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देवरिया बालिका रेप कांड: जानें संरक्षण गृह की संचालिका का 'गोरखपुर कनेक्शन'

Anil Singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 7, 2018, 10:56 AM IST
देवरिया बालिका रेप कांड: जानें संरक्षण गृह की संचालिका का 'गोरखपुर कनेक्शन'
गोरखपुर स्थित वृद्धा आश्रम

देवरिया की पीड़ित किशोरी ने भी अपने बयान में गोरखपुर कनेक्शन का जिक्र किया था, जिसमें उसने कहा है कि किशोरियों को देर रात गोरखपुर लाकर गलत काम कराया जाता था.

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गोरखपुर में भी देवरिया की चर्चित एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी के वृद्धा आश्रम का खुलासा हुआ है. हैरानी की बात ये है कि मान्यता खत्म होने के बाद भी एक साल से अवैध तरीके से वृद्धा आश्रम का संचालन किया जा रहा है. दरअसल चर्चित एनजीओ संचालिका गिरजा त्रिपाठी अपने ऊंचे रसूख की बदौलत वृद्धा आश्रम का संचालन कर रही हैं. दिलचस्प है कि शहर से दूर इस आलीशान भवन में वृद्धा आश्रम बनाया गया है. वहीं लोगों पर अपनी धाक जमाने के लिए वृद्धा आश्रम के दफ्तर में संचालिका गिरजा त्रिपाठी ने सियासतदारों और पुलिस के बड़े अफसरों के साथ खींची गयी अपनी फोटो को लगा रखा है.

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वृद्धा आश्रम के पास के एक स्थानीय युवक ने वृद्धा आश्रम की आड़ में गलत काम किये जाने की आशंका जताई है. युवक ने कहा है कि देर रात लग्जरी कारों में महिलाएं और पुरुष वृद्धा आश्रम में आते थे. खास बात ये है कि देवरिया की पीड़ित किशोरी ने भी अपने बयान में गोरखपुर कनेक्शन का जिक्र किया था. उसने कहा है कि किशोरियों को देर रात गोरखपुर लाकर गलत काम कराया जाता था. इसके साथ ही स्थानीय युवक ने कहा है कि वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों की ठीक से देखभाल नहीं की जाती है.

वृद्धा आश्रम की केयर टेकर


युवक ने खुलासा करते हुये कहा है कि यहां बुजुर्गों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार भी ठीक तरीके से नहीं कराया जाता था. चौंकाने वाली बात ये है कि लाश को ठिकाने लगाने के लिए टैंपू चालक को कुछ पैसे दिए जाते हैं. अधिकारियों के निरीक्षण के वक्त ग्रामीणों को पैसा देकर वृद्धा आश्रम में भर्ती कराया जाता है.

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इस मामले में वृद्धा आश्रम के लिपिक अंकित मिश्रा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है. अंकित मिश्रा का कहना है कि मां विंध्यवासिनी महिला एवं बालिका संरक्षण गृह के तहत वृद्धा आश्रम संचालित किया जा रहा है. वहीं वृद्धा का पेपर मांगने पर लिपिक टाल-मटोल करता रहा. इस पूरे प्रकरण में चौंकाने वाली बात ये है कि जानकारी के बावजूद जिला प्रशासन चर्चित एनजीओ संचालिका के अवैध वृद्धा आश्रम पर कोई कार्रवाई करने से बचता रहा है.
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कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा है कि देवरिया के मामले में अब तक 23 बच्चियों को पता लगा है. डीएम देवरिया की डिटेल रिपोर्ट आने के बाद जानकारी देने की बात कमिश्नर ने कही है. साथ ही कमिश्नर ने कहा है कि जिले के सभी बाल संरक्षण और महिला संरक्षण केंद्रों की जांच करायी जा रही है. मौके पर एडीएम (ई) प्रभुनाथ और एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने वृद्धा आश्रम की जांच की है. बताया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन जल्द ही बड़ी कार्रवाई कर सकती है.

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First published: August 7, 2018, 9:55 AM IST
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