बलरामपुरः राप्ती नदी में उफान के बाद अपने घरों से पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण

प्ती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है और आशंका है कि मंगलवार सुबह तक राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 50-60 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच जाएगी. मौजूदा समय में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर यानी 104.630 रिकॉर्ड किया गया है

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 6, 2018, 10:59 PM IST
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Updated: August 6, 2018, 10:59 PM IST
बलरामपुर जिले के तराई क्षेत्र में पहाड़ी नाले और राप्ती नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है, जिससे तटवर्ती गांवों में पानी घुसने से लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने लगे हैं. बताया जाता है आधा दर्जन से अधिक मार्गों के जलमग्न होने के कारण सैकड़ों गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है. यही नहीं, राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंच चुका है, जिससे बाढ़ आने की संभावना से लोगों के मन मे भय व्याप्त है.

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रिपोर्ट के मुताबिक पहाड़ी नालों के पानी से महाराजगंज तराई, ललिया और शिवपुरा क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी से घिर चुके हैं जबकि ललिया-मथुरा, ललिया-महाराजगंज, ललिया-कोडरी और शिवपुरा मार्ग पर पानी आने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो चुका है. वहीं, तुलसीपुर तहसील क्षेत्र में गौरा चौराहा मार्ग पर भी जलमग्न होने से आवागमन बाधित हो चुका है.

बताया जाता है राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है और आशंका है कि मंगलवार सुबह तक राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 50-60 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच जाएगी. मौजूदा समय में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर यानी 104.630 रिकॉर्ड किया गया है, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है.

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उल्लेखनीय है बाढ़ के पानी से साहब नगर, शांति पुरवा, महादेवा, मैटहवा, रमवापुर, वजरडीह, अमवा, मुंसहवा, झिनिहवा, शिवपुरा व उपतहवा डिपो में तीन से चार फीट पानी सड़क के ऊपर बह रहा है, जिसके कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित है. क्षेत्र के कई दर्जन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है, जिस कारण लोग पलायन को मजबूर हैं.

(रिपोर्ट-सर्वेश कुमार सिंह, बलरामपुर)
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