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Ghazipur News: मुख्तार अंसारी को लगा झटका, पत्नी आफशां अंसारी का शस्त्र लाइसेंस निलंबित

Ghazipur News: डॉन मुख्तार अंसारी को लगा झटका(फाइल फोटो)

Ghazipur News: डॉन मुख्तार अंसारी को लगा झटका(फाइल फोटो)

पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि एंटी माफिया अभियान के तहत लगातार की जा रही कार्रवाई में गाजीपुर पुलिस प्रशासन ने मुख्तार अंसारी की पत्नी आफशां अंसारी के शस्त्र लाइसेंस को निलंबित कर दिया है.

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गाजीपुर. यूपी के बांदा जेल में बंद माफिया विधायक मुख्तार अंसारी (Mafia MLA Mukhtar Ansari) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इसी के तहत मंगलवार को गाजीपुर (Ghazipur) के जिलाधिकारी ने मुख्तार अंसारी की पत्नी आफशां अंसारी (Afshan Ansari) का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया है. इससे पहले गाजीपुर पुलिस ने जेल में बंद मुख्तार अंसारी की पत्नी की लग्जरी ऑडी कार को कुर्क कर लिया था.

पुलिस अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि एंटी माफिया अभियान के तहत लगातार की जा रही कार्रवाई में गाजीपुर पुलिस प्रशासन ने आईएस गैंग 191 के लीडर मुख्तार अंसारी की पत्नी आफशां  अंसारी के शस्त्र लाइसेंस को निलंबित कर दिया है. एसपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस की एक टीम असलहे को जमा कराने के लिए लखनऊ रवाना हो गई है. अब तक गाजीपुर में पुलिस प्रशासन ने एंटी माफिया अभियान के तहत 82 शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर असलहों को सम्बंधित थानों में जमा कराया है. जबकि जिले में 85 शस्त्र लाइसेंस निलंबित किये जा चुके हैं.

बुलेटप्रूफ एम्बुलेंस को लेकर खुलासा
इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने मुख्तार अंसारी की लग्‍जरी बुलेटप्रूफ एम्बुलेंस को लेकर बड़ा खुलासा किया था. बृजलाल ने कहा कि यह मामूली एम्बुलेंस नहीं, बल्कि मुख़्तार का चलता फिरता क़िला है. इस गाड़ी में सेटेलाइट फोन के अलावा हथियार और गुर्गे भी रहते हैं. मुख्तार इनका इस्तेमाल करता है. बता दें कि मऊ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार का विधायक और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी इस वक्त बांदा जेल में बंद है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे बीते छह अप्रैल में पंजाब के रोपड़ जेल से भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच सड़क मार्ग से यहां लाया गया था. (रिपोर्ट- मनीष मिश्रा)

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UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता, ऐसे बहनजी के आर्शीवाद से शुरू हुआ था सफर

UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता (File photo)

Mukhtar Ansari News: साल 2017 में मुख्तार ने अपनी पार्टी का बीएसपी (BSP) में विलय कर दिया और पांचवीं बार विधायक का चुनाव लड़ा. हाथी का साथ मिलने से वह लगातार पांचवीं बार और जेल में रहते हुए तीसरा चुनाव जीतने में कामयाब रहा.

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लखनऊ. आगामी यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में मायावती ने जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Don Mukhtar Ansari) का टिकट काट दिया है. वैसे यह कोई पहली बार नहीं होगा, जब माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को बीएसपी (BSP) से बाहर का रास्ता दिखाया है. मुख्तार ने अपने सियासी करियर की शुरुआत बीएसपी से ही की थी. 1996 में वह हाथी की सवारी कर वह पहली बार विधानसभा पहुंचा था. हालांकि कुछ दिनों बाद ही मायावती ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया था. 2002 और 2007 का चुनाव वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता.

2009 के लोकसभा चुनाव से पहले उसने दोबारा हाथी की सवारी की. उस चुनाव में बीएसपी ने उसने वाराणसी सीट से बीजेपी नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था. लोकसभा के इस चुनाव में मुख्तार को हार का सामना करना पड़ा और थोड़े दिन बाद ही उसे फिर से बाहर कर दिया गया. साल 2012 में अंसारी ब्रदर्स ने अपनी अलग पार्टी कौमी एकता दल बनाई. मुख्तार अंसारी 2012 में अपनी घर की पार्टी से चुनाव लड़कर लगातार चौथी बार विधायक बना. साल 2017 में मुख्तार ने अपनी पार्टी का बीएसपी में विलय कर दिया और पांचवीं बार विधायक का चुनाव लड़ा. हाथी का साथ मिलने से वह लगातार पांचवीं बार और जेल में रहते हुए तीसरा चुनाव जीतने में कामयाब रहा.

यह भी पढ़ें- UP Poll-Tricks: मुख्तार कबूल करेंगे AIMIM की पेशकश? देखें, लाभ-नुकसान का गणित

दरअसल मुख्तार का टिकट काटने और उससे दूरी बनाए जाने के बीएसपी सुप्रीमों मायावती के फैसले के पीछे उसका लम्बा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले उसके जेल से बाहर आने के सभी रास्ते बंद होना तो है ही, साथ ही पार्टी को यह भी लगता है कि पिछले तकरीबन सोलह सालों से लगातार जेल में रहने की वजह से मऊ सीट पर मुख्तार का दबदबा अब पहले जैसा रहा भी नहीं. मुख्तार अंसारी पिछ्ला तीन चुनाव सिर्फ 8 हजार या इससे भी कम वोटों से ही जीतने में कामयाब रहा है. योगी सरकार ने माफियाओं-बाहुबलियों और दूसरे अपराधियों के खिलाफ जिस तरह का अभियान चलाया है और इन ऑपरेशनों के चलते सूबे में संगठित अपराधों पर जैसा अंकुश लगा है, उसी के नतीजे के तौर पर ही मायावती अब मुख्तार से तौबा कर लिया है.

मुख्तार अंसारी की पत्नी और सालों पर जमीन पर अवैध कब्जा करने का मुकदमा

UP: गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी और दो सालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

Ghazipur News: गाजीपुर के थाना नंदगंज पुलिस द्वारा मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी, अनवर शहजाद, सरजील रजा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

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गाजीपुर. उत्तर प्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत गाजीपुर (Ghazipur) जिले में थाना नंदगंज पुलिस द्वारा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) की पत्नी अफशा अंसारी, अनवर शहजाद, सरजील रजा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. विकास कंस्ट्रक्शन के पार्टनर्स के तौर पर अफशा व अन्य पर फतेहुल्लाहपुर में ताल की जमीन पर अवैध कब्जा कर अपने गोदाम के लिए अवैध सड़क निर्माण करने के संबंध में FIR 227/21 अंतर्गत धारा 447 IPC, 3/5 सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 पंजीकृत किया गया है. बता दें 28 अगस्त, 2021 को गाजीपुर पुलिस और प्रशासन ने फतेहुल्लाहपुर स्थित इस ताल की जमीन को अवैध कब्जे से अवमुक्त करा दिया था.

बता दें कि गाजीपुर के नन्दगंज थाना क्षेत्र के फतेहुल्लाहपुर गांव में मुख्तार अंसारी का गोदाम है. जहां मुख्तार ने तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क बनवा रखी थी. पिछले दिनों पुलिस और प्रशासन की टीम ने मुख्तार अंसारी द्वारा बनवायी गयी अवैध सड़क निर्माण को ध्वस्त कर दिया. मुख्तार अंसारी का गोदाम विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी की मिल्कियत है. ये कंपनी मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी और मुख्तार के सालों अनवर शहजाद और सरजील रजा की है.

UP: माफिया मुख्तार अंसारी पर कसा शिकंजा, गाजीपुर प्रशासन ने अवैध सड़क पर चलवाया JCB

आरोप है कि मुख्तार अंसारी ने अपने निजी फायदे के लिए गोदाम पर जाने के लिए तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क बनवा रखी थी. जिसे पुलिस प्रशासन ने जेसीबी के जरिये ध्वस्त कर दिया.

मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई (मई 2021 तक)

माफिया मुख्‍तार अंसारी गैंग के 244 सदस्यों पर आजमगढ़, मऊ, वाराणसी में की गई कार्रवाई में 1 अरब 94 करोड़ 82 लाख 67 हजार 859 रुपये की संपत्ति ध्वस्त/जब्त की गई. मुख्तार गैंग के 158 अपराधी हुए गिरफ्तार, तो 122 असलहों के लाइसेंस निरस्त होने के साथ 110 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर लगा है. 30 के खिलाफ गुंडा एक्ट और 6 पर NSA की कार्रवाई की गई है.

UP Election 2022 : सत्‍ता की चाहत में अखिलेश यादव ने अपने ही नियमों पर लगाया विराम, जानें यू-टर्न की वजह

अखिलेश यादव ने खुद मुख्‍तार अंसारी के बड़े भाई और बेटे की सपा में एंट्री कराई है.

UP Assembly Election 2022: विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं. इसको लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बना रहे हैं. इस बीच यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने खुद मुख्‍तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी (Sibgatullah Ansari) और उनके बेटे को पार्टी में एंट्री देकर बड़ा दांव खेला है. इन दिनों वे सपा का चाल, चरित्र और चेहरा बदलने से ज्‍यादा जीतने वाले कैंडिडेट पर फोकस कर रहे हैं.

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गाजीपुर/ लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सूबे की सियासत में दलबदल का खेल शुरू हो गया है. इसी बीच मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी (Sibgatullah Ansari) के साथ उनके बेटे मन्नू अंसारी ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. जबकि सपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने खुद अंसारी परिवार को पार्टी की सदस्‍यता दिलाई. हालांकि एक समय अखिलेश अपनी छवि को साफ सुथरा रखने के लिए मुख्‍तार अंसारी को सपा में शामिल होने की वजह से अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से अदावत कर बैठे थे.

बता दें कि अखिलेश यादव ने 2016 में मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में यह कहते हुए विलय रद्द कर दिया था कि माफियाओं की उनकी पार्टी में कोई जगह नहीं है. यही नहीं, इस वजह से सपा अखिलेश और शिवपाल के गुट में बंट गई थी. जबकि अंसारी और चाचा के बीच सक्रिय भूमिका निभाने वाले मंत्री बलराम यादव को भी अपनी कैबिनेट से बर्खास्‍त कर दिया था. वैसे शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव की सहमति से कौम एकता दल का सपा में विलय करवाया था.

क्‍या मुख्तार अंसारी की सपा में हो गई बैकडोर एंट्री?
मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी और उनके बेटे मन्नू अंसारी के समाजवादी पार्टी का दामन थामने के साथ यूपी की सियासत में इस बात की चर्चा हो रही है कि पिछले दो चुनाव में हार की वजह से अखिलेश यादव अपनी क्‍लीन इमेज के बजाए जिताऊ उम्‍मीदवारों की तलाश में हैं. वहीं, इसे मुख्‍तार अंसारी की सपा में बैकडोर एंट्री करार दिया जा रहा है.

क्‍या 2017 और 2019 में हुए नुकसान से घबरा गए अखिलेश?
बता दें कि 2016 में अखिलेश यादव ने न सिर्फ कौमी एकता दल का सपा में विलय रद्द कर दिया था बल्कि चाचा द्वारा अंसारी बंधुओं को दी गई सीटें भी रद्द करते हुए उनकी जगह दूसरे प्रत्‍याशी उतार दिए थे. इसके बाद अंसारी बंधुओं ने अपनी पार्टी का विलय बसपा में कर लिया था. उस वक्‍त मुख्‍तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि अखिलेश ने अपनी ब्रांडिंग के लिए हमारा अपमान किया है और उनको इसका नुकसान उठाना पड़ेगा. इसका असर न सिर्फ 2017 के विधानसभा चुनाव बल्कि 2019 के लोकसभा चुनावों में भी देखने को मिला. यही वजह है कि अब सपा का चाल, चरित्र और चेहरा बदलने से ज्‍यादा जीतने वाले कैंडिडेट पर फोकस है. यही वजह है कि सपा अध्‍यक्ष लगातार ऐसे लोगों को पार्टी में शामिल कर रहे हैं, जिनकी छवि दागदार रही है.

पूर्वांचल के जेम्‍स बांड हैं अंसारी बंधु
पूर्वांचल में अंसारी बंधुओं की छवि जेम्‍स बांड सरीखी है और करीब पांच से छह जिलों में उनकी अच्‍छी पकड़ है, जिसमें दर्जनभर विधानसभा सीटें आती हैं. ऐसा माना जाता है कि गाजीपुर, मऊ, वाराणसी, बलिया, आजमगढ़ और चंदौली में मुस्लिम समुदाय में अंसारी बंधुओं की स्‍वीकार्यता और ये लोग उन्‍हीं के इशारे पर वोट डालते हैं. लिहाजा सपा ने पुराने नुकसान को देखते हुए अंसारी बंधुओं को पार्टी में जगह दी है. सिबगतुल्लाह अंसारी, मुख्‍तार और अफजाल तीने भाई हैं.

सिबगतुल्लाह अंसारी रहे हैं दो बार विधायक
मुख्‍तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी गाजीपुर की मोहम्‍मदाबाद सीट से दो बार विधायक रहे हैं. हालांकि 2017 में मोदी लहर की वजह से उन्‍हें भाजपा की अलका राय से हार झेलनी पड़ी थी. वहीं, यह लगभग तय हो गया है कि इस बार सपा मोहम्‍मदाबाद से उनको या फिर उनके बेटे को टिकट देगी. वहीं , सपा का दामन थामने वाले मुख्‍तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को भी सपा मऊ से टिकट दे सकती है. साफ है कि अंसारी बंधुओं की सपा में एंट्री के साथ गाजीपुर और मऊ की जंग दिलचस्‍प होने जारी रही है. हालांकि सपा और अखिलेश यादव को इसका कितना फायदा मिलेगा यह वक्‍त ही बताएगा.

वैसे भाजपा ने अंसारी बंधुओं की सपा में एंट्री को लेकर कहा कि समाजवादी पार्टी का पहिया अपराधियों के बिना पैडल मारे नहीं घूम सकता. सपा और बसपा ने यूपी में अपराध और अपराधियों को बढ़ावा दिया है.

UP Election 2022: मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह आज सपा में होंगे शामिल, अखिलेश यादव भी रहेंगे मौजूद

UP Election 2022: मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह आज सपा में होंगे शामिल (File photo)

UP Chunav 2022: बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतुल्लाह अंसारी पेशे से अध्यापक रहे हैं. तीनों भाइयों में सबसे बड़े सिबगतुल्लाह दो बार विधायक भी रह चुके हैं.

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रिपोर्ट- मनीष मिश्रा

गाजीपुर. उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव (2022 Uttar Pradesh Assembly Election) को लेकर तमाम राजनितिक दलों में हलचल तेज है. हर पार्टी अपने सियासी समीकरण साधने की तैयारी में जुटी हुई है. इसी बीच मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मुश्किलों के बीच उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी के साथ उनके बेटे मन्नू अंसारी शनिवार को लखनऊ में सपा की सदस्यता लेंगे. मुहम्मदाबाद विधानसभा से दो बार विधायक रहे चुके मुख्तार के बड़े भाई सिबगतुल्लाह भोर में समर्थकों के साथ गाजीपुर से लखनऊ पहुंच गए हैं. वह 11 बजे अखिलेश यादव की मौजूदगी में सदस्यता लेंगे. खबर ये भी है कि मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी भी जल्द सपा में शामिल हो सकते हैं.

उधर, बलिया जनपद के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी शनिवार को सपा में शामिल होंगे. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर अंबिका चौधरी अपने पुत्र एवं जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद चौधरी भी सपा का दामन थामेंगे. बता दें कि अगले साल 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सपा समेत बीजेपी, कांग्रेस और बसपा सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारी में जुट गए हैं. सपा सिबगतुल्लाह अंसारी को पार्टी की सदस्यता देकर इलाके के राजनीतिक माहौल में नए तरह का सियासी समीकरण तैयार करेगी. दरअसल 2017 के विधानसभा चुनावों के पहले अंसारी बंधु अपनी पार्टी कौमी एकता दल से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लेते हुए एसपी में शामिल हो गए थे. बाद में अखिलेश यादव के ऐतराज के बाद उन्होंने एसपी से अलग होकर बीएसपी में शामिल होना पड़ा था.

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गाजीपुर की सियासत पर नजदीक से निगाह रखने वालों की मानें तो उनके एसपी में शामिल होने के साथ मोहम्मदाबाद सीट पर पहले से एसपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की दावेदारी करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. सिबगतुल्लाह अंसारी पेशे से अध्यापक रहे हैं. तीनों भाइयों में सबसे बड़े सिबगतुल्लाह अंसारी दो बार विधायक भी रह चुके हैं. इनके भाई और बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी इन दिनों बांदा जेल में बंद हैं.

UP: माफिया मुख्तार अंसारी पर कसा शिकंजा, गाजीपुर प्रशासन ने अवैध सड़क पर चलवाया JCB

UP: माफिया मुख्तार अंसारी पर कसा शिकंजा (फाइल फोटो)

Ghazipur News: गाजीपुर के नन्दगंज थाना क्षेत्र के फतेहुल्लाहपुर गांव में मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) का गोदाम है. जहां मुख्तार ने तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क बनवा रखी थी. पुलिस और प्रशासन की टीम ने मुख्तार अंसारी द्वारा बनवायी गयी अवैध सड़क निर्माण को ध्वस्त कर दिया है.

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गाजीपुर. उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं. जहां एक तरफ योगी सरकार उसके अवैध सम्राज्य को खत्म करने में जुटी है, तो वहीं दूसरी तरफ गाजीपुर (Ghazipur) में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को मुख्तार अंसारी के गोदाम पर जाने वाली सड़क को ध्वस्त कर दिया है. बताया जा रहा है कि अंसारी ने सरकारी तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क का निर्माण करवाया था.

बता दें कि गाजीपुर के नन्दगंज थाना क्षेत्र के फतेहुल्लाहपुर गांव में मुख्तार अंसारी का गोदाम है. जहां मुख्तार ने तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क बनवा रखी थी. पुलिस और प्रशासन की टीम ने मुख्तार अंसारी द्वारा बनवायी गयी अवैध सड़क निर्माण को ध्वस्त कर दिया है. मुख्तार अंसारी का गोदाम विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी की मिल्कियत है. ये कंपनी मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशा अंसारी और मुख्तार के सालों अनवर शहजाद और सरजील रजा की है. मुख्तार अंसारी ने अपने निजी फायदे के लिए गोदाम पर जाने के लिए तालाब पर कब्जा कर अवैध सड़क बनवा रखी थी. जिसे पुलिस प्रशासन ने जेसीबी के जरिये ध्वस्त कर दिया.

25 माफियाओं की 11 अरब से ज्यादा संपत्ति जब्त हो चुकी
यूपी सरकार द्वारा सूचीबद्ध 25 माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के तहत 11 अरब, 28 करोड़, 23 लाख 97 हजार 846 रुपये (11,28,23,97846 रुपये) की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई. इसमें अतीक अहमद गैंग की सबसे ज्यादा 3 अरब, 25 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है. वहीं, उसके बाद मुख्तार अंसारी गैंग की करीब 2 अरब की संपत्ति जब्त की गई है.

मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई (मई 2021 तक)
माफिया मुख्‍तार अंसारी गैंग के 244 सदस्यों पर आजमगढ़, मऊ, वाराणसी में की गई कार्रवाई में 1 अरब 94 करोड़ 82 लाख 67 हजार 859 रुपये की संपत्ति ध्वस्त/जब्त की गई. मुख्तार गैंग के 158 अपराधी हुए गिरफ्तार, तो 122 असलहों के लाइसेंस निरस्त होने के साथ 110 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर लगा है. 30 के खिलाफ गुंडा एक्ट और 6 पर NSA की कार्रवाई की गई है.

Army Bharti 2021: UP के इन 12 जिलों के लिए सेना में आईं भर्ती, आवेदन के लिए बचे सिर्फ 4 दिन

भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

Indian Army Recruitment Rally 2021: भारतीय सेना के 7 पदों के लिए प्रस्‍तावित भर्ती प्रक्रिया 6 सितंबर से वाराणसी के रणबांकुरे स्‍टेडियम में शुरू होने जा रही है. यह भर्ती प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगी.

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नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश के 12 जिलों मे रहने वाले नौजवानों के लिए भारतीय सेना भर्ती अभियान शुरू करने जा रही है. सेना के विभिन्‍न पदों के लिए उत्‍तर प्रदेश के जिन 12 जिलों से भर्ती होनी हैं, उनमें आजमगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, सोनभद्र और वाराणसी शामिल हैं. भारतीय सेना ने इस भर्ती अभियान के लिए 8 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी किया था. करीब सात पदों के लिए जारी भर्ती अभियान के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्‍त है. भारतीय सेना में भविष्‍य तलाश रहे जिन नौजवानों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, वे सेना की आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in के जरिए 21 अगस्‍त तक आवेदन कर सकते हैं.

इन पदों के लिए होनी है भर्ती रैली:
सैनिक (सामान्य ड्यूटी),
सैनिक (तकनीकी),
सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक),
सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा),
सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी),
सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र)

शैक्षणिक योग्यता

  • सैनिक (सामान्य ड्यूटी) :
    (i) कुल 45% अंकों के साथ कक्षा 10वीं या मैट्रिक पास, प्रत्‍येक विषय में न्‍यूनतम 33% अंक.
    (ii) ग्रेडिंग सिस्टम बोर्ड से पास अ‍भ्‍यर्थियों के लिए सभी विषयों में ‘डी’ ग्रेड और एग्रीगिएट में ‘सी-2’ ग्रेड.

सैनिक (तकनीकी) :
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा):
(i) भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विषय से 10+2/ इंटरमीडिएट पास की हो.
(ii) अंग्रेजी में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में न्‍यूनतम और कुल 40% अंक.

सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी):
(i) कला, विज्ञान या वाणिज्‍य स्‍ट्रीम से 10 + 2/ इंटरमीडिएट परीक्षा पास की हो.
(ii) सभी विषयों में न्‍यूनतम 50% अंक.
(iii) सभी विषयों में कुल 60% अंक हों.
(iv) 12 वीं की कक्षा में अंग्रेजी, गणित और अकाउंट्स/बुक कीपिंग की पढ़ाई की हो.

सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र):
(i) 33% अंकों के साथ 10 वीं कक्षा पास हों.

आयु सीमा
सैनिक (सामान्य ड्यूटी) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 2000 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए. वहीं, सैनिक (तकनीकी), सैनिक (विमानन/गोला बारूद परीक्षक), सैनिक (नर्सिंग सहायक / नर्सिंग सहायक पशु चिकित्सा), सैनिक (क्लर्क / स्टोर कीपर तकनीकी) और सैनिक ट्रेडमैन (सभी शस्त्र) पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्‍यर्थियों जन्‍म 1 अक्‍टूबर 1998 से 1 अप्रैल 2004 के बीच का होना चाहिए.

चयन प्रक्रिया
रैली के दौरान अभ्यर्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण, शारीरिक मापन और चिकित्सा परीक्षण किया जाएगा. इन सभी मापदंडों में खरे उतरने वाले अभ्यर्थियों का चुनाव सामान्य प्रवेश परीक्षा के लिए किया जाएगा.

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UP के 24 जिलों में बाढ़ से विकट हुए हालात तो जनता की मदद करने उतरे CM योगी

UP में 24 जिले आए बाढ़ की चपेट में

उत्‍तर प्रदेश की ज्यादातर नदियां (River) खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हालात विकट हो गए हैं. गंगा नदी बदायूं, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बाढ़ (Flood) के हालात दिनों-दिन गंभीर होते जा रहे हैं. 24 जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं. गंगा, यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अब बाढ़ से मोर्चा लेने के लिए निकल पड़े हैं. आपदा के दौरान ग्राउंड जीरो पर टीम लीडर के तौर पर डटे रह कर हालात से पार पाने के संकल्प के तहत वह बाढ़ से निपटने की तैयारियों को परखने और इसकी विभीषिका से प्रभावित जनता की मदद के लिए पिछले एक सप्ताह के दौरान बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक का दौरा कर चुके हैं. उधर, सीएम योगी ने कहा, ‘हर जरूरतमंद तक पहुंचेगी मदद, यह संकल्प है.’

इस क्रम में वह अब तक बुंदेलखंड के जालौन, हमीरपुर, इटावा और औरैया का दौरा कर चुके हैं. शुक्रवार को सीएम योगी वाराणसी में थे. इस दौरान जोखिम की परवाह किये बिना बाढ़ की जमीनी हकीकत जानने के लिए उफनाती गंगा में नाव से चल दिए. आज बलिया और गाजीपुर में भी उन्होंने बाढ़ का जायजा लिया. हर दौरे में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण, बाढ़ पीड़ितों के लिए किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जमीनी सत्यापन, स्थानीय प्रशासन के साथ बाढ़ के हालात, राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के साथ जरूरी निर्देश भी देते हैं. वाराणसी दौरे के दौरान तो उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मिर्जापुर, भदोही और चंदौली के बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्यों की भी समीक्षा की.

बता दें कि बाढ़ से अब तक प्रदेश के करीब दो दर्जन जिलों के 1200 गांव प्रभावित हैं. इनके लिए सरकार की ओर से 982 राहत शिविर बनाए गए हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाने के लिए 2200 नावों लगाई गई हैं. 600 से अधिक मेडिकल टीमें लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी रहीं हैं. 614 बाढ़ चौकियां हालात पर लगातार नजर रखे हैं. बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अब तक करीब 2 लाख लंच पैकेट, 22 हजार राशन किट बांटे जा चुके हैं.

ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से ऊपर
उत्‍तर प्रदेश की ज्यादातर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे हालात विकट हो गए हैं. गंगा नदी बदायूं, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. इसके अलावा यमुना बांदा और प्रयागराज में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. शारदा नदी लखीमपुर खीरी में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि घाघरा बलिया में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. प्रदेश के 9 जिलों- इटावा, जालौन, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, लखनऊ, बलिया, और वाराणसी में NDRF की टीमों को तैनात किया गया है. (रिपोर्ट- मनीष मिश्रा)

UP Live News Update: राजस्थान, हरियाणा, MP से पानी छोड़ने से यूपी में बाढ़ के हालात: CM योगी

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद जिले-जिले जाकर बाढ़ राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं. गाजीपुर में उन्होंने हवाई सर्वेक्षण के साथ राहत सामग्री भी वितरित की. (Video Grab)

Uttar Pradesh latest News 13 August 2021 live: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में लगातार जिलों में जाकर बाढ़ का जायजा ले रहे हैं. आज गाजीपुर में पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़ने से ये हालत हुई है.

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UP Live News Update: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश में लगातार जिलों में जाकर बाढ़ (Flood) का जायजा ले रहे हैं. आज गाजीपुर (Ghazipur) में पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़ने से ये हालत हुई है. उन्होंने कहा, “ मैं लगातार बाढ़ प्रभावित जनपदों का निरीक्षण कर रहा हूं. मैं बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा कर रहा हूं.” सीएम ने कहा कि गाजीपुर में 32 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है. ज्यादा से ज्यादा राहत सामग्री वितरित किये जाने की आवश्यकता है. राहत सामग्री समय पर वितरित की जानी चाहिए. जन प्रतिनिधि सभी बाढ़ पीड़ितों से मिल कर उनकी समस्याएं दूर करें. बाढ़ के मद्देनजर युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है.

UP के बाढ़ग्रस्त 24 में से 11 जिलों में औसत से कम बारिश, फिर भी क्यों बनी ये हालत?

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में भी बाढ़ (Flood) का कहर जारी है.

UP News: उत्तर प्रदेश के 11 जिलों फतेहपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कौशाम्बी, इटावा और जालौन में औसत से कम बारिश हुई. लेकिन फिर भी ये जिले बाढ़ की चपेट में हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में इस समय 24 जिले बाढ़ (Flood) से प्रभावित हैं. और हैरानी की बात है कि जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई वे इलाके भी बाढ़ के पानी में समां गए हैं. यूपी के बाढ़ ग्रस्त 24 जिलों में से 11 जिले कम बारिश वाले हैं. इस सवाल के जवाब से पहले कुछ आंकड़ों पर नज़र ज़रूरी है.

यूपी के 24 जिलों फतेहपुर, गोण्डा, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, गोरखपुर, बहराइच, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, चित्रकूट, फर्रूखाबाद, कानपुर देहात, भदोही, कौशाम्बी, इटावा, वाराणसी, बलिया, हमीरपुर, बांदा, जालौन, प्रयागराज और मिर्जापुर में बाढ़ आई है. इन इलाकों की करीब 5 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है. पहली नजर में लगता है कि इन जिलों में जमकर बरसात हुई होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. इनमें से 11 जिलों फतेहपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कौशाम्बी, इटावा और जालौन में औसत से कम बारिश हुई है. चंदौली, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात में तो औसत से 50 फीसद यानी आधी ही बारिश हुई है, फिर भी बाढ़ आ गई.

इसकी मुख्य वजह है नदियों का उफान. ये जरूरी नहीं कि यूपी से होकर बहने वाली नदियों में उफान तभी आएगा जब यूपी में भारी बारिश होगी. नेपाल, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर आने वाली नदियां भी तब उफनाने लगती है, जब इन प्रदेशों में भारी बारिश हो जाती है. पिछले एक हफ्ते में मध्य प्रदेश और राजस्थान में जमकर पानी गिरा है. ये सारा का सारा पानी गंगा और यमुना में बहकर यूपी में आ रहा है.

खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गाजीपुर में बाढ़ और राहत कार्यों का जायजा लेने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़े जाने से ये हालत हुई है.

सिंचाई विभाग में फ्लड कंट्रोल के इंजीनियर इन चीफ अशोक सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा पानी का स्तर राजस्थान और एमपी से आने वाली नदियों में दर्ज किया जा रहा है. इसी वजह से यमुना में पानी बढ़ गया है. यमुना प्रयागराज में गंगा से मिल जाती है. ऐसे में पहले से उफनती गंगा में पानी का स्तर और बढ़ गयाअब बनारस के आगे गंगा का जलस्तर बढ़ेगा. बाकी जगहों पर जलस्तर में कमी आने लगी है.

Ambulance Case: मुख्तार अंसारी के 3 निजी सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार, बाहुबली ने फिर दोहराई TV की मांग

UP: मुख्तार अंसारी एंबुलेंस केस में बाहुबली मे 3 सहयोगी बाराबंकी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं.

Barabanki News: बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने बैरक में टेलीविजन लगाने की मांग दोहराते हुए कोर्ट से कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद जेल मैन्युअल के हिसाब से अभी तक बैरक में टेलीविजन नहीं लगाया गया है.

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बाराबंकी. बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी एंबुलेंस मामले (Mukhtar Ansari Ambulance Case) में लंबे समय से फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामिया पांच आरोपियों में से तीन को बाराबंकी पुलिस (Barabanki Police) ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए सभी आरोपी गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. इन लोगों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि यह सभी एंबुलेंस में चालक और मुख्तार के निजी सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करते थे. इन तीनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है. अभी इस मामले में दो ईनामी आरोपियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है.

इस बीच एंबुलेंस मामले में बांदा जेल से बाराबंकी न्यायालय में वर्चुअल सुनवाई के दौरान मुख़्तार अंसारी ने अपने बैरक में टेलीविजन लगाने की मांग फिर दोहराई है.

बाराबंकी के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि बाराबंकी बस स्टाप के पास से गाजीपुर जिले के मोहम्मदपुर थाना के मोहल्ला कसाई जफरपुर युसुफपुर के फिरोज कुरैशी, मंगल बाजार के शाहिद और मोहल्ला 57 दर्जी में रहने वाले सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ ने भी पूछताछ की.

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि यह लोग एंबुलेंस में मुख्तार के साथ चलते थे. यही लोग ही एंबुलेंस को पंजाब लेकर गए थे. एंबुलेंस के ड्राइवर तो कभी अवैध शस्त्र लेकर मुख्तार के साथ निजी सुरक्षाकर्मी के तौर पर रहते थे.

एसपी ने बताया कि इस एंबुलेंस मामले में कोतवाली में दर्ज मुकदमे में अब तक मऊ के संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डॉ. अलका राय, उसके सहयोगी डॉ. शेषनाथ राय, आनंद यादव, राजनाथ यादव, मो. सैयद मुजाहिद, मो. जाफरी उर्फ शाहिद, सलीम को जेल भेजा चुकी है, जबकि मुख्तार बांदा जेल में बंद है.

वहीं 25 हजार के ईनामी गाजीपुर के ही मोहम्मदपुर थाना के सदर रोड मोहम्मदाबाद का जफर उर्फ चंदा और महरूपुर का अफरोज खां उर्फ चुन्नू अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं. जिनकी तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा.

अभी तक नहीं लगाया गया टीवी: मुख्तार

वहीं एंबुलेंस मामले में बांदा जेल से बाराबंकी न्यायालय में वर्चुअल सुनवाई भी हुई. विशेष सत्र न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट के जज कमलकांत श्रीवास्तव ने मुख्तार अंसारी को आरोपों पर वकालतनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. इसकी अगली सुनवाई विशेष अदालत ने 16 अगस्त को तय की है. मुख्तार अंसारी ने अपने बैरक में टेलीविजन लगाने की मांग दोहराते हुए कोर्ट से कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद जेल मैन्युअल के हिसाब से अभी तक बैरक में टेलीविजन नहीं लगाया गया है. मुख्तार ने कहा कि इस ऐंबुलेंस केस में मुझे राजनैतिक द्वेष की वजह से फर्जी फंसाया गया है.

ये है पूरा मामला

दरअसल बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए 2013 में फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक एंबुलेंस का एआरटीओ बाराबंकी में रजिस्ट्रेशन करवाया था. पंजाब की रोपड़ जेल से पेशी पर जाते समय बाराबंकी नंबर UP 41 AT 7171 की यह एंबुलेंस अचानक काफी चर्चा में आ गई थी. मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस का यह किस्सा 31 मार्च, 2021 को सामने आया था. जांच के बाद 2 अप्रैल, 2021 को इस मामले में एआरटीओं की तहरीर पर मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय पर बाराबंकी नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया. यही नहीं बाराबंकी पुलिस की टीम ने पंजाब से पांच अप्रैल, 2021 को इस एंबुलेंस को भी बरामद भी कर लिया था. उसके बाद बाराबंकी पहुंची यह एंबुलेंस नगर कोतवाली के माल खाने में दाखिल है और परिसर में दूसरे वाहनों के बीच खड़ी कंडम हो रही है.

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