गाजीपुर में मुनादी करके पुलिस ने शवों के जल प्रवाह पर लगाई रोक, दाह-संस्कार की व्यवस्था कराएगा प्रशासन

गाजीपुर जिला प्रशासन ने मुनादी कराकर शवों के गंगा में प्रवाहित करने पर रोक लगा दी है.

गाजीपुर जिला प्रशासन ने मुनादी कराकर शवों के गंगा में प्रवाहित करने पर रोक लगा दी है.

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा में उतराते मिले शवों पर प्रशासन सख्त हो गया है. गाजीपुर डीएम ने कहा कि अब नदियों में शवों के जल विसर्जन पर कड़ी कार्रवाई होगी.

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गाजीपुर. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और बिहार के बक्सर में गंगा में तैरती हुई दर्जनों लाशें मिली थी. इन लाशों के मिलने से हड़कंप मच गया था. इस बीच गाजीपुर में गंगा में उतराए शवों पर प्रशासन सख्त हो गया है. गाजीपुर डीएम ने कहा कि अब नदियों में शवों के जल विसर्जन पर कड़ी कार्रवाई होगी. पुलिस टीम ने नाव में बैठकर श्मशान घाटों पर बाकायदे मुनादी की है. साथ ही गाजीपुर डीएम एमपी सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दाह संस्कार का खर्च वहन करने में असमर्थ है और किसी भी श्मशान में जाता है, हम उन्हें तुरंत 5000 रुपये देंगे और दाह संस्कार का सारा खर्च वहन करेंगे.

गाजीपुर में पुलिस टीम ने श्मशान घाटों पर मुनादी की, जिसमें कहा कि "कृपया गंगा नदी में शवों के जल दफनाने का प्रदर्शन न करें, लेकिन उनका अंतिम संस्कार करें. यदि कोई व्यक्ति दाह संस्कार का खर्च वहन करने में असमर्थ है, तो कृपया हमें सूचित करें. हम उसकी व्यवस्था करेंगे. ” गाजीपुर प्रशासन ने जलाऊ लकड़ी की कीमत 650 रुपये प्रति क्विंटल रखी है और 'डोम राजा' एक शव का अंतिम संस्कार करने के लिए 500 रुपये से अधिक नहीं लेगा. गाजीपुर डीएम ने कहा कि हम प्रत्येक श्मशान में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर रहे हैं, जहां पुलिस कर्मी और लेखपाल तैनात रहेंगे. वह भी लोगों की अंतिम संस्कार में सहायता करेंगे.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी में उतराती हुई लाशों के मिलने से हड़कंप मच गया. गंगा नदी के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार सुबह 4 लाशें उतराती हुए मिलीं. इन लाशों के मिलने से स्थानीय लोगों के साथ नाविक भी परेशान हैं. इस बीच बिहार बॉर्डर पर बक्सर पुलिस ने गंगा नदी में महाजाल लगाया है, ताकि यूपी से आने वाली लाशें यूपी में ही रूक जाएं.
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के पक्के घाटों के उसपार गुरुवार को दो लाशें तैरती हुईं मिली. इसके अलावा गंगा किनारे बालू पर दो शव बहकर आ गए. स्थानीय नाविक लाशों की दुर्गंध से परेशान है. उनका कहना है कि पहले इतने शव गंगा में प्रवाह नहीं किए जाते थे. नाविकों का दावा है कि गंगा उसपार से कोरोना संक्रमित शवों को जल प्रवाहित किया जा रहा है.

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