Delhi NCR news

दिल्ली-एनसीआर

अपना जिला चुनें

गाजियाबाद में बोले PM मोदी- देश की सुरक्षा में CISF की भूमिका अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी नई लोकलुभावन योजना की घोषणा नहीं कर सकते. इसका आशय यह है कि आगामी दिनों में पीएम मोदी या उनका कोई भी प्रतिनिध‌ि न शिलान्यास, न लोकार्पण कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी नई लोकलुभावन योजना की घोषणा नहीं कर सकते. इसका आशय यह है कि आगामी दिनों में पीएम मोदी या उनका कोई भी प्रतिनिध‌ि न शिलान्यास, न लोकार्पण कर सकते हैं.

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने में सीआईएसएफ एक महत्वपूर्ण इकाई है.

SHARE THIS:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50वें स्थापान दिवस पर आयोजित समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे. इस दौरान पीएम मोदी ने सीआईएसएफ के पथ संचलन की सलामी ली. पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने में सीआईएसएफ एक महत्वपूर्ण इकाई है. 50 साल तक लगातार हजारों लोगों ने आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित किया है, तब जाकर ऐसा संगठन बनता है.

सीआईएसएफ के 5वें बटालियन कैम्प में जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक संगठन को सुरक्षा देना, जहां 30 लाख तक लोग आते हों, जहां हर चेहरा अलग हो, सबका व्यवहार अलग हो. ये काम किसी वीआईपी को सुरक्षा देने से कई गुना बड़ा काम है.

ये भी पढ़ें- 'एयर स्ट्राइक से डरा पाकिस्तान, सुबह 5 बजे से चिल्लाने लगा- मोदी ने मारा, मोदी ने मारा'

पीएम मोदी ने कहा कि देश में ही नहीं विदेश में भी जब मानवता संकट में आई है. तब CISF ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है. आपदाओं की स्थिति में भी आपका योगदान हमेशा से सराहनीय रहा है. केरल में आई भीषण बाढ़ में आपने राहत, बचाव के काम में दिन रात एक करके हजारों लोगों का जीवन बचाने में मदद की. वहीं एयरपोर्ट और मेट्रो में सुरक्षा CISF के समर्पण से ही संभव हो पाई है.

बता दें कि पीएम मोदी इंदिरापुरम में सीआईएसएफ के 5वें बटालियन कैम्प में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने यहां CISF अधिकारी सुधीर कुमार व जितेंद्र सिंह नेगी, एक इंस्पेक्टर एस. मुत्थुस्वामी और एक जवान आऱ, सूर्यराजा को सम्मानित किया.

ये भी पढ़ें- 

लखनऊ पुलिस ने व्‍यापारी के घर में डाली डकैती, दो दारोगा समेत 4 गिरफ्तार

सीएम योगी का दावा, इस बार राहुल गांधी की अमेठी सीट पर भी होगा BJP का कब्जा

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

मौत सामने होने के बाद भी 'बेखौफ' पार कर रहे रेलवे पटरियां, दिल्‍ली में 9 महीने में 358 मौतें, जानें कहां है बुरा हाल

दिल्‍ली में रेलवे पटरियां पार करते वक्त 9 महीने में 358 मौतें.

Death on Railway Tracks: दिल्‍ली में रेलवे पटरियों को पार करते हुए पिछले 9 महीने में 350 से ज्‍यादा लोग जान गंवा चुके हैं. इस दौरान सब्‍जी मंडी और सराय रोहिल्ला पर सबसे अधिक मौतें हुई हैं. यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस (Delhi Police) के सामने असली चुनौती मृतकों की पहचान करना है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 08:59 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में रेलवे पटरियों (Railway Tracks) को पार करते वक्त होने वाली दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 15 सितम्बर तक 358 लोगों की मौत (Death) हुई है, जिनमें अधिकांश पुरुष हैं. वहीं, सबसे अधिक 78 मौत दिल्‍ली के सब्जी मंडी इलाके में रेल पटरियों को पार करते हुई हैं. यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस के सामने असली चुनौती पटरी पार करते समय जान गंवाने वालों की पहचान करना है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष गत 15 सितम्बर तक रेलवे पटरियों को पार वक्त 358 व्यक्तियों की जानें गई हैं, इनमें 329 पुरुष और 29 महिलाएं शामिल हैं. रेलवे पटरियों को पार करते वक्त मौत के मुहं में समाने वालों ज्यादातर फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स और रेलवे पटरियों के निकट बसी झुग्गी बस्तियों के निवासी होते हैं.

पुलिस के आंकड़े के अनुसार, दिल्‍ली के शव सब्जी मंडी के निकट पटरियों से सबसे अधिक 78 और सराय रोहिल्ला से 75 शव बरामद किए गए हैं. जबकि दिल्ली कैंट से 65, हजरत निजामुद्दीन से 51 और पुरानी दिल्ली से 50 शव मिले हैं. इसके अलावा आनंद विहार और नई दिल्ली के निकट स्थित पटरियों से क्रमश: 32 और 8 शव प्राप्त हुए हैं.

अब तक सिर्फ 257 शवों की हुई पहचान
अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर बार पटरियों पर शव सुबह या शाम को मिलते हैं, क्योंकि इन पटरियों को पार करके या उसके साथ-साथ सुबह कामगार फैक्ट्री जा रहे होते हैं या शाम को घर लौट रहे होते हैं. आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 257 शवों की पहचान की गई है, लेकिन 102 शवों की पहचान नहीं की जा सकी. इनमें से एक ही आत्महत्या का मामला था.

मौत के डर के बाद भी क्‍यों पार कर रहे पटरियां?
गत मंगलवार को दोपहर 2 बजकर 40 मिनट पर नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास कम से कम 50 स्कूली बच्चे रेलवे पटरियां पार करके घर लौटते देखे गए. जबकि कुछ मीटर की दूरी पर एक फुट ओवरब्रिज भी मौजूद है. एक अधिकारी ने कहा कि इस इलाके में कम से कम 6 स्कूल हैं. हर सुबह, बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए पटरियां पार करते हैं.

इसके अलावा पटरियां पार करने वालों में शामिल आशीष (40) ने बताया कि पिछले 30 साल से मैं इन पटरियों को पार करके जाता रहा हूं. यहां हर कोई इसी तरह से पटरियां पार करता है. अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने नांगलोई रेलवे स्टेशन पर पिछले माह अवैध तरीके से घुसने के 20 से अधिक मामले दर्ज किए हैं. हालांकि इंडियन रेलवे एक्ट 1989 के तहत अवैध तरीके से पटरियां पार करना जुर्म की श्रेणी में आता है और इस पर 1000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. इस गलती के लिए 6 महीने की सजा और साथ में 1000 रुपये जुर्माना या कारावास और दोनों एक साथ भुगतना पड़ सकता है.

दिल्ली के 124 टोल गेट्स पर SMCD ने बढ़ाई सख्ती, यह टैग न होने पर लग रहा 500 रुपये का जुर्माना, जानें बचने का तरीका

 दक्षिणी नगर निगम ने बिना आरएफआईडी टैग वाले वाहनों पर बैन लगा दिया है.

Dehli Challan News: दक्षिणी नगर निगम (South MCD) ने दिल्‍ली के 124 टोल नाकों (Toll Gates) पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) से प्रवेश न करने पर 966 वाहनों का चालान काटने के साथ नोटिस जारी किया है. बिना आरएफआईडी टैग वाले वाहनों से 500 रुपये जुर्माना वूसला जा रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 08:12 IST
SHARE THIS:

नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली के दक्षिणी नगर निगम (South MCD) ने दिल्‍ली के 124 टोल नाकों (toll gates) पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (Radio Frequency Identification Device) से प्रवेश न करने पर 966 वाहनों पर कार्रवाई की है. इनमें दिल्‍ली के अलावा उत्‍तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्‍तराखंड, पंजाब, नागालैंड और मध्‍य प्रदेश के वाहन शामिल हैं. निगम ने न सिर्फ वाहनों के चालान किए हैं बल्कि नोटिस भी जारी किया है. इस बारे में दक्षिणी निगम के महापौर मुकेश सुर्यान (SDMC Mayor Mukesh Suryan) ने कहा कि चालान और नोटिस के अलावा दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों को संबंधित परिवहन विभाग से उनका परमिट रद्द करने की सिफारिश की है.

इसके साथ उन्‍होंने कहा कि आरएफआईडी टैग न लगवाने वाले वाहनों का 500 रुपये का चालान काटा जा रहा है और दक्षिण नगर निगम ने अब बिना टैग वाले व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से बैन कर दिया है. इसके अलावा दक्षिण नगर निगम महापौर मुकेश सुर्यान ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली के सभी टोल नाकों पर आरएफआईडी व्यवस्था की गयी है. इसके साथ टोल की वसूली के अलावा पर्यावरण शुल्क टैग द्वारा ही वसूलने का आदेश दिया था.

