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कांग्रेस के इस दिग्गज के खिलाफ जनरल वीके सिंह ने दिलाई थी BJP को जीत, ऐसा रहा है सफर

कांग्रेस के इस दिग्गज के खिलाफ जनरल वीके सिंह ने दिलाई थी BJP को जीत, ऐसा रहा है सफर

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बीजेपी के प्रत्याशी जनरल वीके सिंह पहले ऐसे सेना प्रमुख भी रहे हैं, जि‍न्होंने जन्म तिथि पर विवाद के चलते सरकार को कोर्ट में घसीट लिया था.

    लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 11 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की आठ लोकसभा सीटों पर गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है. इस चुनाव में सबकी नजर गाजियाबाद लोकसभा सीट पर लगी है क्योंकि यहां से सांसद और केंद्र में मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह (वीके सिंह) इस बार भी मैदान में हैं. एक नजर बीजेपी के प्रत्याशी जनरल वीके सिंह.

    वीके सिंह भारतीय सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी हैं, जो भारतीय सेना के 26वें चीफ ऑफ स्टाफ रहे हैं. वे ऐसे पहले ट्रेंड कमांडो रहे हैं जिन्हें जनरल के पद पर प्रोन्नत किया गया था. इसके साथ ही वे पहले ऐसे सेना प्रमुख भी रहे हैं, जि‍न्होंने जन्म तिथि पर विवाद के चलते सरकार को कोर्ट में घसीट लिया था.

    शुरुआती जीवन
    केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह का पूरा नाम जनरल विजय कुमार सिंह है. उनका जन्‍म 10 मई 1951 को हरियाणा के भिवानी जिले के बपोरा गांव में हुआ था. उनके माता-पिता का नाम कृष्‍णा कुमारी और जगत सिंह है. उनके पिता भी सेना में कर्नल थे. इतना ही नहीं उनके दादा जेसीओ थे. मतलब वह परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जो सेना में गए. उन्‍होंने राजस्‍थान के पिलानी में स्थित बिड़ला पब्लिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है. वह नेशनल डिफेंस एकेडमी के भी छात्र रह चुके हैं. 1975 में उनकी शादी भारती सिंह से हुई थी.

    अन्ना हजारे के साथ वीके सिंह (File Photo)


    सेना में करियर
    वीके सिंह ने सेना में अपने करियर की शुरुआत 14 जून 1970 को बतौर सेकंड लेफ्टिनेंट राजपूत रेजीमेंट में की थी. जब यह कमांड पाकिस्तान के साथ लगी नियंत्रण रेखा पर तैनात थी तब उन्होंने इसी यूनिट को अपनी कमांड में रखा था. वह 2010 से 2012 तक सेना में जनरल के पद पर रहे. वीके सिंह सेना में 42 वर्ष तक योगदान देने के बाद 31 मई 2012 को रिटायर हो गए. वह भारतीय सेना में 24वें थल-सेनाध्यक्ष थे. वीके सिंह सेना मुख्यालय में मिलिट्री ऑपरेशन डायरेक्टोरेट के पद पर काम कर चुके हैं. इससे पहले जब भारतीय सेना को 2001 में संसद पर हमले के बाद ऑपरेशन पराक्रम के तहत सीमा पर तैनात किया गया था तो वह ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑफ ए कॉर्प्स के तौर पर कार्यरत थे. उनको परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और युद्ध सेवा मेडल समेत कई सम्‍मान मिल चुके हैं.

    राजबब्बर (File Photo)


    राजनीतिक करियर
    जनरल वीके सिंह सेना से रिटायर होने के बाद अन्ना हजारे द्वारा चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का हिस्‍सा बन गए. 1 मार्च 2014 को उन्‍होंने भाजपा जॉइन कर ली. 2014 के चुनाव में गाजियाबाद से चुनावी राजनीति की शुरुआत करने वाले वीके सिंह ने कांग्रेस के दिग्गज राजबब्बर को मात देकर संसद पहुंचे. वर्तमान में वीके सिंह गाजियाबाद के सांसद और केंद्र में विदेश राज्यमंत्री हैं.

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    Tags: Congress, Ghaziabad News, Ghaziabad S24p12, Lok Sabha Election 2019, Raj babbar, Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2019, Uttar Pradesh Politics, Vk singh

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