टिकट बंटवारे से नाराज कार्यकर्ताओं ने कलराज मिश्रा के कालिख लगे पोस्टर किए जारी
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टिकट बंटवारे से नाराज कार्यकर्ताओं ने कलराज मिश्रा के कालिख लगे पोस्टर किए जारी
देवरिया जिले में टिकट बंटवारे से नराज भाजपाइयों ने स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के चेहरे पर कालिख और जूतों-चप्पलों की माला वाली पोस्टर पूरे शहर में चस्पा की है.

देवरिया जिले में टिकट बंटवारे से नराज भाजपाइयों ने स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के चेहरे पर कालिख और जूतों-चप्पलों की माला वाली पोस्टर पूरे शहर में चस्पा की है.

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उत्तर प्रदेश बीजेपी में टिकट बंटवारे को लेकर मची बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है. ताजा मामला देवरिया जिले का है, जहां टिकट बंटवारे से नराज भाजपाइयों ने स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा के चेहरे पर कालिख और जूतों-चप्पलों की माला वाली पोस्टर पूरे शहर में चस्पा की है.

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नाराज कार्यकर्ताओं ने इस पोस्टर को कलराज मिश्रा के आवास पर भी लगाया है. इस पोस्टर में लिखा है, “कलराज भ्रष्ट है, देवरिया इससे त्रस्त है, ओम माथुर चोर है, सुनील बंसल घूसखोर है."



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गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकटों की तीसरी सूची मंगलवार शाम जारी हुई थी, जिसके बाद से टिकट न पाने वाले कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है. देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने कलराज के जिला पंचायत स्थित आवास और शहर भर में कालिख वाला पोस्टर लगाया है. इस पोस्टर में कलराज के गले में चप्पलों की माला भी पहनाई गई है.

ऐसा माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे से असंतुष्ट  कारयकर्ताओं द्वारा यह पोस्टर रात में मंत्री के आवास के बाहर लगा दिया गया. इस पर मंत्री के हाउस कीपर का कहना है कि वह सुबह उठकर बाहर पेपर लेने के लिए निकला तो यह पोस्टर लगा हुआ था.

सात चरणों में होगा मतदान

उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अखिलेश धड़े के बीच गठबंध के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा. केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. मुख्यमंत्री चेहरे को सामने न लाकर एक बार फिर बीजेपी ने पीएम मोदी के चेहरे पर दांव खेला है. इसका कितना फायदा उसे इन चुनावों में मिलेगा वह 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा.

इस बार उत्तर प्रदेश चुनावों में समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के अलावा प्रदेश की कानून व्यवस्था, सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी और विकास का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है. जहां एक ओर बीजेपी और बसपा प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश सरकार को घेर रही हैं, वहीँ विपक्ष नोटबंदी के फैसले को भी चुनावी मुद्दा बना रहा है.

यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं. 2012 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने 224 सीट जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी. पिछले चुनावों में बसपा को 80, बीजेपी को 47, कांग्रेस को 28, रालोद को 9 और अन्य को 24 सीटें मिलीं थीं.
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