Exclusive: सुनिए असली अनामिका शुक्ला की कहानी- जिसे दुनिया ने कहा करोड़पति, वह दर्द बयां करते रो पड़ी
Gonda News in Hindi

Exclusive: सुनिए असली अनामिका शुक्ला की कहानी- जिसे दुनिया ने कहा करोड़पति, वह दर्द बयां करते रो पड़ी
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में फर्जीवाड़े की शिकार अनामिका शुक्ला ने अपना दर्द बयां किया है.

अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) का कहना है कि उन्हीं के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर ये घोटाला किया गया है. अनामिका अब सरकार से न्याय की गुहार लगा रही हैं. न्यूज 18 ने अनामिका के घर जाकर उनसे एक्सक्लूसिव बातचीत की…

  • Share this:
गोंडा. उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गाधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) नाम से करीब 25 जगह फर्जी तरीके से नौकरी करने और साल भर में करीब एक करोड़ रुपए तनख्वाह (Salary) के रूप में जारी होने के मामले में नया मोड़ आ गया है. मामले में असली अनामिका शुक्ला सामने आई हैं. अनामिका का कहना है कि उन्हीं के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर ये घोटाला किया गया है. अनामिका अब सरकार से न्याय की गुहार लगा रही हैं. न्यूज 18 ने अनामिका के घर जाकर उनसे एक्सक्लूसिव बातचीत की…

जब अखबार में तस्वीर देखी तो हुआ यकीन

गोंडा के कमरावा में भुलईडीह गांव की रहने वाली अनामिका शुक्ला ने कहा कि 2017 में उन्होंने कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में साइंस टीचर के लिए आवेदन किया था. उन्हें लगता है कि किसी ने वहीं से उनके दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की और ये पूरा फर्जीवाड़ा किया. उन्होंने कहा कि कई दिन से नाम सुन रहे थे लेकिन उन्हें नहीं पता था कि ये उन्हीं की बारे में है. जब उन्होंने न्यूजपेपर में देखा, तस्वीर दिखी, जहां से मैने बीएड किया था. इसके बाद मुझे लगा कि हां, शायद ये मेरे बारे में ही कहा जा रहा है. अनामिका ने बताया कि इस बारे में उन्होंने अपने पति और ससुर से बात की और कहा कि तुरंत इस संबंध में विभाग से संपर्क करना चाहिए. इसके बाद उन्होंने बीएसए कार्यालय जाकर संपर्क किया.



बेटी के जन्म के कारण काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सकी थीं
अनामिका बताती हैं कि जुलाई 2017 में नौकरी के लिए आवेदन किया था. उन्होंने कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में साइंस टीचर के लिए सुल्तानपुर, जौनपुर, बस्ती, मिर्जापुर और लखनऊ में आवेदन किया था. लेकिन वह गर्भवती थीं और काउंसिलिंग से पहले उनकी बड़ी बेटी ऑपरेशन से हुई, जिस वजह से वह काउंसिलिंग में जा नहीं सकीं.

 



कहते-कहते छलक पड़े आंसू

अनामिका ने कहा कि ये गलत हो रहा है मेरे साथ. उन्होंने कहा कि इसमें शिक्षा विभाग के लोग ही शामिल हैं. उन्होंने कहा कि हर इंसान अपने मां-पिता का नाम रोशन करने के लिए पढ़ता है. ये कहते हुए अनामिका की आंखों में आंसू आ जाते हैं…, वह खुद को संभालते हुए आगे कहती हैं कि सरकार से निवेदन है कि वो ऐसे लोगों को सामने लेकर आए और मेरे साथ न्याय हो.

कस्तूरबा विद्यालय से ही पढ़ी हैं अनामिका, मार्कशीट में शानदार नंबर

कितनी अजीब बात है कि जिस स्कूल में अनामिका के नाम पर फर्ज़ी शिक्षिकाएं रखी गईं, असली अनामिका उसी कस्तूरबा विद्यालय से पढ़ी हैं. उनका हर जिले में चयन आसान था और फर्जीवाड़े में ये सामने भी आया क्योंकि उनके मार्क्स बहुत अच्छे हैं. अनामिका को हाईस्कूल में 77 परसेंट नंबर मिले थे. गोंडा के कस्तूरबा स्कूल से पढ़ते हुए 2007 में हाईस्कूल में उन्हें 600 में से 461 नंबर मिले. 5 सब्जेक्ट में उन्हें डिस्टिंक्शन मिला था. 2009 में इंटर में 79 परसेंट मार्क्स मिले थे. कुल 500 में से 393. फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में उन्हें डिस्टिकनशन मिला.

बीएड और टीईटी में भी शानदार प्रदर्शन

बीएससी में जरूर उन्हें 60 फीसदी से कम अंक मिले थे लेकिन बीएड में फिर उन्हें 60 फीसदी से ज्यादा नंबर मिले हैं. टीईटी में उन्हें 150 में से 91 नंबर मिले. इतनी मेरिट पर कस्तूरबा के लिए उनके चयन की गारंटी थी. अनामिका ने स्वीकार किया है कि उन्होंने 5 जगहों पर अप्लाई किया था.

ये भी पढ़ें:

मनरेगा में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता: योगी सरकार का एक्शन, मऊ CDO नपे

प्रियंका गांधी बोलीं- अनामिका शुक्ला के घर जाकर माफी मांगे यूपी सरकार
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading