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जज्‍बे को सलाम: 65 साल के बुजुर्ग ने कड़ी मेहनत के दम पर बनाया पार्क, नाम मिला लंग्स ऑफ सोसाइटी

Ghaziabad News: 65 वर्षीय पीएन बट्ट ने अकेले दम पर इंदिरापुरम के ज्ञान खंड चार में सैकड़ों पौधे लगाकर एक पार्क विकसित कि ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट- विशाल झा

    गाजियाबाद. देश के सबसे प्रदूषित जिले गाजियाबाद में साफ हवा बनी रहे, इसके लिए पिछले कई वर्षों से पीएन बट्ट जी जान से जुटे हुए हैं. पर्यावरण के प्रति लगन और प्रेम ऐसा है कि 65 वर्षीय बट्ट ने अकेले ही इंदिरापुरम के ज्ञान खंड चार में सैकड़ों पौधे लगाकर एक ऐसा पार्क विकसित कर दिया, जिसको आज लंग्स ऑफ सोसाइटी (Lungs Of society ) का नाम मिला है.

    गौरतलब है कि इस पार्क को बनाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम की कोई मदद नहीं ली गई. वहीं, इस सुंदर पार्क में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं आती हैं. इसके अलावा बच्चों के लिए पार्क में झूले भी हैं.

    कैसे हुआ लंग्स ऑफ सोसाइटी का निर्माण
    पीएन बट्ट कश्मीर के श्रीनगर में रहते थे. उनके पिता द्वारकानाथ बट्ट के पास तीन सौ एकड़ जमीन और 10 से अधिक बाग थे. बट्ट के पिता एग्रो इंडस्ट्री चलाते थे. यही कारण है कि पीएन को भी बचपन से ही पेड़-पौधों से लगाव है. बात सन 2000 की है, जब जब पीएन बट्ट अपने परिवार के साथ इंदिरापुरम में आए, तो जीडीए ने घरों के पास पार्क बनाने के लिए जगह छोड़ी थी. उस वक्त वहां सिर्फ एक नीम का एक पेड़ हुआ करता था. पार्क में बहुत सारा मलबा पड़ा हुआ था. इसके बाद पीएन बट्ट ने साफ सफाई कर वहां नीम, पीपल, बरगद, फूल और हरियाली वाले पौधे लगाकर एक पार्क का निर्माण कर दिया.

    खुद ही करते थे पार्क की सफाई
    समय-समय पर पार्क की सफाई भी खुद ही करते थे. हालांकि एक बार गंदगी ज्यादा होने पर पीएन बट्ट ने गार्ड नेत्रपाल को भी अपने साथ मिला लिया था. दोनों ने मिलकर महज 15 दिनों में पार्क को कूड़ा मुक्त कर सौंदर्यीकरण का काम शुरू कर दिया था. दोनों ने मिलकर पार्क में पेड़-पौधे की छठाई और पार्क की सफाई की. पार्क में साफ-सफाई बरकरार रहे इसलिए एक शौचालय भी बनाया गया. वहीं, अब जब पीएन बट्ट पुराने दिनों को याद करते हैं, तो भावुक हो जाते हैं.

    Tags: Environment news, Ghaziabad News, NCR Air Pollution

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