Gorakhpur News: गरीब परिवारों के लिए मसीहा बने योगी, 800 से ज्यादा बेटियों के हाथ कराए पीले

 सीएम योगी ने गरीब परिवारों की खुलकर की मदद (News 18 Creative)

सीएम योगी ने गरीब परिवारों की खुलकर की मदद (News 18 Creative)

विवाह अनुदान की योजना (Marriage Grant Scheme) के तहत 2013 और 2014 में तत्कालीन सरकार सिर्फ 10 हजार का अनुदान देती थी.

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  • Last Updated: April 11, 2021, 1:04 PM IST
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गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए तमाम योजनाएं चला रहे हैं. ऐसी ही एक योजना है शादी अनुदान योजना. जिसके तहत गोरखपुर में 2020-2021 में 841 गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए का अनुदान दिया गया है. गरीब की बेटी की शादी में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए, इसके लिए 2017 में सत्ता में आने के बाद सीएम योगी ने इस योजना को दोबारा शुरु करते हुए अनुदान राशि को भी दोगुना कर दिया था. पिछली सरकारों में इस योजना के लिए गरीब परिवार को 10 हजार रुपये की अनुदान दिया जाता था, लेकिन अपनी विफलताओं के कारण पिछली सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया था.

2013-14 में मिलते थे सिर्फ 10 हजार

विवाह अनुदान की योजना के तहत 2013 और 2014 में तत्कालीन सरकार सिर्फ 10 हजार का अनुदान देती थी, लेकिन बाद में 2015-16 में तत्कालीन सरकार ने इस योजना को पूरी तरह से बंद कर दिया. इसका नतीजा यह रहा कि गरीब बेटियों की शादी में थोड़ी सी मिलने वाली मदद भी उनसे कोसो दूर चली गई थी. जिसके बाद गरीबों की उम्मीद टूट चुकी थी.

योगी के मुरीद हुए परिवार
सहजनवां ब्लाक के भरसाड़ निवासी रहोली, अनंतपुर की कुंतीदेवी की अगर हम बात करें, तो यह अनुदान इनके लिए बड़ा सहारा बना. पिपरौली परसाडाड़ की लालमती देवी भी काफी खुश हैं. वहीं, पाली ब्लाक के टिकरिया निवासी महंथ अनुदान पाने के बाद योगी सरकार के मुरीद हो गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से छोटी ही सही, लेकिन समय से मिला अनुदान उनकी बिटिया की शादी के लिए काफी मायने रखता है. वह इस अनुदान की आस छोड़ चुके थे, लेकिन जब उनके मोबाइल में रकम आने का मैसेज आया, तो जैसे उनमें जान आ गई. क्योंकि तब उन्हें पैसे की काफी जरूरत थी.

ऐसे मिलता है अनुदान

जिला पिछड़ा कल्याण विभाग के अधिकारी नितिन सिंह की मानें तो इस अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है. इसके बाद ब्लाक के जरिए शादी कार्ड सहित प्रार्थना पत्र देना होता है. इसके बाद विभाग आवेदक की मूलप्रति जमा कराता है. इसके बाद इसे विवाह अनुदान कमेटी को भेजा जाता है, जिसकी देखरेख जिलाधिकारी और सीडीओ करते हैं. उनके द्वारा स्वीकृत होने के बाद विभाग ई-पेमेंट के जरिए रुपये सीधे आवेदक के खाते में भेजता है.
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