन बसों से प्रदूषण कम फैलेगा, इस तरह  ये बसें पर्यावरण के लिए भी बेहतर होंंगी. पहले प्लान था कि शुरुआती फेज में गाजियाबाद में 50 बसों को रूट पर उतारा जाएगा. लेकिन कंपनी अभी वह इतनी बसें नहीं दे सकती है. ऐसे में अब तय किया गया कि गाजियाबाद में अभी 25 बसों का संचालन इसी महीने से शुरू हो जाएगा.

बस संचालन कमेटी के सीईओ रोडवेज के आरएम को बनाया गया है, जबकि बस ऑपरेशन के नोडल अधिकारी सरकार की ओर से मंडलायुक्त होंगे. इसके लिए सिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लि. का गठन किया गया है. यह कॉरपोरेशन नगर विकास विभाग के तहत काम करेगा. इसके नोडल अधिकारी नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव होंगे. इस में सदस्य के तौर पर डीएम, नगर आयुक्त, आरएम रोडवेज, तथा आरटीओ और एसएसपी होंगे.

ये होंगे रूट

आनंद विहार से मुरादनगर, दूरी 33 किमी.

आनंद विहार से एएलटी सेंटर गाजियाबाद, दूरी20 किमी.

दिलशाद गार्डन से गोविंदपुरम, दूरी 20 किमी.

दिलशाद गार्डन से लालकुआं, दूरी 25किमी.

गोविंदपुरम पुलिस लाइन से नोएडा सिटी सेंटर, दूरी  25 किमी.

लोनी टीला मोड़ भोपुरा से नया अड्डा गाजियाबाद दूरी 16 किमी.

Ghaziabad news: दस बीवियों वाला शातिर चोर, चोरी की रकम से खरीदी जगुआर, जानें पूरी कहानी

गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में सरगना की एक पत्‍नी और दो बदमाश, इनके पास से बरामद जागुआर और स्‍कार्पियाे.

Ghaziabad news: गाजियाबाद पुलिस ने शहर के स्‍टील कारोबारी कपिल गर्ग की कोठी से एक करोड़ रुपये की चोरी का पर्दाफाश किया है. सरगना की अलग-अलग शहरों में 10 पत्नियां हैं. उसने चोरी की रकम से एक पत्‍नी के नाम जगुआर खरीदी है. पुलिस ने उसकी एक पत्‍नी और दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है.

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  • LAST UPDATED : September 09, 2021, 19:31 IST
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गाजियाबाद. कविनगर पुलिस ने शहर के स्‍टील कारोबारी कपिल गर्ग की कोठी से एक करोड़ रुपये की चोरी का पर्दाफाश किया है. गैंग का सरगना चोरी करने के लिए विभिन्‍न शहरों में फ्लाइट से जाता था और उसने चोरी की रकम से जगुआर कार खरीदी थी, जो पत्‍नी के नाम पर है. पुलिस ने सरगना की एक पत्‍नी और दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. सरगना की 10 पत्नियां हैं, जो देश के अलग-अलग शहरों में रहती हैं, जिनकी मदद से वह वारदात को अंजाम देता था. पुलिस ने बदमाशों के पास से एक जगुआर और एक स्‍कार्पियो कार बरामद की है.

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गाजियाबाद के एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि सीतामढ़ी, बिहार निवासी विक्रम शाह, मुहम्मद शोएब और मुख्य आरोपित इरफान की पत्‍नी गुलशन प्रवीण को गिरफ्तार किया गया है. इरफान और इमरान फरार हैं. शोएब, इरफान का चालक है जबकि विक्रम शाह कोठियों की रेकी करता था. इरफान पर उत्तर प्रदेश में आगरा, दिल्ली, पंजाब, गोवा, बिहार समेत अन्य राज्यों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. इरफान के पास महंगी जगुआर कार है जो उसकी पत्‍नी के नाम पर है. इस कार में इरफान चालक के साथ चलता है और चोरी करता है. महंगी कार होने के कारण कोई शक भी नहीं करता. वह जहां भी जाता है फाइव स्‍टार होटलों में रुकता है.

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थाना प्रभारी कविनगर संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि इरफान देशभर में 50 से अधिक बड़ी चोरियां कर चुका है. कुछ माह पूर्व उसने राजनगर सेक्टर तीन की एक कोठी में भी चोरी का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हो पाया. उसकी फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. जांच में आया है कि इरफान ने कई प्रदेशों में चोरियां की है. उसकी 10 पत्नियां हैं जो, अलग-अलग शहरों में रहती हैं और चोरी करने में उसकी मदद करती हैं.

COVID-19 Second Wave: गाजियाबाद के लोगों ने जमकर पी बीयर-शराब, आंकड़े चौंका देंगे

आबकारी विभाग ने जारी किए आंकड़ें.  (Image:shutterstock)

Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले के लोगों ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जमकर बीयर और शराब पी. Excise Department के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस वित्‍तीय वर्ष करीब 200 करोड़ रुपए की अधिक की शराब और बीयर लोग गटक गए हैं.

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  • LAST UPDATED : September 09, 2021, 11:29 IST
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गाजियाबाद. कोरोना के दौरान जब लोग घर पर रहकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले जूस पी रहे थे और फल खा रहे थे, उस दौरान गाजियाबाद जिले के तमाम लोग खूब जाम छलका रहे थे. यही वजह है कि जिले में सामान्‍य दिनों या पिछले साल वित्‍तीय वर्ष के पांच माह के मुकाबले लोगों ने 200 करोड़ की अधिक शराब पी है. इसमें देसी,अंग्रेजी, बीयर सभी तरह के एल्‍कोहल शामिल हैं. सबसे ज्‍यादा बीयर पी गई है, पिछले साल के मुकाबले इस वित्‍तीय वर्ष में पिछले 69 फीसदी अधिक बीयर पी है.

आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त, 2020 में जहां शराब की बिक्री जिले में 80 करोड़, 26 लाख, 76 हजार रुपए की थी, वहीं अगस्त, 2021 में यह बिक्री बढ़कर 103 करोड़ 85 लाख पहुंच गई है. आंकड़ों पर यदि गौर करें तो अगस्त, 2020 तक देशी शराब की बिक्री 10 लाख, 58 हजार 120 लीटर हुई थी, जबकि अगस्त, 2021 तक यह आंकड़ा बढ़कर 13 लाख, 73 हजार 285 लीटर तक पहुंच गया. विदेशी शराब अगस्त, 2020 तक 7 लाख, 77 हजार, 527 बोतल बिकी थी, वहीं अगस्त, 2021 तक इसकी संख्या बढ़कर 8 लाख, 77 हजार 741 बोतल तक पहुंच गई है. बीयर कैन 500 एमएल की अगस्त, 2020 में 16 लाख 32 हजार 843 कैन थी, जो इस वर्ष अगस्त 2021 तक 27 लाख, 54 हजार 490 कैन तक पहुंचा. यानी 69 फीसदी अधिक बीयर की बिक्री इस साल हुई है. वहीं, देशी शराब की 30 फीसदी और विदेशी शराब की बिक्री में 13 फीसदी का इजाफा इस बार हुआ है.

राजस्व की यदि बात करें तो अप्रैल से अगस्त, 2020 तक जिले में अब तक 369 करोड़ 4 लाख रुपए की शराब बिकी हुई है. वहीं, अप्रैल से अगस्त, 2021 तक जिले में शौकीन 562 करोड़ 64 लाख 54 हजार रुपए की शराब पी चुके हैं. जिले में देशी शराब की 205 दुकानें, विदेशी की 135, बीयर की 128 और 45 मॉडल शॉप भी हैं. सहायक आबकारी आयुक्त आरके सिंह के अनुसार इस वर्ष विभाग को जिले में 14 सौ करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य मिला है, जिसमें से 562 करोड़ 64 लाख 54 हजार रुपए का राजस्व मिल चुका है. हालांकि, शराब बिक्री के साथ ही विभाग अवैध शराब की बिक्री पर भी रोकथाम के लिए अभियान चला रहा है. प्रतिदिन शराब माफियाओं पर कार्रवाई की जा रही है।

गाजियाबाद में बढ़ते बुखार के कारण छात्र फिर लौटे ऑनलाइन पढ़ाई की ओर

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गाज़ियाबाद जिले मे अनजान बुखार बच्चों कों निशाना बना रहा है. अभिभावकों मे इसको लेकर काफी खौफ का माहौल है इस कारण से अभिभावक चाहते है कि बच्चो की पढाई आनलाइन ही कराई जाये.

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कोरोना की दूसरी लहर अभी थमी ही थी की जनपद में अनजान बुखार ने दस्तक दे दी है. जिस कारण से अभिभावकों में डर का माहौल है. अभिभावकों कों लग रहा है की ये बुखार कोरोना का रूप ना ले ले. इसलिए बच्चों के माता पिता चाहते है कि बच्चों को ऑनलाइन रहकर पढ़ाई कराई जाए. लेकिन कितने स्कूल मे बच्चों की ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था बंद कर दी गयी है और बच्चों कों ऑफलाइन आने के लिए मजबूर किया जा रहा है. इस कारण से अभिभावकों मे रोष है और वह लोग चाहते है कि स्कूल अपनी मनमानी बंद कर बच्चों के जिंदगी से खेलना बंद करे.

बजट कम करने के लिए जीडीए ने सड़क में किया बदलाव, दोबारा बनेगा डीपीआर

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जल्‍द बनाएगा डीपीआर.

GDA News : Ghaziabad Development Authority ने बजट कम होने की वजह से रोड सड़क के डिजाइन में बदलाव किया है. पूर्व में तय नो एक्‍सेस रोड बजाए एक्‍सेस यानी जगह जगह से एंट्री वाली रोड रहेगी.

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  • LAST UPDATED : September 08, 2021, 11:00 IST
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गाजियाबाद. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development) ने पेरिफेरल रोड की योजना में बदलाव किया है. पहले एनपीआर को जीडीए GDA नो एक्सेस डिजाइन कर रहा था. मौजूदा समय जीडीए के पास बजट की कमी है. एनपीआर के बजट को कम करने के लिए अब जीडीए ने नो-एक्सेस रोड को डिजाइन करने की शर्त को हटा दिया है. अब इस सड़क को साधारण रोड के लेवल पर ही बनाया जाएगा. इसका नाम भी जीडीए बदल कर मास्टर प्लान रोड करने की तैयारी में है.
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) राजनगर एक्सटेंशन में गांव भोवापुर से डासना तक एनपीआर के नाम से सड़क बनानी है. मास्टर प्लान 2021 में यह रोड पहले से ही रेखांकित की गई थी. वर्ष 2012 में जब राजनगर एक्सटेंशन का जोनल प्लान किया गया था, तब यह सड़क डिजाइन की गई थी. जीडीए का प्लान था कि करीब बीस किलोमीटर लंबी इस सड़क को मास्टर प्लान 2021 से पहले तैयार की जाए. जीडीए ने इस सड़क को छह लेन और नो- एक्सेस डिजाइन करने का प्लान बनाया था. नो-एक्सेस मतलब कि क यह सड़क जमीन से चार मीटर नि मिट्टी की भराई कर बनानी थी, जिसमें लोग जगह जगह से एंट्री न कर पाएं. अब जीडीए के इंजीनियरिंग विभाग ने नो- एक्सेस डिजाइन की अनिवार्यता हटा दी है.
ऐसे में अब इस सड़क को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा. दो फेज में यह सड़क बनाई जाएगी. पहले फेज में सड़क करीब 12 किलोमीटर बनेगी. सड़क भोवापुर से मेरठ रोड तक बनाई जाएगी. जीडीए के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने इस पर कार्य भी शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि जल्दी ही इसके लिए डीपीआर तैयार होगा और इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा.

HSRP NEWS- अगले महीने से उत्‍तर प्रदेश में हाई सिक्‍योरिटी रजिस्‍ट्रेशन प्‍लेट को लेकर होगी सख्‍ती, जानें कार्रवाई

उत्‍तर प्रदेश में 30 सितंबर के बाद एचएसआरपी न लगी होने पर होगा चालान. सांकेतिक फोटो

HSRP News in UP:  उत्‍तर प्रदेश में अगले माह से high security registration plate (HSRP) को लेकर परिवहन विभाग सख्‍ती बरतने की तैयारी कर रहा है. 30 सितंबर के बाद ऐसे वाहनों का चालान किया जाएगा. इससे पूर्व वाहनों पर नंबर प्‍लेट बदलवा लें.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 08, 2021, 09:58 IST
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गाजियाबाद. अगले माह से उत्‍तर प्रदेश में बगैर high security registration plate (HSRP) वाले वाहनों पर परिवहन विभाग सख्‍ती बरतना शुरू करेगा. परिवहन विभाग का कहना है कि राज्‍य में ज्‍यादातर चीजें खुल चुकी हैं, इसलिए एचएसआरपी को लेकर कार्रवाई शुरू की जाएगी. हालांकि कोरोना से पहले डेडलाइन 15 अप्रैल थी, बाद में इसमें छूट दे दी गई थी. अब परिहवन विभाग दोबारा कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

गाजियाबाद परिवहन विभाग के अनुसार लोग वाहनों में नंबर प्‍लेट लगवाना शुरू कर दें. 30 सितंबर के  बाद ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी. उत्‍तर प्रदेश में वाहनों के अंतिम नंबरों के हिसाब से एचएसआरपी लगाने के आदेश जारी किए थे. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि पूर्व में जारी आदेश के अनुसार ही नंबर प्‍लेट लगवानी है या फिर इसमें किसी तरह का परिवर्तन किया जाएगा. वाहनों पर नंबर प्‍लेट न लगे होने पर 5500 रुपए का चालान का प्रावधान है.

गाजियाबाद आरटीओ के अनुसार अब पहले की तरह की वाहनों के शोरूम खुल गए हैं, हाई सिक्योरिटी रजिस्‍ट्रेशन प्लेट लगाए जाने का काम तेजी के साथ किया जा रहा है. इसलिए वाहन चालक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के साथ ही जल्द से जल्द एचएसआरपी नंबर प्लेट लगवाएं. गाजियाबाद एआरटीओ प्रशासन विश्‍वजीत प्रताप ने बताया कि जिले में कुल 7.77 लाख निजी वाहन रजिस्टर्ड है, इनमें से अभी तक केवल 2.30 लाख वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग सकी हैं. तय डेडलाइन से पहले वाहन चालक एचएसआरपी लगवा लें.

पूर्व में जारी आदेश के अनुसार जानें किस नंबर के वाहन को कब तक लगवानी है नई नंबर प्‍लेट

अंत  में 0 और 1 नंबर प्‍लेट वाले वाहन-  15 जुलाई तक एचएसआरपी और  स्‍टीकर लगवा सकते हैं.

अंत  में 2 और 3 नंबर प्‍लेट वाले वाहन-  15 अक्‍टूबर तक एचएसआरपी और स्‍टीकर लगवा सकते हैं.

अंत  में 4 और 5 नंबर प्‍लेट वाले वाहन-  1 जनवरी 2022 तक एचएसआरपी और स्‍टीकर लगवा सकते हैं.

अंत  में 6 और 7 नंबर प्‍लेट वाले वाहन- 15 अप्रैल 2022 तक एचएसआरपी और स्‍टीकर लगवा सकते हैं.

अंत  में 8 और 9 नंबर प्‍लेट वाले वाहन- 15 जुलाई 2022 तक एचएसआरपी और स्‍टीकर लगवा सकते हैं.

प्रदेश के सभी व्‍यावसायिक वाहनों पर एचएसआरपी और और स्‍टीकर लगवाने  की अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2021 तय कर दी गई है. लेकिन इन वाहनों के लिए अभी नई डेड लाइन नहीं आई है.

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