दिल्‍ली में यहां मिल सकता है आएफआईडी टैग
राजधानी दिल्‍ली में कई जगह आएफआईडी टैग की व्‍यवस्‍था है, जिसमें कालिंदी कुंज, आया नगर, बदरपुर, टीकरी, केजीटी, डीएनडी, गाजीपुर मैन, लोनी मैन, न्यू कौंडली, ओल्ड शाहदरा, मंडोली मैन, लामपुर, सोनिया विहार, ढांसा मैन और पालम विहार शामिल हैं.

Weather Update: Delhi-NCR में आज भी खराब रहेगा मौसम, IMD ने जारी किया बारिश का ‘येलो अलर्ट’

ऐसे करें रिचार्ज
यही नहीं, दक्षिण नगर निगम ने 39 टोल नाकों पर पीओएस मशीन के माध्यम से आरएफआईडी देने और रिचार्ज करने की व्यवस्था की है. इसके अलावा अगर वाहन चालक आनलाइन रिचार्ज करना चाहते हैं, तो वह निगम की वेबसाइट https://ecctagsdmc.com के माध्यम से भी रिचार्ज कर सकते हैं. साथ ही दक्षिण नगर निगम के महापौर ने कहा कि अगर वाहन चालक फाइन से बचना चाहते हैं, तो आरएफआईडी को रिचार्ज करके रखें. यही नहीं, वह जब भी टोल नाकों से गुजरें तो टोल जरूर अदा करें.

Weather Update: Delhi-NCR में आज भी खराब रहेगा मौसम, IMD ने जारी किया बारिश का 'येलो अलर्ट'

दिल्‍ली-एनसीआर में जारी रहेगी बारिश.

Delhi-NCR Weather Forecast: दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में इस साल जमकर बारिश (Rain) हुई है और यह दौर अभी जारी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी गुरुवार को बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि शुक्रवार के लिए ‘ग्रीन’ अलर्ट, तो शनिवार और रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान दिल्‍ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत आसपास के इलाके में जमकर बारिश होगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 07:03 IST
SHARE THIS:

नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में (Delhi-NCR Weather News) में इस साल जमकर बारिश (Rain) हुई है. वहीं, अभी कुछ और दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि शुक्रवार को ग्रीन, तो शनिवार और रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. यही नहीं, इस दौरान दिल्‍ली के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत आसपास के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्‍यम से हल्‍की बारिश होने की संभावना है.

वहीं, मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पूर्वी यूपी , पश्चिमी राजस्थान,  मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, तमिलनाडु , पुड्डुचेरी और केरल के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. यहां मध्यम से भारी बारिश तक होने के आसार हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश का दौर रविवार तक जारी रहेगा. इसके बाद सोमवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर जमकर बारिश होगी. इसके बाद मानसून के वापस होने की संभावना है.

दिल्‍ली में इस बार बारिश बना रही रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बेहतर मानसून के कारण दिल्ली में अब तक करीब 1170.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो 1964 के बाद से सबसे अधिक और अब तक की तीसरी सर्वाधिक बारिश है. 1975 में 1,155.6 मिमी और 1964 में 1190.9 मिमी बारिश हुई थी. वहीं, अब तक की सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 1933 में हुई 1,420.3 मिमी वर्षा का है.

Explainer : DDA की लैंड-पूलिंग पॉलिसी से बदलेगी दिल्ली की किस्‍मत, रोहिणी समेत इन इलाकों को होगा बड़ा फायदा

25 सितंबर होती है मानसून की वापसी की तारीख
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मानसून की अनुमानित वापसी की तारीख 25 सितंबर होती है, लेकिन इस बार यह 29 सितंबर तक वापस होगा. जबकि आज यानी गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है.

Petrol Price Today: लगातार 18वें दिन नहीं बढ़ें पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अपने शहर का भाव?

चेक करें पेट्रोल डीजल के नए रेट

सरकारी तेल कंपनियों ने आज गुरुवार को लगातार 18वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं. आज दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 101.19 रुपये है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 06:52 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-diesel price today) में आज भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने आज गुरुवार को लगातार 18वें दिन कीमतें स्थिर रखी हैं. आपको बता दें कि बीते 5 सितंबर को तेल कंपनियों ने 15 पैसे की कटौती की थी. इसके बाद से कीमतों में न कोई वृद्धि हुई है और न ही किसी तरह की राहत मिली है.

IOCL के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का भाव 101.19 रुपये और डीजल की कीमत 88.62 रुपये प्रति लीटर है. हालांकि पिछले दिनों से उम्मीद की जा रही थी कीमतों में कमी की जा सकती है.

GST में शामिल नहीं होगा पेट्रोल-डीजल
वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की शुक्रवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई फैसले किए गए हैं. मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा, “पेट्रोल और डीजल को अभी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करने का यह सही समय नहीं है. रेवेन्यू से जुड़े कई मुद्दों पर इसके लिए विचार करना होगा. बैठक के दौरान इन पर चर्चा नहीं हुई.

ये भी पढ़ें: आज ही के दिन हुई थी भारत का नक्शा बदलने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना पर पहली चर्चा

पेट्रोल डीजल का भाव (Petrol Diesel Price on 23 September 2021)
>> दिल्ली पेट्रोल 101.19 रुपये और डीजल 88.62 रुपये प्रति लीटर
>> मुंबई पेट्रोल 107.26 रुपये और डीजल 96.19 रुपये प्रति लीटर
>> चेन्नई पेट्रोल 98.96 रुपये और डीजल 93.26 रुपये प्रति लीटर
>> कोलकाता पेट्रोल 101.72 रुपये और डीजल 91.84 रुपये प्रति लीटर
>> नोएडा पेट्रोल 98.52 रुपये और डीजल 89.21 रुपये प्रति लीटर
>> जयपुर पेट्रोल 108.17 रुपये और डीजल 97.76 रुपये प्रति लीटर
>> भोपाल पेट्रोल 109.63 रुपये और डीजल 97.43 रुपये प्रति लीटर
>> बेंगलुरु पेट्रोल 104.70 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर
>> लखनऊ पेट्रोल 98.30 रुपये और डीजल 89.02 रुपये प्रति लीटर
>> पटना पेट्रोल 103.79 रुपये और डीजल 94.55 रुपये प्रति लीटर

इस तरह चेक करें अपने शहर का रेट्स
देश की तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनी HPCL, BPCL और IOC आप सुबह 6 बजे के बाद पेट्रोल डीज़ल के नए रेट जारी करती है. नए रेट्स के लिए आप वेबसाइट पर जाकर जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, मोबाइल फोन पर SMS के जरिए भी रेट चेक कर सकते है.

आप 92249 92249 नंबर पर SMS भेजकर भी पेट्रोल डीजल के भाव के बारे में पता कर सकते हैं. आपको RSP<स्पेस> पेट्रोल पंप डीलर का कोड लिखकर 92249 92249 पर भेजना पड़ेगा. अगर आप दिल्ली में हैं और मैसेज के जरिये पेट्रोल डीजल का भाव जानना चाहते हैं तो आपको RSP 102072 लिखकर 92249 92249 पर भेजना होगा.

आदेश गुप्ता का तंज- उत्तराखंड में जब्त हो जायेगी AAP की जमानत, दिल्ली के युवाओं को दे रहे हैं 7 साल से धोखा

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आप की केजरीवाल सरकार पर तंज कसा है.

Delhi Politics News: दिल्ली बीजेपी ने आज सीएम हाउस के बाहर बेरोज़गारी भत्ता न देने के विरोध में प्रदर्शन किया. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के 25 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया है. उन्हें लगातार धोखा दिया जा रहा है.

SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता (BJP State President Adesh Gupta) ने आप पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तराखंड में AAP की जमानत जब्त हो जायेगी. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejariwal) दूसरे राज्यों पंजाब, गोवा एवं उत्तराखंड में जाकर झूठे चुनावी वायदें कर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कर रहे हैं, ये सिर्फ चुनावी जुमले हैं. केजरीवाल को सबसे पहले ये बताना चाहिए कि पिछले 7 सालों में उन्होंने दिल्ली के 14 लाख बेरोजगार, जो उनके सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रड हैं. उनमें से कितनों को बेरोजगारी भत्ता दिया है.

आज मुख्यमंत्री आवास के बाहर दिल्ली में बेरोज़गारी भत्ता न देने के विरोध में प्रदेश भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन में गुप्ता ने कहा कि पिछले 2 सालों में सिर्फ 28 और अपने पूरे 7 सालों के कार्यकाल में केजरीवाल ने दिल्ली में मात्र 404 लोगों को रोजगार दिया है, जो उनकी असलियत है.

आशा कार्यकर्ताओं को उनके हक का पैसा नहीं दे रही
आदेश गुप्ता ने कहा कि उत्तराखंड में तो आप की जमानत जब्त होना तय है. उन्होंने केजरीवाल से सवाल किया कि आज देश के लगभग सभी राज्यों ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू किया है, जिससे कई गरीब परिवारों के आवास के सपने पूरे हो रहे हैं, लेकिन दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने इसे अभी तक क्यों नहीं लागू किया है? इतना ही नहीं झूठे वायदे कर सहानुभूति बटोरने का नाटक करने वाली केजरीवाल सरकार को दिल्ली के उन गरीब लोगों को जवाब जरुर देना चाहिए, जिन्होंने अपने राशन कार्ड के लिए पंजीकरण तो करा लिए हैं. लेकिन पिछले पांच सालों से अपने राशन कार्ड बनने का इंतजार कर रहे हैं.

आदेश गुप्ता ने केजरीवाल की राजनीतिक द्वेष का शिकार हो रही आशा कार्यकर्ताओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2018 में मोदी सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं का इंसेंटिव 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये किया था पर यह बहुत शर्मनाक है कि दिल्ली सरकार आशा कार्यकर्ताओं को उनके हक का पैसा नहीं दे रही है.

युवाओं की आवाज बीजेपी हमेशा बनती रहेगी
आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार को चोर और घोटालेबाज सरकार बताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पहले जलबोर्ड घोटाला, डीटीसी घोटाला और फिर शराब नीति में करोड़ों का घोटाला कर दिल्ली के टैक्स पेयर्स के पैसें को दूसरे राज्यों में अपने चुनावी प्रचार पर खर्च कर रहे हैं. मुफ्त की बिजली तो बस एक छलावा है, जबकि वास्तविकता यह है कि 7000 मेगावाट की खपत है. जबकि 23000 मेगावाट के फिक्स चार्ज की वसूली होती है. उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार दिल्ली के पंजीकृत और गैर पंजीकृत बेरोजगार कुल 25 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं देती है तो यह प्रदर्शन एक जन आंदोलन बनेगा और दिल्ली के युवाओं की आवाज बीजेपी हमेशा बनती रहेगी.

सांसद प्रिंस पासवान केस: कोर्ट के सवाल का जवाब नहीं दे पाई आरोप लगाने वाली महिला

लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस पासवान पर कथित तौर पर लगे रेप के आरोपों पर कोर्ट में नये सिरे से सुनवाई शुरू हो गई है.

Prince Raj Rape Case: एलजेपी सांसद प्रिंस पासवान पर एक युवती ने कथित तौर पर रेप का मामला दर्ज कराया है. मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. इसके बाद सांसद प्रिंस ने राउस एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी.

SHARE THIS:

नई दिल्ली. लोक जन शक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस पासवान (Prince Paswan) पर कथित तौर पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला कोर्ट के सवालों का जवाब नहीं दे पाई. राउस एवेन्यू कोर्ट सांसद प्रिंस पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नये सिरे से सुनवाई कर रही है.दिल्ली की कोर्ट ने पीड़ित महिला से सवाल करते हुए कहा कि वह यह बताएं कि जो आरोप उसके द्वारा लगाए जा रहे हैं, वह कौन सी तारीख की घटना है. पीड़ित महिला के द्वारा कोर्ट में इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया गया. कोर्ट में आज की सुनवाई पूरी हो गई है और कोर्ट कल फिर इस पूरे मामले पर दोबारा सुनवाई करेगा. प्रिंस पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी राउस एवेन्यू कोर्ट के जज विकास धौल सुन रहे हैं.

असल में, इस  कथित रेप मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Petition) पर आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था. जज एमके नागपाल (Judge MK Nagpal) ने प्रिंस राज पासवान की अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश पारित करने से इनकार किया था और जज ने खुद को इस केस से अलग कर लिया था. इसके बाद मामला जिला न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित कर दिया गया था, जिस पर नये सिरे से सुनवाई शुरू हो गई है.

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था प्रिंस राज पर रेप केस
बता दें कि एक युवती ने प्रिंस राज पर कथित रूप से रेप केस दर्ज कराया है. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट के आदेश के बाद प्रिंस राज पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज हुआ है. जाहिर है पीड़िता का दावे में दम नजर आ रहा है. हालांकि, प्रिंस राज भी युवती के खिलाफ इसी साल 9 फरवरी को पहले ही एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं. इस एफआइआर के अनुसार प्रिंस राज ने आरोप लगाया था कि उन्हें युवती ने हनी ट्रैप के तहत फंसाया और फिर बाद में उस युवती ने अपने दोस्त के साथ एक्सटॉर्शन शुरू कर दिया. हालांकि, प्रिंस राज ने यह माना है कि उन्होंने युवती के साथ सेक्स किया था.

Jamia University की वाइस चांसलर राष्‍ट्रीय संचालन सम‍ित‍ि की मैंबर न‍ियुक्‍त, तीन साल का होगा कार्यकाल

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की वीसी प्रो.नजमा अख्तर को राष्ट्रीय संचालन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है.  (File Photo)

National Steering Committee: श‍िक्षा मंत्रालय की ओर से नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क्‍स के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति का गठन क‍िया गया है. अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) की कुलपति प्रो.नजमा अख्तर को भी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय संचालन समिति का कार्यकाल इसकी अधिसूचना की तारीख से तीन साल का होगा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 20:23 IST
SHARE THIS:

नई द‍िल्‍ली. केंद्रीय श‍िक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की ओर से नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क्‍स के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति (National Steering Committee) का गठन क‍िया गया है. अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इसरो (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) की कुलपति प्रो.नजमा अख्तर (Prof. Najma Akhtar) को भी कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है. राष्ट्रीय संचालन समिति का कार्यकाल इसकी अधिसूचना की तारीख से तीन साल का होगा.

बताया जाता है क‍ि इसरो के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति चार राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा यानी स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा, बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या, शिक्षक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा तथा राष्ट्रीय प्रौढ़ शिक्षा के लिए पाठ्यचर्या की रूपरेखा विकसित करेगी.

ये भी पढ़ें: Delhi University : प्रो. योगेश सिंह बने दिल्ली विवि के नए वाइस चांसलर

समिति पाठ्यक्रम सुधारों के प्रस्ताव के लिए इन चार क्षेत्रों से संबंधित एनईपी 2020 की सभी सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए स्कूली शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), शिक्षक शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी. यह समिति उपरोक्त सभी चार क्षेत्रों के विभिन्न पहलुओं पर राष्ट्रीय फोकस समूहों द्वारा अंतिम रूप दिए गए पोजीशन पेपर्स पर चर्चा करेगी.

इसके अलावा यह समिति नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के लिए टेक प्लेटफॉर्म पर प्राप्त स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क से इनपुट प्राप्त करेगी. सभी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा भविष्य से संबंधित क्षेत्रों पर कोविड-19 महामारी जैसी स्थितियों के निहितार्थ पर भी विचार करेगी. समिति विभिन्न हितधारकों, अर्थात राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों को शामिल करने और एनसीईआरटी की कार्यकारी समिति (EC) और शासी निकाय (GB) और शिक्षा पर केंद्रीय सलाहकार बोर्ड (CABE) की बैठकों में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा को अंतिम रूप देगी.

भारत में 2 साल से ऊपर के बच्‍चों को इस महीने से लगेगी कोरोना वैक्‍सीन

भारत में दो साल से ऊपर के बच्‍चों को अगले साल कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा.   (Image:shutterstock)

Covid Vaccine for Children: देश में 32 करोड़ बच्‍चे 12 साल से नीचे के हैं. जिनमें बड़ी संख्‍या दो साल से ऊपर वालों की है. कोरोना टीकाकरण में दो साल से नीचे के बच्‍चों को शामिल नहीं किया जाएगा. ऐसे में दो साल की उम्र पूरी कर चुके सभी बच्‍चों को टीका लगेगा.

SHARE THIS:

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना के खिलाफ वैक्‍सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है. इस अभियान में बुजुर्गो और 45 साल से ऊपर के लोगों के बाद 18 साल की उम्र पार कर चुके सभी लोगों को वैक्‍सीन लगाई जा रही है. हालांकि अभी भी 18 साल से नीचे के किशोर वर्ग और बच्‍चों के वैक्‍सीनेशन (Covid Vaccination for Children) के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि देशभर में स्‍कूल खुलने और तीसरी लहर (Covid Third Wave) की आशंका के दौरान बच्‍चे कोरोना से सुरक्षित रह सकें. इस वक्‍त देश में बच्‍चों को कोविड का टीका (Corona Vaccine) लगाने के लिए वैक्‍सीन कंपनियां ट्रायल कर रही हैं.

बच्‍चों के कोविड वैक्‍सीनेशन को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) में ऑपरेशनल रिसर्च ग्रुप ऑफ द नेशनल टास्‍क फोर्स फॉर कोविड-19 डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि देश में कुल 44 करोड़ बच्‍चे हैं. जिनमें से 12 साल कम उम्र के बच्‍चों की संख्‍या सबसे ज्‍यादा है. वहीं 12 से 17 साल के कुल 12 करोड़ बच्‍चे हैं. फिलहाल भारत में जायकोव डी (ZyCoV-D) को इसी आयुवर्ग के बच्‍चों के टीकाकरण के लिए मंजूरी मिली है. अक्टूबर में किशोर वर्ग को वैक्‍सीन लगना शुरू होने की उम्‍मीद है.

डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि देश में सबसे पहले कोमोरबिड बच्‍चों (Comorbid Children) को कोरोना का टीका लगाया जाएगा. जैसा कि बुजुर्गों और व्‍यस्‍कों के लिए फैसला लिया गया था कि जिन्‍हें पुरानी गंभीर बीमारियां हैं उन्‍हें कोविड का टीका पहले दिया गया था. ठीक उसी तरह 12 से 17 साल के बच्‍चों में भी इसी तरह प्राथमिकता तय की जाएगी. हालांकि कई वैक्‍सीन कंपनियां बच्‍चों के लिए वैक्‍सीन बनाने के साथ ही ट्रायल कर रही हैं ऐसे में सिर्फ 12 करोड़ की आबादी को टीका लगने में ज्‍यादा समय भी नहीं लगेगा.

दो साल से ऊपर के बच्‍चों को जनवरी-मार्च के बीच में लगेगा टीका
डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि देश में 32 करोड़ बच्‍चे 12 साल से नीचे के हैं. जिनमें बड़ी संख्‍या दो साल से ऊपर वालों की है. कोरोना टीकाकरण में दो साल से नीचे के बच्‍चों को शामिल नहीं किया जाएगा. ऐसे में दो साल की उम्र पूरी कर चुके बच्‍चों को ही टीका लगेगा. अक्‍टूबर तक भारत बायोटेक (Bharat Biotech) सहित कई अन्‍य वैक्‍सीन के ट्रायल का परिणाम आने के बाद जहां किशोर वर्ग को टीका लगना शुरू होगा. वहीं दो साल से लेकर 12 साल तक के बच्‍चों को साल 2022 के जनवरी से मार्च महीने के बीच में टीका लगना शुरू हो जाएगा. यह सरकार का लक्ष्‍य है कि अगले साल ही पहली तिमाही से पहले-पहले दो साल से ऊपर के बच्‍चों को टीका लगाना शुरू कर दिया जाएगा.

सत्येंद्र जैन ने सभी विभाग प्रमुखों को दिए निर्देश, कहा- डेंगू रोधी अभियान में लें हिस्सा

उन्होंने कहा कि इस वर्ष सितंबर में अभी तक 87 मामले सामने आए हैं. पिछले वर्ष सितंबर में 188 मामले आए थे. (फाइल फोटो)

सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी नियंत्रण में है. साथ ही समाज तथा सरकार मिलकर कोविड उपुयक्त व्यवहार का पालन कर इन पर जीत हासिल कर सकती है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 20:14 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि डेंगू रोधी अभियान में हिस्सा लें, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि उनके परिसर में डेंगू लार्वा (Dengue Larvae) नहीं पनपे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक डेंगू के जितने मामले सामने आए हैं वे ‘‘नियंत्रण में हैं’’ और दिल्ली सरकार भी सतर्क है और मच्छर (Mosquito) जनित बीमारी से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.

सत्येंद्र जैन ने कहा कि पिछले दो महीने से कोरोना वायरस के मामलों की संख्या भी नियंत्रण में है और समाज तथा सरकार मिलकर कोविड उपुयक्त व्यवहार का पालन कर इन पर जीत हासिल कर सकती है. राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक हफ्ते में डेंगू के 50 से अधिक मामले सामने आए, जिससे इस वर्ष कुल मामलों की संख्या 210 से अधिक हो गई. यह जानकारी सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गई थी. इस महीने 18 सितंबर तक 87 मामले सामने आए हैं जो कुल मामलों का करीब 41 फीसदी हैं. इसमें बताया गया कि महानगर में डेंगू के कारण अभी तक किसी के मौत की खबर नहीं है.

सरकार डेंगू के कारण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है
उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष सितंबर में अभी तक 87 मामले सामने आए हैं. पिछले वर्ष सितंबर में 188 मामले और उसके पिछले वर्ष में 190 मामले सामने आए थे. उससे पहले के वर्षों में 374 (2018), 1103 (2017), 1300 (2016) और 6775 (2015) मामले सामने आए थे.’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सरकार डेंगू के कारण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.

मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे
वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि नोएडा में मलेरिया और कोविड-19 (Malaria And Covid-19) जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे के बीच अब दिमागी बुखार (Brain Fever) ने भी शहर वासियों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. जिले में इस बीमारी के तीन संदिग्ध मामले मिले हैं. हालांकि, अभी बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है. बीमारी की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर सुनील शर्मा (Dr Sunil Sharma) ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने रोगियों का पता लगाने के लिए सात से 17 सितंबर तक घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया था. इसमें बुखार, मलेरिया और टीबी के कई रोगी मिले थे. इसी दौरान तीन लोगों में दिमागी बुखार के लक्षण दिखे.

(इनपुट-  भाषा)

Delhi में हर रोज न‍िकलता है 2 लाख टन E-Waste, न‍िपटान के ल‍िए बनाया ये ब‍ड़ा प्‍लान

ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क की स्थापना की जाएगी.  (फाइल फोटो)

E-Waste Management Eco-Park: द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है. दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी. मुख्‍य सच‍िव को इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति का गठन करने और DPR तैयार करने के ल‍िए सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:44 IST
SHARE THIS:

नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली में जहां गीले और सूखे कूड़े के न‍िपटारे को लेकर कई योजनाओं पर काम क‍िया जा रहा है. वहीं अब बड़ी मात्रा में द‍िल्‍ली में न‍िकलने वाले ई-कचरा (E-Waste) के न‍िपटान की मुह‍िम को भी तेज करने की कवायद की जाएगी. राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र, द‍िल्‍ली में हर रोज करीब 2 लाख टन ई-कचरा उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. इसको ठ‍िकाने लगाने की तैयारी की जा रही है.

द‍िल्‍ली के उप-राज्‍यपाल अन‍िल बैजल (Anil Baijal) की अध्‍यक्षता में आयोज‍ित र‍िव्‍यू मीट‍िंम में फैसला क‍िया है क‍ि ई-कचरे के वैज्ञानिक और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित निराकरण, नवीनीकरण, पुनर्चक्रण और निपटान के लिए दिल्ली में ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क (E-Waste Management Eco-Park) की स्थापना की जाएगी.

मीट‍िंग में द‍िल्‍ली के ड‍िप्‍टी सीएम मनीष स‍िसोद‍िया (Manish Sisodia), स्‍वास्‍थ्‍य एवं ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के अलावा द‍िल्‍ली के मुख्य सचिव व‍िजय कुमार देव, डीडीए वीसी अनुराग जैन, और एमसीडी कम‍िश्‍नर्स भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.

ये भी पढ़ें: Delhi: Mohalla Clinic की तर्ज पर बच्चों के लिए अब स्‍कूलों में खोले जाएंगे ‘स्कूल हेल्थ क्लीनिक’ 

एलजी बैजल ने कहा कि यह अनुमान है कि दिल्ली में लगभग 2 लाख टन ई-कचरा (E-Waste) उत्पन्न होता है जो बिजली के उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, कंप्यूटर और सहायक उपकरण और मोबाइल फोन से निकलता है. उन्‍होंने कहा कि यह कचरा न केवल पर्यावरण के लिए संभावित रूप से बहुत खतरनाक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है.

इसलिए इसका स्थायी निपटान जल्द से जल्द किए जाने की बेहद आवश्यकता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ई-कचरा प्रबंधन पार्क ( e-waste management park) की स्थापना इस उद्देश्‍य की पूर्ति करने की द‍िशा में बड़ा कदम होगा. यह पार्क देश में अपनी तरह का पहला पार्क होगा जोकि दूसरे राज्‍यों के ल‍िए एक उदाहरण भी पेश करेगा.

