EXCLUSIVE: ऑक्सीजन की कमी की भेजी गई थी सूचना, अधिकारियों ने किया इग्नोर!

News18Hindi
Updated: August 12, 2017, 3:41 PM IST
EXCLUSIVE: ऑक्सीजन की कमी की भेजी गई थी सूचना, अधिकारियों ने किया इग्नोर!
अगर हॉस्पिटल में लिक्विड ऑक्सीजन की कमी नहीं थी तो आपात आपूर्ति की व्यवस्था क्यों की गई.
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Updated: August 12, 2017, 3:41 PM IST
उत्तर प्रदेश सरकार के उस दावे पर ही अब सवाल उठने लगे हैं, जिसमें यह कहा गया था कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं थी. क्योंकि अगर हॉस्पिटल में लिक्विड ऑक्सीजन की कमी नहीं थी तो आपात आपूर्ति की व्यवस्था क्यों की गई.

11 अगस्त को बाल रोग विभाग में ऑक्सीजन प्रेशर लो होने की आख्या रिपोर्ट भेजी गई थी.

 

Report
रिपोर्ट


रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज प्रशासन को जानकरी दी गई थी कि 10 अगस्त की शाम 7.30 बजे लिक्विड ऑक्सीजन प्रेशर कम होने लगा तो रिज़र्व 52 ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर काम चलाया गया.

इसके बाद आईजीएल फ़ैजाबाद से 11 अगस्त को 50 सिलिंडर मंगाया गया. सिलिंडर रात 1.30 बजे के करीब सेंट्रल पाइप लाइन ऑपरेटर द्वारा तुरंत लगाया गया.

सुबह 8.30 बजे फिर फ़ैजाबाद से सिलिंडर पहुंचा जिसे लगाया गया. इसके बाद 11 अगस्त को ही दोपहर डेढ़ बजे मोदी फार्मा से 22 सिलिंडर मंगाया गया. शुक्रवार को ही 4.30 बजे मोदी फार्मा से 36 सिलिंडर पहुंचा. 11 अगस्त को ही 100 सिलिंडर मोदी फार्मा के पास भरने के लिए भेजा गया.

10 अगस्त को सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन के ऑपरेटरों ने लेटर में ल‍िखा

10 अगस्त को ही सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन के ऑपरेटरों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र के माध्यम से ऑक्सीजन की कमी को लेकर अवगत करा दिया था. पत्र में ल‍िखा है, ''आपको अवगत कराना है कि हमारे द्वारा पूर्व में 3 अगस्त को लि‍क्विड ऑक्सीजन के स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी गई थी. 10 अगस्त की लि‍क्विड ऑक्सीजन की रीडिंग 11:20 मिनट पर 900 है, जोकि आज रात तक सप्लाई हो पाना संभव है. नेहरू हॉस्पिटल में पुष्पा सेल्स कंपनी के द्वारा स्थापित लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई पूरा नेहरू हॉस्पिटल में दी जाती है. पुष्पा सेल्स के अधि‍कारी से बार-बार बात करने पर पि‍छला भुगतान न किए जाने का हवाला देते हुए लिक्वि‍ड ऑक्सीजन की सप्लाई देने से इनकार कर दिया है. तत्काल ऑक्सीजन की व्यवस्था न होने पर सभी वॉर्डों में भर्ती मरीजों की जान को खतरा है. निवेदन है कि मरीजों के हित को देखते हुए तत्काल ऑक्सीजन की ऑपूर्ति सुनिश्चित कराने की कृपा करें.''
First published: August 12, 2017
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