जानिए जन्माष्टमी पर अब UP के थानों में क्यों नहीं होता 'ऑर्केस्ट्रा डांस'

पुलिसवाले मानते हैं कि डांसर रीना की आत्‍मा आज भी गोरखपुर के शाहपुर थाना परिसर में न्‍याय के लिए भटक रही है और उस सिपाही का इंतजार कर रही है जिसकी गोली का शिकार होकर उसकी मौत हुई थी.

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: September 3, 2018, 9:09 AM IST
जानिए जन्माष्टमी पर अब UP के थानों में क्यों नहीं होता 'ऑर्केस्ट्रा डांस'
फाइल फोटो
NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: September 3, 2018, 9:09 AM IST
उत्तर प्रदेश के थानों में अब जन्माष्टमी पर 'ऑर्केस्ट्रा डांस' का आयोजन नहीं होता. 15 साल से इस पर अघोषित रोक लगी हुई है. इस रोक के पीछे एक अहम घटना है. दरअसल 2003 में गोरखपुर के शाहपुर थाने में जन्‍माष्‍टमी के दिन ऑर्केस्ट्रा में डांसर रीना राय डांस कर रही थी. डांस के दौरान एक सिपाही के हर्ष फायरिंग करने से उसकी जान चली गई थी. इस घटना के बाद आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद तत्कालीन डीजीपी ने प्रदेश के सभी थानों में जन्‍माष्‍टमी के दिन डीजे और ऑर्केस्ट्रा डांस पर रोक लगा दी थी. यह दस्तूर आज तक जारी है.

गोरखपुर के एसपी सिटी विनय सिंह ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि साल 2003 में सीओ के पद पर गोरखपुर में तैनात था, जन्माष्टमी की शाम को शाहपुर थाना परिसर के अंदर आर्केस्ट्रा डांस का आयोजन किया गया था. उस वक्त का सबसे सुपर हिट चर्चित भोजपुरी गाना 'नथुनिया पर गोली मारे' पर डांसर डांस कर रही थी. इसी दौरान एक सिपाही की हर्ष फायरिंग में उसकी जान चली गई. इस घटना में डांसर रीना नाम की लड़की की मौत हो गई. हादसे के बाद आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन, रीना का परिवार पूरी तरह टूट गया. घटना के बाद प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था.

विनय सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन डीजीपी ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए उसी दिन से जन्माष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में आर्केस्ट्रा डांस पर रोक लगा दी थी. एसपी सिटी बताते हैं कि भजन और नाट्य मंडली कार्यक्रम पर कोई रोक नहीं है. धार्मिक भजन संध्या का आयोजन किया जा सकता है.

उसके बाद प्रदेश में कई डीजीपी बदले गए, लेकिन थाने के अंदर कभी कोई ऑर्केस्ट्रा डांस का कार्यक्रम नहीं रखा गया. यह दस्तूर आज तक जारी है. इसी कड़ी में यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि थाना परिसर के अंदर किसी भी प्रकार के डांस कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा.

बताया जाता है कि शाहपुर थाने में आज भी पुलिसवाले सीढ़ी और थाने की छत पर जाने से खौफ खाते हैं. उनका कहना है कि उन्‍हें आज भी घुंघरुओं की आवाज सुनाई देती है. रात में कोई पुलिसकर्मी अकेले थाने में रुकने से डरता है. पुलिसवाले मानते हैं कि डांसर रीना की आत्‍मा आज भी यहां पर न्‍याय के लिए भटक रही है और उस सिपाही का इंतजार कर रही है जिसकी गोली का शिकार होकर उसकी मौत हुई थी.

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