ये भी पढ़ें: दिल्ली: कनॉट प्लेस में बने स्मॉग टावर का परीक्षण खत्म, इस दिन से पूरी क्षमता के साथ करेगा काम 

इस दौरान व‍िचार व‍िमर्श करने के बाद यह न‍िर्णय भी ल‍िया गया है क‍ि पार्क को समयबद्ध तरीके से स्थापित किया जाए, जिसमें विभिन्न समितियां डीडीए के साथ संयोजन के रूप में उपयुक्त भूमि की पहचान, नवीनतम तकनीक और असंगठित क्षेत्र के एकीकरण के साथ-साथ कचरा संग्रहकर्ता के साथ-साथ एक उपयुक्त मॉडल की पहचान कर रही हैं.

इन सम‍ित‍ियों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय के वैज्ञानिक सलाहकार के अलावा अन्य हितधारकों के रूप में द‍िल्‍ली सरकार, डीडीए, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिन‍िध‍ि भी होंगे.

द‍िल्‍ली के मुख्‍य सच‍िव व‍िजय कुमार देव (Vijay Kumar Dev) को सलाह दी गई है क‍ि इस मामले में जल्‍द से जल्‍द एक संचालन सम‍िति (steering committee) का गठन करें. साथ ही इसके ल‍िए ड‍िटेल प्रोजेक्‍ट र‍िपोर्ट (DPR) तैयार करने के ल‍िए एक सलाहकार का चयन करने की सलाह भी दी गई है. संचालन समित‍ि पार्क के चालू होने तक इस पूरी प्रक्र‍िया की न‍िगरानी करेगी.

Delhi: राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट

रेप और हत्या के मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने के मामले में  राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है. (PTI)

Delhi News: रेप और हत्या के मामले में पहचान उजागर करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा नेता नवीन कुमार जिंदन ने कहा कि मैंने पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत दी थी लेकिन दिल्ली पुलिस ने ने अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया.

SHARE THIS:

नोएडा. दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को एक बलात्कार और हत्या के मामले में नाबालिग के परिजनों की पहचान उजागर (Reveal Identity) करने के मामले में अब तक कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने पुलिस से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) अदालत में जमा कराने के निर्देश दिए हैं. अदालत में मामले की सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर मुक़दमा दर्ज नहीं करने पर नाराज़गी जताते हुए आगामी 29 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

rahul gandhi

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (Pocso Act) के तहत गत 14 अगस्त को बाराखंबा रोड थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस पर कार्रवाई के लिए नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त से गत 19 अगस्त को पुनः अनुरोध किया गया था. इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर मामले की शिकायत अदालत में की गई. इस पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट 29 सितंबर तक देने को कहा है.

शिकायतकर्ता नवीन कुमार जिंदल ने आज यहां राउस एवेन्यू अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी ही महिला विरोधी है. कांग्रेस के नेता कानून और संविधान का मजाक उड़ाना अपना अधिकार समझते हैं. राहुल गांधी के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज़ कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.

दिल्ली से 17 कारतूस लेकर फ्लाइट से पटना जा रहा था शख्स, IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे यात्री के हैंडबैग से 7.53 मिमी कैलिबर की गोलियां बरामद की गईं. उन्होंने बताया कि व्यक्ति पटना के लिए इंडिगो एयरलाइंस (indigo airlines) की उड़ान में सवार होने वाला था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:11 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मियों ने दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Airport) पर एक यात्री को बिना अनुमति के 17 कारतूस (17 Cartridges) रखने के आरोप में पकड़ लिया. यह यात्री पटना जाने वाले विमान में सवार होने वाला था. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे यात्री के हैंडबैग से 7.53 मिमी कैलिबर की गोलियां बरामद की गईं. उन्होंने बताया कि व्यक्ति पटना के लिए इंडिगो एयरलाइंस (indigo airlines) की उड़ान में सवार होने वाला था. उन्होंने कहा कि हथियार और गोला-बारूद ले जाने पर प्रतिबंध है और चूंकि यात्री उन्हें ले जाने के लिए सरकारी अनुज्ञा नहीं दे सका. इसलिए उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया, जिसने उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. दरअसल, सीआईएसएफ को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है.

वहीं, बीते 28 अगस्त की रात को भी  इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात एयर इंटेलिजेंस यूनिट के सीमा शुल्क अधिकारियों ने उज्बेकिस्तान के दो नागरिकों को पकड़ा था, जो 951 ग्राम सोना की तस्करी की कोशिश कर रहे थे. ये दोनों यात्री ग्रीन चैनल के जरिए दुबई से भारत पहुंचे थे. सबसे दिलचस्प बात थी कि इन्होंने सोने की तस्करी के लिए एक अनोखा ही तरीका अपनाया था, जो आज से पहले शायद कभी नहीं देखा गया. दरअसल, उन दोनों उज्बेक नागरिकों में से एक ने सोने की तस्करी करने के मकसद से और अधिकारियों को चकमा देने के लिए 951 ग्राम सोने को कृत्रिम दांत के साथ ही दांत के नीचे बने खोह और धातु की एक चेन में बदल कर उसे मुंह में फिट करा दिया था. जांच के दौरान दोनों उज्बेक नागरिक सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों के चंगुल में फंस गए और फिर उन्हें पकड़ कर लिया गया.

वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था
बता दें कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आए दिन तस्करों की गिरफ्तारी होती रहती है. पिछले साल दिसंबर महीने में इस हवाई अड्डे से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. आरोप था कि व्यक्ति करीब 75 लाख रुपये का सोना (Gold) देश में तस्करी करके लाने की कोशिश कर रहा था. सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि आरोपी पंजाब का रहने वाला है. वह दुबई से दिल्ली पहुंचा था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

(इनपुट- भाषा)

Delhi NCR News: एक्सपर्ट से जानें, कितना जरूरी है कार-बाइक का पीयूसी सर्टिफिकेट

बेहतर सड़कों के लिए मुंडका के लोगों के सड़क पर उतरने से जाम लग गया है. (सांकेतिक फोटो)

दिल्ली सरकार (Delhi Government) का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 19:06 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. कार (Car) और बाइक (Bike) का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) बेशक आपको एक छोटी चीज लगता हो, लेकिन इसे न रखने की लापरवाही अब आप पर भारी पड़ सकती है. अगर आपकी कार या बाइक धुंआ छोड़ रही है या उसे चलाते वक्त आपके पास पीयूसी नहीं है तो अब सिर्फ एक हजार रुपये का जुर्माना भरने से काम नहीं चलेगा. सरकार ने जुर्माने की रकम को 10 गुना कर दिया है. इसके साथ ही 6 महीने की सजा और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) कैंसिल की सजा को भी इसमे जोड़ दिया है. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने अक्टुबर में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को देखते हुए यह कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि दूसरे राजयों से आने वाले वाहन भी दिल्ली में बहुत प्रदूषण फैलाते हैं. वायु प्रदूषण (Air Pollution) को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और भी कई कदम उठा रही है.

दिल्ली में 973 जगहों पर लगी है कार-बाइक का पीयूसी बनवाने की भीड़

दिल्ली में 1 सितंबर 2019 से संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू हो चुका है. जिसके बाद से पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर लगने वाला जुर्माना बढ़ा दिया गया है. इस संशोधन से पहले पीयूसी नहीं होने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगता था. लेकिन संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद अब 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होता है.

लेकिन इस महीने से पीयूसी को लेकर दिल्ली सरकार सख्त हो गई है. दिल्ली सरकार की चेतावनी के बाद से और जुर्माने के रूप में दस गुना बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली के सभी 973 पीयूसी केंद्रों पर भीड़ बढ़ गई है. इसमे सभी पेट्रोल पम्प के केन्द्र भी शामिल हैं.

Noida News: शहर का कूड़ा शहर में ही होगा इस्तेमाल, यह है पूरा प्लान

PUC नहीं है तो इंश्योरेंस भी नहीं होगा

गौरतलब रहे कि अपने एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट भी पीयूसी रखने की अनिवार्यता को लेकर एक आदेश जारी कर चुका है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि बीमा कंपनियां किसी भी कार और बाइक का बीमा करते वक्त यह तय करेंगी कि आप वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी के वक्त पीयूसी पेश करें. जुलाई 2018 को देश में बढ़ते वाहन प्रदूषण पर फिक्र जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को यह निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि जब तक पीयूसी सर्टिफिकेट जमा न हो जाए तब तक वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी री-न्यू नहीं की जाए.

कार-बाइक के साथ इसलिए जरूरी है पीयूसी

रिटायर्ड एआरटीओ बीके यादव का कहना है कि कार और बाइक चलाने के लिए पीयूसी बहुत जरूरी है. पीयूसी सर्टिफिकेट वाहन मालिक को तब मिलता है जब कार या बाइक प्रदूषण कंट्रोल के सभी मानकों को पूरा करती है. इस सर्टिफिकेट का साथ में होने का यह मतलब होता है कि वाहन का प्रदूषण नियमों के अनुसार है. इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हो रहा है. मौजूदा वाहन नीति के मुताबिक सभी वाहनों को पीयूसी रखना जरूरी है. नई गाड़ी के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होती है. वाहन के रजिस्‍ट्रेशन के एक साल के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत पड़ती है. यह 3 से 6 महीने तक का बनता है.

Delhi Meerut Expressway: किसानों के धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का कौन सा हिस्‍सा हो रहा है कमजोर, जानें

एनएचएआई ने लेटर लिखकर धरने को कहीं और शिफ्ट करने की अपील की है.

Delhi Meerut Expressway पर UP Gate पर किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने की वजह से एक्‍सप्रेस वे का Maintenance नहीं हो पा रही है. इस वजह से वो हिस्‍सा कमजोर हो सकता है. इस संबंध में एनएचएआई ने कमिश्‍नर से लेकर डीएम को लेटर लिखकर धरना कहीं और शिफ्ट कराने की अपील की है, जिससे उसका मेंटीनेंस किया जा सके.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:40 IST
SHARE THIS:

नई दिल्‍ली. यूपी गेट (UP Gate) पर करीब 10 माह से किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने से दिल्‍ली-मेरठ एक्‍सप्रेस वे (Delhi Meerut Expressway) का एक हिस्‍सा कमजोर होता है. इस संबंध में नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ  इंडिया (National Highways Authority of India) ने चिंता जताते हुए संबंधित जिलों के डीएम को लेटर लिखा है. जिसमें स्‍पष्‍ट किया है कि अगर धरना स्‍थल के आसपास करीब 300 मीटर में कोई  हादसा होता है तो उसकी जिम्‍मेदारी एनएचएआई की नहीं होगी.

एनएचएआई (NHAI) के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि जहां पर किसानों का धरना चल रहा है, उसके आसपास दस महीने से सड़क और पुल का रखरखाव नहीं हो पा रहा है.  इसकी वजह से एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा कमजोर हो सकता है.  इसके अलावा बरसात में जलभराव की वजह से वहां पेड़ उग आए हैं. जिनकी जड़ें नीचें की ओर पिलर और बे‍यरिंग में जा रही हैं, इसके अलावा बड़े बड़े कील ठोककर तंबू और टेंट लगाए गए हैं. इन वजह से यह हिस्‍सा  कमजोर हो सकता है.

इस मामले पर मेरठ कमिश्‍नर, गाजियाबाद और दिल्ली के शास्‍त्रीनगर जिले के डीएम को पत्र लिखकर हालात की जानकारी दी गई है और कहा है कि यदि उक्त स्थान पर कोई हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदार एनएचएआई की नहीं होगी. उन्होंने किसान आंदोलन को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कराने की अपील की है.

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसान 26 नवंबर 2020 से दिल्ली बॉर्डर पर गाजीपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लगभग 300 मीटर हिस्‍से पर धरना पर बैठे हैं. टेंट-तंबू से बस्ती बनी है. इसके लिए सड़क में गड्ढे किए गए हैं. बारिश में सड़क पर पानी भरा हुआ था. इस वजह से पुल के पिलर, बेयरिंग का रखरखाव भी नहीं हो पा रहा है. सामान्‍यत: हर छह माह में या फिर बारिश के बाद पुलों की जांच की जाती है, जिससे उसमें आने वाली कमी का पता चलता है, उसकी मरम्‍मत  कराई जाती है.

Greater Noida West Metro News: दिसंबर से शुरू होगा मेट्रो का काम, टेंडर निकला

ग्रेनो वेस्ट को मेट्रो ट्रेन की सौगात देने की तैयारी तेज हो गई हैं. File photo

Greater Noida West Metro News: ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का यह काम पिछले साल दिवाली से शुरू होना था, लेकिन लॉकडाउन के चलते योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा. 1100 करोड़ रुपए का है ये प्रोजेक्ट.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:33 IST
SHARE THIS:

ग्रेटर नोएडा. ग्रेनो वेस्ट में मेट्रो ट्रेन का काम दिसम्बर से शुरू हो जाएगा. ठेकेदार कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. यह प्रोजेक्ट 1100 करोड़ रुपए का है. प्रोजेक्ट की डीपीआर पहले ही केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है.

मेट्रो ट्रेन शुरू होने से ग्रेनो वेस्ट भी दिल्ली-एनसीआर से जुड़ जाएगा. अभी तक इस रूट पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी आधारशिला रख सकते हैं. नया रूट करीब 15 किमी का होगा. पहले फेज में 5 मेट्रो रेल स्टेशन बनाए जाएंगे. मेट्रो ट्रेन का यह काम पहले दिवाली से शुरू होना था, लेकिन कोरोना लॉकडाउन के चलते यह योजना लेट होती चली गई. यह रूट पूरी तरह से ऐलिवेटेड होगा.

9 स्टेशन का रूट, 5 से होगी मेट्रो ट्रेन की शुरुआत

गौरतलब रहे नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के मेट्रो का रूट 15 किमी का है, लेकिन शुरुआत सिर्फ 5 मेट्रो स्टेशन से होगी. सभी 5 स्टेशन सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 और ईकोटेक-12 ग्रेटर नोएडा वेस्ट को आपस में जोड़ेंगे. हालांकि इस पूरे रूट पर 9 स्टेशन तैयार होने हैं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होते ही वेस्ट के सेक्टर ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो की ब्‍लू लाइन से भी जुड़ जाएंगे.

Noida-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर अब नहीं लगेगा जाम, जानिए अथॉरिटी का प्लान

1100 करोड़ का है ग्रेनो वेस्ट मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट

जानकारों की मानें तो इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 11 सौ करोड़ रुपये आएगी. नोएडा सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट नॉलेज पार्क 5 तक शुरू होने वाली मेट्रो रेल का पूरा रूट एलिवेटेड होगा. लेकिन अकेले सिविल वर्क पर ही करीब 492 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वैसे इस प्रोजेक्ट को 2019 में ही मंजूरी मिल चुकी थी. इसे साल 2022 में बनकर शुरू भी हो जाना था, लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के चलते यह प्रोजेक्ट लेट होता गया. अब इस प्रोजेक्ट का काम दिसम्बर में शुरू हो जाएगा.

अब ऑटो-ई रिक्शा से मिलने वाला है छुटकारा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन के शुरू होने से इसका एक बड़ा फायदा ग्रेटर नोएडा मेट्रो को भी मिलेगा. नोएडा के परी चौक से बड़ी संख्या में लोग वेस्ट के लिए भी सफर करते हैं, लेकिन कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट न होने के चलते ऑटो और टैक्सी का सहारा लेते हैं. वेस्ट तक मेट्रो शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा होते हुए लोग वेस्ट तक का सफर करने लगेंगे.

दिल्ली: कनॉट प्लेस में बने स्मॉग टावर का परीक्षण खत्म, इस दिन से पूरी क्षमता के साथ करेगा काम

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 23 अगस्त को 24 मीटर ऊंचे इस ढांचे का उद्घाटन किया था.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यह भी कहा कि उसके कामकाज की निगरानी के लिए आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों का एक दल बनाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि इस दल में आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के चार एवं आईआईटी दिल्ली के एक विशेषज्ञ होंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:30 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने बुधवार को कहा कि कनॉट प्लेस (Connaught Place) में बने स्मॉग टावर (Smog Tower) का परीक्षण पूरा हो चुका है और अब वह एक अक्टूबर से पूरी क्षमता के साथ काम करने लगेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उसके कामकाज की निगरानी के लिए आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों का एक दल बनाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि इस दल में आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के चार एवं आईआईटी दिल्ली के एक विशेषज्ञ होंगे. पर्यावरण मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ स्मॉग का परीक्षण पूरा हो हो चुका है. वह एक अक्टूबर से पूर्ण क्षमता के साथ काम करना शुरू कर देगा. ’’ वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 23 अगस्त को 24 मीटर ऊंचे इस ढांचे का उद्घाटन किया था.

