बलरामपुर: जिला बने हुए 11 साल, आज भी CHC के रूप में संचालित है जिला महिला अस्पताल

जिला अस्पताल बनने के बाद इसे 60 बेड के अस्पताल का दर्जा दे दिया गया लेकिन अभी भी यहां मात्र 30 बेड ही हैं. इसी तरह चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की पोस्टिंग नहीं होने से मरीजों को ये दोनों सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 1, 2018, 4:27 PM IST
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Updated: August 1, 2018, 4:27 PM IST
बलरामपुर का जिला महिला अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. दर्जा तो जिला अस्पताल का है लेकिन अभी भी यह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रुप में संचालित है. 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां जिला अस्पताल की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

महारानी इन्द्रकुंअरी जिला महिला अस्पताल कहने को तो जिला अस्पताल है लेकिन यहां अभी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की ही सुविधाएं मिलती हैं. वर्ष 2007 में इसे जिला अस्पताल का दर्जा दिया गया लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं. यही कारण है कि यहां आने वाले मरीजों को भी अभी तक जिला अस्पताल की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और उन्हें इलाज के लिए अन्य जिलो में जाना पड़ता है.

जिला अस्पताल बनने के बाद इसे 60 बेड के अस्पताल का दर्जा दे दिया गया लेकिन अभी भी यहां मात्र 30 बेड ही हैं. इसी तरह चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की पोस्टिंग नहीं होने से मरीजों को ये दोनों सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.

इस अस्पताल में डाक्टरों की भारी कमी है. तमाम उपकरण जंग खा रहे हैं. जिले में एक भी एनेस्थेटिक सर्जन नहीं होने के कारण पिछले डेढ़ वर्ष के भीतर कोई भी आपरेशन नहीं हो सका है जिससे गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

रिपोर्ट - सर्वेश कुमार सिंह

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