गाजीपुर लोकसभा सीट: अफजाल अंसारी के सामने मनोज सिन्हा के लिए कठिन लड़ाई

मनोज सिन्हा बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में इस सीट से तीन बार संसद पहुंच चुके हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 24, 2019, 2:20 PM IST
गाजीपुर लोकसभा सीट: अफजाल अंसारी के सामने मनोज सिन्हा के लिए कठिन लड़ाई
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Updated: April 24, 2019, 2:20 PM IST
गाजीपुर लोकसभा सीट पर इस बार चुनाव मजेदार होने जा रहा है. केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा एक बार फिर इस सीट से दावेदार हैं. जबकि उनके सामने गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में बीएसपी के अफजाल अंसारी हैं. अफजाल अंसारी पूर्वांचल के बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई हैं और इस सीट से वो 2004 में सांसद रह चुके हैं.

मनोज सिन्हा बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में इस सीट से तीन बार संसद पहुंच चुके हैं. बीजेपी हैवीवेट राजनीतिज्ञ सिन्हा की वजह से यह सीट इस बार हाई-प्रोफाइल मानी जा रही है. 2014 में मनोज सिन्हा यहां से चुनाव जीते तो मोदी सरकार मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दी गई है. वो वर्तमान में मोदी सरकार में रेल राज्य मंत्री के अलावा संचार राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) के पद पर हैं.

राजनीतिक करियर

मूलत: गाजीपुर के रहने वाले मनोज सिन्हा ने बीएचयू युनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है. बीएचयू में पढ़ाई करने के दौरान ही वो विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे. छात्र राजनीति से रास्ता तय करते हुए वो 1989 से 1996 तक बीजेपी की नेशनल काउंसिल की सदस्य रहे. 1996 में गाजीपुर से वो पहली बार चुनाव जीते फिर 1999 में उन्होंने जीत दर्ज की. दो बार सांसद बनने की वजह से मनोज सिन्हा की पार्टी में धमक बढ़ी.

मनोज सिन्हा को बीजेपी साइलेंट परफॉरमर कहा जाता है. तेरहवीं लोकसभा में एक सांसद के तौर पर उन्होंने बेहतरीन काम किया. लो प्रोफाइल रहकर लोगों से कनेक्ट स्थापित करने के लिए पार्टी के भीतर उनकी काफी इज्जत की जाती है.

गाजीपुर में एक चुनावी सभा के दौरान मनोज सिन्हा


अफजाल अंसारी
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अफजाल अंसारी का परिवार भी जिले के रसूखदार परिवारों में गिना जाता है. उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में गिने जाते हैं. वो आजादी से पहले कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों के अध्यक्ष थे.

अफजाल अंसारी पांच बार विधायक और एक बार गाजीपुर सीट से ही सांसद रह चुके हैं. अफजाल अंसारी के बड़े भाई मुख्तार अंसारी बाहुबली हैं और उन पर चालीस से अधिक आपराधिक मामले हैं.

समीकरण

इस सीट पर 18 लाख से अधिक मतदाता हैं. कुल सात विधानसभा क्षेत्र हैं. इनमें गाजीपुर सदर, जमानियां, सैदपुर, जंगीपुर और जखनियां गाजीपुर लोकसभा में आती हैं. पुरुष मतदाताओं की संख्या 1009105 है. महिला मतदाता 842685 हैं.

जातीय समीकरण

इस लोकसभा सीट में सवर्ण मतदाताओं की संख्या निर्णायक मानी जाती है. ओबीसी, एससी और अल्पसंख्यकों की भी ठीक-ठाक संख्या है. 2014 के चुनाव में एसपी और बीएसपी अलग होकर चुनाव लड़े थे. इस बार ये गठबंधन में एक साथ हैं. ऐसे में मनोज सिन्हा के लिए लड़ाई पिछली बार से कठिन है.



राही मासूम रजा की धरती 

हिंदी के ख्यातिनाम साहित्यकार राही मासूम रजा की जन्मस्थली भी गाजीपुर है. राही मासूम रजा ने कई बार अपने उपन्यासों के प्लॉट गाजीपुर की जमीन से ही उठाए. दूरदर्शन पर महाभारत धारावाहिक की स्क्रिप्ट और डायलॉग लिखने की वजह से उन्हें 'आधुनिक वेद-व्यास' की संज्ञा से भी नवाजा जाता है. राही मासूम रजा के अलावा गाजीपुर की जमीन ने सरयू पांडे जैसे बड़े कम्यूनिस्ट नेता भी देश को दिए हैं.

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First published: April 24, 2019, 1:42 PM IST
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