स्‍मॉग टॉवर दूषित हवा को अपने अंदर खीचता है और साफ हवा को छोड़ता है. यही नहीं, यह स्‍मॉग टॉवर तकरीबन एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की प्रदूषित हवा को अपने अंदर लेकर साफ हवा की आपूर्ति करता है. खास बात यह है कि यह स्‍मॉग टॉवर दूषित हवा को खींचकर और साफ करके 10 मीटर की ऊंचाई पर छोड़ देगा. दिल्‍ली सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्‍ट के रूप में तैयार करवाया है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में पूरी द‍िल्‍ली में स्‍मॉग टॉवर लगाये जाएंगे, ताकि देश की राजधानी द‍िल्‍ली में वायु प्रदूषण को कम करने में सफलता मिल सके.

स्मॉग टावर के घटक
स्मॉग टावर 24 मीटर यानी आठ माले के बराबर की संरचना है, जिसमें कंक्रीट के टावर की ऊंचाई 18 मीटर है, जबकि उसके ऊपर छह मीटर की कैनोपी है. इसके बेस में चारों ओर 10-10 पंखे लगे हैं. प्रत्येक पंखा प्रति सेकेंड 25 घन मीटर फेंक सकता है, अर्थात एक सेकेंड में कुल 1000 घनमीटर हवा बाहर आ सकती है. टावर के भीतर दो लेयर में कुल 5000 फिल्टर लगाये गये हैं. फिल्टर और फैन अमेरिका से मंगाये गये हैं.

कैसे काम करता है स्मॉग टावर
इस प्रोजेक्ट के प्रभारी एवं दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर ने बताया कि टावर में मिनेसोटा यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित ‘डाउनड्राफ्ट एयर क्लीनिंग सिस्टम’ का इस्तेमाल किया गया है. आईआईटी बम्बई ने इस टेक्नोलॉजी की प्रतिकृति के लिए अमेरिका की इस यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम किया है, जिसे मूर्त रूप दिया है टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की कॉमर्शियल इकाई ने. इस टेक्नोलॉजी के तहत प्रदूषित वायु 24 मीटर की ऊंचाई से अंदर आती है और फिल्टर हुई हवा जमीन से 10 मीटर ऊपर बनाये गये टावर बॉटम से रिलीज होती है. जब टावर के बॉटम स्थित फैन को ऑपरेट किया जाता है, तो निगेटिव प्रेशर के कारण टावर के शीर्ष से हवा अंदर आती है. फिल्टर में लगाये गये ‘मैक्रो’ लेयर में 10 माइक्रॉन और उससे अधिक के कण छनते हैं, जबकि ‘माइक्रो’ लेयर 0.3 माइक्रॉन तक के कणों को फिल्टर करते हैं.

(इनपुट- भाषा)

Delhi Rape Case: चार्जशीट में पुलिस का दावा- पुजारी ने 9 साल की दलित लड़की का पहले भी किया था यौन उत्पीड़न

बिहार के मोतिहारी में 7 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या.

Delhi Rape and Murder Case: पुजारी ने लड़की के माता-पिता को कहा कि उसकी बेटी की मौत करंट लगने से हुई है, और इसे साबित करने के लिए शव पर पानी डाल दिया था. पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची का अंग निकालने के बारे में माता-पिता को डराकर 20000 रुपए देने का भी दिया था भरोसा.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:29 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली के छावनी इलाके में 9 साल की दलित लड़की के साथ कथित रेप और हत्या के बाद उसका आनन-फानन में दाह संस्कार किए जाने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है कि मुख्य अभियुक्त श्मशान घाट के पुजारी ने उसका पहले भी यौन उत्पीड़न किया था. इंडियन एक्सप्रेस ने दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में दाखिल आरोप-पत्र के हवाले से खबर दी है कि 55 वर्षीय पुजारी राधेश्याम ने उस नाबालिग लड़की के साथ पहले भी यौन उत्पीड़न किया था. राधेश्याम के अलावा कुलदीप सिंह (63), लक्ष्मी नारायण (48) और सलीम अहमद (49) को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है.”

अभियुक्तों ने दावा किया है कि नाबालिग लड़की की मौत कूलर से पानी निकालते वक्त करंट लगने से हुई है, जबकि मृतक लडकी के परिजनों का आरोप है कि उन लोगों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और जब वह मर गई तो उसके शव का आनन-फानन दाह संस्कार कर दिया.

पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पूछताछ में किए गए खुलासों, सार्वजनिक गवाहों और सीसीटीवी फुटेज पर भरोसा जताया है. आरोप पत्र में कहा गया है कि राधेश्याम ने पुलिस को बताया था कि उसने पहले भी नाबालिग लड़की को अश्लील चीजें दिखाई थीं और उसके निजी अंगों को छुआ था.
आरोप पत्र के अनुसार, राधेश्याम ने खुद कबूल किया है कि उस दिन उसने सलीम को जलेबी लेने बाहर भेज दिया था और खुद एवं कुलदीप दोनों ने नाबालिग के साथ बारी-बारी दुष्कर्म किया था. पुलिस ने आरोप-पत्र में कहा है कि लड़की की मौत यौन उत्पीड़न के दौरान दम घुटने के कारण हुई थी.

क्या कहता है आरोप पत्र

आरोप-पत्र में कहा गया है कि पुजारी ने लड़की के माता-पिता को बताया गया कि उसकी बेटी की मौत करंट लगने से हुई है, और इसे साबित करने के लिए उन लोगों ने उसके शव पर पानी डाल दिया था. इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची का अंग निकालने के बारे में उसके माता-पिता को डराकर और उसके शव का दाह-संस्कार मुफ्त में करने और 20 हजार रुपये नकद देने का भी प्रस्ताव रखा था. आरोप-पत्र के अनुसार, पुजारी ने सलीम और नारायण को चिता सजाने को कहा और मृतका की मां के मना करने के बावजूद चिता में आग लगवा दी थी.पुलिस के अनुसार, राधेश्याम ने जिस बेडशीट पर नाबालिग से रेप किया था, उसे और जिस मोबाइल फोन पर कथित तौर पर पॉर्न दिखाया था, दोनों को चिता में जला दिया था. श्मशानघाट पहुंचने पर नाबालिग के पिता ने दाह-संस्कार किए जाने का विरोध किया था.

कोर्ट ने क्या कहा

इस बीच राजधानी की एक निचली अदालत ने इस मामले की रोज-रोज सुनवाई करने का दिल्ली पुलिस का अनुरोध ठुकरा दिया है. अतिरिक्त् सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने यह कहते हुए पुलिस की यह अर्जी ठुकरा दी कि इस केस को मिलाकर पॉक्सो के 620 मामले लंबित हैं, जिनके कई अभियुक्त न्यायिक हिरासत में हैं. उन्होंने कहा कि मामले की त्वरित सुनवाई करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन हर रोज सुनवाई संभव नहीं है.

Fear of Corona: DU के कॉलेज तो खुले, लेकिन विद्यार्थी नदारद, बहुत कम उपस्थिति

परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा.

Colleges Open in Delhi: दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने कहा कि हम एक महीने के लिए कॉलेज खोलेंगे और देखेंगे कि प्रयोग कितना सफल होता है. एक छात्रा का कहना कि केवल प्रैक्टिकल के लिए कॉलेज आना बेहतर विकल्प नहीं है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 17:55 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. कोरोना के घटते असर के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने भले ही प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए पांच दिन पहले ही कॉलेज के गेट खोल दिए हैं, लेकिन अब भी विद्यार्थियों (Students) की उपस्थिति काफी कम बनी हुई है. क्योंकि राजधानी दिल्ली से बाहर के अधिकांश विद्यार्थी अभी और इंतजार करना चाहते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डीयू ने अंतिम वर्ष के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रयोगशाला और प्रैक्टिकल कार्यों के लिए 16 सितंबर को अपने कॉलेज खोले थे, छात्र-छात्राएं इन कक्षाओं में ऑफलाइन भी भाग ले सकते हैं. चरणबद्ध तरीके से फिर से खोले गए कॉलेजों में कमरों को आधी क्षमता का इस्तेमाल किया जाना है और सभी थ्योरी कक्षाएं पूरी तरह से ऑनलाइन जारी रहेंगी. पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या काफी कम रही थी, लेकिन ऐसी उम्मीदें थीं कि कालांतर में संख्या और बढ़ेगी, परन्तु कॉलेजों में, अभी भी बहुत कम छात्र पहुंच रहे हैं.

उपस्थिति का प्रतिशत बहुत कम, बाहरी छात्र आ नहीं रहे

हंसराज कॉलेज की प्रिंसिपल रमा ने कहा कि बहुत से छात्र नहीं आ रहे हैं. प्रतिशत के लिहाज से यह कम संख्या है, लेकिन वे लैब और ट्यूटोरियल की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि अधिकांश छात्रों की फिलहाल कॉलेज आने में कोई दिलचस्पी नहीं है. आशंका जताई जा रही है कि तीसरी लहर भी आ सकती है और अभी जो छात्र आ रहे हैं, उन्हें भी ज्यादातर टीकाकरण की एक ही खुराक मिली है. हमारे पास केवल स्थानीय छात्र हैं, बाहरी छात्र वास्तव में नहीं आ रहे हैं.

