बलरामपुरः जब गांव वालों ने वाजपेयी की धंसी जीप को निकाला था

बलरामपुर जिले के लालनगर छपिया के पास अटल की जीप धंस गई, उस समय जीप में केवल सुकदेव और अटल सवार थे. दोनों लोग जीप से उतर गए, फिर गांव से अधिकांश लोग आ गए जिसमें से दो लोग बल्ला लेकर आए थे और सभी ने मिलकर धंसी जीप को बाहर निकाल दिया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 17, 2018, 11:06 AM IST
News18 Uttar Pradesh
Updated: August 17, 2018, 11:06 AM IST
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी की जीप बलरामपुर में चुनाव प्रचार के दौरान एक बार धंस गई. बलरामपुर जिले के लालनगर छपिया के पास अटल की जीप धंस गई, उस समय जीप में केवल सुकदेव और अटल सवार थे. दोनों लोग जीप से उतर गए, फिर गांव से अधिकांश लोग आ गए जिसमें से दो लोग बल्ला लेकर आए थे और सभी ने मिलकर धंसी जीप को बाहर निकाल दिया.

अटल एक बार बलरामपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने गए तो वहां उन्हें कालरा हो गया और चारपाई पर उन्हें बलरामपुर लाया गया. जी हां, ये सच्ची कहानियां उस समय की हैं जब भारतीय राजनीति का ये पुरोधा बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे.

बात 1957 की है, जब बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से अटल ने जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़ा और पहली बार संसद पहुंचे. बलरामपुर अटल की कर्मभूमि थी. जब अटल बिहारी वाजपेयी बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद हुआ करते थे तो सुकदेव प्रसाद इसी क्षेत्र के तुलसीपुर विधान सभा से जनसंघ के विधायक हुआ करते थे. 90 वर्षीय वयोवृद्ध सुकदेव ने जब अटल के स्वर्गवासी होने की खबर सुनी तो रोने लगे.

उनकी इच्छा अटल के अंतिम दर्शन करने की थी लेकिन अस्वस्थ होने के कारण वे ऐसा नहीं कर सके. न्यूज-18 के साथ सुकदेव प्रसाद ने एक्सक्लूसिव बातचीत की और अटल के प्रारम्भिक राजनैतिक जीवन के उन पलों के बारे में बताया जिससे लोग अभी तक अनजान थे.

ये भी पढे़ं - 

जानिए कौन हैं अटल जी के साथ साए की तरह रहने वाले शिवकुमार

यूपी से जुड़ीं अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को संजोएगी योगी सरकार
Loading...
UP की हर नदी में प्रवाहित की जाएंगी अटल जी की अस्थियां
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर