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गाजियाबाद नगर निगम अब इन परिवारों को देगा हाउस टैक्‍स में छूट

गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण से मरने वाले परिवारवालों को चालू वित्त वर्ष का हाउस टैक्स नहीं जमा करना पड़ेगा.

गाजियाबाद में कोरोना संक्रमण से मरने वाले परिवारवालों को चालू वित्त वर्ष का हाउस टैक्स नहीं जमा करना पड़ेगा.

Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के परिवारवालों को चालू वित्त वर्ष का हाउस टैक्स (House Tax) नहीं जमा करना पड़ेगा.

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गाजियाबाद. कोरोना काल में जिन परिवारों के मुखिया की कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण से मौत हो गई थी, ऐसे परिवारवालों को अब गाजियााद नगर निगम (Ghaziabad Nagar Nigam) राहत देने जा रहा है. गाजियाबाद नगर निगम ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के परिवारवालों को चालू वित्त वर्ष का हाउस टैक्स (House Tax) नहीं जमा करना पड़ेगा. तकरीबन दो महीने पहले भी नगर निगम ने बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित किया था, लेकिन जिले के कई जगहों से यह शिकायत मिल रही थी कि नगर निगम के अधिकारी पीड़ित परिवार से अब भी हाउस टैक्स वसूल रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर से नगर निगम ने साफ कर दिया है कि मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाने के बाद अब वैसे परिवारों को हाउस टैक्स से छूट दिया जाएगा, जिनके परिवार की मुखिया की कोरोना से मौत हो गई थी.

इन परिवारों को मिलेगा यह फायदा
बता दें कि सामान्‍य लोगों को वित्तीय वर्ष 2021-22 का हाउस टैक्‍स 15 फीसदी वृद्धि के साथ जमा कराना होगा. इस बीच कुछ दिनों से गाजियाबाद नगर निगम के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि जिस परिवार की मुखिया की कोरोना से मौत हो गई, उससे भी निगम हाउस टैक्स वसूल रही है. हाल ही में राजनगर एक्सटेंशन और वैशाली से इस तरह की शिकायतें आने के बाद निगम ने दोबारा से सख्त निर्देश दिए हैं.

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गाजियाबाद में सामान्‍य लोगों को वित्तीय वर्ष 2021-22 का हाउस टैक्‍स 15 फीसदी वृद्धि के साथ जमा कराना होगा. (File photo)


ऑर्डर जारी होने के बाद भी वसूले जा रहे थे हाउस टैक्स
राजनगर निवासी एक महिला ने इसको लेकर पिछले दिनों ही नगर निगम आ कर खुद शिकायत की थी. महिला का कहना था कि नगर निगम की तरफ से लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है. महिला की पति की कोरोना की दूसरी लहर के चपेट में आने से मौत हो गई थी.

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पिछले महीने ही जिले की महापौर आशा शर्मा ने बताया था कि शहर में विकास कार्य कराए जा सकें, इसके लिए हाउस टैक्‍स में पहले से ही निर्धारित की गई वृद्धि के अनुसार ही 15 फीसदी बढ़ोतरी की गई है. जिन परिवारों ने कोरोना के कारण अपनों को खोया है उनसे वित्तीय वर्ष 2021-22 का हाउस टैक्‍स नहीं लेने का निर्णय लिया गया है. कोरोना के चलते अन्य सभी शहरवासियों को भी राहत देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2021- 22 में 31 अक्टूबर 2021 तक सम्पत्ति कर जमा किये जाने पर 20 फीसदी, नवम्बर दिसम्बर 2021 में 15 फीसदी तथा जनवरी- फरवरी 2022 में संपत्ति कर जमा करने पर दी जाएगी 10 फीसदी की छूट दी जाएगी.

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Ghaziabad: एक हत्या से सुलझी पांच कत्लों की गुत्थी, अभी करना चाह रहा था दो और हत्याएं

गाजियाबाद: 20 साल से अपने परिवार के पांच लोगों को उतारा मौत के घाट

Ghaziabad Crime News: पुलिस गिरफ्त में आए लीलू, सुरेंद्र और राहुल ने प्रॉपर्टी के विवाद में अपने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया और एक के बाद एक कुल पांच जानें ले ली. इस पूरी घटना कि कहानी लीलू ने सन 2001 में लिखी थी.

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गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) में प्रॉपर्टी के लालच में भाई ने ही अपने बड़े भाई, दो भतीजे और दो भतीजियों की हत्या (Murder) कर दी. अभी हाल ही में अपने भतीजे रिशु की हत्या भी इसी ने की थी, जिसके बाद पुलिस (Police) ने रिशु के पिता की तहरीर के आधार पर सर्विलांस पर लेकर आरोपी लीलू को गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ इसके दो साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हत्या में प्रयुक्त सामान भी बरामद किया गया है.

पुलिस गिरफ्त में आए लीलू, सुरेंद्र और राहुल ने प्रॉपर्टी के विवाद में अपने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया और एक के बाद एक कुल पांच जानें ले ली. इस पूरी घटना कि कहानी लीलू ने सन 2001 में लिखी थी. पुलिस पूछताछ में लीलू ने बताया कि उसके पिता के कुल 3 भाई थे. तीनों की अलग-अलग जमीन थी. जमीन कब्जाने के लिए लीलू ने सन 2001 में अपने सबसे बड़े भाई सुधीर को एक लाख की सुपारी देकर मेरठ में मरवा दिया. उसके कुछ दिन बाद ही लीलू ने सुधीर की छोटी बेटी पायल जो कि महज 8 साल की थी, उसकी जहर देकर हत्या कर दी और बताया कि कोई जहरीले कीड़ा काटने से इसकी मौत हो गई. इतने पर भी लीलू की हवस पूरी नहीं हुई. उसके करीब 3 साल बाद लीलू ने पायल की बड़ी बहन पारुल जिसकी उम्र करीबन 16 साल थी उसकी हत्या करके भी लाश को हिंडन नदी में फैंक दिया. इसी तरह एक परिवार के तीन लोगों की हत्या कर अपने बड़े भाई की संम्पति हड़प ली और उसपर अपना आलीशान मकान भी बना लिया. ये सब उसने अपने ओर अपने एकलौते बेटे के लिए किया. हालांकि पुलिस गिरफ्त में आने के बाद लीलू अब पछतावे का ढोंग कर रहा है.

ऐसे खुला राज
पुलिस के मुताबिक लीलू की हवस अभी भी नहीं भरी थी. वह अपने दूसरे भाई की प्रॉपर्टी भी हड़पना चाहता था, जिसके लिए चलते लीलू ने अपने दूसरे भाई बृजेश त्यागी के परिवार को निशाना बनाया. 8 साल पहले बृजेश के बेटे निशु की हत्या की और उसकी लाश को नदी में फेंक दिया. इसी साल सन 2021 में 8 अगस्त को बृजेश के दूसरे बेटे रिशु की भी रस्सी से गला घोटकर कत्ल कर दिया और लाश को बोरे में बंद करके बुलंदशहर की नहर में फेंक आया. पांच कत्ल करने के बाद लीलू के निशाने पर एक मात्र बचा उसका भाई बृजेश त्यागी व उसकी पत्नी थे. बृजेश के पास करीब 7 बीघा जमीन है जिसकी कीमत तकरीबन सवा दो करोड़ रुपए है. पुलिस पूछताछ में लीलू ने यह भी बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है.

भतीजे की गुमशुदगी से आया पुलिस की रडार पर
वहीं दूसरी ओर परिजनों ने जब बीती 8 अगस्त को रिशु की गुमशुदगी लिखाई तभी से पुलिस के रडार पर आरोपी लीलू था. इस बार भी लीलू ने अपने भतीजे रिशु की हत्या के लिए रिशु को फोन करके गांव से बाहर बुलाया और गाड़ी में बिठा कर किसी बहाने से ले गया. लीलू के अलावा इस बार उसके साथ रिटायर सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, उसका नौकर राहुल विक्रांत और उसका भतीजा बैठे हुए थे. उन्होंने रिशु की रस्सी से गला घोट कर हत्या कर दी. इसके बाद उसकी लाश को भी बोरे में भरकर बुलंदशहर की एक नहर में फेंक दिया. हालांकि पुलिस ने लीलू, सुरेंद्र और राहुल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि विक्रांत व उसका भतीजा व एक अन्य साथी अभी भी अन्य मामले में जमानत उतरवाकर बुलंदशहर जेल में चले गए हैं. जिनको गाजियाबाद लाने का प्रयास भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है.अब रिशु के पिता भी अपनी जान का खतरा बता रहे हैं.

हत्या का नहीं है कोई पछतावा
हालांकि पुलिस ने पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया है, लेकिन महज रिशु की गुमशुदगी के बाद हत्या से पुलिस ने जैसे ही रडार पर लेकर उसके चाचा लीलू को हिरासत में लिया तो उसने एक के बाद एक पांच हत्याएं वह भी प्रॉपर्टी के लिए करना कबूल कर लिया. जिस तरीके से लीलू ने तमाम वाकया पुलिस को बताया और यह भी कहा कि उसे अपने किये पर पछतावा नहीं है.

Ghaziabad Vaccine News- सभी मॉल्‍स में शाम चार बजे से रात 11 बजे तक होगा वैक्‍सीनेशन, जानें शेड्यूल

 गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी कर रहा है.  (सांकेतिक फोटो )

Ghaziabad health department: गाजियाबाद सभी मॉल्स में 27 सितंबर को शाम चार बजे से रात 11 बजे तक वैक्‍सीनेशन अभियान चलाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी कर रहा है. अधिक से अधिक वैक्‍सीनेशन के लिए यह फैसला लिया गया है.

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  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 10:52 IST
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गाजियाबाद. जिले में कोरोना वैक्‍सीनेशन को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में शहर के सभी मॉल्स में 27 सितंबर को शाम चार बजे से रात 11 बजे तक वैक्‍सीनेशन अभियान चलाया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी कर रहा है. विभाग के अनुसार बहुत सारे लोग दिन में व्‍यस्‍त रहने की वजह से वैक्‍सीन नहीं लगवा पा रहे हैं, इसी को ध्‍यान में रखते मॉल्‍स में शाम को वैक्‍सीने का शेड्यूल रखा गया है.

इस संबंध में सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि जो टीम दिन में वैक्सीनेशन करेगी, उसे शाम के शिफ्ट में नहीं लगाया जाएगा. इससे स्वास्थ्य कर्मियों में थकान भी नहीं होगी और देर रात तक टीकाकरण करने में सुविधा रहेगी. उन्होंने बताया कि दिन में अभियान चलाया जाएगा, इसके बाद शाम को विशेष अभियान का संचालन किया जाएगा. वैक्‍सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया का कहना है कि इसके लिए माइक्रो प्लान बनाया जा रहा है.

मेगा वैक्सीनेशन के तहत 1.25 लाख वैक्‍सीन लगाने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग ने रखा है, जबकि शासन ने 86 हजार वैक्सीनेशन का लक्ष्य दिया है. अब तक जिले में 25.69 लाख लोग वैक्‍सीन लगवा चुके हैं. इनमें से 1095269 लोगों ने पहला डोज और 664073 लोगों ने दूसरा डोज लगवाया है. सबसे अधिक 18 से 44 वर्ष वाले 1622120 लोगों ने टीका लगवाया है. मॉल्‍स में लोग वॉक इन  वैक्‍सील लगवा सकते हैं.

Ghaziabad new- दीवाली तक गाजियाबाद का मास्टर प्लान 2031 हो जाएगा तैयार, जानें कौन से क्षेत्र होंगे शामिल

एजेंसी ने ज्योग्राफिकल डेटा तैयार कर मुख्‍यालय लखनऊ भेजा.

Ghaziabad का Master Plan 2031 दीवाली तक बनकर तैयार होने की पूरी संभावना है. इसका ज्योग्राफिकल डेटा तैयार हो गया है. रिपोर्ट लखनऊ नियोजन विभाग को भेजी जा चुकी है. वहां से स्‍वीकृ‍त होने के बाद प्राधिकरण मास्‍टर प्‍लान जारी कर देगा.

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  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 10:21 IST
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गाजियाबाद. जिले का मास्‍टर प्‍लान 2031 (Master Plan2031) दीवाली तक बनकर तैयार होने की पूरी संभावना है. इसका ज्योग्राफिकल डेटा तैयार हो गया है. कंसल्‍टेंट कंपनी ने डेटा फाइनल कर रिपोर्ट उत्‍तर प्रदेश के नियोजन विभाग को भेज दी है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) के अधिकारियों के अनुसार नियोजन विभाग अगले माह तक रिपोर्ट प्राधिकरण को भेज देगा. इसके बाद प्राधिकरण रिपोर्ट के आधार पर मस्‍टर प्‍लान तैयार कर देगा. मास्‍टर प्‍लान में आसपास के कई क्षेत्रों को शामिल किया जा रहा है.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) के अधिकरियों के अनुसर मास्टर प्लान 2021 की मियाद अगले वर्ष 31 मार्च में पूरी होने जा रही है. इस वजह से जीडीए की कोशिश है कि मास्टर प्लान 2031 इससे पहले तैयार हो जाए. ऐसा पहली बार हो रहा है कि मास्टर प्लान केवल दस वर्ष एडवांस तैयार किया जा रहा है. इससे पहले हमेशा नया मास्टर प्लान 21 वर्ष के लिए एडवांस बनाया जाता था. नए मास्टर प्लान को सेटेलाइट डेटा बेस बनाया जा रहा है. इससे पहले केवल गाजियाबाद लोनी और मोदीनगर का ही मास्टर प्लान बनाया गया था.

ये भी पढ़ें: गाजियाबाद रेलवे स्‍टेशन का डीपीआर तैयार, मेट्रो और मेरठ एक्‍सप्रेस वे से होगा लिंक

इस बार जिले में गाजियाबाद के अलावा डासना-मसूरी, लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर के मास्टर प्लान बनाए जाएंगे. यह पहला ऐसा मास्टर प्लान है जो इमेजिंग सर्वे बेस होगा. इससे पहले सभी मास्टर प्लान मैन्युवल सर्वे बेस बनाए गए हैं. हाल ही में जीडीए के नियोजन विभाग और कंसलटेंट कंपनी के बीच बैठक हुई थी. बैठक में कंपनी ने सीएटीपी को बताया कि नए मास्टर प्लान का ज्योग्राफिकल डेटा तैयार हो गया है. मैन्युवल सर्वे का कार्य चल रहा है. यह सर्वे भी अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा. ऐसे में संभावना बन रही है कि शहर को दीवाली तक नया मास्टर प्लान मिल जाएगा. मास्टर प्लान के प्रारूप पर जीडीए पहले ही शहर के 7 लोगों की आपत्ति और सुझाव मांगने की प्रक्रिया पूरी कर चुका है. अब मास्टर प्लान लखनऊ नियोजन विभाग से स्‍वीकृत होकर आने की देरी है, जिसके बाद मास्‍टर प्‍लान 2031 जारी हो जाएगा.

गाजियाबाद : फ्लैट्स की रजिस्ट्री न कराने पर 22 बिल्डरों से जवाब तलब, सरकार को हुआ करोड़ों का नुकसान

22 बिल्डरों ने पिछले 4 साल में 15000 फ्लैट्स बेचे हैं.

Ghaziabad Property News: गाजियाबाद जिले के स्टांप और रजिस्ट्री विभाग (Stamp and Registry Department) ने 22 बिल्डरों (22 Builders) को नोटिस जारी किया है. दरअसल इन बिल्डरों ने जरूरी पंजीकरण के बिना खरीदारों को फ्लैट्स का कब्जा दे दिया है, जिससे सरकार को करीब 70 करोड़ का नुकसान हुआ है.

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  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 08:21 IST
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गाजियाबाद. राजधानी दिल्‍ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के स्टांप और रजिस्ट्री विभाग (Stamp and Registry Department) ने उन 22 बिल्डरों (22 Builders) को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने जरूरी पंजीकरण के बिना खरीदारों को फ्लैट्स का कब्जा दे दिया है. इस वजह से राज्य सरकार के खजाने को राजस्व का नुकसान हुआ है. विभाग ने इससे पहले भी इस प्रकार के उल्लंघन के मामले में 18 बिल्डरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

अधिकारियों ने बताया कि इन 22 बिल्डरों ने पिछले चार साल में करीब 15,000 फ्लैट बिना रजिस्ट्री के ही बेच दिए हैं, जिस मद में 70 करोड़ रुपये बकाया हैं. जबकि स्टांप के सहायक महानिरीक्षक केके मिश्रा ने कहा कि नियम के अनुसार, किसी संपत्ति की रजिस्ट्री बिक्री के समय करने की आवश्यकता होती है, लेकिन कई मामलों में बिल्डरों ने जानबूझकर बिक्री विलेख निष्पादित करने के बाद भी इसे रोक दिया है. इस वजह से 70 करोड़ रुपये से ज्यादा फंस गए हैं.

विभाग ने 18 दोषी बिल्डरों के खिलाफ दर्ज कराई थी प्राथमिकी
विभाग ने 2019 में 18 दोषी बिल्डरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन यह उन्हें रजिस्ट्रियां करवाने के लिए प्रेरित करने के लिए पर्याप्त नहीं था. मिश्रा ने कहा कि हम अब सभी दोषी बिल्डरों को नए नोटिस जारी कर रहे हैं और पुलिस एवं जिला प्रशासन के समक्ष लंबित प्राथमिकी का मामला भी उठाएंगे. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि कुछ रिएल्टर जानबूझकर बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप जीडीए और यूपी हाउसिंग बोर्ड जैसे विकास प्राधिकरण उन्हें पूर्णता प्रमाण पत्र देने से इनकार करते हैं, जो रजिस्ट्री के समय अनिवार्य होता है.

क्‍या जानबूझ कर बिल्डर कर रहे देरी?
स्टांप के सहायक महानिरीक्षक केके मिश्रा ने कहा, ‘बिल्डर जानबूझकर रजिस्ट्रियों में देरी करते हैं जो खरीदारों को स्वामित्व का अधिकार देते हैं और ऐसे मामलों में ये रिएल्टर संपत्तियों के वास्तविक मालिक बने रहते हैं और सिंगल-प्वाइंट बिजली कनेक्शन प्राप्त करते हैं, ताकि बढ़े हुए बिजली बिलों के माध्यम से खरीदारों को लुभा सकें. साथ ही बतया कि जिन क्षेत्रों में यह परिपाटी प्रचलित है, उनमें इंदिरापुरम, राज नगर एक्सटेंशन और क्रॉसिंग रिपब्लिक शामिल हैं.

गाजियाबाद में संपत्ति के लिए परिवार के पांच लोगों की हत्‍या, भाभी से की शादी, पढ़ें दिल दहलाने वाली घटना

घटना का खुलासा करते एएसपी  आकाश पटेल.

ghaziabad crime news: गाजियाबाद में में एक व्‍यक्ति ने संपत्ति हड़पने के लिए एक-एक करके भाई समेत परिवार के पांच सदस्‍यों की हत्‍या कर दी. भाभी से शादी कर ली. इस षडयंत्र की शुरुआत करीब 20 साल पहले की थी. गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को साथियों समेत गिरफ्तार कर लिया है.  

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 20:39 IST
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गाजियाबाद. जिले के मुरादनगर क्षेत्र के सैंथली में एक व्‍यक्ति ने संपत्ति हड़पने के लिए भाई समेत परिवार के पांच सदस्‍यों की हत्‍या कर दी. सबसे पहले भाई की हत्‍या की, उसके बाद भाभी से शादी कर ली. इसके बाद एक एक बाद दो भतीजी और दो भतीजों की भी हत्‍या कर दी. इस षडयंत्र की शुरुआत उसने करीब 20 साल पहले की थी. गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि गाजियाबाद के सैंथली निवासी ब्रिजेश का इकलौता बेटा रेश 8 अगस्त को अचानक घर से लापता हो गया . कई दिन तक तलाशने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा तो पिता ने मुरादनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, पीडितों से बातचीत  के आधार पर ब्रिजेश के छोटे भाई लीलू की भूमिका संदिग्‍ध पाई, जांच करने पर उसके खिलाफ कई सबूत पर मिले. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने सच कुबूल कर लिया. आरोपी लीलू ने पुलिस को बताया कि उसने अपने भतीजे रेशू की अपने साथी सुरेंद्र, विक्रांत और उसके भांजे मुकेश व राहुल के साथ मिलअपहरण कर हत्या कर दी. शव को बुलंदशहर के पास पहासू में नहर में डाल दिया है. सुरेंद्र यूपी पुलिस में सब इंस्‍पेक्‍टर से दो साल पहले रिटायर हुआ है. पुलिस ने लीलू, सुरेंद्र व राहुल को गिरफ्तार कर लिया. फरार आरोपी विक्रांत व मुकेश की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.

20 साल पहले शुरू हुआ था दिल दहलाने वाला षडयंत्र

पुलिस के अनुसार सैंथली निवासी लीलू के बड़े भाई ब्रिजेश व सुधीर थे. लीलू ने करीब बीस साल पहले सुधीर की हत्या कर दी. उसके शव को नदी में फेंक दिया. सुधीर की पत्नी से खुद शादी कर ली और भतीजी पायल व पारूल को अपने पास रख लिया. पायल को उसने जहर देकर मार दिया. उसके तीन साल बाद उसने पारूल की भी हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया और घर पर यह कह दिया कि वो अपनी मर्जी से कहीं चली गई है. सुधीर की पूरी संपत्ति पर उसने कब्जा कर लिया और जमीन को बेचकर प्रॉपर्टी का काम शुरू कर दिया.

कुछ समय बाद जब उसके पास संपत्ति खत्‍म हो गई. तो उसने दूसरे भाई ब्रिजेश की संपत्ति पर निगाह लगा ली. करीब आठ साल पहले ब्रिजेश के बड़े बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी और शव को हरनंदी में फेंक दिया। अब मौका लगते ही रेश का अपहरण कर लिया और उसकी हत्या कर दी. आरोपी के अनुसार उसका अगला निशाना ब्रिजेश व उसकी पत्नी थे. पुलिस के अनुसार परिवार का सदस्‍य होने वाली वजह से लीलू पर कभी शक नहीं गया.

नई आफत: कोविड के बाद फंगस का डबल अटैक, एक ही मरीज में मिली ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस

कोविड के बाद अब डबल फंगस अटैक का खतरा, एक ही मरीज में मिले ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस. photo-news18 English

Black and White fungus attack: मैक्‍स हेल्‍थकेयर वैशाली में यूपी से आए एक मरीज में ब्‍लैक फंगस यानि म्‍यूकरमाइकोसिस और व्‍हाइट फंगस दोनों मिली हैं. फिलहाल मरीज की सर्जरी की गई है. हालांकि फंगस के डबल अटैक को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ चिंतित हैं.

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नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना से उबरने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है. पोस्‍ट कोविड प्रभाव (Post Covid Effect) के रूप में सामने आई और महामारी घोषित की जा चुकी ब्‍लैक फंगस (Black Fungus) यानि म्‍यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) जैसी खतरनाक बीमारी के मामलों में कमी आने से लोगों को राहत की उम्‍मीद थी लेकिन अब फंगस के डबल अटैक (Fungus Double Attack) ने स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है.

गाजियाबाद के वैशाली स्थित मैक्‍स अस्‍पताल (Max Healthcare) में एक ही मरीज में फंगस के डबल अटैक का मामला सामने आया है. पिछले हफ्ते की यूपी से यहां आए एक मरीज में ब्‍लैक फंगस और व्‍हाइट फंगस दोनों मिली हैं. मरीज की सर्जरी करने वाले डॉक्‍टरों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर  (Covid Second Wave) के बाद अप्रैल में मरीजों में ब्‍लैक या व्‍हाइट फंगस (White Fungus) में से कोई एक ही बीमारी मिल रही थी लेकिन अब दोनों बीमारियां एक ही मरीज में निकलना चिंता की बात है.

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फंगस के सभी प्रकारों में ब्‍लैक फंगस सबसे खतरनाक और जानलेवा है. यह नाक से होते हुए आंख और ब्रेन को प्रभावित करती है. जिसमें आंख खत्‍म हो जाती है.

मरीज का इलाज कर रहे मैक्‍स हेल्‍थकेयर के इंटरनल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्‍टेंट डॉ. निशेष जैन ने न्‍यूज18 हिंदी से बातचीत में बताया कि यह मरीज नाक में कुछ भरा हुआ होने और नाक की एक तरफ से लगातार बदबू आने की शिकायत लेकर अस्‍पताल में पिछले हफ्ते आया था. मरीज ने बताया कि उसे अप्रैल के महीने में कोविड भी हुआ था. इसके बाद मरीज की नाक की जांच की गई. उसकी इनडायरेक्‍ट लैरिंजोस्‍कोपी के दौरान पाया गया कि उसकी नाक में ब्‍लैक फंगस थी. वहीं जब ब्‍लैक फंगस को हटाकर देखा तो उसके नीचे व्‍हाइट फंगस भी थी.

डॉ. जैन कहते हैं कि उस मरीज में म्‍यूकरमाइकोसिस सिर्फ नाक तक नहीं नहीं बल्कि ब्रेन तक पहुंच चुकी थी. डॉक्‍टरों ने मरीज की सर्जरी करने के बाद उसे एंटी फंगल दवाएं (Anti-Fungal Medicine) दीं. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. जैन कहते हैं कि इससे पहले एक महिला का ब्रेन कल्‍चर टेस्‍ट कराया था तो उसमें भी दोनों फंगस मौजूद मिली थीं. उसकी भी सर्जरी की गई और फंगस को बाहर निकाला गया था. हालांकि चिंता की बात यह है कि अब दोनों बीमारियों के एक साथ मिलने के मामले सामने आने लगे हैं.

ये हैं लक्षण, मरीज रखें ध्‍यान

डॉ. निशेष जैन कहते हैं कि मरीज में दोनों फंगस एक साथ होने का पता जांच से ही लगाया जा सकता है लेकिन अगर मरीज में ब्‍लैक फंगस या व्‍हाइट फंगस के नीचे दिए गए ये लक्षण हैं तो उसे चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए.

. नाक लगातार बंद हो,  नाक में से अगर बदबू आ रही है और लग रहा है कि कुछ जमा हुआ है और पूरी तरह नहीं निकल रहा है. या फिर काला-काला पदार्थ निकल रहा है तो उसकी जांच जरूरी है.

. ब्‍लैक या व्‍हाइट फंगस होने पर नाक में जमाव के साथ ही हल्‍का बुखार भी रह सकता है.

. भूख भी लगना कम हो जाती है.

. इसके साथ ही सिर में दर्द और आंखों में लालिमा के साथ सूजन भी हो सकती है.

. शरीर के जोड़ों में दर्द होने लगता है. तेज उल्टियां भी हो सकती हैं.

. अगर फंगस का असर ब्रेन तक पहुंचा तो सोचने विचारने की क्षमता पर असर दिखता है. मरीज जल्दी फैसला नहीं ले पाता और बोलने में भी दिक्कत होने लगती है.

.  मरीज की त्‍वचा पर छोटे-छोटे फोड़े निकल रहे हों और नाक में पपड़ी जैसा जमावा हो तो तुरंत डॉक्‍टर को दिखाएं.

Delhi Meerut Expressway: किसानों के धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का कौन सा हिस्‍सा हो रहा है कमजोर, जानें

एनएचएआई ने लेटर लिखकर धरने को कहीं और शिफ्ट करने की अपील की है.

Delhi Meerut Expressway पर UP Gate पर किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का Maintenance नहीं हो पा रही है. इस वजह से वो हिस्‍सा कमजोर हो सकता है. इस संबंध में एनएचएआई ने कमिश्‍नर से लेकर डीएम को लेटर लिखकर धरना कहीं और शिफ्ट कराने की अपील की है, जिससे उसका मेंटीनेंस किया जा सके.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:40 IST
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नई दिल्‍ली. यूपी गेट (UP Gate) पर करीब 10 माह से किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने से दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे (Delhi Meerut Expressway) का एक हिस्‍सा कमजोर होता है. इस संबंध में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ  इंडिया (National Highways Authority of India) ने चिंता जताते हुए संबंधित जिलों के डीएम को लेटर लिखा है. जिसमें स्‍पष्‍ट किया है कि अगर धरना स्‍थल के आसपास करीब 300 मीटर में कोई  हादसा होता है तो उसकी जिम्‍मेदारी एनएचएआई की नहीं होगी.

एनएचएआई (NHAI) के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि जहां पर किसानों का धरना चल रहा है, उसके आसपास दस महीने से सड़क और पुल का रखरखाव नहीं हो पा रहा है.  इसकी वजह से एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा कमजोर हो सकता है.  इसके अलावा बरसात में जलभराव की वजह से वहां पेड़ उग आए हैं. जिनकी जड़ें नीचें की ओर पिलर और बे‍यरिंग में जा रही हैं, इसके अलावा बड़े बड़े कील ठोककर तंबू और टेंट लगाए गए हैं. इन वजह से यह हिस्‍सा  कमजोर हो सकता है.

इस मामले पर मेरठ कमिश्‍नर, गाजियाबाद और दिल्ली के शास्‍त्रीनगर जिले के डीएम को पत्र लिखकर हालात की जानकारी दी गई है और कहा है कि यदि उक्त स्थान पर कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदार एनएचएआई की नहीं होगी. उन्होंने किसान आंदोलन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कराने की अपील की है.

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान 26 नवंबर 2020 से दिल्ली बॉर्डर पर गाजीपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लगभग 300 मीटर हिस्‍से पर धरना पर बैठे हैं. टेंट-तंबू से बस्ती बनी है. इसके लिए सड़क में गड्ढे किए गए हैं. बारिश में सड़क पर पानी भरा हुआ था. इस वजह से पुल के पिलर, बेयरिंग का रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है. सामान्‍यत: हर छह माह में या फिर बारिश के बाद पुलों की जांच की जाती है, जिससे उसमें आने वाली कमी का पता चलता है, उसकी मरम्‍मत  कराई जाती है.

ग़ाज़ियाबाद में चूहों द्वारा सड़क खोदने की शिकायत नगर निगम में दर्ज, जानें पूरा मामला

शिकायत के बाद काम रोका गया.

Ghaziabad Municipal Corporation क्षेत्र के भूड़ भारत नगर में चूहों द्वारा सड़कों के नुकसान करने की शिकायत दर्ज कराई गई है. चीफ इंजीनियर ने काम को रोकते हुए मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं.

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  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 12:32 IST
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गाजियाबाद. चूहों द्वारा अनाज का नुकसान करने की शिकायत तो अकसर सुनी होंगी लेकिन चूहों द्वारा सड़कों के नुकसान करने की शिकायत तो शायद ही सुनी हो.  लेकिन गाजियाबाद के नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) क्षेत्र में इस तरह की शिकायत दर्ज कराई गई है, जहां चूहे सड़क (Road) को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इस वजह से नगर निगम ने सड़क के काम को रोक दिया है. निगम मामले की जांच कराएगा, इसके बाद निर्णय लिया जाएगा.

गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के भूड़ भारत नगर में चूहों द्वारा सड़कों के नुकसान करने की शिकायत दर्ज कराई गई  है.  दरअसल इलाके में इंटरलॉकिंग टाइल्स के नीचे की मिट्टी चूहे खोद रहे हैं. इन टाइल्‍स के ऊपर से वाहनों के आवागमन से टाइल्स टूट रही हैं, इससे आवागमन बाधित हो रहा है. इस समस्‍या से परेशान स्‍थानीय पार्षद नगर निगम के चीफ इंजीनियर कार्यालय पहुंचे और इंटरलॉकिंग टाइल्स की बजाय सीमेंटेड सड़क बनवाने की मांग की. क्षेत्रीय पार्षद सुनील यादव ने दो सड़क निर्माण का प्रस्ताव दिया था.

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार प्रक्रिया पूरी कर यहां सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी कर थी. इसी  बीच  चूहों की वजह से जगह जगह इंटरलॉकिंग टाइल्स टूटने लगीं. इसी को ध्‍यान  में रखते हुए इसे सीसी रोड बनवाने का प्रस्ताव दिया गया है. पार्षद का कहना है कि चूहों की वजह से उनके वार्ड की कई सड़कें टूट चुकी हैं. चीफ इंजीनियर एनके चौधरी ने फिलहाल जेई को इंटरलॉकिंग टाइल्स न लगवाने निर्देश दिए हैं. साथ ही, मामले के जांच के आदेश दिए हैं. रिपोर्ट आने  के बाद ही आगे काम किया जाएगा. इस संबंध में जीडीए के पूर्व इंजीनियर एसके गुप्‍ता ने बताया कि जब कहीं इंटरलाकिंग टाइल्‍स लगाई जाती हैं तो दोनों ओर से ईंट की दीवार लगाई जाती है, जिससे चूहे अंदर न घुस सकें. इन मामले में कहीं न कहीं चूहों के अंदर जाने का रास्‍ता होगा, इस वजह से चूहे मिट्टी खोखली कर रहे हैं.

दिल्ली मेरठ रोड पर दिन भर उड़ती है धूल, तेज़ी से गुजरते है बड़े वाहन 

दिल्ली मेरठ रोड पर तेज़ी से गुजरते बड़े वाहन 

दिल्ली मेरठ रोड पर दिन भर धूल उड़ती है. यहां बारिश के समय जलभराव के कारण घंटो जाम लग जाता है. सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे है जिसके कारण हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है

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दिल्ली मेरठ रोड पर चलना जानलेवा है. सड़क की चौडाई बगल मे बन रहे है रैपिड रेल प्रोजेक्ट के कारण वैसी ही कम हो गई है. इस सड़क पर दिन भर बड़े वाहन तेज़ी से गुजरते है. सड़क पर दिन भर धूल उड़ती रहती है. सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे है जिनके कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते है.
सड़क पर चलने वाले ऑटो मे तीन की जगह सात सवारी सफर करती है. सड़क किनारे दुकानदार कहते है कि दिन भर उड़ती इस धूल से बुरा हाल हो जाता है. सांस लेने मे भी परेशानी होती है. बारिश के वक़्त सारा काम बंद करना पड़ता है. दिल्ली मेरठ रोड़ पर रोजाना करीब हज़ारो वाहन गुजरते है ऐसे मे अगर थोड़ी सतर्कता हटी तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

वैशाली-मोहन नगर मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले रोप-वे प्राेजेक्ट की DPR तैयार, 487 करोड़ आयेगी लागत

गाजियाबाद में ब्लू लाइन स्थित वैशाली मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन के मोहन नगर स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोप-वे लिंक के लिए DPR तैयार हो गई है.

Ghaziabad News: पिछले वर्ष दिसम्बर में गाजियाबाद के सांसद जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने दोनों मेट्रो स्टेशनों को जोड़ ने वाली इस रोप-वे लिंक प्रोजेक्ट के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने कहा था कि इससे न केवल इन इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आएगी.

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  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 15:59 IST
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गाजियाबाद. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेट्रो में सफर करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि ब्लू लाइन स्थित वैशाली मेट्रो स्टेशन और रेड लाइन के मोहन नगर स्टेशन के बीच प्रस्तावित रोप-वे लिंक (Ropeway Link) के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो गई है. डीपीआर तैयार करने के लिए अधिकृत की गई एजेंसी ने गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसकी परियोजना लागत 487 करोड़ रुपये आंकी गई है और यह 2024 तक पूरी होगी.

इस रोप-वे के जरिये दो अलग-अलग कॉरिडोर पर स्थित वैशाली एवं मोहन नगर मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने की योजना है. दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी 5.17 किलोमीटर है. जीडीए के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एसके सिन्हा ने कहा, “इससे पहले हमने दोनों स्टेशनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने का मन बनाया था, लेकिन इस पर 1800 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान था. टर्मिनल स्टेशनों के अलावा रोप-वे में वसुंधरा और वैशाली दो हॉल्ट होंगे.”

इंजीनियर एसके सिन्हा ने बताया कि इसके परिचालन में 249 कैरेजिज शामिल किये जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक में 10 पैसेंजर सवार हो सकेंगे. इसकी फ्रीक्वेंसी एक मिनट की होगी और दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी 15 मिनट में पूरी होगी. पिछले वर्ष दिसम्बर में, गाजियाबाद के सांसद जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह ने दोनों मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाली इस रोप-वे परियोजना के बारे में खुलासा किया था. उन्होंने कहा था कि इस परियोजना से न केवल इन इलाकों में यातायात के दबाव में कमी आएगी बल्कि रेड और ब्ल्यू लाइनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी. उसके बाद संभाव्यता रिपोर्ट तैयार कराई गई थी.

पति ने अवैध संबंधों के शक में पत्‍नी को दी दर्दनाक मौत, 5 महीने पहले की थी लव मैरिज

पुलिस ने कुछ दिन में ही हत्‍या की गुत्‍थी सुलझा दी है.

UP Crime News: गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव के रहने वाले एक शख्स को पत्‍नी की हत्‍या के मामले में गिरफ्तार किया है. जबकि उसका मददगार साथी अभी फरार है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पांच महीने पहले ही शादी की थी, लेकिन अवैध संबंधों के शक में उसने अपनी पत्‍नी की हत्‍या (Murder) कर दी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 14:58 IST
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गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस (Ghaziabad Police) ने नोएडा के एक निवासी को कथित रूप से विवाहेतर संबंध (Extramarital Affairs) में अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शख्स ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या (Murder) कर दी और शव को गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में फेंक दिया था. यही नहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी और उसका मददगार फरार हो गया था.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लालता प्रसाद ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची और दुपट्टे से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी. आरोपी नोएडा फेज-3 थाना क्षेत्र के छजारसी गांव का रहना वाला है.

पांच महीने पहले शादी और अब हत्‍या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने पांच महीने पहले कन्नौज के एक मंदिर में महिला से शादी की थी. यह दोनों की लव मैरिज थी. पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद उसे पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा थी और उसका एक चार साल का बच्चा भी है. यही नहीं, जब उसे अपनी पत्‍नी के अवैध संबंधों को लेकर शक हुआ तो उसने उसे ठिकाने लगाने की प्‍लानिंग कर डाली. जबकि चालक लालता पीड़िता को रोजाना सब्जी खरीदने के लिए गाजीपुर बाजार लाता था.

शराब लाइसेंस की नीलामी में दिल्‍ली सरकार की बल्‍ले-बल्‍ले, एयरपोर्ट जोन में हुई पैसों की तगड़ी बारिश

बुधवार को आरोपी कथित तौर पर उसे अपने रिश्तेदार दीपांशु के साथ नोएडा फेज 2 की ओर ले गया. पुलिस ने कहा कि दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को कानवानी इलाके में छोड़ दिया. पुलिस ने बताया कि दीपांशु फरार चल रहा है.आरोपी ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या 15 सितंबर को की थी. जबकि 16 सितंबर को महिला के शव की पहचान रंजीता के रूप हो गई थी.आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है.

Ghaziabad News- वैशाली से मोहन नगर मेट्रो प्रोजेक्‍ट पर लग सकता है विराम, जानें वजह

रोपवे की लागत कम होने से मेट्रो प्रोजेक्‍ट पर विराम लग सकता है.सांकेतिक फोटो

गाजियाबाद में वैशाली से मोहन नगर तक metro project पर विराम लगना लगभग तय है. इसका कारण Ropeway प्रोजेक्‍ट की लागत का कम होना है. इस वजह से Ghaziabad Development Authority मेट्रो के बजाए रोपवे को प्राथमता दे सकता है.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 10:37 IST
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गाजियाबाद. वैशाली से मोहन नगर तक मेट्रो प्रोजेक्‍ट (metro project) पर विराम लग सकता है. इस प्रोजेक्‍ट में पिछले तीन सालों से काम चल रहा है. इसका मुख्‍य कारण मेट्रो की तुलना में रोपवे (Ropeway project) प्रोजेक्‍ट पर तीन गुना कम लागत आ रही है. हालांकि‍ वैशाली से मोहननगर पर दो बार डीपीआर (DPR) भी तैयार हो चुका है लेकिन फंडिंग पैटर्न तय न होने की वजह से यह प्रोजेक्‍ट आगे नहीं बढ़ पाया है. डीपीआर तैयार होने में 36 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) के मुख्‍य अभियंता एसके सिन्हा के अनुसार रोपवे के लिए दी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कुल लागत 487 करोड़ है. जबकि मेट्रो के वैशाली से मोहननगर के प्रोजेक्ट से 1321 करोड़ कम है. वहीं, मेट्रो रूट की लंबाई 5.04 किमी है और रोपवे की लंबाई 5.17 किमी है. मेट्रो प्रोजेक्ट की तरह से रोपवे में चार स्टेशन प्रस्तावित हैं. ऐसे में रोपवे की कम लागत को देखते हुए जीडीए मेट्रो के प्रोजेक्ट पर आगे के बजाए रोवपे प्रोजेक्‍ट को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. जीडीए के अधिकारियों के अनुसार दो सप्ताह में फाइनल डीपीआर जमा होने के बाद फंडिंग पैटर्न पर काम किया जाएगा.

जीडीए के अधिकारियों के अनुसार मेट्रो प्रोजेक्ट की तुलना में रोपवे का प्रोजेक्ट कम समय में पूरा हो जाएगा. फंडिंग पैटर्न तय होने के बाद जीडीए अधिकारी रोपवे प्रोजेक्‍ट 2024 के मध्य तक पूरा होने की संभावना जता रहे हैं. प्रोजेक्ट के दो पैटर्न पीपीपी मॉडल है, जिसके लिए निवेशक की तलाश की जाएगी. बची राशि को केंद्र सरकार, राज्य सरकार या फिर जीडीए की ओर से दिया जाएगा.

नोएडा से साहिबाबाद चल सकती है मेट्रो

जीडीए ने दिल्ली-मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को 72 लाख की सलाहकार राशि देकर मेट्रो फेज-तीन में वैशाली से मोहनगर और मेट्रो फेज-चार में नोएडा से साहिबाबाद की डीपीआर तैयार कराई थी. 5.17 किमी लंबे नोएडा से साहिबाबाद मेट्रो कॉरिडोर की लागत 1517 करोड़ है. इस कॉरिडोर में कुल पांच स्टेशनों का निर्माण होना था.

Ghaziabad में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवा कर गायब हुए तीन लाख लोग, आज फिर चलाया गया अभियान

तीन लाख लोगों का दूसरी डोज लगवाने का समय हो चुका है.
 (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबाद जिले में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाने के बाद करीब तीन लाख लोग गायब हो गए हैं. इनकी दूसरी डोज का समय भी पूरा हो गया है लेकिन ये लोग वैक्‍सीन सेंटर नहीं पहुंच रहे हैं.

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  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:04 IST
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गाजियाबाद. जिले में कोरोना की दूसरी डोज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग लगातार अपील कर रहा है लेकिन करीब 3 लाख लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंचे हैं. इन लोगों ने 84 दिन का समय पूरा कर लिया है. इसमें फ्रंट लाइन वर्कर से लेकर युवा और बुजुर्ग तक शामिल हैं. पिछले दो माह से कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के कारण लोग पहली डोज लेने के बाद रुचि नहीं दिखा रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को दोबारा से अभियान चलाया गया है. जिसमें लोग अधिक से अधिक वैक्‍सीन लगवा सकें.
गाजियाबाद में अब तक करीब 23 लाख वैक्‍सीन की डोज लग चुकी है. इनमें करीब 17 लाख से अधिक को पहली और पांच लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है. करीब तीन लाख लोगों को वैक्‍सीन लगवाए हुए  84 दिन से अधिक हो चुके हैं. सीएमओ डा. भवतोष शंखधर भी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं, इसके बावजूद लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं. सीएमओ के अनुसार ये लोग पहली डोज लगवाने के बाद लापरवाही बरत रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में मेगा ड्राइव का आयोजन किया है. जहां लोग वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

1.11 लाख वैक्‍सीन लगाने की तैयारी

जिले में शुक्रवार को वैक्सीनेशन के मेगा ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में वैक्सीनेशन का मेगा ड्राइव चल रहा है. वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया ने बताया कि 85 हजार टीकाकरण का लक्ष्य शासन ने दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 1.11 लाख वैक्सीनेशन की तैयारी की गई है.

अब तक वैक्‍सीनेशन

कुल वैक्‍सीनेशन 2356998

पहला डोज 1799914

दूसरा डोज 557084

एक भी डोज नहीं लगा – 443002

दूसरा डोज लगना है – 1242830

दूसरी डोज का समय हो चुका है पूरा – 289378

उम्र – पहला डोज – दूसरा डोज

18 से 44 वर्ष – 1153632 – 214149

45 से अधिक 582433 – 295945

कोविशील्‍ड – 2083755 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 246090

कोवैक्सिन – 273582 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 42288

 गाजियाबाद विकास प्राधिकरण NCR में घर और जमीन का सपना करेगा पूरा, होगी नीलामी, जानें कब से

जीडीए नवरात्रों में शुरू करेगा नीलामी.

Ghaziabad Development Authority जिले में 2000 से अधिक भवनों और भूखंडों की नीलामी की तैयारी कर रहा है. नवरात्रों में नीलामी की जाएगी, जिसमें विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों को शामिल किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 10:16 IST
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गाजियाबाद. एनसीआर (NCR) में अभी तक अपना घर नहीं बना पाए लोगों के लिए अच्‍छी खबर है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) जिले में 2000 से अधिक घर और भूखंडों की नीलामी (Auction) की तैयारी कर रहा है. जीडीए सचिव के अनुसार इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. नवरात्र में नीलामी की जाएगी, क्‍योंकि ज्‍यादातर लोग पितृपक्ष में खरीदारी नहीं हैं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरएण ने विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों की बिक्री की योजना तैयार की है. नवरात्र में होने वाली नीलामी में लोग दो हजार से अधिक संपत्ति खरीद सकेंगे. हालांकि जीडीए ने अभी नीलामी का डेट तय नहीं की है, लेकिन नवरात्र में संपत्ति खरीदने के लिए लोगों के रुझान को देखते हुए एक दिन से अधिक नीलामी प्रक्रिया को रखा जा सकता है.

नीलामी प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द जीडीए की वेबसाइट के साथ ट्विटर हैंडल पर डाल दिया जाएगा. नीलामी में संपत्तियों की खरीद में लोगों के रुझान को देखते हुए अब प्राधिकरण का फोकस भी नीलामी के जरिए संपत्तियों को बेचने पर है. जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्र में संपत्तियों को खरीदने में लोगों का अधिक रुझान रहता है. ऐसे में नवरात्र से संपत्तियों की नीलामी के जरिए बिक्री की जाएगी. कुल 2158 संपत्तियों की नीलामी के लिए जल्द शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा.

यहां की प्रापर्टी होगी नीलाम

नीलामी प्रक्रिया में लगभग 806 करोड़ की संपत्तियों को शामिल किया जाएगा. इनमें सबसे ज्यादा संपत्तियां मधुबन बापूधाम योजना की हैं. मधुबन में एलआईजी, एमआईजी और बहुमंजिला टावरों के फ्लैट शामिल हैं. वहीं, इंद्रप्रस्थ और कोयल एंक्लेव योजना के एक और दो बीएचके के फ्लैट हैं. वहीं, चंद्रशिला योजना के फ्लैट के साथ इंदिरापुरम में न्यायखंड योजना में चार मंजिला एमआईजी, तीन मंजिला मिनी एमआईजी फ्लैट हैं.

ये होगी अनुमानित कीमत

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजना में मिनी एमआईजी व दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 19.29 से 52.28 लाख तक है. वहीं, तीन बीएचके की कीमत 60 लाख से 69 लाख के बीच है.

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे से लिंक होगा हापुड़ रोड, मुरादाबाद जाने वालों को होगी सुविधा, जानें प्‍लान

अगले माह से निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वर्ष 2023 से बड़ी राहत देने जा रहा है. हापुड़ रोड को दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे से लिंक किया जाएगा, जिससे वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा आ-जा सकेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:46 IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है. यह जल्‍द ही हापुड़ रोड जुड़ जाएगा. इसकी प्रक्रिया अगले माह से शुरू हो जाएगी. इसके बाद करीब 24 माह काम पूरा होने की संभावना है. इस तरह वर्ष 2023 अंत तक वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जा सकते हैं.

नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था. लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया, अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

क्या कहते हैं एनएचएआई के अधिकारी
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार नवंबर-2021 में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के निर्माण के साथ पांचवें चरण ((Fifth Stage) का भी निर्माण भी शुरू किए जाने की संभावना है. एक्सप्रेसवे के शुरुआती प्‍वाइंट से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) जोड़ा जाना है. हापुड़ रोड के शाकरपुर से एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण शुरू किया जाना है. जहां से गाजियाबाद सीमा के जैनुद्दीनपुर सीमा में जाकर मिलाया जाना है. इसके लिए 13 गांवों की 100 प्रतिशत अधिग्रहण किया जा चुका है. इसलिए काम शुरू करने के बाद किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी.

ये भी पढ़ें: Road accidents की वजह से यूपी को सालाना करीब 20000 करोड़ का होता है नुकसान

गंगा एक्‍सप्रेस वे के साथ शुरू होगा काम
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को एक केंद्र पर जोड़ने के लिए खानपुर में इंटरचेंज बनाने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश सरकार और एनएचएआई के बीच प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है. इससे दिल्ली और हापुड़ से आने वाले वाहन भी गंगा एक्सप्रेस और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आ जा सकेंगे. एनएचएआई के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि टेंडर फाइनल होने के बाद इस चरण में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. मुख्‍यालय स्‍तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

गाजियाबाद: पॉक्सो कोर्ट ने बच्ची से रेप के मामले में शख्स को सुनाई 20 साल की सजा

शिकायत के अनुसार यह घटना पिछले साल 29 अक्टूबर को हुयी थी जब बच्ची अपने घर में भाई के साथ थी. (सांकेतिक फोटो)

Ghaziabad News: विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है.

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  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:13 IST
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गाजियाबाद. गाजियाबाद (Ghaziabad) की एक पॉक्सो अदालत ने बलात्कार (Rape) के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कारावास (20 years Imprisonment) की सजा सुनायी और उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है. शिकायत के अनुसार यह घटना पिछले साल 29 अक्टूबर को हुयी थी जब बच्ची अपने घर में भाई के साथ थी.

वहीं, 12 सितंबर को नोएडा में एक रेप की घटना सामने आई थी. यहां के सेक्टर 39 क्षेत्र स्थित एक गांव में 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ बलात्कार (Rape) करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. आरोपी पीड़िता का पड़ोसी है जिसने जबरन उसके घर में घुसकर बलात्कार किया था. पुलिस (Police) ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया था.

मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया
पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने बताया था कि किशोरी के पिता ने घटना के संबंध में थाना सेक्टर 39 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोस में रहने वाले दिनेश नामक युवक ने 9 सितंबर को उनकी बेटी का बलात्कार किया. शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी घटना के दिन से ही गुमसुम रह रही थी. उसने शनिवार देर रात को इस बाबत अपने पिता को बताया. उन्होंने बताया कि किशोरी के पिता की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर 39 पुलिस ने मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया.

इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी
बता दें कि नोएडा में इन दिनों अपराध के मामले बढ़ गए हैं. बीते जून महीने में नोएडा में रेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था. नोएडा फेस 2 के भंगेल इलाके में एक महिला ने छत पर सो रहे अपने पति के इंतजार में कमरे का दरवाजा खुला रखा था, लेकिन इस बीच पड़ोस में रहने वाले शख्‍स ने कमरे में घुसकर न सिर्फ उसे डराया धमकाया बल्कि रेप भी कर दिया. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी.

(इनपुट- भाषा)

UP News: फिर किसानों में उबाल, तेवतिया सहित 17 किसानों ने ले ली भू समाधि!

गाजियाबाद: मुआवजा और कृषि कानूनों को लेकर किसानों की भू समाधि.

farmers protest: गाजियाबाद के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया.

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गाजियाबाद. गाजियाबाद (ghaziabad) के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों (three agricultural laws) के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. बुधवार को छह गांव के किसानों ने पूर्व की घोषणा के चलते किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन तनाव में दिखा. अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान पहले से खोदे गए गड्ढों में जाकर लेट गए.

जानकारी के मुताबिक बुधवार को मंडोला समेत छह गांव के 17 किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने पहुंचे और वहां भू समाधि लेकर विरोध की मुद्रा में लेट गए. इस आंदोलन के केंद्र में लगभग 270 एकड़ जमीन है, जिसे यूपी हाउसिंग बोर्ड ने मंडोला विहार हाउसिंग स्कीम के तहत किसानों से अधिग्रहित किया था. किसानों ने 10 दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एसडीएम लोनी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांग पूरी करने की चेतावनी दी थी.

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छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. Photo- ANI

इसको लेकर किसानों ने प्रशासन को 14 सितंबर तक का समय दिया था. मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने हिंडन एयरफोर्स पुलिस चौकी पर किसान प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समाधि न लेने को लेकर बात की थी, लेकिन वार्ता में संतोषजनक समाधान नहीं निकलने पर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. किसान नेता नीरज त्यागी का कहना है कि करीब 5 साल से कई बार वार्ता हुई है लेकिन किसानों का समाधान नहीं हुआ है. समाधि लेने के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.

Corona Vaccine news: दूसरी डोज लगवाने के लिए अब नहीं बुक करना होगा स्‍लॉट, जानें कैसे लगवा सकते हैं?

गाजियाबाद के डीएम ने जारी किए आदेश.
कॉन्सेप्ट इमेज.

Ghaziabad Vaccine News:गाजियाबाद जिले में कोरोना की पहली डोज लगवा चुके और दूसरी डोज लगवाने की तैयारी कर रहे लोगों को अब स्‍लॉट बुक करने की जरूरत नहीं है. वे सीधा वैक्‍सीन सेंटर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 09:53 IST
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गाजियाबाद. जिले में रहने वाले लोगों को कोरोना वैक्‍सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्‍लॉट बुक कराने की जरूरत नहीं है. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. लोग अब दूसरी डोज लगवाने के लिए किसी भी सेंटर पर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं. गाजियाबाद में अब तक करीब 22 लाख लोगों को कोरोना की वैक्‍सीन लग चुकी है. स्वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार अगले माह तक सभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्‍सीन लग जाने की संभावना है.

गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह ने इस संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को निर्देश जारी कर दिया है कि कोई भी व्‍यक्ति किसी भी सेंटर पर जाकर वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकता है. उसे वापस नहीं किया जाएगा. लोगों को अब किसी भी तरह का स्‍लाट लेने की जरूरत नहीं है. डीएम आरके सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की इच्‍छा अनुरूप जनपद गाजियाबाद में कोरोना की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्लाट बुक कराने की अनिवार्यता खत्‍म कर दी गई है. जनपद का कोई भी नागरिक अपने नजदीकी स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर कोरोना की दूसरी डोज सीधे लगवा सकता है. उन्होंने जनपद वासियों का आह्वान किया है कि जिन नागरिकों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है और उन्हें दूसरी डोज लगवानी है तो वे सीधे स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर दूसरी डोज लगवा सकते हैं.

उन्होंने सभी नागरिकों के द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए आह्वान किया है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और जनपद के सभी नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके. गाजियाबाद में अब तक 22,80,550 लोगों को टीका लग चुका है. इनमें 17,58,196 को वैक्सीन की पहली और 5,22,354 को दोनों डोज लग चुकी है.

Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्‍या 100 के करीब, सरकारी अस्‍पतालों में वार्ड रिजर्व

चार सालों में सबसे अधिक मरीज डेंगू के मिले. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले में इस वर्ष अब तक मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं.

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गाजियाबाद: कोरोना का प्रभाव अभी पूरी तरह थमा नहीं है, वहीं अब जिले के लोगों को डेंगू का डर सताने लगा है. जिले में अब तक 100 के करीब डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. यह आंकड़ा पिछले चार सालों में सबसे अधिक है. हालांकि गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं. इसके अलावा मरीजों का पता लगाने के लिए घर-घर सर्वे भी शुरू हो चुका है.

गाजियाबाद में इस वर्ष में मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इससे पहले वर्ष 2018 में 68 और 2019 में 88 केस मिले थे. राहत की बात ये कि मलेरिया के मरीजों की संख्या कम है. जिले में डेंगू के लगातार मल रहे  मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और सीएचसी में अलग से वार्ड रिजर्व कर दिए हैं.  इसके अलावा निजी लैब में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, उनके खून के नमूने जांच के लिए दोबारा से सरकारी लैब में भी भेजे जा रहे हैं.

गाजियाबाद में राहत की बात यह है कि जिले में पिछले छह साल में डेंगू के 1,120 मामले मिले हैं. एक मरीज को छोड़कर सभी ठीक हुए हैं. अस्पतालों में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की प्लेटलेट्स कम जरूर हुई, लेकिन ज्‍यादातर ठीक हुए हैं. डेंगू से छह साल में केवल सितंबर 2016 में एक ही मरीज की मौत हुई थी. वर्ष 2016 में डेंगू के साथ चिकनगुनिया के 1,024 मरीज मिले थे. सर्वाधिक डेंगू के 621 मामले वर्ष 2016 में मिले थे. विशेषज्ञों का दावा है कि इस साल 20 अक्टूबर तक डेंगू, मलेरिया व कोरोना के केस एक साथ बढ़ेंगे. छह साल में मलेरिया के 736 केस मिले हैं. सबसे ज्यादा 2017 में 293 केस मिले थे.

Ghaziabad News: हाउस टैक्‍स नहीं जमा करने वालों की पहचान, जानें कब से जमा करना होगा टैक्‍स?

निगम की टीम प्राइवेट फर्म दायरे में आए नए भवनों का ज्वाइंट सर्वे कर रही है.

Ghaziabad municipal corporation क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में नए भवन बनाने वाले स्‍वामियों की पहचान कर house tax के दायरे में लाया जा रहा है, जिन्‍हें अगले वित्‍तीय वर्ष टैक्‍स जमा करना होगा.  इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 12:09 IST
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गाजियाबाद. नगर निगम (ghaziabad municipal corporation) क्षेत्र में नए भवन बनाने वाले करीब एक लाख लोगों को इस बार हाउस टैक्‍स चुकाना होगा. नगर निगम ने सर्वे कर ऐसे भवन स्‍वामियों की पहचान कर ली है. ये हाउस टैक्‍स जमा करने से बच नहीं पाएंगे. हालांकि सर्वे का काम अभी चल रहा है जो दिसंबर तक चलेगा. इस तरह यह संख्‍या और बढ़ सकती है. ऐसे  भवन स्‍वामियों से पेनाल्‍टी भी ली जा सकती है.

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर के करीब एक लाख भवन पहली बार हाउस टैक्स देंगे. जीआईएस सर्वे के दौरान एक लाख भवन अब तक नए चिह्नित हो चुके हैं. यह सर्वे दिसंबर तक चलेगा. इस अवधि में और नए भवन भी टैक्स के दायरे में आ सकते हैं. शासन के आदेश पर करीब डेढ़ साल पहले जीआईएस सर्वे शुरू कराया गया था. इस फर्म की 2020 में यह सर्वे पूरा करना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से प्रक्रिया बाधित रही.

दोबारा से सर्वे काम शुरू कर दिया गया है.  निगम के पांच जोन में से वसुंधरा जोन में सर्वे का काम इस माह में पूरा हो जाएगा, जबकि मोहननगर, सिटी जोन, कविनगर और विजय नगर जोन में सर्वे का काम अंतिम दौर पर है.  नए भवनों को चिन्हित करने वाली एजेंसी नए भवनों की लिस्‍ट नगर निगम को सौपती जा रही है. इस तरह यह संख्‍या अभी तक एक लाख पहुंच गई है.  इसमेंसबसे अधिक संख्‍या विजय नगर  जोन में निकली है.

गौरतलब है कि निगम की टीम प्राइवेट फर्म की टीम के साथ टैक्स के दायरे में आए नए भवनों का ज्वाइंट सर्वे कर रही है. इसकी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी हो जाएगी. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ संजीव सिन्हा ने बताया कि दिसंबर तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इस तरह नए भवन को अगले वित्तीय वर्ष से हाउस टैक्‍स के दायरे में लाया जाएगा.

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