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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले- चीनी का अधिक उत्पादन भविष्य के लिए समस्या, जानें कारण

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले- चीनी का अधिक उत्पादन भविष्य के लिए समस्या, जानें कारण

भारत दुनिया में चीनी का नंबर एक उपभोक्ता और दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

भारत दुनिया में चीनी का नंबर एक उपभोक्ता और दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी उत्पादकों को चीनी का उत्पादन कम करने का सुझाव देते हुए कहा कि चीनी का अधिक उत्पादन भविष्य के लिए समस्या पैदा करेगा. गडकरी ने सुझाव दिया कि चीनी का विकल्प ‘एथेनॉल’ है.

दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चीनी का अधिक उत्पादन भविष्य के लिए समस्या पैदा करेगा. चीनी उद्योग को लेकर ऐसे रास्ते बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिसके माध्यम से एथेनॉल सीधे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेचा जा सके.

चीनी का विकल्प एथेनॉल
नितिन गडकरी का यह बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने चीनी मिलों को सुझाव दिया है कि चीनी का उत्पादन कम करें और एथेनॉल पर ध्यान दें. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी उत्पादकों को चीनी का उत्पादन कम करने का सुझाव देते हुए कहा कि चीनी का अधिक उत्पादन भविष्य के लिए समस्या पैदा करेगा. गडकरी ने सुझाव दिया कि चीनी का विकल्प ‘एथेनॉल’ है. बता दें कि भारत दुनिया में चीनी का नंबर एक उपभोक्ता और दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है.

भारत ने 80 लाख टन चीनी किया एक्सपोर्ट
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का 80 लाख टन चीनी का निर्यात केवल इसलिए संभव हो पाया क्योंकि ब्राजील में चीनी की कीमतें बढ़ गई थीं. उन्होंने कहा कि इस साल ब्राजील उत्पादन बढ़ाने जा रहा है और फिर यह हमारे लिए एक समस्या होगी.

चीनी से ज्यादा एथेनॉल की जरूरत
गडकरी ने कहा कि हमें चीनी से ज्यादा एथेनॉल की जरूरत है. इसके अलावा, बायो-एथेनॉल दूसरा रास्ता है, क्योंकि इसे पारंपरिक एथेनॉल की तुलना में लंबी अवधि के लिए संग्रहित किया जा सकता है. अगर आप चीनी का उत्पादन बढ़ाते हैं, तो यह आपके लिए और अधिक समस्याएं पैदा करेगा. मैं सुझाव दूंगा कि कुछ सरकारी कार्यक्रमों की प्रतीक्षा करने के बजाय एक ऐसी प्रणाली का पता लगाएं, जहां एथेनॉल को स्वतंत्र रूप से बनाई जा सके.

गडकरी ने सलाह देते हुए कहा कि एथेनॉल की मांग पैदा करनी चाहिए और चीनी का उत्पादन बंद करना चाहिए क्योंकि यह अब लाभदायक नहीं है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चीनी उद्योग को ऐसे रास्ते बनाने की कोशिश करनी चाहिए जिसके माध्यम से एथेनॉल सीधे ऑटोमोबाइल उद्योग को बेचा जा सके. सभी ऑटोमोबाइल निर्माताओं को जल्द ही लचीले ईंधन वाले वाहन लॉन्च करने चाहिए, और इससे एथेनॉल की अधिक मांग पैदा करने में मदद मिलेगी.

Tags: Nitin gadkari, Sugar mill, UP news

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