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गाजियाबाद स्कॉलरशिप, फीस रिफंड घोटाला: समाज कल्याण अधिकारियों और 11 निजी कॉलेजों पर FIR

गाजियाबाद स्कॉलरशिप, फीस रिफंड घोटाला: समाज कल्याण अधिकारियों और 11 निजी कॉलेजों पर FIR

UP: गाजियाबाद में स्कॉलरशिप और फीस रिफंड घोटाले में एसआईटी ने एफआईआार दर्ज करा गई है. (सांकेतिक फोटो)

Ghaziabad News: 2013 से 2017 के बीच गाजियाबाद के पीजीडीएम कोर्स कराने वाले संस्थानों में स्कॉलरशिप और फीस रिफंड का घोटाला हुआ था. तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी ने एक शिकायत पर करोड़ों के घोटाले की जांच कराई थी.

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लखनऊ/गाजियाबाद. विशेष जांच दल (SIT) ने समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) के अधिकारियों और 11 निजी कॉलेजों (11 Private Colleges) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. वर्ष 2013 से 2017 के बीच गाजियाबाद के पीजीडीएम कोर्स कराने वाले संस्थानों में स्कॉलरशिप और फीस रिफंड का घोटाला हुआ था. तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी ने एक शिकायत पर स्कॉलरशिप, फीस रिफंड में निजी संस्थानों से मिलकर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों पर करोड़ों के घोटाले की जांच कराई थी.

19 जून 2019 को इस मामले की जांच शासन ने एसआईटी को सौंप दी थी. एसआईटी जांच में साफ हुआ कि स्कॉलरशिप, फीस रिफंड लेने के लिए फर्जी छात्रों के एडमिशन कॉलेजों ने दिखाए, जिसको समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने वेरिफाई भी किया. एसआईटी के फिजिकल वेरिफिकेशन में 45 फीसदी लाभार्थी छात्र फर्जी निकले.

एफआईआर में आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलीभगत करके घोटाले किए, 626 छात्रों के फिजिकल वेरिफिकेशन में 45 फीसदी के पास कोई प्रमाणपत्र नहीं मिले. स्कॉलरशिप और फीस रिफंड के लिए पांच तरह की कैटगरी तय की गई थी, जिसमें ज्यादातर लाभार्थी उपयुक्त नहीं थे लेकिन फर्जी प्रमाण पत्रों से उनको स्कॉलरशिप और फीस रिफंड देकर करीब 58 करोड़ रुपये का सरकारी धन हड़पा गया.

इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस

गाजियाबाद (Ghaziabadf) के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी पारितोष कुमार श्रीवास्तव

उर्दू अनुवादक जाकिर हुसैन

समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी

साहिबाबाद के वीएलएस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के रजिस्ट्रार कपिल गर्ग व अन्य कर्मचारी

एनआईएमटी इंस्टीट्यूट एंड मैनेजमेंट के चेयरमैन कुंवरपाल सिंह व अन्य

आईटीईआरसी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट

एनसीआर बिजनेस स्कूल

न्यू एरा कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी

एचआर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज

एचएलएम बिजनेस स्कूल

इंस्टीट्यूट ऑफ़ प्रोफेशनल एक्सीलेंस एंड मैनेजमेंट

शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज

भगवती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस

इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस मैनेजमेंट एंड रिसर्च

ट्रिनिटी कॉलेज फ़ॉर मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी

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Ghaziabad में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवा कर गायब हुए तीन लाख लोग, आज फिर चलाया गया अभियान

Ghaziabad में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवा कर गायब हुए तीन लाख लोग, आज फिर चलाया गया अभियान

गाजियाबाद जिले में कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाने के बाद करीब तीन लाख लोग गायब हो गए हैं. इनकी दूसरी डोज का समय भी पूरा हो गया है लेकिन ये लोग वैक्‍सीन सेंटर नहीं पहुंच रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:04 IST
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गाजियाबाद. जिले में कोरोना की दूसरी डोज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग लगातार अपील कर रहा है लेकिन करीब 3 लाख लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंचे हैं. इन लोगों ने 84 दिन का समय पूरा कर लिया है. इसमें फ्रंट लाइन वर्कर से लेकर युवा और बुजुर्ग तक शामिल हैं. पिछले दो माह से कोरोना संक्रमण की दर में कमी आने के कारण लोग पहली डोज लेने के बाद रुचि नहीं दिखा रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को दोबारा से अभियान चलाया गया है. जिसमें लोग अधिक से अधिक वैक्‍सीन लगवा सकें.
गाजियाबाद में अब तक करीब 23 लाख वैक्‍सीन की डोज लग चुकी है. इनमें करीब 17 लाख से अधिक को पहली और पांच लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है. करीब तीन लाख लोगों को वैक्‍सीन लगवाए हुए  84 दिन से अधिक हो चुके हैं. सीएमओ डा. भवतोष शंखधर भी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं, इसके बावजूद लोग वैक्‍सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं. सीएमओ के अनुसार ये लोग पहली डोज लगवाने के बाद लापरवाही बरत रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिले में मेगा ड्राइव का आयोजन किया है. जहां लोग वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

1.11 लाख वैक्‍सीन लगाने की तैयारी

जिले में शुक्रवार को वैक्सीनेशन के मेगा ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में वैक्सीनेशन का मेगा ड्राइव चल रहा है. वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथूरिया ने बताया कि 85 हजार टीकाकरण का लक्ष्य शासन ने दिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर 1.11 लाख वैक्सीनेशन की तैयारी की गई है.

अब तक वैक्‍सीनेशन

कुल वैक्‍सीनेशन 2356998

पहला डोज 1799914

दूसरा डोज 557084

एक भी डोज नहीं लगा – 443002

दूसरा डोज लगना है – 1242830

दूसरी डोज का समय हो चुका है पूरा – 289378

उम्र – पहला डोज – दूसरा डोज

18 से 44 वर्ष – 1153632 – 214149

45 से अधिक 582433 – 295945

कोविशील्‍ड – 2083755 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 246090

कोवैक्सिन – 273582 – दूसरा डोज नहीं लगवा रहे – 42288

 गाजियाबाद विकास प्राधिकरण NCR में घर और जमीन का सपना करेगा पूरा, होगी नीलामी, जानें कब से

 गाजियाबाद विकास प्राधिकरण NCR में घर और जमीन का सपना करेगा पूरा, होगी नीलामी, जानें कब से

Ghaziabad Development Authority जिले में 2000 से अधिक भवनों और भूखंडों की नीलामी की तैयारी कर रहा है. नवरात्रों में नीलामी की जाएगी, जिसमें विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों को शामिल किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 10:16 IST
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गाजियाबाद. एनसीआर (NCR) में अभी तक अपना घर नहीं बना पाए लोगों के लिए अच्‍छी खबर है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) जिले में 2000 से अधिक घर और भूखंडों की नीलामी (Auction) की तैयारी कर रहा है. जीडीए सचिव के अनुसार इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. नवरात्र में नीलामी की जाएगी, क्‍योंकि ज्‍यादातर लोग पितृपक्ष में खरीदारी नहीं हैं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरएण ने विभिन्‍न योजनाओं में खाली 1968 भवनों और 190 भूखंडों की बिक्री की योजना तैयार की है. नवरात्र में होने वाली नीलामी में लोग दो हजार से अधिक संपत्ति खरीद सकेंगे. हालांकि जीडीए ने अभी नीलामी का डेट तय नहीं की है, लेकिन नवरात्र में संपत्ति खरीदने के लिए लोगों के रुझान को देखते हुए एक दिन से अधिक नीलामी प्रक्रिया को रखा जा सकता है.

नीलामी प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द जीडीए की वेबसाइट के साथ ट्विटर हैंडल पर डाल दिया जाएगा. नीलामी में संपत्तियों की खरीद में लोगों के रुझान को देखते हुए अब प्राधिकरण का फोकस भी नीलामी के जरिए संपत्तियों को बेचने पर है. जीडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नवरात्र में संपत्तियों को खरीदने में लोगों का अधिक रुझान रहता है. ऐसे में नवरात्र से संपत्तियों की नीलामी के जरिए बिक्री की जाएगी. कुल 2158 संपत्तियों की नीलामी के लिए जल्द शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा.

यहां की प्रापर्टी होगी नीलाम

नीलामी प्रक्रिया में लगभग 806 करोड़ की संपत्तियों को शामिल किया जाएगा. इनमें सबसे ज्यादा संपत्तियां मधुबन बापूधाम योजना की हैं. मधुबन में एलआईजी, एमआईजी और बहुमंजिला टावरों के फ्लैट शामिल हैं. वहीं, इंद्रप्रस्थ और कोयल एंक्लेव योजना के एक और दो बीएचके के फ्लैट हैं. वहीं, चंद्रशिला योजना के फ्लैट के साथ इंदिरापुरम में न्यायखंड योजना में चार मंजिला एमआईजी, तीन मंजिला मिनी एमआईजी फ्लैट हैं.

ये होगी अनुमानित कीमत

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजना में मिनी एमआईजी व दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 19.29 से 52.28 लाख तक है. वहीं, तीन बीएचके की कीमत 60 लाख से 69 लाख के बीच है.

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे से लिंक होगा हापुड़ रोड, मुरादाबाद जाने वालों को होगी सुविधा, जानें प्‍लान

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे से लिंक होगा हापुड़ रोड, मुरादाबाद जाने वालों को होगी सुविधा, जानें प्‍लान

दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेसवे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वर्ष 2023 से बड़ी राहत देने जा रहा है. हापुड़ रोड को दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे से लिंक किया जाएगा, जिससे वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा आ-जा सकेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:46 IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है. यह जल्‍द ही हापुड़ रोड जुड़ जाएगा. इसकी प्रक्रिया अगले माह से शुरू हो जाएगी. इसके बाद करीब 24 माह काम पूरा होने की संभावना है. इस तरह वर्ष 2023 अंत तक वाहन चालक निजामुद्दीन से सीधा हापुड़ और मुरादाबाद की ओर जा सकते हैं.

नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) दिल्ली से मेरठ का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हापुड़ रोड से देल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को जोड़ने का काम शुरू करेगा. इसके लिए मार्च 2021 में टेंडर को अपलोड किया गया था. लेकिन कोरोना आने से काम प्रभावित हो गया, अब एनएचएआई (NHAI) ने फिर प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगले कुछ दिनों में मुख्यालय की ओर से इस पर निर्माण की अनुमति दी मिलने की संभावना है.

क्या कहते हैं एनएचएआई के अधिकारी
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार नवंबर-2021 में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के निर्माण के साथ पांचवें चरण ((Fifth Stage) का भी निर्माण भी शुरू किए जाने की संभावना है. एक्सप्रेसवे के शुरुआती प्‍वाइंट से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) जोड़ा जाना है. हापुड़ रोड के शाकरपुर से एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण शुरू किया जाना है. जहां से गाजियाबाद सीमा के जैनुद्दीनपुर सीमा में जाकर मिलाया जाना है. इसके लिए 13 गांवों की 100 प्रतिशत अधिग्रहण किया जा चुका है. इसलिए काम शुरू करने के बाद किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी.

ये भी पढ़ें: Road accidents की वजह से यूपी को सालाना करीब 20000 करोड़ का होता है नुकसान

गंगा एक्‍सप्रेस वे के साथ शुरू होगा काम
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को एक केंद्र पर जोड़ने के लिए खानपुर में इंटरचेंज बनाने की तैयारी है. इसके लिए प्रदेश सरकार और एनएचएआई के बीच प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है. इससे दिल्ली और हापुड़ से आने वाले वाहन भी गंगा एक्सप्रेस और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की ओर आ जा सकेंगे. एनएचएआई के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि टेंडर फाइनल होने के बाद इस चरण में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. मुख्‍यालय स्‍तर पर इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

गाजियाबाद: पॉक्सो कोर्ट ने बच्ची से रेप के मामले में शख्स को सुनाई 20 साल की सजा

गाजियाबाद: पॉक्सो कोर्ट ने बच्ची से रेप के मामले में शख्स को सुनाई 20 साल की सजा

Ghaziabad News: विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 17:13 IST
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गाजियाबाद. गाजियाबाद (Ghaziabad) की एक पॉक्सो अदालत ने बलात्कार (Rape) के मामले में एक व्यक्ति को 20 साल के कारावास (20 years Imprisonment) की सजा सुनायी और उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. विशेष लोक अभियोजक उत्कर्ष वत्स ने बताया कि जोगेश (23) नामक व्यक्ति को दस साल की बच्ची से बलात्कार के मामले में यह सजा सुनायी गयी है. शिकायत के अनुसार यह घटना पिछले साल 29 अक्टूबर को हुयी थी जब बच्ची अपने घर में भाई के साथ थी.

वहीं, 12 सितंबर को नोएडा में एक रेप की घटना सामने आई थी. यहां के सेक्टर 39 क्षेत्र स्थित एक गांव में 15 वर्षीय एक किशोरी के साथ बलात्कार (Rape) करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. आरोपी पीड़िता का पड़ोसी है जिसने जबरन उसके घर में घुसकर बलात्कार किया था. पुलिस (Police) ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया था.

मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया
पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) वृंदा शुक्ला ने बताया था कि किशोरी के पिता ने घटना के संबंध में थाना सेक्टर 39 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पड़ोस में रहने वाले दिनेश नामक युवक ने 9 सितंबर को उनकी बेटी का बलात्कार किया. शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी घटना के दिन से ही गुमसुम रह रही थी. उसने शनिवार देर रात को इस बाबत अपने पिता को बताया. उन्होंने बताया कि किशोरी के पिता की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर 39 पुलिस ने मामला दर्ज कर रविवार को आरोपी को गिरफ्तार किया.

इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी
बता दें कि नोएडा में इन दिनों अपराध के मामले बढ़ गए हैं. बीते जून महीने में नोएडा में रेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था. नोएडा फेस 2 के भंगेल इलाके में एक महिला ने छत पर सो रहे अपने पति के इंतजार में कमरे का दरवाजा खुला रखा था, लेकिन इस बीच पड़ोस में रहने वाले शख्‍स ने कमरे में घुसकर न सिर्फ उसे डराया धमकाया बल्कि रेप भी कर दिया. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी.

(इनपुट- भाषा)

UP News: फिर किसानों में उबाल, तेवतिया सहित 17 किसानों ने ले ली भू समाधि!

UP News: फिर किसानों में उबाल, तेवतिया सहित 17 किसानों ने ले ली भू समाधि!

farmers protest: गाजियाबाद के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया.

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गाजियाबाद. गाजियाबाद (ghaziabad) के लोनी में किसानों ने जमीन के मुआवजे में वृद्धि समेत तीन कृषि कानूनों (three agricultural laws) के विरोध में भू समाधि प्रदर्शन किया. बुधवार को छह गांव के किसानों ने पूर्व की घोषणा के चलते किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. किसानों के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन तनाव में दिखा. अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान पहले से खोदे गए गड्ढों में जाकर लेट गए.

जानकारी के मुताबिक बुधवार को मंडोला समेत छह गांव के 17 किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में धरनास्थल आवास विकास कार्यालय के सामने पहुंचे और वहां भू समाधि लेकर विरोध की मुद्रा में लेट गए. इस आंदोलन के केंद्र में लगभग 270 एकड़ जमीन है, जिसे यूपी हाउसिंग बोर्ड ने मंडोला विहार हाउसिंग स्कीम के तहत किसानों से अधिग्रहित किया था. किसानों ने 10 दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एसडीएम लोनी शुभांगी शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर किसानों की मांग पूरी करने की चेतावनी दी थी.

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छह गांव के किसानों ने किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में आवास विकास कार्यालय के सामने जिंदा भू समाधि लेकर विरोध जताया. Photo- ANI

इसको लेकर किसानों ने प्रशासन को 14 सितंबर तक का समय दिया था. मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने हिंडन एयरफोर्स पुलिस चौकी पर किसान प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समाधि न लेने को लेकर बात की थी, लेकिन वार्ता में संतोषजनक समाधान नहीं निकलने पर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. किसान नेता नीरज त्यागी का कहना है कि करीब 5 साल से कई बार वार्ता हुई है लेकिन किसानों का समाधान नहीं हुआ है. समाधि लेने के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची.

Corona Vaccine news: दूसरी डोज लगवाने के लिए अब नहीं बुक करना होगा स्‍लॉट, जानें कैसे लगवा सकते हैं?

Corona Vaccine news: दूसरी डोज लगवाने के लिए अब नहीं बुक करना होगा स्‍लॉट, जानें कैसे लगवा सकते हैं?

Ghaziabad Vaccine News:गाजियाबाद जिले में कोरोना की पहली डोज लगवा चुके और दूसरी डोज लगवाने की तैयारी कर रहे लोगों को अब स्‍लॉट बुक करने की जरूरत नहीं है. वे सीधा वैक्‍सीन सेंटर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 15, 2021, 09:53 IST
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गाजियाबाद. जिले में रहने वाले लोगों को कोरोना वैक्‍सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्‍लॉट बुक कराने की जरूरत नहीं है. जिला प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है. लोग अब दूसरी डोज लगवाने के लिए किसी भी सेंटर पर जाकर वैक्‍सीन लगवा सकते हैं. गाजियाबाद में अब तक करीब 22 लाख लोगों को कोरोना की वैक्‍सीन लग चुकी है. स्वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार अगले माह तक सभी 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्‍सीन लग जाने की संभावना है.

गाजियाबाद के डीएम आरके सिंह ने इस संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को निर्देश जारी कर दिया है कि कोई भी व्‍यक्ति किसी भी सेंटर पर जाकर वॉक इन वैक्‍सीन लगवा सकता है. उसे वापस नहीं किया जाएगा. लोगों को अब किसी भी तरह का स्‍लाट लेने की जरूरत नहीं है. डीएम आरके सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की इच्‍छा अनुरूप जनपद गाजियाबाद में कोरोना की दूसरी डोज लगवाने के लिए स्लाट बुक कराने की अनिवार्यता खत्‍म कर दी गई है. जनपद का कोई भी नागरिक अपने नजदीकी स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर कोरोना की दूसरी डोज सीधे लगवा सकता है. उन्होंने जनपद वासियों का आह्वान किया है कि जिन नागरिकों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है और उन्हें दूसरी डोज लगवानी है तो वे सीधे स्वास्थ्य सेंटर पर पहुंचकर दूसरी डोज लगवा सकते हैं.

उन्होंने सभी नागरिकों के द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के लिए आह्वान किया है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और जनपद के सभी नागरिकों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके. गाजियाबाद में अब तक 22,80,550 लोगों को टीका लग चुका है. इनमें 17,58,196 को वैक्सीन की पहली और 5,22,354 को दोनों डोज लग चुकी है.

Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्‍या 100 के करीब, सरकारी अस्‍पतालों में वार्ड रिजर्व

Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू के मरीजों की संख्‍या 100 के करीब, सरकारी अस्‍पतालों में वार्ड रिजर्व

Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले में इस वर्ष अब तक मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं.

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गाजियाबाद: कोरोना का प्रभाव अभी पूरी तरह थमा नहीं है, वहीं अब जिले के लोगों को डेंगू का डर सताने लगा है. जिले में अब तक 100 के करीब डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. यह आंकड़ा पिछले चार सालों में सबसे अधिक है. हालांकि गाजियाबाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने भी पूरी तैयारी कर ली है. सरकारी अस्‍पतालों में डेंगू के लिए वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं. इसके अलावा मरीजों का पता लगाने के लिए घर-घर सर्वे भी शुरू हो चुका है.

गाजियाबाद में इस वर्ष में मिलने वाले डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 100 के करीब पहुंच गई है. इससे पहले वर्ष 2018 में 68 और 2019 में 88 केस मिले थे. राहत की बात ये कि मलेरिया के मरीजों की संख्या कम है. जिले में डेंगू के लगातार मल रहे  मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और सीएचसी में अलग से वार्ड रिजर्व कर दिए हैं.  इसके अलावा निजी लैब में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है, उनके खून के नमूने जांच के लिए दोबारा से सरकारी लैब में भी भेजे जा रहे हैं.

गाजियाबाद में राहत की बात यह है कि जिले में पिछले छह साल में डेंगू के 1,120 मामले मिले हैं. एक मरीज को छोड़कर सभी ठीक हुए हैं. अस्पतालों में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों की प्लेटलेट्स कम जरूर हुई, लेकिन ज्‍यादातर ठीक हुए हैं. डेंगू से छह साल में केवल सितंबर 2016 में एक ही मरीज की मौत हुई थी. वर्ष 2016 में डेंगू के साथ चिकनगुनिया के 1,024 मरीज मिले थे. सर्वाधिक डेंगू के 621 मामले वर्ष 2016 में मिले थे. विशेषज्ञों का दावा है कि इस साल 20 अक्टूबर तक डेंगू, मलेरिया व कोरोना के केस एक साथ बढ़ेंगे. छह साल में मलेरिया के 736 केस मिले हैं. सबसे ज्यादा 2017 में 293 केस मिले थे.

Ghaziabad News: हाउस टैक्‍स नहीं जमा करने वालों की पहचान, जानें कब से जमा करना होगा टैक्‍स?

Ghaziabad News: हाउस टैक्‍स नहीं जमा करने वालों की पहचान, जानें कब से जमा करना होगा टैक्‍स?

Ghaziabad municipal corporation क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में नए भवन बनाने वाले स्‍वामियों की पहचान कर house tax के दायरे में लाया जा रहा है, जिन्‍हें अगले वित्‍तीय वर्ष टैक्‍स जमा करना होगा.  इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 12:09 IST
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गाजियाबाद. नगर निगम (ghaziabad municipal corporation) क्षेत्र में नए भवन बनाने वाले करीब एक लाख लोगों को इस बार हाउस टैक्‍स चुकाना होगा. नगर निगम ने सर्वे कर ऐसे भवन स्‍वामियों की पहचान कर ली है. ये हाउस टैक्‍स जमा करने से बच नहीं पाएंगे. हालांकि सर्वे का काम अभी चल रहा है जो दिसंबर तक चलेगा. इस तरह यह संख्‍या और बढ़ सकती है. ऐसे  भवन स्‍वामियों से पेनाल्‍टी भी ली जा सकती है.

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर के करीब एक लाख भवन पहली बार हाउस टैक्स देंगे. जीआईएस सर्वे के दौरान एक लाख भवन अब तक नए चिह्नित हो चुके हैं. यह सर्वे दिसंबर तक चलेगा. इस अवधि में और नए भवन भी टैक्स के दायरे में आ सकते हैं. शासन के आदेश पर करीब डेढ़ साल पहले जीआईएस सर्वे शुरू कराया गया था. इस फर्म की 2020 में यह सर्वे पूरा करना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से प्रक्रिया बाधित रही.

दोबारा से सर्वे काम शुरू कर दिया गया है.  निगम के पांच जोन में से वसुंधरा जोन में सर्वे का काम इस माह में पूरा हो जाएगा, जबकि मोहननगर, सिटी जोन, कविनगर और विजय नगर जोन में सर्वे का काम अंतिम दौर पर है.  नए भवनों को चिन्हित करने वाली एजेंसी नए भवनों की लिस्‍ट नगर निगम को सौपती जा रही है. इस तरह यह संख्‍या अभी तक एक लाख पहुंच गई है.  इसमेंसबसे अधिक संख्‍या विजय नगर  जोन में निकली है.

गौरतलब है कि निगम की टीम प्राइवेट फर्म की टीम के साथ टैक्स के दायरे में आए नए भवनों का ज्वाइंट सर्वे कर रही है. इसकी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी हो जाएगी. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ संजीव सिन्हा ने बताया कि दिसंबर तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इस तरह नए भवन को अगले वित्तीय वर्ष से हाउस टैक्‍स के दायरे में लाया जाएगा.

Ghaziabad news: अक्‍तूबर से गाजियाबाद की संकरी गलियों से भी वाहनों से उठेगा कूड़ा, जानें नगर निगम का प्‍लान

Ghaziabad news: अक्‍तूबर से गाजियाबाद की संकरी गलियों से भी वाहनों से उठेगा कूड़ा, जानें नगर निगम का प्‍लान

Ghaziabad Municipal Corporation शहर की संकरी गलियों से कूड़ा उठाने के लिए पहली बार छोटे वाहन किराए पर खरीदेगा. इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, अगले माह से इन गलियों से कूड़ा उठना शुरू हो जाएगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 13, 2021, 06:41 IST
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गाजियाबाद. शहर की संकरी गलियों (narrow streets) में रहने वाले लाखों के लिए अच्‍छी खबर है. इन लोगों को घर का कूड़ा (garbage) लेकर गलियों से बाहर नहीं आना  पड़ेगा. शहर के अन्‍य इलाकों की तरह यहां से भी घर के बाहर से कूड़ा उठाया जा सकेगा. इसके लिए गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) ने खास योजना बनाई है, जो अक्‍तूबर से लागू हो जाएगी.

शहर के पुराने शहरों में गलियां बहुत संकरी हैं. इस वजह से इन गलियों में कूड़े की गाड़ी जा नहीं पाती थी. कूड़ा की गाड़ी आने पर लोग लोग स्‍वयं गली से बाहर आकर कूड़ा डालते थे और गाड़ी निकलने के बाद उन्‍हें कूड़ा ढलाव में डालने के लिए जाना पड़ता था. कई बार लोग लापरवाही बरतते थे और कूड़े को रोड के किनारे फेंक देते थे. जिससे गंदगी फैलती थी. लोगों को इसी समस्‍या  से राहत दिलाने के नगर निगम ने योजना बनाई है.

नगर निगम पहली बार 50 ई-रिक्शा और 50 छोटे मालवाहक वाहन किराए पर लेगा. निगम के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) भी जारी किया है.  सबसे कम दरों पर वाहन किराए पर देने का प्रपोजल देने वाली कंपनी से यह वाहन लिए जाएंगे और अक्तूबर से वार्डों में उतारे जाएंगे. नगर निगम किराए पर लेने वाले वाहनों को न तो ईंधन देगा और न ही ड्राइवर का खर्च. साथ  ही मेंटेनेंस का जिम्मा भी फर्म का ही होगा. ऐसे में नगर निगम को वाहनों के मेंटेनेंस पर हर माह होने वाले मोटे खर्च से भी छुटकारा मिलेगा. नगर स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डा. मिथिलेश कुमार शहर की साफ-सफाई को और बेहतर कराने के लिए वाहन किराए पर लिए जा रहे हैं. अगले माह से घरों से कूड़ा उठाने की शुरुआत हो जाएगी.

रोड स्वीपिंग और जेटिंग मशीन भी खरीदेगा  निगम

नगर निगम 15वें वित्त आयोग के फंड से भी वाहन खरीदेगा. इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पहले चरण में नगर निगम पांच रोड स्वीपिंग मशीन और पांच जेटिंग मशीनें खरीदेगा. यह व्‍यवस्‍था शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए की जा रही है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.नगर निगम अक्तूबर तक इस खरीद प्रक्रिया को पूरा कर लेगा, इसके बाद वाहन खरीद लिए जाएंगे.

UP: माफियाओं पर कहर बनकर टूटी योगी सरकार! पुलिस मुठभेड़ में 150 अपराधी ढेर, 550 पर NSA, 3700 गिरफ्तार

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Yogi Government: पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेलकर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने साढ़े चार साल पहले सीएम पद संभालते ही प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का वादा किया था. इसके बाद प्रदेश में धड़ाधड़ एनकाउंटर की खबरें सामने सामने आईं. वहीं, अपराधियों के अंदर यूपी पुलिस का खौफ अभी भी बरकरार है. प्रदेश में पुलिस के डर से बड़े-बड़े अपराधी और माफिया प्रदेश छोड़कर या तो भाग गए या आत्मसमर्पण कर दिए हैं.

बता दें कि बीजेपी के लोक कल्याण पत्र में गुंडाराज को जड़ से खत्म करने का वादा किया गया था. सीएम योगी ने कहा था अपराधी या तो जेल में होंगे या प्रदेश के बाहर. कभी पुलिस प्रशासन को आंख दिखाने वाले माफियाओं, अपराधियों पर यूपी पुलिस कहर बनकर टूटी है. पुलिस ने सिर्फ मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद ही नहीं बल्कि प्रदेश के दो दर्जन से अधिक बड़े माफिया को जेल में धकेल कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है.

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जहां पिछली सरकारों में माफिया और अपराधी सत्ता का संरक्षण पाते थे. वहीं योगी सरकार ने माफियाओं की काली कमाई से अर्जित की गई 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की सम्पत्तियों को जब्त किया है. 2017 के पहले तक अराजकता और दंगों के लिए जाने जाने वाला प्रदेश आज पूरी तरह से शांत है. सभी पर्व और त्यौहार शांतिपूर्वक सम्पन्न हो रहे हैं. राज्य में दहशत का पर्याय बने करीब 150 से अधिक अपराधी पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए हैं और लगभग 2,800 से अधिक अपराधी घायल हुए हैं.

550 से अधिक बदमाशों पर लगा NSA
यूपी में गैंगेस्टर एक्ट में अब तक 3700 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया और 550 से अधिक अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाही हुई है. यूपी सरकार और पुलिस ने जिस तरीके से राज्य में संगठित अपराध और माफियाओं पर अंकुश लगाया है वो अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बना हुआ है.

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