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गाजीपुर: फेसबुक बना सहारा, दक्षिण अफ्रीकी परिवार ने खोजा अपने पूर्वजों का गांव

 दक्षिण अफ्रीकी के एडी बोधा और उनके परिवार की फोटो
दक्षिण अफ्रीकी के एडी बोधा और उनके परिवार की फोटो

फेसबुक के जरिए दक्षिणी अफ्रीका का एक परिवार ने अपने पूर्वजों की जन्मस्थली को तलाश करते हुए 140 साल बाद गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र के दरौली गांव पहुंच गए.

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फेसबुक के जरिए दक्षिणी अफ्रीका का एक परिवार ने अपने पूर्वजों की जन्मस्थली को तलाश करते हुए 140 साल बाद गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र के दरौली गांव पहुंच गए. इस परिवार का अपने पूर्वजों की माटी पर पैर रखते ही उनके खुशी का ठिकाना नहीं था.

उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह उस गांव में खड़े हैं जिससे उनका खून का रिश्ता है. उनके देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा और उनका भव्य स्वागत किया. दक्षिण अफ्रीकी परिवार के मुखिया एडी बोधा अपने साथ पत्नी, पुत्र, सास, श्वसुर और चाचा-चाची को भी लाए थे.

बता दें, कि जमानियां क्षेत्र के दरौली निवासी रामफूल यादव 20 वर्ष की युवावस्था में आज से लगभग 140 वर्ष पूर्व सन 1878 में दक्षिण अफ्रीका चले गए थे. वर्तमान में साउथ अफ्रीका के मूल निवासी और पेशे से सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट रामफूल यादव है.



उनके वंशजों में शामिल एडी बोधा से प्राप्त प्रामाणिक अभिलेखों को देखने के बाद पता चला कि पानी वाली जहाजरानी का काफिला कोलकाता से 140 साल पहले कभी शुरू होकर करीब दो माह बाद रामफूल को लेकर दक्षिण अफ्रीका पहुंचा था.
तब से आज तक जमाना अपनी रफ्तार में था और दरौली भी अपनी पहचान बनाता हुआ रेल के नक्शे पर है. संयोग से करीब 140 साल बाद रामफूल के वंशजों का काफिला दरौली गांव पहुंचा. एडी बोधा जब दरौली भ्रमण के लिए आए तो ओमप्रकाश यादव सहित उनके परिवारीजन, दोस्तों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया. ग्रामीणों ने उन्हें नम आंखों से विदा किया और फिर आने के वादे के साथ.
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