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क्‍या गाजियाबाद में खत्‍म हो गया प्रदूषण, जो शनिवार से खुलने जा रहे हैं स्‍कूल!

Anoop Mishra | News18India
Updated: November 15, 2019, 8:40 PM IST
क्‍या गाजियाबाद में खत्‍म हो गया प्रदूषण, जो शनिवार से खुलने जा रहे हैं स्‍कूल!
शनिवार को स्‍कूल खुलने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई नए आदेश जारी नहीं किए गए हैं.

गाजियाबाद का एयर क्‍वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) करीब 471 पहुंच गया है. पर्यावरण विशेषज्ञों की नजर में एयर क्‍वालिटी इंडेक्स (AQI) का यह स्‍तर बेहद खतरनाक है.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 8:40 PM IST
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गाजियाबाद. दिल्‍ली ही नहीं बल्कि गाजियाबाद (Ghaziabad) की आबोहवा इन दिनों बेहद जहरीली (Poisonous) हो चुकी है. आलम यह है कि गाजियाबाद का एयर क्‍वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) करीब 471 पहुंच गया है. पर्यावरण विशेषज्ञों की नजर में एयर क्‍वालिटी इंडेक्स (AQI) का यह स्‍तर बेहद खतरनाक है. ऐसे में बच्‍चों और बुजुर्गों का घर से निकलना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इसके बावजूद दो दिन की छुट्टी के बाद शनिवार को स्‍कूल खोले जा रहे हैं. कुछ निजी स्‍कूल ऐसे हैं जहां शनिवार को अवकाश रहता है, लेकिन इस बार वे स्‍कूल भी खोले जा रहे हैं.

बीते दिनों शहर की आबोहवा बिगड़ने पर प्रतीकात्‍मक रूप से स्‍कूलों की छुट्टी कर दी गई. इस प्रतीकात्‍मक छुट्टी की अवधि खत्‍म होने होते ही स्‍कूल प्रबंधन की तरफ से बिना सोचे-समझे स्‍कूल खोलने का फरमान जारी कर दिया गया. इतना ही नहीं, स्‍कूल प्रबंधन बच्‍चों को स्‍कूल बुलाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है. कहीं पर बच्‍चों को वार्षिकोत्‍सव (Annual Day) की तैयारियों के नाम पर शनिवार को स्‍कूल बुलाया गया है. कुछ स्‍कूलों ने पैरेंट-टीचर्स मीटिंग के नाम पर बच्‍चों और अभिभावकों को स्‍कूल में बुलाया है.

प्रतीकात्‍मक छुट्टी की अवधि खत्‍म होने होते ही स्‍कूल प्रबंधन की तरफ से बिना सोचे-समझे स्‍कूल खोलने का फरमान जारी कर दिया गया.




लगातार बुलाया जा रहा है स्‍कूल 

शायद इन स्‍कूलों ने मान लिया है कि यह जहरीली हवा सिर्फ स्‍कूल में पढ़ाई के लिए आने वाले बच्‍चों के लिए हानिकारक है. स्‍कूल के दूसरे कार्यक्रमों में शिरकत करने से इस जहरीली हवा का बच्‍चों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसी का नतीजा है कि बच्‍चों को किसी न किसी बहाने लगातार स्‍कूल बुलाया जा रहा है. यहां आपको बता दें कि गाजियाबाद में मौजूदा समय में एयर क्‍वालिटी इंडेक्स का स्‍तर करीब 471 है. जिसे चिकित्‍सकों के भाषा में ‘बेहद खतरनाक’ की श्रेणी में रखा गया है.

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खतरनाक स्‍तर महज एक आंकड़े
इस स्‍तर का प्रदूषण न केवल बच्‍चों के फेंफड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है, बल्कि पीएम 1 के बेहद सूक्ष्‍म पार्टिकल बच्‍चों की प्रतिरोधक क्षमता को खत्‍म करने का काम करते हैं. ऐसी स्थिति में बच्‍चों की तबीयत खराब हुई तो उन पर जल्‍दी किसी दवाई का असर भी नहीं होता है. वहीं पीएम 2.5 की बात करें तो गाजियाबाद शहर में इन समय औसत स्‍तर करीब 475 है. इसे भी स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है.

हालांकि यह बात दीगर है कि स्‍कूल प्रशासन के लिए यह खतरनाक स्‍तर महज एक आंकड़े हैं. उन्‍हें बच्‍चों की जिंदगी से कोई लेना देना नहीं है. इस संबंध में शाम तक गाजियाबाद जिला प्रशासन ने कोई नए आदेश जारी नहीं किए हैं. गाजियाबाद के जिलाधिकारी से इस संबंध में संपर्क किए जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी.

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First published: November 15, 2019, 7:01 PM IST
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