रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने अभिभावक की तरह इस गरीब बच्ची का कराया एडमिशन

यूपी के गाजीपुर जिले में रविवार को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा तीन साल की बच्ची को गोद में लेकर एडमिशन कराने स्कूल पहुंचे.

Manish Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 14, 2018, 8:36 PM IST
Manish Mishra
Manish Mishra | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 14, 2018, 8:36 PM IST
यूपी के गाजीपुर जिले में रविवार को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा तीन साल की बच्ची को गोद में लेकर एडमिशन कराने स्कूल पहुंचे. दरअसल यहां रहने वाली एक दिव्यांग महिला की तीन साल की बेटी गरीबी के चलते स्कूल नहीं जा पा रही थी. महिला का पति जेल में हैं और वह इतनी असहाय कि उसके लिए दो जून की रोटी का बंदोबस्त कर पाना भी बड़ी चुनौती है. ऐसे में बेटी की पढ़ाई उसके लिए किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं. ऐसे में मंत्री जी मासूम बच्ची की बेहतर शिक्षा के लिए न सिर्फ निर्देश दिये हैं, बल्कि खुद को बच्ची का अभिभावक भी बताया.

शहर के शाह फैज पब्लिक स्कूल में बच्चों की आज छुट्टी थी. लेकिन छुट्टी का बावजूद यहां चलह-पहल थी. रेल राज्यमंत्री मनोज स्कूल पहुंचकर एक अभिभावक के रूप में गरीब बच्ची का नर्सरी क्लास में एडमिशन करवाया. इतना ही नहीं गरीबी को देखकर मंत्री मनोज सिन्हा ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी ले ली. तीन साल के लिए रिंकू के लिए खाने-पीने से लेकर आवश्यकता की सभी चीजें मंत्री मनोज सिन्हा के जरिए उसे दी गई.

दिव्यांग रिंकू के पति ने ही उस पर जानलेवा हमला किया था. तब उसकी बेटी मात्र कुछ महीने की थी. पति ने रिंकू का गला काट दिया और मारपीट में उसकी उंगलियों के नश भी कट गए. 20 दिन इलाज के बाद किसी तरह से रिंकू की जान किसी तरह बच गई. जिसके बाद वह गरीबी में जीवन बिता रही थी, तभी उसके हालत के बारे में मंत्री मनोज सिन्हा को जानकारी हुई.
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