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अधिकारियों के कारण CM योगी की योजना पर फिरा पानी! गोरखपुर के 'दिल' पर गायों का कब्‍जा

Ram Gopal Dwivedi | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 6, 2019, 8:13 PM IST
अधिकारियों के कारण CM योगी की योजना पर फिरा पानी! गोरखपुर के 'दिल' पर गायों का कब्‍जा
सीएम के आदेश के बाद भी सड़कों पर दिख रही हैं गायें.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के निर्देशों का अधिकारियों पर असर नहीं दिख रहा है. वह गोरखपुर शहर को स्मार्ट सिटी (Smart City) के रूप में विकसित करना चाहते हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी गायों ने सड़कों पर कब्‍जा किया हुआ है.

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गोरखपुर. उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के निर्देशों को अधिकारी किस तरह सुन कर भी अनसुना करते हैं, इसका उदाहरण शहर में बखूबी देखने को मिल रहा है. सीएम भले ही गोरखपुर शहर (Gorakhpur City) को स्मार्ट सिटी (Smart City) के रूप में विकसित करने की मंशा रखते हों और इसके लिए लगातार कोशिश भी कर रहे हों, लेकिन अधिकारी उनकी मंशा में रुकावट बनने की कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. गोरखपुर का दिल कहे जाने वाले गोलघर (Golghar) में ही जटेपुर पुलिस चौकी से लेकर गांधी आश्रम के सामने तक गायों का कब्जा रहता है. हैरानी की बात है कि दोपहर के वक्त यहां पर अक्‍सर गायें बैठी रहती हैं.

गायों की टैगिंग के बाद भी...
गोलघर से 100 मीटर से भी कम दूरी पर नगर आयुक्त का आवास, तो 300 मीटर की दूरी पर नगर निगम कार्यालय और डीएम कार्यालय है. उसके बाद भी गोलघर की सड़कों पर जानवरों का कब्जा रहता है. नगर आयुक्त दावा करते हैं कि गायों की जियो टैगिंग करा रहे हैं, जिससे ये पता चल जायेगा कि ये किस व्यक्ति की गाय है. सवाल उठता है कि अगर जियो टैंगिग हुई है तो फिर सड़क पर गाय क्‍यों दिख रही हैं. अगर दिख रही हैं, तो फिर नगर निगम क्या कर रहा है.

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मुख्यमंत्री बार-बार कह चुके हैं कि सड़क पर गाय या साड़ नहीं दिखने चाहिए.


सीएम के निर्देश की उड़ी धज्जियां
वैसे महेवा में एक बड़ा पशु आश्रय स्थल होले के अलावा फर्टीलाइजर में भी पशु आश्रय स्थल है. जबकि मुख्यमंत्री बार बार कह चुके हैं कि सड़क पर गाय या साड़ नहीं दिखने चाहिए. हैरानी की बात है कि सीएम के शहर के दिल गोलघर पर जानवरों का कब्जा रहता है. इतना ही नहीं शहर में चलने वाली डेयरी को बाहर करने का काम भी नगर निगम के अधिकारी कागजों पर खूब कर रहे हैं, लेकिन आज भी शहर में डेरी चल रही हैं, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
सवाल ये उठता है कि क्या इसी तरह से अधिकारी गोरखपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में तब्दल करेंगे. जब वो सड़क से गाय और साड़ नहीं हटा पा रहे हैं तो अन्य काम कैसे करेंगे या फिर मुख्यमंत्री की प्राथिमिकता वाले काम को अधिकारी अपनी प्राथिमिकता में ही नहीं रखते हैं?
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First published: November 6, 2019, 8:02 PM IST
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