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Opinion: मोदी सरकार की देन, गाजियाबाद, नोएडा जल्‍द बनेंगे सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब, लाखों को रोजगार मिलेगा

Opinion: मोदी सरकार की देन, गाजियाबाद, नोएडा जल्‍द बनेंगे सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब, लाखों को रोजगार मिलेगा

गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्‍ली किसी भी शहर में आना जाना अब आसान होगा.

गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्‍ली किसी भी शहर में आना जाना अब आसान होगा.

गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा तीनों शहरों में मेट्रो का जाल बिछेगा. जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. इसके साथ ही, ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क टू से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो चलेगी. वहीं, गाजियाबाद से सेक्‍टर 62 नोएडा मेट्रो लिंक की जाएगी.

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नई दिल्‍ली. अगले कुछ वर्षों में गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब (Transport Hub) बनेगा. यहां पर एयरपोर्ट से लेकर रैपिड रेल (Rapid Rail), डेडीकेटेड फ्रेट कोरिडोर से दिल्‍ली मुंबई एक्‍सप्रेस वे, बुलेट ट्रेन (Bullet Train) सब कुछ तैयार हो जाएगा. इस तरह लाखों रोजगार पैदा होंगे. यहां पर प्रस्‍तावित लगभग सभी प्रोजेक्‍ट की शुरुआत भी हो चुकी है. जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट (International Airport) की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक दिन पहले ही की है. आइए जानें एनसीआर की सूरत बदलने और ट्रांसपोर्ट हब बनाने के लिए कौन कौन, कहां कहां प्रोजेक्‍ट चल रहे हैं.

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
जेवर में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट 29650 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इसमें 5 रनवे और 2 टर्मिनल बनेंगे. यहां पर एक साथ 178 प्‍लेन पार्किंग की व्‍यवस्‍था होगी. इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से आईजीआई (IGI) दिल्‍ली से 25 हजार यात्री रोजाना शिफ्ट होंगे. एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 9 करोड़ यात्रियों की होगी. आईजीआई एयरपोर्ट की क्षमता सालाना 6 करोड़ है. यह एयरपोर्ट 2024 तक शुरू हो जाएगा. एयरपोर्ट के आसपास होटल (Hotel), माल्‍स (Malls) और बाजार बनेंगे. इस तरह हजारों की संख्‍या में रोजगार पैदा होंगे.

हिंडन एयरपोर्ट में बढ़ेंगी डोमेस्टिक फ्लाइट
गाजियाबाद का हिंडन एयरपोर्ट शुरू हो चुका है. लेकिन अभी यहां रोजाना नियमित फ्लाइट नहीं शुरू हुई हैं, लेकिन धीरे-धीरे यहां से डोमेस्टिक फ्लाइट (Domestic Flight) बढ़ेंगी. एविएशन एक्‍सपर्ट बताते हैं कि जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद से हिंडन एयरपोर्ट से फ्लाइट की संख्‍या बढ़ेंगी. क्‍योंकि जेवर एयरपोर्ट इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा, वहां पर इंटरनेशनल फ्लाइट का दबाव अधिक होगा. इसलिए ज्‍यादातर डोमेस्टिक फ्लाइट हिंडन से उड़ेंगी. यहां भी होटल, बाजार और मॉल्‍स बनेंगे, जिससे यहां का विकास होगा.

मेट्रो का बिछेगा जाल
गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा तीनों शहरों में मेट्रो का जाल बिछेगा. जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. इसके साथ ही, ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क टू से जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो चलेगी. वहीं, गाजियाबाद से सेक्‍टर 62 नोएडा मेट्रो लिंक की जाएगी. इसके लिए डीपीआर तैयार हो चुका है. इस तरह मेट्रो का पूरा नेटवर्क बन जाएगा, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्‍ली किसी भी शहर में आना जाना आसान होगा.

रैपिड रेल दूरी घटाएगी
दिल्‍ली- मेरठ के बीच रैपिड रेल ट्रांजिस सिस्‍टम तैयार हो रहा है. यह देश की पहले रैपिड रेल होगी. रैपिड रेल निजामुद्दीन से आनंद विहार, गाजियाबाद होते हुए मेरठ जाएगी. 82 किमी का पूरा नेटवर्क 2025 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा. पूरे नेटवर्क में 25 स्‍टेशन बनेंगे, लेकिन 2023 तक गाजियाबाद में 17 किमी का नेटवर्क तक तैयार हो जाएगा, यानी कौशांबी से दुहाई तक रैपिड रेल अगले दो सालों में चलने लगेगी. रैपिड रेल चलने से दिल्‍ली, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ के बीच आना जाना सुगम हो जाएगा. इससे दिल्‍ली गाजियाबाद और मेरठ के बीच की दूरी कम होगी.

दादरी में लिंक होगी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
दादरी से मुंबई तक वेस्टर्न डेडीकेटिड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है. इसी के सहारे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है. इसी प्रकार ईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर अमृतसर, मेरठ, खुर्जा होते हुए कोलकाता निर्माण किया जा रहा है. खुर्जा से दादरी तक कॉरिडोर लिंक करने के लिए ट्रैक बनाया जाएगा, जो ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरिडोर को जोड़ेगी. ऐसे में दादरी सामरिक व औद्योगिक दृष्टि से सबसे बड़ा निवेश केंद्र होगा. फ्रेट कॉरिडोर के नजदीक होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के निवेशकर्ता अपने उत्पादकों को आसानी से देश के किसी भी कोने में ट्रांसपोर्ट कर सकेंगे. इसको देखते हुए दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है.

दिल्‍ली मुंबई एक्‍सप्रेस वे ट्रांसपोर्ट को देगा रफ्तार
1350 किमी लंबे दिल्‍ली मुंबई एक्‍सप्रेस वे गुरुग्राम , राजीव चौक से शुरू होकर मेवात, जयपुर कोटा, भोपाल,अहमदाबाद होते हुए मुंबई जाएगा. इससे दिल्‍ली मुंबई के बीच की दूरी 220 किमी कम हो जाएगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए हरियाणा के बल्लभगढ़ से जेवर एयरपोर्ट तक 6 लेन की 31 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का प्रस्‍ताव है, जिससे एयरपोर्ट लैंड करने वाले यात्री सीधा हरियाणा,जयपुर की ओर सड़क मार्ग से जा सकेंगे.

बुलेट ट्रेन का स्‍टेशन बनेगा
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का एक स्टेशन जेवर एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग पर बनेगा. एयरपोर्ट पर लैंड करने वाले यात्री अगर बुलेट ट्रेन से जाना चाहेंगे तो जा सकेंगे. इसके अलावा कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी से जेवर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों के लिए बुलेट ट्रेन का भी विकल्‍प होगा.

ग्रेटर नोएडा में लाजिस्‍टिक हब का डीपीआर तैयार
ग्रेटर नोएडा में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बन गया है और मंजूरी देते हुए शासन को भेज दिया है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड बैठक में बोड़ाकी के आसपास सात गांवों की 478 हेक्टेयर जमीन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट व लॉजिस्टिक हब विकसित के डीपीआर को मंजूरी दी गई है. ट्रांसपोर्ट हब के तहत तीन परियोजनाएं, बोड़ाकी के पास रेलवे टर्मिनल, अंतर्राज्यीय व लोकल बस अड्डा और मेट्रो कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी. परियोजना के तहत रेलवे टर्मिनल, अंतरराज्यीय व स्थानीय बस अड्डे और तीन किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी. परियोजना में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा

(डिस्‍क्‍लेमर: लेखक वरिष्‍ठ पत्रकार हैं, ये उनके निजी विचार हैं. )

Tags: Airport, Delhi Metro, Employment, Transport department

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