पढ़िए, शहीद कर्नल एमएन राय का आखिरी व्‍हाट्स एप स्‍टेटस

जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के त्राल इलाके में आतंकियों से हुई एक मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल एमएन राय की जिंदगी युवाओं के लिए प्रेरणा स्‍त्रोत रहेगी। शहीद कर्नल एमएन राय को एक दिन पहले ही गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

News18
Updated: January 29, 2015, 2:20 PM IST
पढ़िए, शहीद कर्नल एमएन राय का आखिरी व्‍हाट्स एप स्‍टेटस
जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के त्राल इलाके में आतंकियों से हुई एक मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल एमएन राय की जिंदगी युवाओं के लिए प्रेरणा स्‍त्रोत रहेगी। शहीद कर्नल एमएन राय को एक दिन पहले ही गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
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Updated: January 29, 2015, 2:20 PM IST
जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के त्राल इलाके में आतंकियों से हुई एक मुठभेड़ में शहीद हुए कर्नल एमएन राय की जिंदगी युवाओं के लिए प्रेरणा स्‍त्रोत रहेगी। शहीद कर्नल एमएन राय को एक दिन पहले ही गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

शहीद कर्नल राय ने 11 दिसंबर 2014 को अपना व्‍हाट्सएप स्‍टेटस अपडेट किया था। इसे व्हाट्स-एप पर स्टेटस में उन्‍होंने लिखा था कि 'जिंदगी में बड़ी शिद्दत से निभाओं अपना किरदार कि परदा गिरने के बाद भी तालियां बजती रहे।' कर्नल ने जाते-जाते ऐसा काम कर भी दिया उनके जाने के बाद भी उनके लिए तालियां बजती रहेंगी। गुरुवार को दिल्‍ली कैंट में उनका अंतिम संस्‍कार किया गया।

कर्नल राय सेना में सर्वोच्‍च रैंक वाले अधिकारी थे। गणतंत्र दिवस को उन्‍हें सरकार की ओर से युद्ध सेवा मेडल से सम्‍मानित किया गया था।  दुश्‍मन को गोली मारना मेरी ड्यूटी' शहीद कर्नल राय के साथ पुलिस कांस्‍टेबल संजीव सिंह भी शहीद हुए हैं। संजीव ने करीब 48 दिनों पहले अपने व्‍हाट्स एप स्‍टेटस अपडेट किया था। इस स्‍टेटस में संजीव ने लिखा था, 'दुश्‍मन को गोली मारना मेरी ड्यूटी है और मुझे इस बात का कोई भी अफसोस नहीं है। मुझे अफसोस होगा कि मैं लोगों की जान नहीं बचा सका, सैनिकों, अपने साथियों और मासूम लोगों की रक्षा नहीं कर सका।'

कर्नल राय को मंगलवार की सुबह इंटेलीजेंस इनपुट मिले थे कि ट्राल के एक गांव में स्थित घर में कुछ आतंकवादी छिपे हुए हैं। वह क्विक रिएक्‍शन टीम के साथ जिसमें आठ से 12 जवान शामिल थे, इस जगह के लिए रवाना हो गए। सेना के सूत्रों की मानें तो कर्नल राय की टीम ने इस जगह पर पहुंचकर तलाशी लेना शुरू किया। घर में रहने वाले लोग, जिन पर संदेह है कि वह आतंकियों के रिश्‍तेदार हैं, ने उनसे अनुरोध किया कि वह तलाशी ने लें क्‍योंकि इससे लोग उन्‍हें गांव से अलग कर देंगे। कर्नल उन लोगों से आतंकियों के बारे में डिटेल्‍स ले रहे थे कि तभी हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसी गोलीबारी में वह बुरी तरह से घायल हो गए थे।

...तो बच सकती थी कर्नल एमएन राय की जान, देखिए अंतिम संस्‍कार की तस्‍वीरें

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First published: January 29, 2015, 2:20 PM IST
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