चित्रकूट जेल गैंगवार: मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने सरकार के सिस्टम पर खड़े किए ये सवाल!

मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने सरकार के सिस्टम पर खड़े किए ये सवाल! (File photo)

मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने सरकार के सिस्टम पर खड़े किए ये सवाल! (File photo)

अफजाल (Afzal) ने कहा कि पुलिस के अनुसार अंशु ने दो हत्या करने के बाद 5 कैदियों को बंधक बना लिया था. पुलिस चाहती को आंसू गैस छोड़कर उसे पकड़ सकती थी, लेकिन पुलिस (Police) ऐसा नहीं किया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जिला जेल में गैंगवार (Chitrakoot Jail Gang war) के बाद उत्तर प्रदेश शासन तक हड़कंप मचा हुआ है. जेल के भीतर हुए गैंगवार के बाद माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बड़े भाई और गाजीपुर से सांसद (MP) अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) ने सरकार के सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यूपी की जेलों में चार चौबंद व्यवस्था का जिक्र होता है लेकिन फिर भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. जो बहुत ही चिंता की बात है. गाजीपुर से बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी ने बीजेपी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है.

न्यूज 18 से बात करते हुए अफजाल अंसारी ने कहा, सुरक्षा को लेकर सवाल बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की नहीं, सवाल है पूरे सिस्टम की जहां, हजारों कैदी प्रदेश के अलग-अलग जेलों में बंद है. उन्होंने कहा कि चित्रकूट जेल में मर्डर हुए तीन, लेकिन आरोपी एक भी नहीं हैं. बीएसपी सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि कहानी ऐसी बनाई गई, जिससे पूरी घटना की फाइल बंद हो जाए. उन्होंने कहा कि अगर आरोपी जिंदा होता तो वह बताता कि जेल के अंदर हथियार कैसे आया और उसने क्यों मारा. अंसारी ने आरोप लगाया कि कैदी अंशु दीक्षित को जानबूझकर मारा गया. जिससे राज खुल ना सकें.

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अफजाल ने कहा कि पुलिस के अनुसार अंशु ने दो हत्या करने के बाद 5 कैदियों को बंधक बना लिया था. पुलिस चाहती को आंसू गैस छोड़कर उसे पकड़ सकती थी, लेकिन पुलिस ऐसा नहीं किया. कोई सूरज तो डूब नहीं रहा था. अगर वो जिंदा बचता तो कहानी खुलकर सामने आती. उन्होंने कहा कि यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था फेल हो चुकी है. अफजाल ने कहा कि 6 अप्रैल के बाद उत्तर प्रदेश के जेलों में मुलाकात बंद है. ऐसे में हथियार जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचा.? गाजीपुर के बीएसपी सांसद ने पूरी घटना एक सुनियोजित लगती है. वहीं चित्रकूट जेल में हुई घटना पर सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. क्योंकि उत्तर प्रदेश की जेल अब सुरक्षित नहीं है.
ये है पूरा मामला

बता दें शुक्रवार सुबह जेल में कैद अंशु दीक्षित ने पिस्टल से यहां बंद मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली और मुकीम उर्फ काला पर गोली चला दी. हमले में दोनों की मौत हो गई. मुकीम काला पश्चिम यूपी का बड़ा बदमाश था. वहीं जवाबी कार्रवाई में अंशु दीक्षित को पुलिस ने मार गिराया. मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है. जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है.

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