लाइव टीवी

गाजियाबाद शहर में बढ़ता जा रहा है वायु प्रदूषण, ये रही तीन वजह

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 3, 2019, 12:35 PM IST
गाजियाबाद शहर में बढ़ता जा रहा है वायु प्रदूषण, ये रही तीन वजह
गाजियाबाद शहर में बढ़ता जा रहा वायु प्रदूषण (फाइल फोटो)

प्रदूषण की दूसरी सबसे बड़ी वजह खुले में डाला जाने वाला कूड़ा ओर खुले में ही उसे जलाने की प्रक्रिया. आपको बता दें कि गाजियाबाद में अभी तक कोई ऐसा डम्पिंग ग्राउंड नहीं है.जहां कूड़े को डंप किया जा सके. हालांकि एक डम्पिंग ग्राउंड प्रस्तावित है.

  • Share this:
गाजियाबाद. गाजियाबाद जिले में हवा में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा. दिवाली के बाद प्रदूषण स्तर का आंकड़ा बेहद गंभीर श्रेणी में आ गया है. रविवार सुबह प्रदूषण भरी रही. यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लेवल 492 के ऊपर पहुंच गया, जो रेड जोन में आता है. वहीं गाजियाबाद में पीएम 2.5 का स्तर 381 और पीएम 10 का स्तर 339 तक जा पहुंचा. गाजियाबाद का पलूशन लेवल 492 तक पहुंच गया है.

शहर में लगने वाला ट्रैफिक जाम 

शहर में बढ़ते प्रदूषण की पहली बड़ी वजह शहर में लगने वाला ट्रैफिक जाम, क्योंकि गाजियाबाद में आसपास के इलाकों के लाखों लोग रोजाना आवागमन करते हैं. ऐसे में सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव साथ ही जाम की स्थिति बनी रहती है.

कूड़े का नहीं है डम्पिंग ग्राउंड

प्रदूषण की दूसरी सबसे बड़ी वजह खुले में डाला जाने वाला कूड़ा ओर खुले में ही उसे जलाने की प्रक्रिया. आपको बता दें कि गाजियाबाद में अभी तक कोई ऐसा डम्पिंग ग्राउंड नहीं है.जहां कूड़े को डंप किया जा सके. हालांकि एक डम्पिंग ग्राउंड प्रस्तावित है. मगर उसे बनने में अभी काफी वक्त लगेगा. लोगों का कहना है कि इस कूड़े में आग भी निगम के कर्मचारियों द्वारा लगा दी जाती है. जिसे शहर में बड़े पैमाने में वायु प्रदूषण फैलता है.

बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से फैलता प्रदूषण

गाजियाबाद में बढ़ते प्रदूषण की तीसरी और सबसे प्रमुख वजह कंस्ट्रक्शन है. यहां कंस्ट्रक्शन की वजह से ढोल मिट्टी का गुबार आपको कमोवेश पूरे गाजियाबाद में दिख जाएगा. जहां एक तरफ बिल्डर कंस्ट्रक्शन करते नजर आ जाएंगे, वहीं दूसरी ओर NHAI के द्वारा दिल्ली- मेरठ हाइवे का काम भी जोरो शोरो पर चल रहा है. हालांकि गाजियाबाद जिलाधिकारी ने एडवाइजरी जारी किया था, मगर हालात जस के तस बने हुए है. बढ़ते प्रदूषण पोलूशन की वजह से लोगों को सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
Loading...

बढ़ रही हैं ये बीमारियां
हवा में घुले जहर के कारण कई बीमारियां दस्तक दे रही हैं. लोगों को हृदय से जुड़ी बीमारियां, अस्थमा के लक्षण, सांस लेने में दिक्क्त, फेफड़ों में इंफेक्शन बढ़ने लगे हैं. दिवाली के बाद प्रदूषण में बढ़ोतरी होने से अस्पतालों में सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या 20-25 फीसदी तक बढ़ गई है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे रोगियों को प्रदूषण बढ़ने से सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा अटैक के लक्षण बढ़ जाते हैं.

ये भी पढ़ें:

UPPCL में PF घोटाला: CM योगी ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए गाजियाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 3, 2019, 12:35 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...