बाहरी स्टूडेंट्स के लिए आवास भी समस्या

हिंदू कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव ने भी कहा कि विज्ञान विषयों में लगभग 10 से 12 छात्र ही कॉलेज आ रहे थे, यह संख्या बहुत कम है. हमने सिर्फ प्रैक्टिकल के लिए कॉलेज खोला है, थ्योरी के लिए नहीं. साथ ही आवास भी एक समस्या है और माता-पिता भी अपने बच्चों को तीसरी लहर की आशंका के कारण कॉलेज भेजने को उत्साहित नहीं है.

कई कारणों से छात्र कॉलेज नहीं आ रहे

वहीं दौलत राम कॉलेज की प्रिंसिपल सविता रॉय ने कहा कि सिर्फ 30 फीसदी छात्र ही लैब के काम के लिए कॉलेज आ रहे हैं. कई छात्र विभिन्न कारणों से उत्सुक नहीं हैं, खासकर जब थ्योरी क्लासेज अब भी ऑनलाइन हैं. उन्होंने कहा कि खास पाठ्यक्रम, बीएससी लाइफ साइंसेज के कई छात्रों ने मुझे संदेश लिखा है कि वे आना चाहेंगे. इसलिए उनके लिए हमने एक कार्यक्रम तैयार किया है. हम एक महीने के लिए कॉलेज खोलेंगे और देखेंगे कि प्रयोग कितना सफल होता है.

केवल प्रैक्टिकल के लिए आना विकल्प नहीं

मिरांडा हाउस में कम्प्यूटर साइंस के अंतिम वर्ष की छात्रा आरुषि शर्मा ने कहा कि दिल्ली से बाहर के छात्रों के लिए केवल प्रैक्टिकल क्लासेज के लिए कॉलेज आना बेहतर विकल्प नहीं है. आरुषि ने कहा कि मैं तो दिल्ली में रहती हूं, इसलिए एक दिन आ भी गई, लेकिन ज्यादातर छात्राएं नहीं आ रही हैं.

इस बीच डीयू रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने हालांकि कहा कि यूनिवर्सिटी ने दूसरे चरण में कॉलेजों के फिर से खोलने की कोई योजना नहीं बनाई है. उन्होंने कहा कि हम डीडीएमए द्वारा आगे कोई और दिशानिर्देश जारी किये जाने के बाद इस बारे में सोचेंगे.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस तैयार कर रही है टॉप-10 खतरनाक ड्राइवरों की लिस्ट, जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली पुलिस की सूत्रों की मानें तो कुछ खतरनाक ड्राइवरों की पहचान भी कर ली गई है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए अब एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. जिस तरह पुलिस थानों में इलाके के बड़े अपराधियों और टॉप गैंगेस्टर की सूची तैयार करती है, ठीक उसी तर्ज पर अब ट्रैफिक पुलिस भी प्रमुख सड़कों पर चलने वाले खतरनाक ड्राइवरों की सूची तैयार कर रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 17:23 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में होने वाली मौतों (Deaths) को रोकने के लिए अब एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. जिस तरह पुलिस थानों में इलाके के बड़े अपराधियों और टॉप गैंगेस्टर की सूची तैयार करती है, ठीक उसी तर्ज पर अब ट्रैफिक पुलिस भी प्रमुख सड़कों पर चलने वाले खतरनाक ड्राइवरों (Drivers) की सूची तैयार कर रही है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की इस कवायद से राजधानी के प्रमुख सड़कों पर हो रहे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्लान है.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब हर प्रमुख सड़कों पर टॉप-10 खतरनाक ड्राइवरों की पहचान करने में लग गई है. इन दस खतरनाक ड्राइवरों को आने वाले दिनों में रोड सेफ्टी का पाठ भी पढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही ड्राइवरों को चेतावनी दी जाएगी कि अगर इसके बाद भी वह नहीं संभले तो ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होगा ही मोटर व्हीकल कानून के साथ-साथ आपराधिक धाराओं में भी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा.

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, सड़क दुर्घटना, मौत, टॉप गैंगेस्टर, ट्रैफिक पुलिस, खतरनाक ड्राइवरों की सूची, राकेश अस्थाना, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, Drivers Lists, Delhi Traffic Police, Road Accidents, Death, cp delhi, rakesh asthana, Delhi news, Errant Drive,

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब हर प्रमुख सड़कों पर टॉप-10 खतरनाक ड्राइवरों की पहचान करने में लग गई है.

राकेश अस्थाना के सीपी बनते ही शुरू हुई अनूठी पहल
बता दें कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना जब से दिल्ली पुलिस के मुखिया बने हैं, उसके बाद से ही एक के बाद एक नए फैसले लिए जा रहे हैं. अभी हाल भी सीपी ने आदेश जारी किया था कि अब दिल्ली पुलिस के 50 साल से 58 साल तक सिपाही या अधिकारी अपने इच्छा के अनुसार पोस्टिंग ले सकते हैं.

खतरनाक ड्राइवरों की लिस्ट हो रही तैयार
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने खतरनाक ड्राइवरों की लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है. दिल्ली पुलिस की सूत्रों की मानें तो कुछ खतरनाक ड्राइवरों की पहचान भी कर ली गई है. दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खतरनाक ड्राइविंग, रेड लाइट जपिंग, ओवर स्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने के आधार पर हुए चालानों के आधार पर ये सूची तैयार किए जा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: महंत नरेंद्र गिरि से पहले भी MP के इस संत की हत्या-आत्महत्या के बीच उलझ गई थी कहानी

सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आ जाएगी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सूची एक बार तैयार हो जाने के बाद दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आ जाएगी. देश में सड़क दुर्घटनाओं में हो रहे मौतों में ज्यादा मौतें खतरनाक ड्राइविंग, रेड लाइट जपिंग, ओवर स्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने से होती है.

दिल्ली हिंसा: अदालत ने हटाए 10 लोगों के खिलाफ आगजनी के आरोप, कहा- पुलिस खामियों को छुपा रही

अदालत ने आगे कहा कि केवल उन पुलिस गवाहों के बयानों के आधार पर आगजनी के आरोप नहीं लगाए जा सकते जो घटना की तारीख पर संबंधित क्षेत्र में ‘बीट’ अधिकारी के रूप में तैनात थे. (सांकेतिक फोटो)

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव (Vinod Yadav) ने आगजनी के आरोप रद्द करते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं ने अपने शुरुआती बयानों में दंगाई भीड़ द्वारा ’आग या विस्फोटक पदार्थ’ के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा.

SHARE THIS:

नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत (Court) ने दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) के दौरान दुकानों में कथित रूप से लूटपाट करने के दस आरोपियों के खिलाफ आगजनी के आरोप को हटा दिया. इसके साथ ही अदालत ने कहा कि पुलिस एक खामी को छिपाने और दो अलग-अलग तारीखों की घटनाओं को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है. यह मामला तीन शिकायतों के आधार पर दर्ज किया गया था. बृजपाल ने आरोप लगाया था कि दंगाई भीड़ ने 25 फरवरी को बृजपुरी मार्ग (Brijpuri Marg) पर उनकी किराए की दुकान को लूट लिया था. वहीं, दीवान सिंह ने आरोप लगाया था कि 24 फरवरी को उनकी दो दुकानों में लूटपाट की गयी थी.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने आगजनी के आरोप रद्द करते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं ने अपने शुरुआती बयानों में दंगाई भीड़ द्वारा ’आग या विस्फोटक पदार्थ’ के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा. दीवान सिंह ने अपने पूरक बयान में हालांकि कहा कि दंगाई भीड़ ने उनकी दुकान में आग लगा दी. इस पर अदालत ने कहा कि अगर पुलिस में की गयी शुरुआती शिकायत में आगजनी का अपराध नहीं था तो जांच एजेंसी पूरक बयान दर्ज करके ’खामी को नहीं ढंक’ सकती है.

दोनों तारीखों पर एक ही दंगाई भीड़ थी
अदालत ने आगे कहा कि केवल उन पुलिस गवाहों के बयानों के आधार पर आगजनी के आरोप नहीं लगाए जा सकते जो घटना की तारीख पर संबंधित क्षेत्र में ‘बीट’ अधिकारी के रूप में तैनात थे. अदालत ने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रही है कि 24 फरवरी को हुयी घटना को 25 फरवरी की घटना के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है जब तक कि यह स्पष्ट सबूत नहीं हो कि दोनों तारीखों पर एक ही दंगाई भीड़ थी.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज