82 साल की बुजुर्ग से सीखें कोरोना को हराने का तरीका, 12 दिनों में बीमारी को दी मात

82 साल की बुजुर्ग महिला ने अपने हौसले से जीती कोरोना के खिलाफ जंग.

82 साल की बुजुर्ग महिला ने अपने हौसले से जीती कोरोना के खिलाफ जंग.

Positive India: डॉक्टर की सलाह और घर में ही ऑक्सीजन लेवल मेंटेन रखने को किए जाने वाले अभ्यास 'प्रोनिंग' की बदौलत गोरखपुर के अलीनगर की बुजुर्ग महिला ने कोरोना महामारी को दी मात. बेटे की मदद से 12 दिनों में हुई कोरोना निगेटिव.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 8:15 PM IST
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गोरखपुर. ऐसे समय में जब कोरोना महामारी के फैलते संक्रमण के बीच युवाओं के इस बीमारी के चपेट में आने और दम तोड़ने जैसी खबरें आ रही हैं, गोरखपुर के 82 साल की एक बुजुर्ग महिला की एक कहानी उत्साह बढ़ाने वाली है. घरवालों की तीमारदारी और देखरेख के साथ-साथ मरीज में अगर जीने का हौसला हो, तो वह कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी को भी मात दे सकता है. गोरखपुर के अलीनगर की रहने वाली बुजुर्ग विद्या देवी की कहानी कुछ ऐसी ही है. यह बुजुर्ग महिला महज 12 दिनों में अपने बेटे की मदद से कोरोना पॉजिटिव से निगेटिव हो गईं. हैरान करने वाली बात यह कि इसके लिए वह किसी अस्पताल में भर्ती नहीं हुईं, बल्कि घर पर अपने बेटे श्याम की देखरेख से स्वस्थ हुईं.

82 साल की वृद्धा के जीने का हौसला गजब का है. यही वजह रही कि कोरोना संक्रमण का पता चलने के दिन उनका ऑक्सीजन लेवल जहां 80 से कम हो गया था, उसे उन्होंने महज 4 दिनों में वापस मानक तक लाकर दिखा दिया. विद्या देवी के परिजनों के मुताबिक शुरुआती दिनों में उनकी मां का ऑक्सीजन 79 था, जो महज 4 दिनों में बढ़कर 94 पर पहुंच गया. विद्या देवी को बीमारी की जद से बाहर निकालने में उनके बेटे श्याम की मेहनत अहम रही, जो हर समय सकारात्मक सोच के साथ मां की सेवा कर रहा था. वहीं दूसरी ओर उचित डॉक्टरी सलाह और प्रोनिंग की बदौलत घर बैठे उनकी चिकित्सा भी हो रही थी.

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संक्रमित मां के इलाज के पीछे पॉजिटिव सोच

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