अस्पताल की लापरवाही से अपने नवजात को स्तनपान नहीं करा पा रही बेबस मां

डिलीवरी के वक्त सिकाई के नाम पर महिला के चेस्ट पर सिकाई इक्यूपमेंट लगाए गए थे. लेकिन अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही की वजह से महिला के चेस्ट और ब्रेस्ट समेत आसपास का हिस्सा बुरी तरह से जल गया है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 30, 2018, 9:37 PM IST
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Updated: August 30, 2018, 9:37 PM IST
यूपी के गाजियाबाद में अस्पताल की संगीन लापरवाही का शिकार हुई है एक मां अपने नवजात शिशु को दूध भी नहीं पिला पा रही है. पीड़ित महिला की मजबूरी इतनी है कि डिलीवरी के बाद से अपने बच्चे को कलेजे से भी नहीं लगा पा रही है. यह सब अस्पताल की लापरवाही से हुआ है. फिलहाल इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रसाशन ने चुप्पी साध रखी है.

दरअसल गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पर महिला ने आरोप लगाया है, कि डिलीवरी के वक्त सिकाई के नाम पर महिला के चेस्ट पर सिकाई इक्यूपमेंट लगाए गए थे. लेकिन अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही की वजह से महिला के चेस्ट और ब्रेस्ट समेत आसपास का हिस्सा बुरी तरह से जल गया है. अस्पताल से शिकायत करने के बावजूद वहां से महिला को कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला. लिहाज़ा परिवार ने महिला को एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया और वहां महिला का इलाज शुरू हुआ.

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हैरत की बात यह है कि डिलीवरी के बाद से महिला के पेट के ऊपरी हिस्से पर इतनी गहरी बर्न इंजरी हैं, कि वह अपने नवजात शिशु को दूध भी नहीं पिला पा रही है. महिला ने इंदिरापुरम थाने में शिकायत दर्ज कराई है. महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसका बच्चा इसी वजह से कुपोषण का भी शिकार हो रहा है और अस्पताल पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है. इस मामले में इंदिरापुरम पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर ली है. गाजियाबाद एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि जिस तरह की शिकायत मिली है, उसके आधार पर जांच करके कार्यवाही की जा रही है. उनका कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

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इस मामले में इंदिरापुरम में स्थित मैत्री अस्पताल का आरोपी प्रबंधन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. उनसे बात करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मामले पर खामोश है. दिल्ली एनसीआर में प्राइवेट अस्पतालों पर पहले भी संगीन लापरवाहियों के आरोप लगते रहे हैं. लेकिन इस बार लगा आरोप एक मां के लिए मजबूरी बन गया है. पहली बार ऐसा मामला सामने आया है जिसमें मां अपने ही नवजात बच्चे को गोद में लेने के लिए भी तरस रही है, क्योंकि मां के जख्म उसे इस बात की इजाजत नहीं देते. वह जख्म, जो एक अस्पताल की लापरवाही का नतीजा हैं.
(अमित राणा की रिपोर्ट)
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