खबर का असर: गोंडा में हाफिज बंधुओं समेत 39 पर NGT ने लगाया 212 करोड़ का जुर्माना

जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के फैसले के बाद 212 करोड़ रुपए की वसूली को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस फैसले के अनुसार खनन माफिया हाफिज अली समेत 39 लोगों की परिसंपत्तियों की बिक्री व हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 26, 2018, 2:17 PM IST
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Updated: July 26, 2018, 2:17 PM IST
एक बार फिर न्यूज 18 की खबर का बड़ा असर हुआ है. गोंडा जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के फैसले के बाद 212 करोड़ रुपए की वसूली को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस फैसले के अनुसार खनन माफिया हाफिज अली समेत 39 लोगों की परिसंपत्तियों की बिक्री व हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.

जिला प्रशासन अवैध बालू खनन पर कार्रवाई करने में जुट गया है. जिलाधिकारी प्रभांशु श्रीवास्तव ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में कीर्तिवर्धन सह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले में सुनवाई के लिए खनन निरीक्षक राजेश कुमार को भेजा गया था. उन्होंने बताया है कि एनजीटी ने अंतिम आदेश पारित करके अवैध खनन के दोषियों से 212 करोड़ रुपए की वसूली करने का निर्देश दिया है.

जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के फैसले के बाद 212 करोड़ रुपए की वसूली को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस फैसले के अनुसार खनन माफिया हाफिज अली समेत 39 लोगों की परिसंपत्तियों की बिक्री व हस्तांतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. डीएम ने सभी एसडीएम व उप निबंधक को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने का आदेश जारी कर दिया है.

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दअरसल गोंडा जिले में सफेद रेत के काले कारोबार पर अंकुश लगाने और खनन से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 212 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोंका है और प्रदेश सरकार को इसकी वसूली के निर्देश दिए हैं. यही नहीं इस पैसे को वसूलकर इसका प्रयोग बकायदा पर्यावरण संरक्षण पर करने के भी निर्देश दिए हैं.

न्यूज 18 ने लगातार अवैध खनन की ख़बरें लगातार दिखाईं और अवैध खनन से होने वाले नुकसान से आगाह किया था. जिलाधिकारी प्रभांशु श्रीवास्तव ने बताया की एनजीटी ने गोंडा जिले में अवैध खनन करने वालों पर 212 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. आदेश का पालन करने के लिए प्रशासन अब तक 39 लोगों को चिन्हित कर उन लोगों की चल-अचल संपत्तियां खंगाल रहा है. उन्होंने यह भी बताया है कि वे माननीय न्यायालय में अपील करेंगे कि बिना उनका पक्ष जाने ऐसे लोगों को कोई राहत न दी जाए.

गोंडा जिले में 39 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जिनके खेतों में खनन हुआ है. लिस्ट बनाकर ऐसे लोगों की चल-अचल संपत्ति चिन्हित कर एसडीएम, उप निबंधक और आरटीओ से जानकारी हासिल कर उनके विक्रय पर रोक लगाई जा रही है. वहीं ऐसे लोग जो जिले में खनन में लिप्त है उन पर कार्रवाई की जा रही है. गोंडा के पूर्व जिलाधिकारी पर खनन व खाद्यान्न के मामले में कार्रवाई हो चुकी है. वैसे जिन अधिकारियों के कार्यकाल में खनन हुआ है उनकी भूमिका की भी जांच चल रही है और उन पर भी कार्रवाई हो सकती है.

रिपोर्ट - देवमणि त्रिपाठी 
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