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गोंडा से अच्छी तस्वीर : कलेक्टर ने स्कूल देख रोक दी गाड़ी, पहुंचे क्लास रूम; बच्चों को समझाया राष्ट्रगान का अर्थ

गोंडा कलेक्टर सरकारी  स्कूल में बने टीचर, बच्चों को समझाया राष्ट्रगान का अर्थ. (News18Hindi)

गोंडा कलेक्टर सरकारी स्कूल में बने टीचर, बच्चों को समझाया राष्ट्रगान का अर्थ. (News18Hindi)

Good picture from Gonda: गोंडा के कलेक्टर डॉ. उज्जवल कुमार ने एक गांव में अचानक अपना काफिला रुकवाया और सरकारी स्कूल के ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

गाेंडा जिले के झंझरी क्षेत्र के सरकारी कम्पोजिट विद्यालय लक्ष्मणपुर जाट में कलेक्टर अचानक पहुंच गए.
कलेक्टर डॉ उज्जवल कुमार ने बाकायदा स्कूल का निरीक्षण किया, साफ सफाई की व्यवस्था देखी खाने की गुणवत्ता परखी.
सबसे आखिर में कलेक्टर क्लास रूम में घुस गए और छात्र-छात्राओं को शिक्षा के गुरुमंत्र दिए.

गोंडा. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक अच्छी तस्वीर सामने आई है. जहां जिले के डीएम उज्ज्वल कुमार सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं. आपने अफसरों को निरीक्षण करते, फटकार लगाते, निर्देश देते और नौकरशाही का रौब झाड़ते तो बहुत बार देखा होगा, लेकिन गोंडा के कलेक्टर इस मामले में थोड़ा सा अलग हैं. वह सरकारी स्कूल के बच्चों को प्यार से समझाते और बतियाते हुए तस्वीरों में साफ देखे जा सकते हैं.

बता दें कि जिले के झंझरी शिक्षा क्षेत्र के सरकारी कम्पोजिट विद्यालय लक्ष्मणपुर जाट में अचानक कलेक्टर का काफिला रुका. कलेक्टर साहब ने अकेले बाकायदा स्कूल का निरीक्षण किया, साफ सफाई की व्यवस्था देखी, खाने की गुणवत्ता परखी, इसके बाद क्लास रूम में घुस गए और छात्र-छात्राओं को शिक्षा के गुरुमंत्र दिया.

बच्चों से सुनी पहाड़ा-गिनती, जांचा सामान्य ज्ञान का स्तर
जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने बकायदा बच्चों की क्लास ली और उनको राष्ट्रगान का अर्थ और महत्व समझाया. जिलाधिकारी ने ब्लैक बोर्ड पर भारत का मानचित्र बनाकर राष्ट्रगान का वर्णन किया और कहा कि पूरे राष्ट्रगान में भारत के मानचित्र का जिक्र है. पूरे देश के महत्वपूर्ण शहरों के बारे में बताया गया है. यही नहीं डीएम उज्जवल कुमार ने बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता की जांच के लिए कविता सुनी, गिनती सुनी, पहाड़ा सुना और अंग्रेजी के ज्ञान के लिए स्पेलिंग पूछकर उनको बकायदा पढ़ाया भी.

हर अफसर, कर्मचारी और नागरिकों को लेनी होगी जिम्मेदारी
डीएम के क्लास लेने से बच्चों को कितना सीखने को मिला यह अलग बात है, लेकिन उच्चाधिकारियों का इस तरह क्लास में जाना और बच्चों के अलावा शिक्षकों में घुल मिल जाना नौकरशाही का बेहतर संकेत है. डीएम उज्ज्वल कुमार ने न्यूज 18 को बताया कि बुनियादी शिक्षा और जिले के विकास के लिए हर अफसर, कर्मचारी और सामान्य नागरिक को जिम्मेदारी लेनी होगी, तभी स्कूलों और शिक्षा में सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे.

Tags: Gonda news, Gonda police, Government School, UP news

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