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वाराणसी हादसे में गाजीपुर के एक ही परिवार के 3 सदस्यों की दर्दनाक मौत

संजय राम की पत्नी सरोज. Photo: News 18
संजय राम की पत्नी सरोज. Photo: News 18

नंदगंज थाना के क्षेत्र के सहेड़ी गांव के रहने वाले खुशहाल राम अपने बेटे संजय की कीमोथेरेपी कराने के अपनी बोलेरो गाड़ी से वाराणसी गये थे. खुशहाल के दूसरे पुत्र शिवबचन राम भी साथ में गये थे. बोलेरो ड्राइवर वीरेंद्र चला रहा था.

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वाराणसी में हुये हादसे से पूरा देश आहत है पर जनपद ग़ाज़ीपुर के सहेड़ी गांव के एक परिवार की तो दुनिया ही उजड़ गई. इस परिवार के तीन सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए. ये उसी बोलेरो गाड़ी में सवार थे, जो फ्लाईओवर की बीम के नीचे दब गई थी. हादसे में इनके साथ ड्राइवर की भी मौत हो गई. इस घटना से सहेड़ी गांव में मातम पसर गया है.

नंदगंज थाना के क्षेत्र के सहेड़ी गांव के रहने वाले खुशहाल राम अपने बेटे संजय के इलाज के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी से वाराणसी गये हुए थे. खुशहाल राम के दूसरे पुत्र शिवबचन राम जो सिचाई विभाग में कर्मचारी थे, साथ में गये थे. बोलेरो ड्राइवर वीरेंद्र चला रहा था. संजय का वाराणसी के कैंसर अस्पताल में इलाज चल रहा था, जिसको दिखाने के लिये ये लोग वाराणसी गये हुये थे. संजय की कीमोथेरपी चल रही थी.

कीमोथेरेपी के बाद ये लोग ग़ाज़ीपुर वापस लौट रहे थे और हादसे के वक्त उसी पुल के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी पुल का हिस्सा उनकी बोलेरो गाड़ी के ऊपर गिर गया और गाड़ी में सवार खुशहाल राम (रिटायर्ड शिक्षक) और उनके दो पुत्रों शिवबचन राम और संजय राम की मौत हो गयी. जिस बोलेरो से ये लोग वाराणसी गए थे और हादसे का शिकार हो गए वो बोलेरो संजय चलाते थे और उससे अपना जीवन यापन करते थे.



हादसे के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है और महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है. संजय और शिवबचन की पत्नी और 10 वर्षीय बच्चे का रो-रोकर बुरा हाल है. साथ ही पूरा परिवार सदमे से नही उबर पा रहा है. संजय की पत्नी और उनका बेटा और साथ ही पूरा परिवार घटना के लिये सरकार को दोषी मान रहा है. परिवार को लोगों का कहना है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिये.
शिवबचन राम के पुत्र नीलेश राम ने बताया कि शाम को भोजन क्या बनेगा, ये पूछने के लिए पिता को फोन किया तो किसी दूसरे शख्स ने फोन उठाया, उसने घटना की जानकारी दी. पिता जी चाचा को दवा दिलाने गए थे. लौटते समय ये हादसा हुआ. नीलेश इस पूरी घटना के लिए सरकार को दोषी मानते हैं. कहते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

संजय राम की पत्नी सरोज कहती हैं सभी जब गए थे तो कह रहे थे कि लौटने में देर हो जाएगी, भोजन धीरे-धीरे बनाना, ताकि गर्म खाने को मिले. इसके बाद अस्पताल से फोन आया कि आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है. सरोज ने बताया कि कमाई का जरिया यही बोलेरो गाड़ी थी, जिसे हाल ही में संजय ने खरीदा था.
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