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Ghaziabad: यहां सिर्फ धागा बांधने से ही पूरी होती मुराद, रोगों की निवारक भी हैं माता शीतला

गाजियाबाद के अर्थला औद्योगिक क्षेत्र में शीतला माता मंदिर स्थित है. इस मंदिर में ट्रांस हिंडन क्षेत्र से सैकड़ों लोगों क ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- विशाल झा
 गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के अर्थला औद्योगिक क्षेत्र (Arthla Industrial Area) में प्राचीन शीतला माता का मंदिर है. मंदिर की पौराणिकता के कारण ट्रांस हिंडन क्षेत्र में मौजूद दर्जनों गांव के लोग के साथ मेरठ, दिल्ली से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. नवरात्रों में यहां खासी भीड़ रहती है. मंदिर को लेकर एक यह भी मान्यता है कि मंदिर अरथुना गांव के बसने से भी पहले का है, जिसके कारण मंदिर को गुड़गांव वाली माता की 300 साल प्राचीन सिद्ध पीठ भी कहा जाता है.

मंदिर के परिसर में एक पीपल का वृक्ष है. जिसे लेकर मान्यता है कि, मंदिर आने वाले भक्त वृक्ष की परिक्रमा कर माता से अपनी मन्नत मांगते हुए धागा बांध देते हैं. ऐसा करने से भक्तों की मुराज पूरी हो जाती है. वहीं मंदिर की वास्तुकला भी काफी अद्भुत है. मंदिर में एक खाली गुंबद मौजूद है.जिसको लेकर कहा जाता है कि, पहले इसी गुंबद में माता शीतला का वास था. मंदिर में पत्थर को तराश कर भद्रकाली की मूर्ति बनाई गई है. यहां पर मां दुर्गा की भी संगमरमर की विशाल मूर्ति देखने को मिलती है.

क्यों पूजी जाती हैं शीतला माता?
News 18 Local से खास बात करते हुए मंदिर के पुजारी राधे श्याम शुक्ला बताते हैं कि, मंदिर को लेकर ऐस आस्था है कि, माता का दर्शन-पूजन करने से चर्म और चेचक के मरीज ठीक हो जाते हैं.हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार शीतला माता चेचक, खसरा आदि की देवी के रूप में भी पूजी जाती है.इन्हें शक्ति के दो स्वरूप देवी दुर्गा और देवी पार्वती के अवतार के रूप में पूजा जाता है. शीतला माता अपने भक्तों के तन-मन को शीतल कर देती हैं और समस्त प्रकार के तापों का भी नाश करती हैं.

Tags: Ghaziabad News

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