योगी राज में कम हुई 'दिमागी बुखार' के मरीजों की संख्या, ये रहा आंकड़ा

इस जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई गई. ढाई साल पहले जब योगी आदित्‍यनाथ यूपी के मुख्‍यमंत्री बने, तो लोगों को उनसे काफी उम्‍मीदें जगी.

News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 12:20 PM IST
योगी राज में कम हुई 'दिमागी बुखार' के मरीजों की संख्या, ये रहा आंकड़ा
योगी राज में कम हुई दिमागी बुखार के मरीजों की संख्या
News18Hindi
Updated: September 2, 2019, 12:20 PM IST
पूर्वांचल में करीब चार दशक से भी ज्यादा समय से गोरखपुर के मासूमों पर इंसेफेलाइटिस का खतरा मंडरा रहा था. यहां का मेडिकल कालेज हजारों मासूमों की मौत और माताओं के करुण क्रंदन का गवाह बना. लेकिन योगी सरकार के प्रभावी कदम के आगे अब मौतों का आंकड़ा बहुत कम हो गया है. सरकार से जारी आंकड़ों के मुताबिक 35 फ़ीसदी इंसेफेलाइटिस मरीजों की संख्या में कमी आई है. वहीं सरकार ने दावा किया है कि अगले 2 सालों से यूपी में (जेईएएस) पूरी तरह समाप्त हो जाएगा.

'इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर' 

जबकि यूपी सरकार ने 96 नए 'इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर' खोला, जिससे इस बीमारी पर काबू पाया जा सके. पूर्वांचल में 40 लाख बच्चों का अब तक टीकाकरण हो चुका है. सीएम योगी ने इस गंभीर बीमारी को लेकर कई जागरूकता अभियान भी चलाए हैं. जिसका असर भी देखने को मिल रहा है. जबकि खुद सीएम योगी आदित्यनाथ इसकी समीक्षा लगातार कर रहे हैं. सरकार के आंकड़े बताते है कि साल 2016 में बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में इंसेफेला‍इटिस से 715 की मौत हो गई थी, जबकि 2019 में सिर्फ 4 मरीजों की मौत हुई है.

सीएम योगी ने किया गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस वार्ड का दौरा
सीएम योगी ने किया गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस वार्ड का दौरा


योगी सरकार ने चलाई कई योजनाएं
इस जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई गई. ढाई साल पहले जब योगी आदित्‍यनाथ यूपी के मुख्‍यमंत्री बने, तो लोगों को उनसे काफी उम्‍मीदें जगी. दरअसल, योगी ने इंसेफेलाइटिस को लेकर पहले कई जागरूकता अभियान चलाए थे. 'दस्‍तक' जैसे जागरूकता अभियानों और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की पहल ने इस बीमारी पर थोड़ा बहुत अंकुश जरूर लगाया है. इसके अलावा ‘पेशेंट केयर’फॉर्मूले भी गेमचेंजर साबित हुआ है.

मौतों के आंकड़ों में आई काफी कमी- प्रिंसिपल 
Loading...

ऐसा पहली बार हुआ जब इंसेफेलाइटिस के बुखार पर वार के लिए स्‍लोगन के साथ स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के साथ पांच अन्‍य विभागों की टीम भी एकजुट दिखी. इस बात की तस्दीक खुद गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. गणेश कुमार कर रहे हैं. न्यूज18 से बातचीत में डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि इस फार्मूले से यहां भर्ती होने वाले मरीजों और मौतों का आंकड़ों में काफी कमी आई है.

डॉ. गणेश कुमार बताते हैं कि पिछले साल मई तक 168 मरीज आए थे, जिसमें 57 की मौत हो गई थी. इस साल 2019 में 78 मरीजों में से 15 बच्‍चों को मौत हुई हैं. उन्होंने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस के टीकाकरण के कारण इसके मरीजों की संख्‍या में काफी कमी आई है,क्‍योंकि इसका मुख्य कारण शहर से लेकर गांव तक जागरूकता अभियान के जरिए इस बीमारी से बचाव की जानकारी दी गई.

(रिपोर्ट: अजीत प्रताप सिंह)

ये भी पढ़ें:

साक्षी मिश्रा को भाई विक्की का संदेश, कहा- जहां भी रहो खुश रहो

विधानसभा चुनाव में वापसी की तैयारी में अखिलेश यादव, इस प्लान पर कर रहे हैं काम

 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए गोरखपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 2, 2019, 12:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...