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CM योगी की बच्‍चों को सीख, कहा-चुनौतियों को स्‍वीकार करते हुए जीवन को यशस्‍वी बनाएं

CM योगी की बच्‍चों को सीख, कहा-चुनौतियों को स्‍वीकार करते हुए जीवन को यशस्‍वी बनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत अवैद्यनाथ हॉल का उदघाटन किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत अवैद्यनाथ हॉल का उदघाटन किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने सरस्वती विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल में महंत अवैद्यनाथ के नाम पर बने एक हॉल का उद्घाटन करते हुए बच्‍चों से कहा कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास नहीं काटते और धैर्य खो देते तो वे मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं कहलाते. आप भी चुनौतियों को अवसर के रूप में लेते हुए अपने जीवन को यशस्वी बनाएं.

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गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने चिऊंटहा के सरस्वती विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल (Saraswati Vidya Mandir Public School) में महंत अवैद्यनाथ के नाम पर बने एक हॉल का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि मुझे खुशी है जिस स्कूल का शिलान्यास और लोकार्पण हम लोगों ने किया आज वह एक विशाल वटवृक्ष बन कर शिक्षा की अलख जगा रहा है. इसके लिए हृदय से बधाई और शुभकामनाएं. सीएम योगी ने बच्चों से कहा कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास नहीं काटते और धैर्य खो देते तो वे मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं कहलाते. ऋषि मुनियों की परंपरा भारत के ज्ञान विज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है. इस बात का भगवान श्री राम को एहसास हो चुका था. जब वो वनवास के लिए जा रहे थे तभी निषादराज ने उन्हें अपना राज्य देने का ऑफर किया. अयोध्या से सटा हुआ निषादराज का राज्य था, लेकिन उन्होंने उसे अस्वीकार कर दिया और वनवास चले गए. वो चित्रकूट जाकर वहां पर कुटी बना कर रहने लगे. चित्रकूट में जब ऋषि मुनियों ने बताया कि आगे दण्णकराण्य के जंगल हैं वहां पर स्थिति बहुत ही विकट है.

यह क्षेत्र आज भी इतना घना की किसी भी सरकारी मशीनरी आसानी से पहुंच नहीं सकती है. उसके कुछ क्षेत्र में आज भी नक्सली हैं. कल्पना कीजिए उस समय क्या स्थिती रही होगी, लेकिन भगवान श्री राम ने उसे अवसर के रूप में बदला और उस समय के कालखंड को अपने तरह मोड़ लिया, यही जीवन है. जब चुनौती से थकहार करके पलायन करने के बजाय उस चुनौती को स्वीकार कर उन्हें अवसरों में बदलें उसे अपने अनरूप ढालकर अपने जीवन को यशस्वी बना ले यही जीवन है. मुझे लगता है प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक अवसर जरूर मिलता है.

भगवान शिव को लेकर कही ये बात
शिवरात्रि भगवान शिव का पावन पर्व है और शिव भारत के एक लोक देवता हैं. भगवान शिव हर कण में विराजमान हैं. कैलाश मानसरोवर हो या फिर केदारनाथ हर जगह भगवान शिव हैं,. रामेश्वरम में भगवान श्री राम ने भगवान शिव की आराधना की थी और शिव की आराधना के फल स्वरूप रामेश्वरम में सेतु का निर्माण करके उस कालखंड में अभियांत्रिकी का परिचय मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की सेना ने दिया था. शिवरात्रि हिन्दू धर्म का विशेष पर्व है. इसका बहुत महत्व है. कैलाश मानसरोवर की चोटी का दर्शन हम भगवान शिव के रूप में ही करते हैं. कण-कण में भारत के शिव का वास माना गया है. शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है. शिवरात्रि के दिन किसी विद्यालय में कार्यक्रम इस बात को बताता है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए वो कितने तत्पर हैं.

सीएम ने दी ये नसीहत
साथ ही सीएम ने कहा कि ज्ञानी वही बन सकता है जिसके मन में श्रद्धा-विरासत, संस्कृति और सभ्यता हो. भारत के अंदर ये बात कूट-कूट कर भरा है. प्रत्येक भरवासी को इस पर गर्व करना चाहिए. कोई पर्व या त्योहार होता है तो हम घर की साफ सफाई के साथ उसे सजाते हैं, लेकिन जब कोई पर्व होता है तो हमारे संस्थान सूने क्यों रहते हैं? शिवरात्रि के दिन किसी संस्था का कार्यक्रम एक संदेश देता है. ये हमारा दायित्व है कि हम उस संस्थान को भी उस पर्व और त्योहार के साथ जोड़ें. पांच दशक से विद्या मंदिर परिवार तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है. मां सरस्वती के लिए हर कोई सरस्वती की आराधना करते हैं, लेकिन आजकल की आपाधापी में शैक्षणिक संस्थाएं स्कूली पाठ्यक्रम तक ही खुद को सीमित रखी हुई हैं. वो ऐसा न करें. उन्हें संस्कारवान भी बनाएं.



योगी ने साझा किया अपना अनुभव
सीएम योगी ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि वो एक गांव में गए तो बच्चे खेल रहे थे. मैंने पूछा क्यों खेल रहे हो पढ़ने नहीं गये तो बोले कि छुट्टी है. फिर मैंने पूछा किस चीज की छुट्टी है तो दूसरा बच्चे ने कहा कि आज रविवार है. जबकि उस दिन गुरुवार था. उसके बाद हमने निर्णय लिया कि किसी महापुरुष की जयंती पर हम छुट्टी नहीं करेंगे बल्कि उस दिन उस महापुरूष के बारे में बच्चों को बताएंगे. सभी महापुरुषों की जयन्ती और पर्व त्योहार पर हमारे बच्चों को कार्यक्रम का आयोजन कर इसके बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. विद्या मंदिर के संस्कार आपको बेहतर भविष्य की ओर ले जाएंगे.

सीएम योगी ने कहा कि मैं विद्यालय परिवार का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरे पूज्य गुरुदेव के नाम पर इस सभागार का नाम रखा है. वो मानीराम से विधायक रहने के साथ गोरखपुर से सांसद रहे. देश के कई बड़े आंदोलनों का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाई.

देश और समाज के लिए करें काम
सीएम ने आगे कहा कि ये दुनिया बहुत विराट है. इसमें अपनी जगह बनाना एक चुनौती है. डिग्री प्राप्त करना विद्यार्थी के लिये जरूरी है, लेकिन, देश और समाज के लिए भी कार्य करना होगा. विपरीत परिस्थियों से विचलित नहीं होना चहिए. तकनीक से दूर न होकर उसे जीवन का पार्ट बनाएं, लेकिन गुलाम न हों. आजकल मैं देखता हूं कि बच्चे स्कूल में स्मार्टफोन लेकर जाते हैं तो वे उस पर ही केलकुलेटर का उपयोग करने लगते हैं. जब उनसे कुछ पूछो अगर केलकुलेटर नहीं है तो खुद को असहाय पाते हैं. इसलिए हमें तकनीक को अपना सहायक बनाने की जरूरत है ना कि उस तकनीक का गुलाम बनने की. अगर टेक्नोलॉजी आगे हो जाएगी और हम पीछे कहीं ना कहीं हम धोखा खा जाएंगे. तकनीक ने पूरी दुनिया को एक जेब में समेट कर रख दिया है., लेकिन यह हमें तय करना होगा कि तकनीक का कितना उपयोग करना है.



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Tags: Gorakhnath mandir, Gorakhpur city news, Gorakhpur news, Uttar pradesh news, Yogi adityanath

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