सीएम योगी बोले- संक्रमितों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं, ओवरचार्जिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई

इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं (File photo)

इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं (File photo)

इसके अलावा सहारा स्टेट स्थित क्लब हाउस के चार बड़े हाल को भी कोविड हॉस्पिटल (Covid Hospital) के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है.

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गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि कोरोना संक्रमितों (Corona Patients) को समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संक्रमितों के इलाज में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए. हर प्रदेशवासी के जीवन की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी. उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी उन सभी स्थानों को चिह्नित करें, जहां कोविड अस्पताल बनाए जा सकते हैं.

सीएम योगी रविवार शाम गोरखपुर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया और वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में बन रहे 100 बेड के कोविड अस्पताल की तैयारियों का सघन जायजा लिया. उन्होंने निर्देशित किया कि हर स्थान पर सभी आवश्यक संसाधन युक्त 250 बेड के अस्पताल का लक्ष्य लेकर तैयारियों को जल्द से जल्द परिणामजन्य बनाएं.

आईएएस, पीसीएस कोचिंग सेंटर बनेगा कोविड अस्पताल

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर और जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने मुख्यमंत्री को बताया कि नॉर्मल स्थित एससी एसटी कोचिंग सेंटर में भी कोविड हॉस्पिटल बनाने की तैयारी की जा रही है. इसके अलावा सहारा स्टेट स्थित क्लब हाउस के चार बड़े हाल को भी कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी संभावना बन पड़े, वहां त्वरित गति से कार्य योजना को अंजाम तक पहुंचाएं.
ओवरचार्जिंग पर हो कड़ी कार्रवाई

गोरखपुर में इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एन्ड कंट्रोल सेंटर तथा स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रस्तावित कोविड अस्पताल के स्थान का निरीक्षण करने के बाद देर शाम गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ कोरोना नियंत्रण को लेकर संक्षिप्त बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना की जांच व इलाज में सरकार द्वारा तय रकम से अधिक रुपया मिलने की शिकायतों का अधिकारी गम्भीरता से संज्ञान लें. ओवरचार्जिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए.

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