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योगी सरकार बनने के बाद हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ने की मची है होड़

News18Hindi
Updated: April 3, 2017, 4:23 PM IST
योगी सरकार बनने के बाद हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ने की मची है होड़
यूपी का सीएम बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ के साथ काम करने वालों की तादद लगातार बढ़ती जा रही है.

यूपी का सीएम बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ के साथ काम करने वालों की तादद लगातार बढ़ती जा रही है.

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यूपी का सीएम बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ के साथ काम करने वालों की तादद लगातार बढ़ती जा रही है. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि योगी के लोकप्रियता के आगे उनकी संगठन हिंदू युवा वाहिनी का सदस्य बनने के लिए हर एक मिनट में 5 आवेदन आॅनलाइन आ रहे है. वहीं लोगों में इस संगठन से जुड़े का क्रेज काफी बढ़ गया है.

इस संगठन का काम देखने वाले पीके मल्ल ने न्यूज18 हिंदी से खास बातचीत में बताया कि एक मिनट में 5 आवेदक सदस्य बनने के लिए आ रहे है. यानि हर दिन करीब 5 हजार से ज्यादा लोग मेंबर बनने के लिए अप्लाई कर रहे हैं. इससे पहले एक महीने में सिर्फ 500 से 1000 अवेदन पत्र ही बड़ी मुश्किल से आ पाते थे.

गोरखपुर में  कार्यालय प्रभारी का काम संभाल रहे इंजीनियर पीके माल ने बताया कि नई गाइडलाइन्स जारी की गई है. इसके मुताबिक, पहले आवेदकों के बैकग्राउंड को चेक और सत्यापन किया जाएगा कि क्या उसका किसी राजनीतिक पार्टी की ओर झुकाव तो नहीं है. इसके बाद उस आवेदक को एक साल तक जांचा परखा जाएगा.

हिन्दु युवा वाहिनी के कार्यालय प्रभारी इंजिनयर पीके मल्ल का कहना है कि उनका संगठन यूपी में जिला और महानगर के 88 ईकाई के रूप में कार्य कर रही है, मौजूदा समय में हिन्दु युवा वाहनी के ढाई लाख सक्रिय सदस्य है और इसको मानने वालों की संख्या करोड़ों के पार पहुंच चुका हैं.

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ के यूपी का सीएम बनने के बाद अब सवाल उठने लगा है कि हिंदू युवा वाहिनी के भविष्य क्या होगा ? जहां पूर्व अध्यक्ष सुनील सिंह को योगी बाहर का रास्ता दिखा चुके.

वहीं योगी एक स्वम् एक संरक्षक की भूमिका में है. पूरा हिंदू युवा वाहिनी का जिम्मा प्रभारी के तौर पर डुमरियागंज से बीजेपी विधायक राघवेंद्र सिंह संभाल रहे है. माना ये जा रहा है कि नवरात्र बाद हिंदू युवा वाहिनी के भविष्य को लेकर योगी आदित्यनाथ फैसला कर सकते है.

बता दें, कि योगी आदित्यनाथ ने 2002 के अप्रैल में रामनवमी के दिन हिंदू युवा वाहिनी सेना का गठन किया था. वहीं गठन के वक्त योगी ने इसे एक विशुद्ध रूप से सांस्कृतिक संगठन बताया था जिसका मकसद हिंदूविरोधी, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकना था.योगी ने हिंदू युवा वाहिनी को गोरखपुर के दायरे से बाहर निकालकर पूरे पूर्वांचल में इसकी मजबूत नेटवर्किंग की हैं.

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First published: April 3, 2017, 3:01 PM IST
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