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Janmashtami 2022: गाजियाबाद के इस मंदिर में करिए वृंदावन का एहसास, भक्तों के लिए हैं विशेष प्रबंध

Janmashtami 2022: गाजियाबाद के इस मंदिर में करिए वृंदावन का एहसास, भक्तों के लिए हैं विशेष प्रबंध

Krishna Janmashtami News: गाजियाबाद का इस्कॉन मंदिर हर साल जन्माष्टमी पर दुल्हन की तरह सजा कर तैयार कर दिया जाता है. इस्कॉन मंदिर को हूबहू वृंदावन तरीके से सजाने के लिए वृंदावन से खास कारीगर बुलाए जाते हैं. मोगरा के फूलों से फूल बंगला बनकर तैयार होता है, जो देखने में काफी ज्यादा आकर्षित होता है.

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रिपोर्ट: विशाल झा

गाजियाबाद: आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है. धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि यानी 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. लिहाजा पंचांग के मुताबिक इस साल जन्माष्टमी का पर्व 19 अगस्त को मनाया जा रहा है. जन्माष्टमी पर्व को लेकर मंदिरों में भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप को सजाया गया है. वैसे तो कान्हा की नगरी मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं. लेकिन अगर आप मथुरा नहीं जा सकते हैं तो घबराइए मत, गाजियाबाद में भी आपको वृंदावन का एहसास होने वाला है.

दरअसल, गाजियाबाद का इस्कॉन मंदिर हर साल जन्माष्टमी पर दुल्हन की तरह सजा कर तैयार कर दिया जाता है. इस्कॉन मंदिर को हूबहू वृंदावन तरीके से सजाने के लिए वृंदावन से खास कारीगर बुलाए जाते हैं. मोगरा के फूलों से फूल बंगला बनकर तैयार होता है, जो देखने में काफी ज्यादा आकर्षित होता है.

व्रत रखने वाले भक्तों के लिए विशेष प्रसाद
गाजियाबाद इस्कॉन मंदिर के पंडित धनंजय ने News18 local को बताया कि मंदिर सजावट की सभी तैयारिया पूरी कर ली गई हैं. व्रत वाले भक्तों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. उनके लिए अलग से प्रसाद तैयार कराया जा रहा है. इसके अलावा नारियल के लड्डू जो कान्हा को काफी पसंद हैं वह भी तैयार किए जा रहे हैं. लगभग चार-पांच दिन से भंडारा कराया जा रहा है. जिसमें रोजाना हजारों की तादाद में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं.

मंदिर सेवकों ने बनाए हैं आकर्षित मटके
कारीगरों के द्वारा लकड़ियों के फ्रेम बनाए गए हैं, जिसके ऊपर फूल रखकर भगवान श्रीकृष्ण के आगे रखा जाता है. इस कृष्णमयी माहौल को देखने के लिए न केवल गाजियाबाद से बल्कि दिल्ली से भी लोग आते हैं. वहीं मंदिर सेवकों के द्वारा आकर्षित मटके भी बनाकर तैयार किए जा रहे हैं. कुछ मटकों को सजाने में इस्तेमाल किया जाएगा. तो कुछ मटकों से भगवान कृष्ण का अभिषेक किया जाएगा. अगर आप वृंदावन नहीं जा सकते हैं तो गाजियाबाद में ही वृंदावन का एहसास ले सकते हैं.

कैसे पहुंचे इस्कॉन मंदिर?
मेट्रो से आपको न्यू बस अड्डा शहीद स्थल स्टेशन उतर जाना है. वहां से आपको पुराने बस अड्डे के लिए रिक्शा मिलेगा. पुराने बस अड्डे पहुंचकर आप किसी भी टेंपो या रिक्शा से इस्कॉन मंदिर जा सकते हैं.

नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर आप आसानी से इस्कॉन मंदिर पहुंच सकते हैं.

ISKCON Temple, Ghaziabad 081309 92863

https://maps.google.com/?cid=10643879780187106848&entry=gps

Tags: Ghaziabad News, Uttar pradesh news

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