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CM योगी ने 'कालू' को खिलाया पनीर, जानिए क्या है कनेक्शन

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 25, 2019, 2:44 PM IST
CM योगी ने 'कालू' को खिलाया पनीर, जानिए क्या है कनेक्शन
गोरखपुर में जब CM योगी ने 'कालू' को खिलाया पनीर

द्वारिका तिवारी ने बताया कि राजा बाबू नाम के कुत्ते की मौत के बाद से योगी काफी परेशान थे. इस बीच वो दिल्ली स्थित अपने आवास पर ज्यादा समय देने लगे. इसी दौरान नाथ सम्प्रदाय को मामने वाले एक भक्त ने योगी को लेब्राडोर नस्ल का एक पिल्ला तोहफे में दिया था.

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गोरखपुर. गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) में सीएम योगी का पालतु कुत्ता रहता है जिसे योगी 'कालू' कहकर बुलाते हैं और इससे योगी बेहद प्रेम भी करते हैं. यही वजह है कि वो आज के समय में सीएम योगी का सबसे खास है. जब भी योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आते हैं तो कालू भी योगी को देखकर एक विशेष अंदाज में उनका अभिवादन करता है. इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर प्रवास के दौरान 'कालू' को पनीर खिलाया. इससे पहले सीएम योगी ने गोरक्षनाथ मंदिर के हिंदू सेवा आश्रम में जनता दरबार लगाया और सैकड़ों की संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्या सुनी.

योगी ने लगाया जनता दरबार

सीएम योगी के सामने सबसे अधिक जमीन के विवाद और थानों के मामले सामने आए जिस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जो फरियादी हैं, उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए.

कालू अन्य कुत्तों की तरह मांसाहारी नहीं है
कालू अन्य कुत्तों की तरह मांसाहारी नहीं है


योगी के दिल के बेहद करीब है कालू

वहीं, मंदिर के कार्यालय प्रभारी द्वारिका तिवारी ने न्यूज18 से खास बातचीत में बताया कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहते हुए भी जब गोरखपुर आते हैं तो वह अपने सारे जरूरी काम निपटाने के बाद कालू को लाड-प्यार करना नहीं भूलते. दिसंबर 2016 में योगी कालू को गुरु गोरक्षनाथ मंदिर लेकर आए और मार्च 2017 में योगी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हो गए.

भक्त ने दिया था तोहफा
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द्वारिका तिवारी ने बताया कि राजा बाबू नाम के कुत्ते की मौत के बाद से योगी काफी परेशान थे. इस बीच वो दिल्ली स्थित अपने आवास पर ज्यादा समय देने लगे. इसी दौरान नाथ सम्प्रदाय को मामने वाले एक भक्त ने योगी को लेब्राडोर नस्ल का एक पिल्ला तोहफे में दिया था. कुछ दिनों तक तो इसकी देखभाल योगी दिल्ली में ही करते रहे. वहीं गोरखपुर वापस आते समय योगी उस पिल्ले को भी अपने साथ ले आए और यहीं उसका नाम कालू पड़ा. मंदिर में आने वाले सभी लोगों में कालू की चर्चा होने लगी. योगी सुबह-शाम कालू को अपनी नजरों के सामने की रखते और कालू को भोजन भी खुद ही कराते.

शाकाहारी है कालू

तिवारी ने बताया कि कालू अन्य कुत्तों की तरह मांसाहारी नहीं है. कालू शुद्ध रूप से शाकाहारी है और वो भोजन में दूध-रोटी या फिर मंदिर में बने भंडारे का भोजन ही खाता है. योगी की अनुपस्थिति में कालू की देखभाल की जिम्मेदारी वर्तमान समय में योगी और मंदिर के करीबी हिमालय गिरी की होती है. वहीं कालू के रहने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.

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First published: November 25, 2019, 11:31 AM IST
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