वाराणसी हादसे में गाजीपुर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की दर्दनाक मौत

नंदगंज थाना के क्षेत्र के सहेड़ी गांव के रहने वाले खुशहाल राम अपने बेटे संजय की कीमोथेरेपी कराने के अपनी बोलेरो गाड़ी से वाराणसी गये थे. खुशहाल के दूसरे पुत्र शिवबचन राम भी साथ में गये थे. बोलेरो ड्राइवर वीरेंद्र चला रहा था.

Manish Mishra | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 16, 2018, 12:29 PM IST
वाराणसी हादसे में गाजीपुर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की दर्दनाक मौत
संजय राम की पत्नी सरोज. Photo: News 18
Manish Mishra
Manish Mishra | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 16, 2018, 12:29 PM IST
वाराणसी में हुये हादसे से पूरा देश आहत है पर जनपद ग़ाज़ीपुर के सहेड़ी गांव के एक परिवार की तो दुनिया ही उजड़ गई. इस परिवार के तीन सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए. ये उसी बोलेरो गाड़ी में सवार थे, जो फ्लाईओवर की बीम के नीचे दब गई थी. हादसे में इनके साथ ड्राइवर की भी मौत हो गई. इस घटना से सहेड़ी गांव में मातम पसर गया है.

नंदगंज थाना के क्षेत्र के सहेड़ी गांव के रहने वाले खुशहाल राम अपने बेटे संजय के इलाज के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी से वाराणसी गये हुए थे. खुशहाल राम के दूसरे पुत्र शिवबचन राम जो सिचाई विभाग में कर्मचारी थे, साथ में गये थे. बोलेरो ड्राइवर वीरेंद्र चला रहा था. संजय का वाराणसी के कैंसर अस्पताल में इलाज चल रहा था, जिसको दिखाने के लिये ये लोग वाराणसी गये हुये थे. संजय की कीमोथेरपी चल रही थी.

कीमोथेरेपी के बाद ये लोग ग़ाज़ीपुर वापस लौट रहे थे और हादसे के वक्त उसी पुल के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी पुल का हिस्सा उनकी बोलेरो गाड़ी के ऊपर गिर गया और गाड़ी में सवार खुशहाल राम (रिटायर्ड शिक्षक) और उनके दो पुत्रों शिवबचन राम और संजय राम की मौत हो गयी. जिस बोलेरो से ये लोग वाराणसी गए थे और हादसे का शिकार हो गए वो बोलेरो संजय चलाते थे और उससे अपना जीवन यापन करते थे.

हादसे के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है और महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है. संजय और शिवबचन की पत्नी और 10 वर्षीय बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है. साथ ही पूरा परिवार सदमे से नही उबर पा रहा है. संजय की पत्नी और उनका बेटा और साथ ही पूरा परिवार घटना के लिये सरकार को दोषी मान रहा है. परिवार को लोगों का कहना है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिये.

शिवबचन राम के पुत्र नीलेश राम ने बताया कि शाम को भोजन क्या बनेगा, ये पूछने के लिए पिता को फोन किया तो किसी दूसरे शख्स ने फोन उठाया, उसने घटना की जानकारी दी. पिता जी चाचा को दवा दिलाने गए थे. लौटते समय ये हादसा हुआ. नीलेश इस पूरी घटना के लिए सरकार को दोषी मानते हैं. कहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

संजय राम की पत्नी सरोज कहती हैं सभी जब गए थे तो कह रहे थे कि लौटने में देर हो जाएगी, भोजन धीरे-धीरे बनाना, ताकि गर्म खाने को मिले. इसके बाद अस्पताल से फोन आया कि आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है. सरोज ने बताया कि कमाई का जरिया यही बोलेरो गाड़ी थी, जिसे हाल ही में संजय ने खरीदा था.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर