बलरामपुरः मृतक की पत्नी ने सरकारी कर्मियों पर लगाया पति को पीटने का आरोप

आबकारी अधिनियम के तहत 20 जुलाई 2018 को धर्मराज का चालान कर जेल भेजा गया था. कैदी धर्मराज की मौत पर जेल में बन्द अन्य कैदियों ने यह आरोप लगाया था कि जेल कर्मियों की पिटाई से धर्मराज की मौत हुई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 2, 2018, 2:38 PM IST
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Updated: August 2, 2018, 2:38 PM IST
बलरामपुर के जिला कारागार में हुई कैदी की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है. कैदी की पत्नी ने आबकारी विभाग के कर्मचारियों पर अपने पति की बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाया है. जेल में बंद एक अन्य कैदी ने भी जेल के कर्मचारियों पर पिटाई का आरोप लगाया है.

गौरतलब है कि 22 जुलाई को जिला कारागार में बंद कैदी धर्मराज की मौत हो गई थी. आबकारी अधिनियम के तहत 20 जुलाई 2018 को धर्मराज का चालान कर जेल भेजा गया था. कैदी धर्मराज की मौत पर जेल में बन्द अन्य कैदियों ने यह आरोप लगाया था कि जेल कर्मियों की पिटाई से धर्मराज की मौत हुई.

मामले में आनन-फानन में जेल के हेडचीफ श्याम मनोहर मिश्रा, कान्स्टेबल राधेश्याम और फार्मासिस्ट अशफाक के खिलाफ कोतवाली नगर में केस दर्ज करा दिया गया. हेडचीफ श्याम मनोहर मिश्रा को तत्काल निलम्बित भी कर दिया गया. इसके इतर कैदी धर्मराज की पत्नी ने डीएम को पत्र देकर आबकारी विभाग के कर्मचारियों पर पति को पीटने का आरोप लगाया है.

धर्मराज की पत्नी चनमना ने कहा कि 20 जुलाई को आबकारी विभाग के लोगों ने गांव से धर्मराज को पकड़ा और उसी के सामने धर्मराज की बेरहमी से पिटाई कर दी. गांव वालों के सामने आबकारी विभाग के लोगों ने बेरहमी से धर्मराज की पिटाई की जिसके चलते जेल में उसकी मौत हो गई लेकिन आबकारी विभाग के लोगों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. डीएम का कहना है कि जेल में कैदी की मौत की न्यायिक जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैदी धर्मराज की मौत का कारण क्या था और कौन-कौन लोग उसकी मौत के दोषी हैं?

रिपोर्ट - सर्वेश कुमार सिंह

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