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बैंक खातों से फर्जीवाड़ा कर लाखों निकालने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 5, 2018, 7:14 PM IST
बैंक खातों से फर्जीवाड़ा कर लाखों निकालने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
प्रतिकात्मक तस्वीर

गोरखपुर में बैंक खातों से फर्जीवाड़ा कर लाखों निकालने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 4.80 लाख रुपये कैश बरामद हुए है.

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यूपी के गोरखपुर में पुलिस ने बैंक खातों से फर्जीवाड़ा कर लाखों निकालने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गैंग के सरगना युसुफ खान समेत तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 4.80 लाख रुपये की नगदी और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. पुलिस ने इन बदमाशों को एडी तिराहे के पास से गिरफ्तार किया है. गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है.

बता दें कि कुछ समय पहले डा. अजहर अली और उनके पिता डा. शौकत अली खान के संयुक्त खाते से 10 लाख रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया था. दिलचस्प बात यह थी कि जालसाजों ने गोरखपुर और कानपुर में दो फर्जी खाता खुलवाकर यह रकम उड़ाई थी. इस मामले में पुलिस ने तीन जालसाजों मो. युसूफ , शमसुद्दीन अहमद और अमितेष सिंह उर्फ निक्कू को गिरफ्तार किया है.

वहीं मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि रवि सोलंकी और रत्नाकर सिंह भी इस घटना में शामिल थे. अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. एसएसपी के मुताबिक डाक्टर पिता-पुत्र का संयुक्त खाता भारतीय स्टेट बैंक की उर्दू बाजार शाखा में है. डा. शौकत ने एक साल पहले एटीएम कार्ड के लिए आवेदन किया था. इस दौरान पोस्टमैन की गलती के वजह से एटीएम कार्ड पड़ोस में रहने वाले युसूफ को डिलीवर हो गया. इसके बाद से ही युसूफ ने डाक्टर के खाते से रकम निकालने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था.

युसूफ हत्या के एक मामले में पहले भी जेल चुका है. जेल में उसकी मुलाकात बशारतपुर, शाहपुर के रहने वाले रवि सोलंकी से हुई थी. रवि सोलंकी के साथ मिलकर उसने फ्रॉड करने की योजना तैयार की. बाद में अमितेष और शमसुद्दीन के साथ मिलकर इस योजना पर काम करना शुरू किया. करीब एक साल बाद आरोपियों ने डॉक्टर के खाते से 10 लाख रुपये निकाल लिए. इसके लिए उन्होंने बैंक शाखा में खाता संख्या और मोबाइल नंबर का पता लगाया. बाद में मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज कराकर उस नंबर को बंद करा दिया और दूसरा नंबर जुड़वा लिया.

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फिर नेट बैकिंग के माध्यम से आरोपियों ने डाक्टर के खाते से पूरी रकम कानपुर वाले खाते में भेज दी. बाद में कानपुर वाले खाते से रकम गोरखपुर स्थित इलाहाबाद बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दी. इलाहाबाद बैंक से 8.50 लाख रुपये का एक इलेक्ट्रॉनिक्स फर्म के नाम से डिमांड ड्राफ्ट बनवाया. इसके बाद फर्म के संचालक को कमीशन देकर पूरा 10 लाख रुपये निकाल लिए. पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है.

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First published: November 5, 2018, 7:09 PM IST
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