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गोरखपुर: हॉस्पिटल विवाद में BJP एमपी कमलेश पासवान समेत 56 पर FIR, जानिए पूरा मामला

बीजेपी सांसद कमलेश पासवान. (फाइल फोटो)

बीजेपी सांसद कमलेश पासवान. (फाइल फोटो)

हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही इसे Covid-19 अस्पताल में परिवर्तित कर दिया है.

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गोरखपुर. हॉस्पिटल को लेकर चल रहे विवाद के बीच गोरखपुर की कैंट पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर एफआईर दर्ज किया है. इसमें एक पक्ष ने बीजेपी सांसद कमलेश पासवान (BJP MP Kamlesh Paswan) समेत 6 नामजद और 50 अज्ञात पर मामला दर्ज करवाया है. दूसरे पक्ष ने हॉस्पिटल संस्थापक विजय पांडे समेत 8 नामजद और 40 अन्‍य के खिलाफ केस किया है. इसमें लूट, बलवा, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर पंजीकृत हुआ है. जानकारी मिली है कि हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर सांसद और संस्थापक में विवाद है. इस मामले में विवाद बढ़ता देख गोरखपुर पुलिस (Gorahpur Police) सतर्कता बरत रही है. सांसद कमलेश पासवान ने दूसरे पक्ष पर अभद्रता का आरोप लगाया है. बता दें, पासवान यूपी के बांसगांव लोकसभा सीट से सांसद हैं.

गौरतलब है कि सांसद कमलेश द्वारा अपशब्द बोलने का एक वीडियो भी वायरल हुआ था. इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी थी. बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर साझीदारों में विवाद चल रहा है. इस मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है. कैंट पुलिस मामले की जांच कर रही है.

चर्चित हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर है विवाद
गोरखपुर पुलिस ने शहर के चर्चित हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद में मुकदमा दर्ज किया है. कैंट पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया है. दिलचस्प है कि हॉस्पिटल संस्थापक विजय पाण्डेय की शिकायत पर जहां बीजेपी सांसद कमलेश पासवान समेत 6 नामजद और 50 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है. जबकि दूसरी तरफ बीजेपी सांसद कमलेश पासवान की तहरीर पर हॉस्पिटल के संस्थापक विजय पाण्डेय समेत 8 नामजद और 40 अन्‍य पर मुकदमा दर्ज किया गया है. कैंट पुलिस ने मारपीट, लूट,बलवा और एससी-एसटी एक्ट के तहत दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज किया है.

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इस मामले में एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है.


टकराव के बने हालात
शहर के कैंट थाना क्षेत्र के छात्रसंघ चौराहे पर स्थित चर्चित हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर भाजपा सांसद कमलेश पासवान और हॉस्पिटल के संस्थापक डायरेक्टर के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा है. ऐसे में बीते दिनों हॉस्पिटल पर कब्जे को लेकर सांसद कमलेश पासवान और संस्थापक डायरेक्टर विजय पाण्डेय के समर्थकों में टकराव के हालात बन गये थे. पुलिस की मौजूदगी की वजह से मौके पर किसी तरह की घटना नहीं हुई.

पुलिस ने मामले को शांत कराने का किया प्रयास
सांसद कमलेश पासवान ने दूसरे पक्ष पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है. खासतौर पर विवाद के दौरान मौके पर सांसद कमलेश पासवान को अपशब्द देने का वीडियो भी वायरल हुआ था. जिसके बाद कैंट पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने लाकर मामला शांत कराया था. हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कैंट थाने पर मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी थी. काफी खींचतान के बाद एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता के हस्तक्षेप पर पुलिस ने दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.

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जानिए क्या कह रहे हैं बीजेपी सांसद
इस मामले में बीजेपी सांसद कमलेश पासवान का कहना है कि हॉस्पिटल में जायज तरीके से उन्होंने हिस्सेदारी ली है. लेकिन दूसरा पक्ष जबरन विवाद पैदा करने पर तुला है. वहीं, दूसरे पक्ष के विजय पांडेय का कहना है कि बीजेपी सांसद अपनी रसूख का इस्तेमाल करने के साथ जबरन हॉस्पिटल पर कब्जा जमाने में लगे हैं.

विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने की यह कार्रवाई
गौरतलब है कि शहर के इस चर्चित अस्पताल के विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही उसे सील कर दिया है. साथ ही अस्पताल को कोविड अस्पताल के तौर पर परिवर्तित कर दिया है.

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