Home /News /uttar-pradesh /

Delhi NCR में प्रदूषण संकट पर बोले राकेश टिकैत- किसानों को दोषी ठहराने वाले माफी मांगें

Delhi NCR में प्रदूषण संकट पर बोले राकेश टिकैत- किसानों को दोषी ठहराने वाले माफी मांगें

Delhi NCR Air Pollution: मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वायु प्रदूषण के लिए किसानों या पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.

Delhi NCR Air Pollution: मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि वायु प्रदूषण के लिए किसानों या पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.

Delhi NCR Pollution: भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण (Delhi NCR Air Pollution) के लिए किसानों या पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए. जो ऐसा कह रहे हैं, उन्हें किसानों से माफी मांगनी चाहिए. टिकैत ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के लिए किसानों को खलनायक बताने वालों को किसानों से माफी मांगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसानों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि केवल 10 फीसदी प्रदूषण ही पराली से होता है और वह भी डेढ़ से दो महीने.’’

अधिक पढ़ें ...

    गाजियाबाद. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की टिप्पणी का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि वायु प्रदूषण (Delhi NCR Air Pollution) के लिए किसानों या पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.

    केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शनों के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने प्रदूषण संकट (Pollution Crisis) के लिए किसान समुदाय को जिम्मेदार ठहराने वालों से माफीनामे की भी मांग की.

    kisan andolan air pollution in delhi

    राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि किसानों पर दोषारोपण करने वालों को माफी मांगनी चाहिए.

    टिकैत ने हिंदी में ट्वीट किया, ‘‘पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के लिए किसानों को खलनायक बताने वालों को किसानों से माफी मांगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसानों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि केवल 10 फीसदी प्रदूषण ही पराली से होता है और वह भी डेढ़ से दो महीने.’’

    टिकैत का बीकेयू , संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) का हिस्सा है, जो नवंबर 2020 से दिल्ली की सीमाओं पर तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है. एसकेएम विवादित कृषि कानूनों की वापसी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग कर रहा है.

    उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से दिल्ली एनसीआर में वायु की गुणवत्ता उस स्तर तक गिरती है, जो मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करती है. वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिये पराली जलाए जाने, औद्योगिक और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और पटाखों जैसे अन्य कारकों को जिम्मेदार माना जाता है.

    केजरीवाल सरकार ने Delhi NCR में एक नीति अपनाने की बात कही 

    गोपाल राय ने प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली एनसीआर के लिए एक समान रणनीति बनाने पर ज़ोर दिया. गोपाल राय ने कहा कि “आज जो बैठक है वो एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमीशन ने अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है. उसमें दिल्ली के अंदर प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली के अंदर कंस्ट्रक्शन वर्क, स्कूल कॉलेज बंद कर दिए हैं. दिल्ली के अंदर work-from-home लागू कर दिया गया है.

    दिल्ली सरकार का प्रस्ताव है कि अगर सभी राज्यों में हमारे आसपास जो राज्य हैं वहां लागू कर सके तो इसका प्रभाव ज्यादा पड़ेगा। हमने दिल्ली में work-from-home किया है लेकिन बाहर से सारी गाड़ियां आ रही हैं. उसका असर दिल्ली पर हो रहा है. कंस्ट्रक्शन हमने बंद किया है और आसपास कंस्ट्रक्शन चल रहा है तो उसका भी असर दिल्ली पर पड़ रहा है. इसलिए हम चाहते हैं कि दिल्ली में जो एक्शन लिए गए हैं उसे सभी जगह (पूरे एनसीआर) पर लागू किया जाए.”

    Tags: Delhi air pollution, Delhi-NCR Pollution, NCR Air Pollution, Rakesh Tikait

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर