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गाजीपुर में किसान बोले, यूपी में गन्‍ने का रेट सवा चार सौ से कम मिला तो प्रदेशभर में होगा आंदोलन

गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि गन्‍ना किसानों को सवा चार सौ रुपये का मूल्‍य दिया जाए.

गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि गन्‍ना किसानों को सवा चार सौ रुपये का मूल्‍य दिया जाए.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीने से दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे किसानों ने यूपी में गन्‍ने के दाम की अपनी मांग को फिर से दोहराया. भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya kisaan union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने शनिवार को कहा कि यूपी में किसानों को गन्ने का रेट सवा चार सौ रुपये क्विंटल से एक पाई भी कम मंजूर नहीं होगा. सरकार ने ऐसा नहीं किया तो केंद्र सरकार से इन कानूनों और एमएसपी (MSP) की गारंटी के लिए चल रही लड़ाई के साथ ही भारतीय किसान यूनियन सूबे की सरकार की भी मोर्चेबंदी करेगी.

    टिकैत ने कहा, बीजेपी 2017 में अपने घोषणा-पत्र में गन्ने का रेट 370 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा करके सरकार में आई थी. अब इस रेट में साढ़े चार साल में बेतहाशा बढ़ी महंगाई का भी हिसाब जोड़ लिया जाना चाहिए. किसान पूरा हिसाब जोड़े बैठा है. किसी भी हाल में सवा चार सौ रुपये से कम रेट पर वह मानने वाला नहीं है. टिकैत ने आगे कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश सरकार गन्ने का रेट (Sugarcane Rate) बढ़ाने की कवायद में जुटी है. यह अच्छी बात है लेकिन ‌अबकी बार हिसाब पक्का होगा. किसान को अगर गन्ने का सही रेट नहीं मिला तो भाकियू (BKU) प्रदेशभर में जबरदस्त आंदोलन करेगी.

    उन्होंने कहा कि सरकार गन्ने का बकाया जल्दी भुगतान कराए, किसान के लिए बिजली के रेट कम करे और सरकार की नीतियों के कारण अवारा पशुओं से फसल को हो रहे नुकसान का खामियाजा भी भुगते. उत्तर प्रदेश का किसान अवारा पशुओं से हो रहे नुकसान से तंग आ चुका है. अगर सरकार किसान की बात नहीं सुनती है तो किसान चुनाव में इसका जवाब देगा.

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री ने 14 दिन में गन्ने का भुगतान कराने और न करा पाने पर ब्याज देने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ. किसान का हजारों करोड़ रुपये का भुगतान आज भी बकाया है. यूपी सरकार किसान के ट्यूबवैल के लिए 170 रुपये प्रति हॉर्सपावर की दर से बिजली दे रही है, जबकि हरियाणा में 15 रुपये प्रति हॉर्सपावर ही किसानों को देना पड़ता है. पंजाब में किसानों और गरीबों के बिजली फ्री में देने की घोषणा हो चुकी है वहीं बकाया बिजली बिल भी माफ होंगे. लेकिन यूपी में और रेट बढ़ाने की तैयारी हो रही है.

    टिकैत ने कहा कि वर्ष 2007 में बनी बसपा सरकार ने अपने कार्यकाल में सबसे अधिक गन्ने के रेट में कुल मिलाकर 115 रुपये का इजाफा किया था. अखिलेश यादव की सरकार में भी गन्ने का रेट 65 रुपये बढ़ा, लेकिन जब से मौजूदा सरकार आई है, शुरुआत में दस रुपये बढ़ाने के बाद गन्ने का रेट फिर नहीं बढ़ा.

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