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चौरीचौरा: शहीद स्मारक पर हुआ चौरीचौरा दिवस का आयोजन

Ahmad Ali | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 5, 2018, 12:18 PM IST

कार्यक्रम को प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को चौरीचौरा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर चौरीचौरा कांड के शहीदों के परिजनों समेत अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.आपको बता दें कि चौरीचौरा में चार फरवरी 1922 को चौरीचौरा कांड हुआ था.

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गोरखपुर के चौरीचौरा शहीद स्मारक पर चौरीचौरा दिवस समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में चौरीचौरा कांड के शहीदों के प्रतिमाओं पर माल्यर्पण कर उन्हें नमन किया गया और चार फरवरी 1922 मे हुए चौरीचौरा कांड के बारे मे चर्चा की गई.

कार्यक्रम को प्रत्येक वर्ष 4 फरवरी को चौरीचौरा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर चौरीचौरा कांड के शहीदों के परिजनों समेत अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.आपको बता दें कि चौरीचौरा में चार फरवरी 1922 को चौरीचौरा कांड हुआ था.

महात्मा गंधी ने विदेशी कपड़ों के बहिष्कार,अंग्रेजी पढ़ाई छोड़ने और चरखा चलाकर कपड़े बनाने का आह्वान किया था. महात्मागंधी का यह सत्याग्रह पूरे देश मे रंग ला रहा था चार फरवरी 1922 को चौरीचौरा के भोपाबाजार में सत्याग्रही इकट्ठा हुए और थाने के सामने से जुलूस की शक्ल मे गुरज रहे थे.

तत्कालीन थानेदार ने इस जुलूस को अवैध घोषित कर दिया इस पर सत्याग्रहियों और पुलिस कर्मियों से झड़प हुई. इसके बाद पुलिस ने सत्याग्रहियों पर फायरिंग शुरू कर दिया जिससे कुछ सत्याग्रहियों की मौके पर मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

जब पुलिस की गोलियां खत्म हो गई तो बचे सत्याग्रहियों ने थाने को चारों तरफ से घेर लिया और थाने को आग के हवाले कर दिया. जिसमें थानेदार समेत कुछ पुलिस कर्मी जिंदा जल गए थे. इस घटना के बाद बचे कुछ क्रांतिकारियों को दोषी मानते हुए उन्हे फांसी दे दी गई थी. इन शहीदों की याद में प्रत्येक वर्ष चौरीचौरा के शहीद स्मारक पर चौरीचौरा दिवस के रूप मे मनाया जाता है.

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First published: February 5, 2018, 12:17 PM IST
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