लाइव टीवी

बलरामपुर में 71 मदरसों में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, डीएम ने दिए FIR के आदेश
Gonda News in Hindi

SARVESH KUMAR SINGH | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 21, 2020, 5:22 PM IST
बलरामपुर में 71 मदरसों में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, डीएम ने दिए FIR के आदेश
बलरामपुर में 71 मदरसे अवैध और मानक विहीन पाए गए हैं. प्रतीकात्मक फोटो.

बलरामपुर (Balrampur) जिले में कुल 614 मदरसे हैं. बड़े पैमाने पर मदरसों में फर्जीवाड़े को देखते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने बाकी बचे 376 अन्य मदरसों के सत्यापन का निर्देश सीडीओ को दिया है. डीएम ने बताया कि सत्यापन में जो मदरसे अवैध और मानक विहीन पाए गए हैं, उनकी प्रबंध समितियों के खिलाफ और जो अधिकारी दोषी हैं उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है.

  • Share this:
बलरामपुर. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर (Balrampur) जिले में मदरसों (Madarsa) के संचालन में बड़ा फर्जीवाड़ा (Scam) सामने आया है. शासन के निर्देश पर कराए गए सत्यापन में 71 मदरसे अवैध और मानक विहीन पाए गए हैं. डीएम ने सभी 71 मदरसों की प्रबंध कमेटियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया हैं. इन फर्जी मदरसों से अनुदानित राशि की रिकवरी करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.

जिले में मदरसों के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल लंबे समय से खेला जा रहा था. पिछले साल शासन के निर्देश पर डीएम ने 5 विकास खंडों के 238 मदरसों का सत्यापन कराया. सत्यापन में 71 मदरसे अवैध और मानक विहीन पाए गए. जिन विकास खंडों के मदरसों का सत्यापन कराया गया उनमें हरैया सतघरवा, श्रीदत्तगंज, गैसड़ी, तुलसीपुर और पचपेड़वा विकासखंड शामिल हैं.

सरकार से आधुनिकीकरण के नाम पर ले रहे थे अनुदानित राशि 
मदरसों के संचालन में फर्जीवाड़े की शिकायतें बहुत दिनों से हो रही थीं. मदरसों के संचालन में फर्जीवाड़े के शिकायतकर्ता डीपी सिंह ने बताया कि इस जिले में तमाम ऐसे फर्जी मदरसे हैं, जो शासन से मदरसा आधुनिकीकरण के नाम पर अनुदानित राशि लेकर लाभ प्राप्त कर रहे हैं और सरकार की मंशा के खिलाफ काम कर रहे है. उन्होंने बताया कि फर्जी मदरसों के कारण जो मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं, वो भी बदनाम हो रहे हैं.



गत वर्ष अल्पसंख्यक आयोग के 3 सदस्यों की टीम ने भी जिले का दौरा कर यहां के मदरसों का जायजा लिया था. जिसमें तमाम खामियां पाई गई थीं. अल्पसंख्यक आयोग की टीम ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी. मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत सरकार ने इन मदरसों को भारी-भरकम अनुदान राशि दी थी ताकि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र आधुनिक शिक्षा के साथ आगे बढ़ सकें.



अल्पसंख्यक विभाग भी कटघरे में, दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी दर्ज होगा केस
इन मदरसों में मॉडल सब्जेक्ट के लिए भी अनुदान दिए गए थे. लगातार शिकायतों के बाद शासन के निर्देश पर जांच शुरू की गई तो एक के बाद एक फर्जीवाड़ा सामने आया. 238 मदरसों के सत्यापन में 71 मदरसे फर्जी पाए गए हैं. सीडीओ की जांच रिपोर्ट पर डीएम ने सभी 71 मदरसों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. उधर इस पूरे मामले में अल्पसंख्यक विभाग भी कटघरे में खड़ा है. डीएम ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किए जाने का आदेश दिया है.

बाकी बचे 376 अन्य मदरसों के सत्यापन का निर्देश
बता दें जिले में कुल 614 मदरसे पंजीकृत हैं. बड़े पैमाने पर मदरसों में फर्जीवाड़े को देखते हुए डीएम कृष्णा करुणेश ने बाकी बचे 376 अन्य मदरसों के सत्यापन का निर्देश सीडीओ को दिया है. डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि सत्यापन में जो मदरसे अवैध और मानक विहीन पाए गए हैं, उनकी प्रबंध समितियों के खिलाफ और जो अधिकारी दोषी हैं उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है. डीएम ने कहा कि शासन ने जो अनुदानित राशि फर्जी पाए गए मदरसों को जारी की है, उसकी रिकवरी भी की जाएगी. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद से पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

ये भी पढ़ें:

तस्वीरों में देखिए सोनभद्र की वो जगह, जहां मिली है सबसे बड़ी सोने की खदान

जानिए उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में कैसे शुरू हुई सोने की खोज?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए गोंडा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 21, 2020, 5:12 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading