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गाजियाबाद सामूहिक आत्महत्या: साढ़ू की धोखाधड़ी और बिजनेस में दो करोड़ का घाटा बना वजह!

गाजियाबाद सामूहिक आत्महत्या: साढ़ू की धोखाधड़ी और बिजनेस में दो करोड़ का घाटा बना वजह!

मृतक के भाई ने बताया कि बिजनेस में घाटे और कर्ज के चलते पूरा परिवार अवसाद में था.

Ghaziabad Suicide Case: गुलशन, पत्नी और उसकी बिजनेस पार्टनर ने पहले सो रहे बेटे ऋतिक और बेटी किट्टू का गला रस्सी घोंटा, जब वे निढाल हो गए तो चाकू से दाेनों का गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद घर में पले खरगोश की भी गला मरोड़कर हत्या कर दी.

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गाजियाबाद. जिले के इंदिरापुरम में हुई सामुहिक आत्महत्या की दिल दहलाने वाली घटना में अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि परिवार के मुखिया गुलशन वासुदेव कारोबारी था और उसे बिजनेस में दो करोड़ का नुकसान हुआ था. उसके भाई हरीश ने आरोप लगाया कि गुलशन के साढ़ू राकेश वर्मा ने उसके साथ धोखाधड़ी की. वहीं मृतकों के अपार्टमेंट की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में भी राकेश वर्मा को उनकी मौत का जिम्मेदार बताया गया है. साथ ही कुछ बाउंस हुए चैक भी पुलिस को बरामद हुए हैं.

बिजनेस में घाटा और कर्ज
एसएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि दीवार पर लिखे सुसाइड नोट के मुताबिक यह आत्महत्या का मामला है. परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. व्यापार में काफी घाटा हुआ था और बैंक से कर्ज भी लिया हुआ था जिसे गुलशन नहीं चुका पा रहा था. फिलहाल मामले की पड़ताल की जा रही है.

पहले गला दबाया फिर चाकू से रेत दिया
गुलशन, उसकी पत्नी परवीन वासुदेवा व बिजनेस पार्टनर संजना ने पहले सो रहे बेटे ऋतिक और बेटी किट्टू का गला रस्सी घोंटा, जब वे निढाल हो गए तो चाकू से दाेनों का गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद घर में पले खरगोश की भी गला मरोड़कर हत्या कर दी.

ghaziabad mass suicide
दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में भी साढ़ू राकेश वर्मा को मौत का जिम्मेदार बताया गया है.


दिल्ली का रहने वाला था परिवार
जानकारी के अनुसार मृतक परिवार दिल्ली के झिलमिल इलाके का रहने वाला था. गुलशन वासुदेव का जीन्स का बिजनेस था. करीब डेढ़ महीने पहले ही यह परिवार इंदिरापुरम रहने आया था. शुरुआती जांच में पुलिस को घर से बाउंस चेक बरामद हुए हैं. पुलिस के मुताबिक आर्थिंक तंगी से परेशान परिवार घरेलू कलह से भी जूझ रहा था.

 

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Greater Noida में मॉल, कॉम्प्लेक्स व होटल बनाने का एक और मौका, अथॉरिटी ने पेश की ये खास स्कीम

Greater Noida में मॉल, कॉम्प्लेक्स व होटल बनाने का एक और मौका, अथॉरिटी ने पेश की ये खास स्कीम

Good News: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की दो FAR वाले 9 वाणिज्यिक भूखंडों की योजना लांच की है. कुल 31,328 वर्ग मीटर जमीन का होगा आवंटन, 139 करोड़ से अधिक निवेश होगा. 8 अक्तूबर तक आवेदन डाउनलोड करने व 12 अक्तूबर तक जमा करने की तिथि दी गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 21:15 IST
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हिमांशु शुक्ल,

नोएडा. ग्रेटर नोएडा में मॉल, होटल और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का एक मौका है. प्राधिकरण ने 09 वाणिज्यिक भूखंडों की योजना लांच कर दी है. इस योजना के आवेदन पत्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट से 8 अक्तूबर तक डाउनलोड किए जा सकते हैं. 12 अक्तूबर तक आवेदन पत्र सबमिट करने की अंतिम तिथि है. 25 अक्तूबर को ऑक्शन होगा. इसके जरिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 31,328 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन करेगा और 139 करोड़ से अधिक का निवेश होगा.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्राधिकरण के वाणिज्यिक विभाग ने मॉल, कॉम्प्लेक्स व होटल सहित अन्य वाणिज्यिक उपयोग वाले नौ भूखडों की योजना लांच कर दी है. सेक्टर डेल्टा टू, सेक्टर-36, गामा टू, ईटा वन, पी-4 में दो और पाई वन में तीन भूखंड स्थित हैं. दो एफएआर (Floor Area Ratio) वाले इन भूखंडों की रिजर्व प्राइस 44,250 रुपये प्रति वर्ग मीटर से लेकर 46,190 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक है, जबकि प्लॉट साइज 1200 वर्ग मीटर से लेकर 7455 वर्ग मीटर तक हैं.

भूखंडों की कुल कीमत 139 करोड़ से ज्यादा 

प्राधिकरण इस योजना से 31,328 वर्ग मीटर वाणिज्यिक प्लॉट को आवंटित करेगा. रिवर्ज प्राइस के आधार पर इन भूखंडों की कुल कीमत करीब 139 करोड़ रुपये से अधिक है. हालांकि ऑक्शन में रिजर्व प्राइस से अधिक कीमत लगानी होती है. इस वजह से इन सभी भूखंडों के आवंटन से प्राधिकरण को तय कीमत से अधिक की आमदनी होगी. इन प्लॉटों के आवंटन होने पर मॉल, होटल, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स आदि बनाए जा  सकेंगे. इनके बनने से आसपास के निवासियों को भी सहूलियत हो जाएगी. उनको घर के आसपास शॉपिंग व होटल की सुविधाएं मिल सकेंगी.

प्राधिकरण ने 42 दुकानों व 31 कियोस्क की योजना पहले ही लांच की थी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 42 दुकानों व 31 कियोस्क की योजना लांच कर रखी है. ये दुकानें व ऑफिस सेक्टर गामा वन के कदम्बा एस्टेट, इकोटेक -टू के बीएम मार्केट, स्वर्णनगरी, डेल्टा वन व टू, कासना बस डिपो, अल्फा वन व टू, बीटा टू व बीटा टू शॉपिंग सेंटर में स्थित हैं. जबकि क्योस्क इकोटेक टू, इकोटेक थ्री, पाई वन, टू व थ्री, फाई-चाई, सिग्मा टू के सी व डी ब्लॉक, सेक्टर 37 के ए व सी ब्लॉक और ओमीक्रॉन थ्री के ए व सी ब्लॉक में स्थित हैं. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व एसबीआई के पोर्टल से 04 अक्तूबर तक आवेदन पत्र डाउनलोड किए जा सकते हैं. आवेदन सबमिट करने की अंतिम तिथि 11 अक्तूबर है.

वाणिज्यिक योजना एक नजर में-

प्लॉट/सेक्टर                                 एरिया        रिजर्व प्राइस    कुल कीमत

1-सीएस-23, सेक्टर-डेल्टा टू          1200        46,190          5.54 करोड़

2-एलएस-9, सेक्टर-36                   2356        44250          10.42 करोड़

3-सीएस-16, सेक्टर-गामा टू            2782        46,190        12.85 करोड़

4-सी-02, सेक्टर-ईटा वन                 7455       44,250         32.99 करोड़

5-एलएस-1, सेक्टर-पी-4                  3132       44,250        13.85 करोड़

6-एलएस-2, सेक्टर-पी-4                   3153      44,250        13.95 करोड़

7-सी-1, सेक्टर-पाई वन                     2500      44,250        11.06 करोड़

8-सी-2-सेक्टर -पाई वन                    4374       44,250        19.35 करोड़

9-सी-3-सेक्टर पाई वन                      4376      44,250       19.36 करोड़

दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अब बदलेगा OPD का समय, अटेंडेंट्स को मिलेगा सिर्फ 10 रुपये में खाना

दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अब बदलेगा OPD का समय, अटेंडेंट्स को मिलेगा सिर्फ 10 रुपये में खाना

केजरीवाल सरकार एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) में इलाज करा रहे लोगों को बेहतरीन सुविधाएं देने की कोशिश में एक और कदम उठाने जा रही है. एलएनजेपी अस्पताल के रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने अस्पताल प्रशासन को ओपीडी का समय बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक मरीज दिखा सकें.

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नई दिल्ली. केजरीवाल सरकार एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल एलएनजेपी अस्पताल (LNJP Hospital) में इलाज करा रहे लोगों को बेहतरीन सुविधाएं देने की कोशिश में एक और कदम उठाने जा रही है. एलएनजेपी अस्पताल के रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने अस्पताल प्रशासन को ओपीडी का समय बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक मरीज दिखा सकें. इसके साथ ही चड्ढा ने मरीजों के परिजनों को 10 रुपये की दर से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के पायलट प्रोजेक्ट की स्वीकृति लेने के निर्देश दिए. बता दें कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रख कर एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी टाइमिंग में बदलाव किया था.

दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पताल एलएनजेपी के रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष राघव चड्ढा ने गुरुवार को सभी एचओडी के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें मरीजों की उचित देखभाल और अस्पताल के संचालन को सुव्यवस्थित करने पर चर्चा की गई. बैठक के दौरान विभिन्न एजेंडे वर्तमान बिस्तर उपलब्धता की स्थिति, मशीन खरीद, कोविड की तीसरी लहर के लिए तैयारी, बुनियादी ढांचे के विकास की स्थिति आदि पर विस्तार से चर्चा की गई.

एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली सरकार, ओपीडी समय में बदलाव, 10 रुपये में मिलेगा खाना, मरीज, परिजनों को मिलेगा खाना, राघव चड्ढा, लोक नायक अस्पताल, दिल्ली,  LNJP HOSPItal, delhi government, OPD Time Table, food, raghav chadha, arvind kejriwal  चड्ढा ने मरीजों के परिजनों को 10 रुपये की दर से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के पायलट प्रोजेक्ट की स्वीकृति लेने के निर्देश दिए.

चड्ढा ने मरीजों के परिजनों को 10 रुपये की दर से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के पायलट प्रोजेक्ट की स्वीकृति लेने के निर्देश दिए.

एलएनजेपी अस्पताल के OPD का समय बदलेगा!
राघव चड्ढा ने इस दौरान अधिकारियों को डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए समय बचाने के लिए वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती करने का निर्देश दिया. इससे डॉक्टर और कर्मचारियों के अधिक संख्या में होने से मौजूदा लोगों पर दबाव कम होगा और कार्यों को सुचारू रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी.

10 रुपये में मिलेगा अब मरीज के परिजनों को खाना
मरीजों के परिजनों के लिए प्रतीक्षालय की आवश्यकता को भी महसूस किया गया. चड्ढा ने कहा कि प्रतीक्षालय मरीजों के परिजनों को शांति और आराम प्रदान करते हैं, क्योंकि वे उनकी मनोस्थिति को ध्यान में रखते हुए बनाए जाते हैं.

कोरोना की तीसरी लहर की ये है तैयारी
बैठक में अस्पताल में मशीनरी की आवश्यकता पर चर्चा की गई. एमडी द्वारा बताया गया कि वेंटिलेटर के लिए एक्सटर्नल कंप्रेसर, इनफेंट वार्मर, पीने योग्य अल्ट्रासाउंड सीआर सिस्टम, एबीजी एनालाइजर आदि उपकरण पहले ही खरीदे जा चुके हैं. इसके बाद राघव चड्ढा ने एक्स-रे मशीनों की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की. उन्होंने पूछा कि वे सभी काम कर रहे हैं या नहीं. बैठक के दौरान सीटी स्कैनर और डिजिटल रेडियोलॉजी की खरीद की अंतिम समय सीमा पर भी चर्चा की गई.

बैठक में अस्पताल में मशीनरी की आवश्यकता पर चर्चा की गई. एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली सरकार, ओपीडी समय में बदलाव, 10 रुपये में मिलेगा खाना, मरीज, परिजनों को मिलेगा खाना, राघव चड्ढा, लोक नायक अस्पताल, दिल्ली, LNJP HOSPItal, delhi government, OPD Time Table, food, raghav chadha, arvind kejriwal

बैठक में अस्पताल में मशीनरी की आवश्यकता पर चर्चा की गई.

क्या दूसरी लहर की गलतियों से सीख लेगा अस्पताल प्रशासन?
राघव चड्ढा ने ईसीएमओ मशीन की आवश्यकता पर बल देते हुए इसकी खरीद की योजना के बारे में जानकारी मांगी. इसके अलावा समयबद्ध तरीके से खरीद प्रक्रिया के पूरा करने के निर्देश दिए. एक्स्ट्राकोर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन (ईसीएमओ) उन मरीजों को लंबे समय तक हृदय और श्वसन सहायता प्रदान करने की एक अतिरिक्त तकनीक है, जिनके हृदय और फेफड़े पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचाने में असमर्थ हैं.

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राघव चड्ढा ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में पर्याप्त ऑक्सीजन उत्पादन सुविधा सुनिश्चित की जाए, ताकि तीसरी लहर आने पर ऑक्सीजन की कमी न हो.

Northern Railway Recruitment 2021: उत्तर रेलवे में 10वीं पास के लिए नौकरी, इस डेट से शुरू होगा आवेदन

Northern Railway Recruitment 2021: उत्तर रेलवे में 10वीं पास के लिए नौकरी, इस डेट से शुरू होगा आवेदन

Northern Railway Recruitment 2021: उत्तर रेलवे की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इन 3093 पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10 वीं पास होना चाहिए. इसके अलावा अभ्यर्थी के पास आईटीआई की डिग्री अनिवार्य रूप से होनी चाहिए.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 20:48 IST
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नई दिल्ली. Northern Railway Recruitment 2021: 10वीं पास युवाओं के पास रेलवे में नौकरी का सुनहरा अवसर है. यह भर्ती, उत्तर रेलवे (Northern Railway) लाजपत नगर, नई दिल्ली द्वारा निकाली गई है. उत्तर रेलवे ने नोटिफिकेशन जारी करके 3093 पदों पर अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकाली है. इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट rrcnr.org पर विजिट करके ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू होगी जबकि आवेदन करने की लास्ट डेट 20 अक्टूबर है.

बता दें कि उत्तर रेलवे की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इन 3093 पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से 10 वीं पास होना चाहिए. इसके अलावा अभ्यर्थी के पास आईटीआई की डिग्री अनिवार्य रूप से होनी चाहिए. इसके साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने के पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें.

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Northern Railway Recruitment 2021: इन तारीखों का रखें ध्यान

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की डेट – 20 सितंबर
  • ऑनलाइन आवेदन करने की लास्ट डेट – 20 अक्टूबर
  • ऑनलाइन आवेदन करने की योग्यता – 10वीं पास
  • ऑनलाइन आवेदन करने की अनिवार्य योग्यता – आईटीआई

Delhi Police: पांच राज्‍यों में हो रही थी अवैध हथ‍ियारों की सप्‍लाई, स्‍पेशल सेल ने ऐसे पकड़ा

Delhi Police: पांच राज्‍यों में हो रही थी अवैध हथ‍ियारों की सप्‍लाई, स्‍पेशल सेल ने ऐसे पकड़ा

Delhi Police: द‍िल्‍ली पुल‍िस की स्‍पेशल सेल ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ क‍िया है. इस गैंग के सदस्य 5 राज्यों में फैले हुए थे. स्‍पेशल ने गैंग के दो सदस्यों को ISBT आनंद विहार से गिरफ्तार किया है. उनके पास से 15 अवैध पिस्तौल और 40 कारतूस बरामद हुई हैं.

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नई दिल्ली. राजधानी द‍िल्‍ली में अवैध हथ‍ियारों (Illegal firearms) की तस्‍करी का गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है. इस पर श‍िकंजा कसने के ल‍िए द‍िल्‍ली पुल‍िस (Delhi Police) भी पूरी तरह से मुस्‍तैद है. द‍िल्‍ली पुल‍िस की स्‍पेशल सेल (Special Cell) ने अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ क‍िया है. इस गैंग के सदस्य 5 राज्यों में फैले हुए थे.

स्‍पेशल ने गैंग के दो सदस्यों को आईएसबीटी आनंद विहार (ISBT Anand Vihar) से गिरफ्तार किया है. उनके पास से 15 अवैध पिस्तौल और 40 पिस्तौल बरामद हुई हैं. आरोपियों की पहचान अलीगढ़ निवासी शिवम शर्मा और कृष्ण कुमार के रूप में की गई है. इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की नई धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है जिसमें कम से कम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है.

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स्‍पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गैंग को लेकर टीम काम कर रही थी. इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम को सूचना मिली कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से हथियार लेकर दो तस्कर आनंद विहार (Anand Vihar) इलाके में आएंगे. वह अपने कॉन्टेक्ट को हथियार देने के लिए आएंगे.

इस जानकारी पर पुलिस टीम ने आनंद विहार बस अड्डे पर छापा मारकर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से 15 पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद हुए. इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25.8 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस धारा के तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है.

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पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बुरहानपुर (Burhanpur)से वह हथियार लेकर आये थे. इसे वह दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के बदमाशों को सप्लाई कर रहे थे. इसके अलावा यूपी, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में भी वह बीते 4 साल से हथियार सप्लाई करते थे.

आरोपियों ने बताया कि वह 7 हजार रुपये में सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल और 1,000 रुपये में सिंगल शॉट पिस्तौल खरीदते थे. सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल वह 25 हजार रुपये में बेचता था, जबकि सिंगल शॉट पिस्तौल को वह 4,000 रुपये में बेचता था. शिवम के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और चोरी का मामला यूपी में दर्ज है.

अजय माकन ने बताया कब होगा गहलोत कैबिनेट का विस्तार, 'पायलट का मसला हमारे लेवल से बाहर'

अजय माकन ने बताया कब होगा गहलोत कैबिनेट का विस्तार, 'पायलट का मसला हमारे लेवल से बाहर'

Rajasthan Cabinet Expansion: प्रदेश प्रभारी अजय माकन (Ajay Maken) ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की खराब तबीयत की वजह से लगा कैबिनेट विस्तार पर ब्रेक. सचिन पायलट (Sachin Pilot) का क्या करना है, ये हमारे लेवल से बाहर है.

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दिल्ली/जयपुर. कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन (Ajay Maken) ने गहलोत कैबिनेट विस्तार (Ashok Gehlot Cabinet Expansion) पर बड़ा बयान दिया है. अजय माकन ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तबीयत ठीक रहती तो कैबिनेट का विस्तार हो गया होता. विधानसभा सत्र से पहले ही कैबिनेट विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियां हो जातीं. फिलहाल, इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. सीएम अशोक गहलोत की तबीयत ठीक होने के बाद भी कुछ फैसला लिया जाएगा. माकन ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) को लेकर भी बड़ी बात कही.

माकन ने कहा कि सचिन पायलट का राष्ट्रीय स्तर पर क्या करना है, ये हमारे लेवल से बाहर है. ये सोनिया गांधी तय करेंगी. राज्य स्तर पर क्या करना है, वो हम कर देंगे. इशारों में अजय माकन ने कहा,’सब तय है.  पूरा रोडमैप तैयार है. कब क्या करना है, कैसे करना है. अगर मुख्यमंत्री गहलोत की तबीयत ठीक होती तो अब तक कैबिनेट विस्तार हो गया होता. बस उनके ठीक होने का इंतजार है’. उन्होंने कहा कि कन्हैया या मेवानी की मुलाकात या उनके पार्टी में शामिल होने पर कोई जानकारी नहीं है.
कैबिनेट विस्तार के बाद घोषित हो सकते हैं जिला अध्यक्ष

माकन का कहना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की जाएगी. बोर्ड और कॉर्पोरेशन में भी नियुक्तियां होंगी. माकन बोले- पूरा लाइन ऑफ एक्शन तय किया जा चुका है.

PHOTOS: राजा भैया और वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह आपस में हैं रिश्तेदार, जानिए दोनों राजघरानों का कनेक्शन

परफॉर्मेंस रिपोर्ट की गई थी तलब
गहलोत कैबिनेट के विस्तार की चर्चाओं के बीच माना जा रहा था कि कुछ मंत्रियों पर गाज गिर सकती है. इतना ही नहीं मंत्रियों के विभाग बदलने की भी अटकलें थी. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट (Performance Reports) तलब की थी. कैबिनेट सचिवालय और प्रशासनिक सुधार विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भेजने की भी चर्चा थी. यह सारी कवायद सियासी संकट से पार पाने और गहलोत-पायलट गुट के नये मंत्रियों को बराबर-बराबर एडजस्ट करने के लिए मानी जा रही है. सूत्रों बताते हैं कि, इस प्रक्रिया में कुछ मंत्रियों को हटाया जा सकता है, जबकि कुछ मंत्रियों को अतिरिक्त प्रभार की जिम्‍मेदारियों से मुक्‍त किया जा सकता है.

दिल्‍ली AIIMS में मरीजों को राहत, नहीं देना होगा वाहन पार्किंग शुल्‍क

दिल्‍ली AIIMS में मरीजों को राहत, नहीं देना होगा वाहन पार्किंग शुल्‍क

हाल ही में दिल्‍ली एम्‍स में कुछ लोगों ने पार्किंग शुल्‍क पर 20 फीसदी जीएसटी लेने की शिकायत की थी. हालांकि एम्‍स प्रशासन का कहना है कि अभी अस्‍थाई रूप से वाहन पार्किंग को निशुल्‍क किया गया है.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 19:11 IST
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नई दिल्‍ली. ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (Aiims) दिल्‍ली में मरीजों के परिजनों को राहत मिल गई है. मरीजों के साथ एम्‍स आने वाले लोगों को अब कार या बाइक पार्क करने पर शुल्‍क नहीं देना होगा. हालांकि यह व्‍यवस्‍था अस्‍थाई समय के लिए की गई है. अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग (Parking) का टेंडर होने के बाद यहां बाइक या गाड़ी पार्क करने पर शुल्‍क लागू किया जाएगा.

ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में डिप्‍टी चीफ सिक्‍योरिटी ऑफिसर आर एस रावत ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में कहा कि अस्‍पताल में टेंडर को लेकर कार्रवाई चल रही है. ऐसे में एम्‍स की पार्किंग बुधवार यानि 15 सितंबर से एम्‍स सिक्‍योरिटी (Aiims Security) के पास आ गई है और इसे सभी के लिए शुल्‍क मुक्‍त कर दिया गया है. यहां गाड़ी खड़ी करने वाले किसी भी व्‍यक्ति से शुल्‍क नहीं लिया जा रहा है. हालांकि यह व्‍यवस्‍था अस्‍थाई समय के लिए है. जैसे ही एम्‍स को पार्किंग के लिए नया कॉन्‍ट्रेक्‍टर मिल जाएगा यह पार्किंग उसे सौंप दी जाएगी. अभी तक यह पार्किंग आउटसोर्स से आए ठेकेदार के पास थी.

शुल्‍क में गड़बड़ी पर तत्‍काल करें शिकायत

हाल ही में एम्‍स की पार्किंग में शुल्‍क पर जीएसटी (GST) लेने के दौरान कुछ पैसे अतिरिक्‍त लेने को लेकर लोगों ने विरोध जताया था. जिस पर रावत ने कहा कि पार्किंग के लिए कोई जीएसटी नहीं लिया जा रहा है और न ही कोई ठेकेदार ऐसे अतिरिक्‍त शुल्‍क की वसूली कर सकता है. हाईकोर्ट के पार्किंग शुल्‍क को लेकर भी सख्‍त आदेश आए हैं. पार्किंग शुल्‍क घंटों के हिसाब से तय होता है.

ऐसे में अगर पार्किंग में कोई अतिरिक्‍त शुल्‍क वसूली करता है तो इसकी शिकायत एम्‍स प्रशासन में की जा सकती है. लोग इसकी शिकायत डायरेक्‍टर एम्‍स से करने के साथ ही सिक्‍योरिटी दफ्तर में कर सकते हैं. दोषी के खिलाफ कदम उठाया जाएगा.

दिल्‍ली में 1 अक्‍टूबर से निजी दुकानों पर नहीं मिलेगी शराब, 17 नवंबर से लागू होगी नई एक्साइज पॉलिसी

दिल्‍ली में 1 अक्‍टूबर से निजी दुकानों पर नहीं मिलेगी शराब, 17 नवंबर से लागू होगी नई एक्साइज पॉलिसी

Delhi New Excise Policy: द‍िल्‍ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत 1 अक्‍टूबर से शराब की प्राइवेट दुकानें बंद कर दी जाएंगी. इनकी जगह नए स‍िरे से प्राइवेट वेंडर्स को लाईसेंस जारी होंगे. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि नई नीति से सरकार को करीब 10000 करोड़ रुपए मिलेंगे.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 18:19 IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति (New Excise Policy) लागू करने की कवायद तेज कर दी है. इसके तहत 1 अक्‍टूबर से शराब की सभी प्राइवेट दुकानें बंद कर दी जाएंगी. वहीं, निजी वेंडरों द्वारा शराब की खुदरा बिक्री के लिए नया लाइसेंस 17 नवंबर से अमल में आ जाएगा. इसके साथ ही सरकार खुदरा शराब करोबार से निकल जाएगी. बता दें कि राजधानी में कुल 850 खुदरा शराब दुकानों (Liquor Shops) में से 60 फीसद दुकानें दिल्ली सरकार की एजेंसियों द्वारा संचालित हैं. यहां शराब खरीदने का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहता है. इसी वजह से सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि पुरानी नीति के तहत बिक्री की जा रही शराब के दुकानों को धीरे-धीरे वाइंड अप किया जाएगा.

इसके अलावा मनीष सिसोदिया ने कहा कि नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटकर लाइसेंस आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इससे दिल्‍ली सरकार को करीब दस हजार करोड़ का फायदा होगा. जबकि इससे पहले दिल्‍ली सरकार के आबकारी विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 2021-22 के लिए पुराने आबकारी लाइसेंस से नए लाइसेंस की नीति की ओर सुगम बदलाव और शराब की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी होलसेल लाइसेंस 30 सितम्बर के बाद 16 नवंबर (अर्थात नई आबकारी नीति के तहत नए लाइसेंस के साथ कारोबार शुरू करने की तारीख से एक दिन पहले) तक मान्य रहेंगे. वहीं, आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अवधि के दौरान खुदरा बिक्री के लिए भी शराब की सभी सरकारी दुकानें चलती रहेंगी.

सरकार ने बढ़ाई लाइसेंस की अवधि
इसके अलावा आदेश में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति 2021-22 को मंजूरी दी है, जिसके तहत नए रिटेल लाइसेंस 17 नवंबर से शुरू होंगे. वहीं, दिल्‍ली सरकार ने शराब परोसने वाले होटलों, क्लबों और रेस्तराओं में भी लाइसेंस की अवधि बढ़ा दी है. आदेश में कहा गया है कि सभी एचसीआर (होटल, क्लब, रेस्तरां) के लाइसेंस अपने परिसर में शराब परोसने के लिए 30 सितंबर 2021 के बाद 16 नवंबर 2021 तक जारी रहेंगे.

नई आबकारी नीति से सरकार को होगा बड़ा फायदा
सरकारी शराब की दुकानें निजी दुकानों की तुलना में कम राजस्व देती हैं. नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 खुदरा जोन में बांटा गया है, जिनमें से 20 की नीलामी हो चुकी है. पिछले महीने सरकार ने इन 20 खुदरा जोन के लिए निकाले गए ड्रॉ के शुरुआती राउंड से कम से कम 5300 करोड़ रुपए कमाए हैं. बाकी 12 जोन की नीलामी प्रक्रिया जारी है. एक सूत्र ने बताया कि इनकी बोली अगले सप्ताह लगने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक, नई आबकारी नीति से सरकार के रेवेन्यू में 20 फीसद तक बढ़ोतरी होगी.

Dengue Fever: क्‍या यूपी-बिहार में कोरोना जितना गंभीर हो गया है डेंगू, बढ़ते मामलों पर ये बोले विशेषज्ञ

Dengue Fever: क्‍या यूपी-बिहार में कोरोना जितना गंभीर हो गया है डेंगू, बढ़ते मामलों पर ये बोले विशेषज्ञ

Dengue fever: देश के कई राज्‍यों में डेंगू कहर बरपा रहा है. यूपी, एमपी, बिहार, हरियाणा, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्‍यों में डेंगू के मरीजों बढ़ने के साथ ही इससे अभी तक 100 से ज्‍यादा बच्‍चों की मौत हो चुकी है. बीमारी के कहर के कारण डेंगू के मरीजों के लिए अब कोविड डेडिकेटेड सुविधाओं को इस्‍तेमाल किया जा रहा है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना के घटते मामलों से जहां देश को राहत मिल रही है वहीं मौसमी बीमारियों ने एकाएक पैर पसार लिए हैं. यूपी, बिहार, मध्‍य प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्‍यों में बड़ी संख्‍या में बच्‍चे और बड़े डेंगू (Dengue) और वायरल फीवर (viral Fever) की चपेट में आ रहे हैं. इन राज्‍यों में अभी तक 100 से ज्‍यादा बच्‍चों की मौत इन मौसमी बीमारियों से हो चुकी है. ऐसे में इन मौसमी बीमारियों के भी कोरोना (Covid-19) की तरह गंभीर होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं.

यूपी के कई जिलों खासकर मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ और प्रयागराज आदि में डेंगू और वायरल फीवर के मरीजों के साथ ही मृतकों की संख्‍या भी बढ़ रही है. इन मामलों को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार देश में डेंगू काफी खतरनाक स्थिति में है. आईसीएमआर की ओर से भी कहा गया है कि इस बार डेंगू के डीटू स्‍ट्रेन (D2 Strain) के चलते मौतें ज्‍यादा हो रही हैं. यह डेंगू का खतरनाक स्‍ट्रेन है. वहीं वायरल फीवर के अलावा स्‍क्रब टाइफस (Scrub-Typhus) और लैप्‍टोस्‍पाइरोसिस जैसी नई बीमारी भी फैल रही है.

लहर की तरह आता है डेंगू-चिकनगुनिया  

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में ऑपरेशनल रिसर्च ग्रुप ऑफ द नेशनल टास्‍क  फोर्स फॉर कोविड-19 डॉ. नरेंद्र कुमार अरोड़ा कहते हैं कि डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां लहर की तरह आती हैं. यह लहर तीन से चार साल में भी आ सकती है, उससे ज्‍यादा भी समय ले सकती है. 2017-18 के बाद 2021 में इस बार डेंगू के मामले तेजी से बढ़े हैं और मौतें भी हुई हैं. डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि डेंगू इस बार ज्‍यादा असर कर रहा है लेकिन राज्‍यों में जिला स्‍तर पर कोविड के मरीजों के लिए की गई व्‍यवस्‍थाएं आज अस्पतालों में मौजूद हैं. पिछले सालों के मुकाबले इस बार स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ज्‍यादा मजबूत स्थिति में है. ऐसे में डेंगू पर नियंत्रण पाया जा सकता है. हालांकि लोगों को अपने स्‍तर पर भी मच्‍छरों से बचाव और डेंगू की चपेट में आने से बचने के अलावा इससे प्रभावित होने पर तत्‍काल इलाज के लिए जाना होगा.

कोविड इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर, बेड का हो रहा इस्‍तेमाल

मथुरा जिला महामारी विज्ञानी डॉ. हिमांशु मिश्र ने बताया कि डेंगू से निपटने के लिए जिला अस्‍पतालों में मच्‍छरदानी के साथ बेड की व्‍यवस्‍थाएं की गई है. कोरोना के दौरान राज्‍य सरकार की ओर से सभी जिलों में इंटीग्रटेड कोविड कमांड सेंटर्स (ICCC) बनाए गए थे. ये मुख्‍य रूप ये हेल्‍पलाइन सेंटर्स थे जहां कोविड के मामलों को रिपोर्ट करने पर जिला स्‍तर से एंबुलेंस आदि की सुविधा दी जाती थी. अब कोविड के मामले तो न के बराबर हैं. ऐसे में आईसीसीसी को डेंगू या वायरल फीवर के लिए हेलप्‍लाइन सेंटर (Helpline Center) के रूप में इस्‍तेमाल किया जा रहा है. यहां तक कि कोई भी व्‍यक्ति सामान्‍य बुखार (Fever) को लेकर भी यहां फोन कर सकता है.

डॉ. मिश्र कहते हैं कि इसके अलावा कोविड मरीजों के लिए बनाए गए कोविड डेडिकेटेड बेड्स (Covid Dedicated Beds) को भी डेंगू के मरीजों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है. वहीं कोविड को लेकर बने आईसीयू बेड (ICU Bed) या पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (PICU) को भी मथुरा की तरह सभी जिलों में जहां मौसमी बीमारियों के मरीज सामने आ रहे हैं, इस्‍तेमाल किया जा रहा है. फिलहाल डेंगू या वायरल फीवर से निपटने के लिए सुविधाओं या स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों की कमी नहीं है.

 कोविड जितना भयंकर नहीं है डेंगू

आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू फीवर को लेकर नोडल अधिकारी बनाए गए प्रोफेसर मृदुल चतुर्वेदी का कहना है कि पिछले 10-15 सालों के बाद यूपी में डेंगू के इतने मामले सामने आए हैं और इसकी वजह भी डीटू स्‍ट्रेन बताई जा रही है. 90 के दशक में दिल्‍ली में कुछ केस डीटू स्‍ट्रेन के मिले थे लेकिन यहां यह स्‍ट्रेन नहीं मिलता था और ऐसे में डेंगू से मौतें भी कम होती थीं. इस बार मरीज बढ़ रहे हैं. एसएन में आसपास के जिलों जैसे शिकोहाबाद, एटा, इटावा, मैनपुर से रोजाना आधा दर्जन मामले गंभीर डेंगू मरीजों के आ रहे हैं. ये या तो रैफर किए हुए केस होते हैं या डेंगू के शॉक सिंड्रोम या हैमरेजिक स्थिति में पहुंच चुके मरीज होते हैं. हालांकि इसके बावजदू हालात काबू में हैं. मेडिकल कॉलेज हों या राज्यों के सरकारी अस्पताल इनमें पिछले साल से कोविड मैनेजमेंट में लगे मेडिकल उपकरण, बेड, आईसीयू सुविधाएं, डॉक्टर्स और स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारी लगे हैं.

Heavy Rain: दिल्ली में गुरुवार तक 1159.4 MM बारिश, 57 साल में सर्वाधिक वर्षा का बना रिकॉर्ड

Heavy Rain: दिल्ली में गुरुवार तक 1159.4 MM बारिश, 57 साल में सर्वाधिक वर्षा का बना रिकॉर्ड

Delhi Weather Update: दिल्ली में मानसून में सामान्य तौर पर 653.6 मिलीमीटर बारिश होती है. पिछले साल राजधानी में 648.9 मिली बारिश हुई थी. एक जून को मानसून शुरू होता है, तब से लेकर 15 सितंबर तक शहर सामान्य बारिश दर्ज की जाती है. मानसून 25 सितंबर तक लौटता है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 17:46 IST
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नयी दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में इस बार बारिश रिकॉर्ड बनाने जा रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बेहतर मानसून के कारण दिल्ली में गुरुवार को दोपहर तक 1159.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो 1964 के बाद से सबसे अधिक और अब तक की तीसरी सर्वाधिक बारिश है. साथ ही, दिल्ली में सितंबर में हुई बारिश ने 400 मिमी के निशान को पार कर लिया है. गुरुवार को दोपहर तक हुई 403 मिमी बारिश सितंबर 1944 में 417.3 मिमी के बाद से इस महीने में हुई सबसे अधिक वर्षा है.

मौसम विभाग की मानें तो ये आंकड़े बदल भी सकते हैं क्योंकि आज दिनभर और बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्षा ऋतु के जाते-जाते यह दिल्ली में दूसरी सबसे ज्यादा मॉनसून की बारिश हो सकती है. सामान्य तौर पर, दिल्ली में मानसून के मौसम में 653.6 मिलीमीटर बारिश होती है. पिछले साल राजधानी में 648.9 मिली बारिश हुई थी.

इस बार सामान्य से दोगुनी बारिश 

एक जून को जब मानसून शुरू होता है, तब से 15 सितंबर के बीच शहर में सामान्य तौर पर 614.3 मिमी बारिश होती है. दिल्ली से मॉनसून 25 सितंबर तक लौटता है. IMD के मुताबिक, शहर के लिए आधिकारिक मानी जाने वाली सफदरजंग वेधशाला का कहना है कि शहर में गुरुवार को दोपहर तक इस मौसम की 1159.4 मिमी बारिश हो चुकी है. 1975 में 1,155.6 मिमी और 1964 में 1190.9 मिमी बारिश हुई थी.

अब तक की सर्वाधिक बारिश 1933 में हुई थी

IMD के मुताबिक, अब तक की सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 1933 में हुई 1,420.3 मिमी वर्षा का है. इससे पहले, सुबह मौसम विभाग ने दिल्ली में दिन में मध्यम बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था. शुक्रवार को हल्की बारिश की संभावना है. एक निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, “23-24 सितंबर तक बारिश बीच-बीच में होती रहेगी, जिसका मतलब है कि मानसून समाप्त होने तक, दिल्ली के नाम अब तक दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला मानसून दर्ज हो सकता है.”

दो दशक तीसरी बार है, जब बारिश 1 हजार मिमी के निशान पर पहुंचीं

पिछले दो दशकों में यह केवल तीसरी बार है जब दिल्ली में मानसून की बारिश ने 1000 मिमी के निशान को पार किया है. दिल्ली में 2011, 2012, 2013, 2014 और 2015 में क्रमश: 636 मिमी, 544 मिमी, 876 मिमी, 370.8 मिमी और 505.5 मिमी वर्षा हुई. IMD के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 524.7 मिमी; 2017 में 641.3 मिमी; 2018 में 762.6 मिमी; 2019 में 404.3 मिमी और 2020 में 576.5 मिमी बारिश दर्ज की गई,

दिल्ली : बारिश के कारण कई इलाकों में यातायात प्रभावित

राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को हुई भारी बारिश के परिणामस्वरूप शहर के कई हिस्सों में जलभराव होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है. लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, महरौली-बदरपुर रोड, आनंद पर्वत, जखीरा अंडरपास, नांगलोई, मुंडका, उत्तम नगर, रोहतक रोड, संगम विहार, डाबरी, सीतापुरी, कृष्णा नगर, मधु विहार, छतरपुर, बादली और किराड़ी जैसे इलाकों में जलभराव की सूचना मिली.

यातायात पुलिस को जलभराव के कारण दक्षिणी दिल्ली के महरौली-बदरपुर रोड पर पुल प्रह्लादपुर अंडरपास को बंद करना पड़ा. दिल्ली में भारी बारिश के कारण कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, इसके मद्देनजर यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया पर परामर्श जारी कर यात्रियों से ऐसी सड़कों से बचने को कहा. दिल्ली की यातायात पुलिस ने ट्वीट किया, “जलभराव के कारण नांगलोई फ्लाईओवर से मुंडका (दोनों कैरिजवे) की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित है.’’

(भाषा से इनपुट के साथ)

J&K के EX-MLC वजीर का शव फिल्म ‘दृश्यम’ की स्टाइल में मेट्रो के पास फेंकने का था प्लान: खुलासा

J&K के EX-MLC वजीर का शव फिल्म ‘दृश्यम’ की स्टाइल में मेट्रो के पास फेंकने का था प्लान: खुलासा

Trilochan Singh Wazir Murder Case: जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के पूर्व सदस्य त्रिलोचन सिंह वजीर (67) की हत्या के मामले में डीसीपी गौतम ने कहा कि हत्यारों की योजना 'दृश्यम' फिल्म पर आधारित थी. वे झूठे सबूत बनाना और पुलिस को डायवर्ट करना चाहते थे.

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  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 16:46 IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर विधान परिषद के पूर्व सदस्य और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर (Trilochan Singh Wazir-67) की हत्या के मामले (Murder Case) की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है. पुलिस ने बताया कि चारों आरोपी (मलयालम से बनी) बॉलीवुड फिल्म ‘दृश्यम’ से प्रेरित थे. हत्यारे वजीर का शव अपार्टमेंट से हटाकर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे या मेट्रो स्टेशन के नजदीक फेंकना चाहते थे. बसई दारापुर के एक अपार्टमेंट से वजीर का क्षत-विक्षत शव बरामद होने के कुछ दिनों बाद, पुलिस ने हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में जम्मू से दो लोगों को गिरफ्तार किया.

दो प्रमुख संदिग्ध- ट्रांसपोर्टर हरमीत सिंह और ऑनलाइन समाचार पोर्टल के लिए काम करने वाला वज़ीर का दोस्त हरप्रीत सिंह खालसा फरार है. पश्चिम जिला पुलिस ने एक आरोपी की पहचान जम्मू के राजिंदर सिंह (33) के रूप में की है. पूछताछ के दौरान, सिंह ने कहा कि वह एक टैक्सी चालक है और वह 2 सितंबर को वजीर को जम्मू से दिल्ली लेकर आया था. वजीर को कनाडा के लिए उड़ान पकड़नी थी, लेकिन मुख्य आरोपी ने उसे मारने की योजना बनाई थी.

DCP (पश्चिम) प्रशांत गौतम ने कहा, “खालसा ने सिंह को बंदूक सौंपी थी, जिसने वजीर को मार डाला. वह वृद्ध व्यक्ति पहले से ही बेहोश था क्योंकि उन लोगों ने उसके भोजन में नशीला पदार्थ मिला दिया था. उसे गोली मारने के बाद, उनलोगों ने शव मेट्रो स्टेशन या हवाई अड्डे पर फेंकने की योजना बनाई थी और ये इन जगहों पर गये भी, लेकिन अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सके.” राजिंदर ने यह भी खुलासा किया कि वे लोग जून से हत्या की योजना बना रहे थे.

हत्या और उसके बाद शव को ठिकाने लगाने का आइडिया दृश्यम से प्रेरित 

डीसीपी गौतम ने कहा, “उनकी योजना ‘दृश्यम’ फिल्म पर आधारित थी और वे झूठे सबूत बनाना और पुलिस को डायवर्ट करना चाहते थे. हालांकि, उनकी योजना काम नहीं आई और वे सभी हत्या के बाद घर से भाग गए.” पुलिस ने कहा कि सिंह और खालसा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद राजिंदर की पहचान की गई थी. इसके बाद उसे मंगलवार को ससुराल से दबोचा गया था. वजीर की मौत के बारे में 9 सितंबर को मध्य प्रदेश में एक अज्ञात नंबर से पुलिस को फोन आया था. फोन करने वाले ने पुलिस को बताया था कि रमेश नगर मेट्रो स्टेशन पर एक लाश पड़ी थी. पुलिस को काफी तलाशी के बाद अपार्टमेंट में वजीर का शव मिला था. पुलिस ने कहा कि खालसा और राजिंदर सहपाठी थे.

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