बलरामपुरः हिस्ट्रीशीटर महेश तिवारी की करोड़ों की संपत्ति जब्त, ग्रामीणों ने कहा- धन्यवाद योगी जी

बलरामपुर में हिस्ट्रीशीटर के खिालफ कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में खुशी
बलरामपुर में हिस्ट्रीशीटर के खिालफ कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में खुशी

बलरामपुर (Balrampur) के एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर महेश कुमार तिवारी के आतंक से परेशान लोगों ने तहरीर दी और विवेचना में तथ्य सही पाए जाने पर उसके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की गई.

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बलरामपुर. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर (Balrampur) में गिरोह बनाकर लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनसे अवैध वसूली करने वाले भूमाफिया हिस्ट्रीशीटर महेश कुमार तिवारी उर्फ महेश्वर तिवारी की संपत्ति जप्त होने से ग्रामीणों ने खुशी की लहर है. हिस्ट्रीशीटर से प्रताड़ित लोगों ने कार्रवाई होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है. हरैया थाने के धन्नीडीह गांव का रहने वाले महेश कुमार तिवारी और उसके गैंग पर पुलिस ने पिता-पुत्र समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गैंगेस्टर एक्ट में बंद महेश तिवारी की 3 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है.

साजिश करके लोगों को झूठे केस में फंसाता था महेश तिवारी

हरैया थाना क्षेत्र के सैकड़ों लोग महेश तिवारी के आतंक से पीड़ित थे. महेश तिवारी खुद को वकील बताकर अधिकारियों पर रौब भी गालिब करता था. महेश तिवारी 156(3) सीआरपीसी के तहत लोगों के खिलाफ फर्जी बलात्कार, लूट और हत्या के मुकदमे बनाकर आतंकित करता था और उनका आर्थिक एवं भौतिक शोषण करता था. महेश तिवारी के गैंग में 10 से 12 सदस्य थे, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे. ये लोग साजिश करके लोगों को अपने जाल में फंसा कर आपराधिक कृत्य करते थे और फिर दबाव बनाकर उनसे रुपयों की वसूली और जबरन जमीन का बैनामा करा लिया जाता था.



बलात्कार के फर्जी मुकदमों में निर्दोषों को फंसाया
पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर महेश तिवारी की गैंग में शामिल कुछ ऐसी भी महिलाएं हैं, जो लोगो पर 10 से अधिक बलात्कार के मुकदमे लिखा चुकी हैं. महेश तिवारी ने खुद ही मुरहा गांव के निवासी भैयाराम तिवारी की हत्या की साजिश रची और उसमें निर्दोष लोगों को फंसा दिया गया. बाद में पुलिस की विवेचना पर उस हत्या का साजिशकर्ता महेश तिवारी खुद निकला और उसे जेल भेज दिया गया था.

इसी तरह महेश तिवारी और उसके गैंग के लोगों ने कमदा गांव के रहने वाले 70 साल के बुजुर्ग मोहम्मद जकी से जमीन बैनामा कराने के नाम पर 80 हजार रुपये ठग लिए. बुजुर्ग ने जब अपना पैसा वापस मांगा तो महेश तिवारी ने बुजुर्ग और उनके दो बेटों पर बलात्कार का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया.

कई पीड़ित

हिस्ट्रीशीटर महेश तिवारी और उसके गैंग के आतंक का शिकार हुए लोगों में राम मनोहर, प्रभंजन मणि त्रिपाठी, पुत्तन वर्मा, बाबूराम, भुवन लाल शुक्ला, मनोज पाठक, उदय राज, हरीश बाबू, कामेश्वर नाथ, राहुल मणि तिवारी, कैलाश, रज्जू गौतम, और दिनेश कुमार सहित सैकड़ों ऐसे लोग हैं जिन्हें या तो फर्जी तरीके से रेप, हत्या और sc-st एक्ट जैसे गंभीर मामलों में फंसाया गया या इन लोगों से अवैध धन वसूला गया. तमाम लोगों की जमीनें महेश तिवारी द्वारा जबरन कब्जा कर ली गई.

अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार के सख्त रुख को देखते हुए जिले की पुलिस और प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटर महेश तिवारी और उसके गैंग के 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और अपराध के जरिए कमाई गई 3 करोड़ की संपत्ति जप्त कर ली. इस कार्रवाई से उत्साहित ग्रामीणों ने सीएम योगी और जिले के पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया है.

एसपी ने कहा- आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर महेश कुमार तिवारी के आतंक से परेशान लोगों ने तहरीर दी और विवेचना में तथ्य सही पाए जाने पर उसके खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की गई. महेश कुमार तिवारी के खिलाफ विभिन्न थानों में रेप, हत्या और कूट रचित तरीकों से जमीन कब्जा करने के कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज है. उन्होंने कहा की जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर महेश तिवारी के काले कारनामों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य आगे प्रकाश में आएंगे उसके तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी.
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